00:06इरान और अमेरिका के बीच जब से भीशन युद्ध जारी है टीवी और फोन पर एक नाम आप बार-बार
00:12देखते हैं
00:12स्ट्रेट ओफ हॉर्मोस कहा जाता है कि अगर ये समुद्री रास्ता बंद हो गया तो दुनिया में तेल का संकट
00:18आ जाएगा
00:19पेट्रॉल डीजल महंगे हो जाएगे शेयर बाजार हिल जाएगा और वेश्विक अर्थ वेवस्था को बहुत बड़ा जटका लगेगा
00:26लेकिन हर बार चर्चा तेल की होती है जहाजों की होती है अमेरिका, इरान, साओधी अरब और चीन की होती
00:34है
00:34बगर एक वर्ग ऐसा भी है जिसकी चर्चा लगभग कभी नहीं होती वो है खाडी देशों में रहने वाले लाखों
00:43भारतिया
00:43वो भारतिया जो दुबई में नौकरी करते हैं, कुवेत के तेल शेत्रों में काम करते हैं
00:49कतर की गैस इंडस्ट्री में काम करते हैं
00:51साओधी अरब के अस्पतालों में, कंपनियों में, निर्मान परियोजनाओं में काम करते हैं
00:56या फिर उन्हीं जहाजों पर तैनात हैं जो हॉर्मूस की खाड़ी से गुजरते हैं
01:00युद्ध अगर हजारों किलोबिटर दूर भी हो तो सबसे पहले उसकी मार अक्सर इन्हीं लोगों पर पढ़ती है
01:06तो आज हम सिर्फ ये नहीं समझेंगे कि स्ट्रेट अफ हॉर्मूस क्या है या इसकी इंपोर्टन्स कितनी है
01:11बलकि ये भी समझेंगे कि इस समुद्री रास्ते पर तनाव बढ़ने से भारत के बाहर रहने वाले भारतिया कैसे सबसे
01:19ज्यादा पिस्ते हैं
01:20क्योंकि कई बार युद्ध की सबसे बड़ी कीमत वो लोग चुकाते हैं जो लड़ाई का हिस्सा ही नहीं कुरते
01:25आज के इस एक्स्प्लेनर में हम जानेंगे कि आखिर स्ट्रेट अफ हॉर्मूस क्या है और दुनिया के लिए ये कितना
01:31एहम है
01:32इतिहास में समुद्री रास्ते पर किसका प्रिभाव रहा और इरान की भूमी का क्या है
01:37दुनिया का तेल, गैस और व्यापार इस रास्ते पर कितना निर्भर है और सबसे एहम इस एध में वो लाखों
01:43भारतिये कैसे पिस रहे हैं
01:45भारत के नागरीक हैं लेकिन रोजी रोटी के लिए खाड़ी देशों में रहते हैं
01:49नमस्कार मेरा नाम है रिचा पराशर और आप देखने वन इंडिया हिंदी
01:53सबसे पहले समझते हैं स्ट्रेट ओफ हॉर्मूस है क्या
01:56दुनिया के नक्षे पर देखें तो ये एक बेहत सक्रा समुद्री रास्ता है
01:59एक तरफ इरान है दूसरी तरफ उमान और अरफ
02:03लेकिन आकार से छोटा दिखने वाला ये रास्ता वैश्विक अर्थवेवस्था की धरकन माना जाता है
02:08हर दिन लगभग दो करोड बैरल तेल और बड़ी मात्रा में गैस इसी रास्ते से दुनिया तक पहुँचती है
02:15वैश्विक समुद्री तेल वैपार का लगभग एक चोथाई हिस्सा और दुनिया के LNG वैपार का करीब 20 प्रतिशत इसी रास्ते
02:24से गुजरता है
02:24यही वज़ए है कि इसे दुनिया का सबसे महतोपूर्ण उर्जा चेकपोइंट कहा जाता है
02:30तो क्या हॉर्मूस पर इरान का कबजा है इसका जवाब इतना सीधा है नहीं जितना अब तक आपको मालूम है
02:36असल कहानी यह है कि हॉर्मूस किसी एक देश की नीजी समपती नहीं है
02:41यह अंतराश्टिय समुद्री मार्ग है
02:43हाँ इरान इसके उतरी तट्रेखा पर बैठा हुआ है और उसकी सैने मौझूद भी बहुत मजबूत है
02:49इसी वज़े से वहाँ वो दबदबा बनाने की शमता रखता है
02:52यानि कानूनी मालिकाना हक अलग बात है और सैने प्रभाव अलग
02:56यही कारण है कि दुनिया इरान के हर बयान को गंभीरता से लेती है
03:01तो चलिए अब आपको इसके इतिहास से भी आउगत कराते है
03:04स्टेट अफ हॉर्मुस का महत्व आज का नहीं है
03:07सदियों से ये व्यपार और सामरी की शक्ति का केंद्र रहा है
03:11सोल्वी शताबदी में पुर्तगालियों ने यहाँ अपना प्रभाव स्तापत किया
03:151515 के आसपास पुर्तगाली सामराज ने हॉर्मुस द्वीप और आसपास के समुद्री व्यापार पर नियंत्रन कायम किया
03:22उस समय यूरोप और एशिया के बीच समुद्री व्यापार पर कबजा जमाने की होड थी
03:27बाद में फार्सी समराज, ओटो मंतुर, अरब शक्तियां और यूरोपिय ताकते इस छेत्र में प्रभाव बढ़ाने के लिए संधर्श करती
03:36रहें
03:36यानि इतिहास में ये इलाका जो है वो कई शक्तियों के बीच प्रतिस परधा का केंद्र रहा है
