00:00कानपूर के कॉलेज में एक बार गया था वहां पास में घाट था तो वहां मंदिर था वहां के पंडित
00:05जी थे उनका बड़ा स्नेह था मुझ पर मैं उधर जब भी जाओ उनसे मिला करता तो उस दिन उनसे
00:10मिलने गया सुबह सुबह का वक्त था भी वह आये नहीं थे तो मैं �
00:12भी बैठ गया वहां घाट पर देखता हूं नीचे वहां पर एक लाश अटकी हुई है और एकदम जवान आदमी
00:17कम से कम 6 फुट का बहुत देर तक मैं उस लाश को देखता रहा मेरे साथ जो थे उन्होंने
00:22वीडियो भी बना लिया आधे घंटे की बात करी है मैंने उसमें �
00:25बगल में लाश पड़ी हुई है किसी नो उसको बहा दिया था गंगा में यू ही किसी मचली वारा ने
00:30पेट काट दिया था तो आते बहार आ गई थी बाकी वो मस्बूत चोड़ा आदमी और मैं उसको देखके सोच
00:36रहा था इसके कैसे कैसे अर्मान रहे होंगे ये नौकरी क
00:39ये पतनी की तलाश में होगा या शायद नौकरी करता होगा ये पतनी की तलाश में होगा या शायद प्रेम
00:43करता होगा और लाश आकर एक पत्थर से अटक गई थी अंत में मैंने एक आसपास से बड़ा बास खोजा
00:49और उसको धक्का देदे करके बहा दिया कि आगे बहा जा
01:05वो सारी बातें जो आपको सत्ते लगी थी जीवन भर
01:09मौत बता देती हो जूत
Comments