00:00हमारे संबाद दाता दिब्वेश्र सिंग दक्षन मुंबई के बैलाड स्टेट के पास डॉल्फिन नाम की होटेल में पहुचे
00:08इस चार मंजिला इमारत में परेटकों के लिए रुखने की वियस्था है
00:11साथ ही इसी बिल्डिंग में लड़कों का एक होस्टल भी है
00:13जब कैमरे के बिना उनसे बात की गई तो होटेल के मैनेजर या रिसेप्शन काउंटर पर मौजूद व्यक्ति ने पूछा
00:19कि हमें कितने कमरों की जरुवत है
00:21लेकिन जब उन्हें बताया कि हम रियल्टी चेक कर रहे हैं
00:24तुनों ने बाहने बनाने शुरू कर दिये और हमें होटेल से बाहर जाने को कह दिया
00:44लेकिन होटेल में आने जाने का सिर्फ एक ही रास्ता था
00:46और रिस्टेप्शन एरिया में आग्स से सुरुप्शा के कोई भी इंतजाम नहीं थे
01:00जब हमने विदाउट केमरा बात करने कोशिश की तो जो स्टाफ है उसने यहां पर मना कर लिया
01:18इसके बाद हमारी टीम डक्षिन मुंबई के ही पीडी मेलो रोड पर बने पैवेलियन डॉर्मेट्री पहुंची
01:26CSMT Terminus और Indra Docks के पास के इलागे में ऐसी कई डॉर्मेट्री हैं जो काम के सिलसले में या
01:32थोड़े समय के लिए रुखने वाले लोगों को बैट देती है
01:50इस डॉर्मेट्री के स्टाफ ने दावा किया
01:52कि यहां BMC और Fire Department के टीम नियमित समय पर आकर सुरक्षा इंतिजामों को जाचती है
01:59हमने अंदर जाकर यह जानने के कोशिश की कि अगर यहां आग लग जाए तो स्टाफ कैसे यहां रोके लोगों
02:04को सुरक्षित बाहर निकालेगा
02:06देखिए आगे क्या हुआ
02:08कि यहां पर आप देख सकते हैं आप देख सकते हैं फायर सेफ्टी का प्रिकोशन रखा हुआ है इसको खुला
02:25रखना पड़ता है तो इसको खुला रखना तो यह
02:39सच तो यह है कि दिल्ली हो या बुंबई अभी भी हजारों ऐसे होटेल नियमों को ताक पर रख कर
02:44चल रहे हैं जिसमें ना तो फायर के इनोसी है और ना ही इमर्जनसी एक्जिट के इंतसाम कई जगा तो
02:49बेस्मेंट में ही कमरे बना दिये जाते हैं
02:51सवाल है कि आखिर सरकार या प्रुशासन समय रहते ऐसे अवहत तरीके से बनाएगे फोटलों पर कार्रवाई क्यों नहीं करते
02:58हैं
02:59हमारा सिस्टम ऐसा क्यों है कि हम हाथसों के बाद ही अलर्ट मोट पर आते हैं
03:04दिवेग्ष सिंग मुंबई आज तम
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