00:01चाहे की एक झाजी उख्देश तो आग़े निजी जे मुक्तों जाओ
00:13मैं तो आएसे ही निजी तो बंदन है पागल निजी तो बंदन है तुम्हे उख्देश भी निजी चाहिए
00:21आप करेंडियों कि लेडिस को नहीं सोनना चाहिए बड़ आयम सफरेंग लोग बहुत अभी परिशन करते हैं यह आप समगा
00:28चुगी हो कि इवी शुदी स्टॉर्ग इनाफ इस दिल उतना नहीं हो पाता है देखिये सुनिये सब हम इनसान है
00:36मेरी कुपलों है
00:44जिसकी है वो यहां खड़ा है इसमें ही पूरी जिन्दगी की किताब खुल गई सब कुछ खुल गया यह इंपर
00:54देखिये समझिये कहीं न कहीं आ करके तो हम सब मिट्टी के पुतले ही है शायद सब की सीमा बंध
01:04जाती है
01:07बस यह करिए कि अभी जहां सीमा खींच रखिये उससे थोड़ा आगे बढ़ाईए अनंत आप काम कर लोगे ऐसा कोई
01:14हमारा दावा नहीं है जहां रुकते हो उससे एक इंच आगे बढ़ो
01:20घंस वेल्कम
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