03:41आधुनिक राष्ट राज्यों वैवस्था बनने के बाद इरान ने अपनी लंपी समुद्री सीमा और सेन श्रमता के आधार पर इस
03:48छेत्र में मजबूत सिथी बना ली
03:51इरान का प्रभाव इतना बड़ा क्यों है? क्योंकि भुगोल उसके पक्ष में है
03:55इरान की तटिया रेखा सीधे स्ट्रेट ऑफ हॉर्मूस के उत्रे हिस्से से जुड़ी हुई है
04:00उसके पास कई ध्वीप हैं
04:02उसकी नौसेना और रिवोलिशनरी गार्ड्स की समुद्री इकाया यहां सक्रिया रहती है
04:07युद्ध के सिथी में इरान मिसाइलों, ड्रोन, तेजगती वाले नौकाओं और समुद्री बारूदी सुरंगों का उप्योग कर जहाज रानी को
04:15बाधित कर सकता है
04:161980 के दशक में इरान इराक युद्ध के दोरान दुनिया ने इसका एक उदाहरन देखा था
04:21उसे टैंकर वर कहा जाता है
04:23उस समय दोनों देशों ने तेल टैंकरों को निशाना बनाया था
04:26इससे वेश्विक उज्जा बाजारों में भारी अस्थिता पैदा हो गई थी
04:30तो ये पहली बार नहीं है जब हॉर्मूज के वज़े से वेश्विक उज्जा संकट मढ़रा रहा है
04:35या भारत और बाकी देश पसर है पहले हो चुका है
04:39और तब से लेकर आज तक हॉर्मूज इरान की रणनेतिक ताकत का सबसे बड़ा हथियार बाना जाता है
04:45भारत की उचिंतित रहता है
04:47क्योंकि भारत की उज्जा सुरक्षा का बड़ा हिस्सा खाड़ी छेतर से जुड़ा हुआ है
04:51भारत, चीन, जापान और दक्षिन कोरिया उन प्रभुक एशियाई देशों में से है
04:56जो हर्मों से गुजरने वाले तेल और LNG पर निर्भर करते हैं
04:59अगर यहां संकट आता है तो असर सिर्फ पेट्रॉल पंपो तक समित नहीं रहता
05:04परिवहन महंगा हो जाएगा
05:06तो द्योगों की लागत बढ़ जाएगी
05:08महंगाई बढ़ जाएगी
05:09और अंतता असर आम आदमी की जेब पर पड़ेगा
05:12जैसा कि अभी आपको देखने को मिल भी रहा है
05:14लेकिन सबसे ज्यादा कौन पिस रहा है
05:16यहीं कहानी का सबसे महतोपुन और इमोशनल हिस्ता शुरू होता है
05:21जब हम भारत पर असर की बात करते हैं
05:23तो अक्सर पेट्रॉल डीजल की कीमतों पर चर्चा करते हैं
05:26लेकिन उन भारतियों का क्या जो भारत में नहीं
05:28बलकि खाड़ी देशों में रहते हैं
05:30खाड़ी शेतर में लगभग 90 लाख से ज्यादा भारतिय मूल के लोग रहते हैं
05:35इनमें इंजीनियर हैं, डॉक्टर हैं, नर्स हैं, ड्राइवर हैं, शेफ हैं, मजदूर हैं
05:39और हजारो भारतिय समुद्री कर्मचारी यानि की सीफेरर्स भी हैं
05:43आज हॉर्मू संकट की वज़े से जहाज फसे हुए हैं
05:47समुद्री आतायात प्रभावित हैं
05:48और हजारो नाविक लब्बे समय तक समुद्र में अठके हुए हैं
05:52रिपूर्ट्स के अनुसार, हजारो जहाज कर्मी और सैकडो जहाज अभी भी खाड़ी छेत्रों में फसे हुए हैं
05:58भारत सरकार को भी हाल में होरमुज छेत्र में फसे भारतिय जहाजों और उनके सुरप्षित मार को लेकर सक्रिय कूटनितिक
06:04प्रयास करने पड़े हैं
06:05सोचिए एक भारतिय नाविक महीनों से घर नहीं जा पा रहा है
06:09एक भारतिय कर्मचारी की कंपने शिप्मेंट रुकने से संकट में है
06:13एक मजदूर को डर है कि हालात बिगड़े तो नौकरी चली जाएगी
06:17एक परिवार भारत में बैठा है और उसका बेटा, पती या रिष्टेदार युद्धुशेत्र के बहत करीब काम कर रहा है
06:24और यही वो मानविय पहलू है जिसकी चर्चा, अकसर, तेल और राजनीती के शोर में दब जाती है
06:30जब खाड़ी से खबरे आती हैं कि भारतिय की मौत हुई है तब सोचिए उन परिवारों पर क्या गुजरता होगा
06:36जिसका सदस्य भारत से बाहर रहता है, खाड़ी में रहता है, अमेरिका में रहता है
06:41इसलिए स्ट्रेट औफ हॉर्मो सिर्फ एक समुदरी रास्ता नहीं रह गया है
06:44यह दुनिया की अर्थ वैवस्था की धमनियों में बहने वाला वो रास्ता है
06:49जिससे तेल, गैस, वियापार और करोडों लोगों की आजीवी का और परिवार भी जुड़ा हुआ है
06:54लेकिन इस युद्ध की सबसे बड़ी सचाई शायद यह है किसकी कीमत सिर्फ इरान, अमेरिका या इसराइल नहीं चुकाते
07:00कीमत वो हर भारतिय भी चुकाता है जो दुबई के किसी साइट पर काम कर रहा है, जो कुवेट के
07:04अस्पतालों में जुटी कर रहा है, जो तेल टैंकरों पर समुदर के बीच फसा हुआ है
07:08और जो हर दिन सिर्फ यहीं इंतजार कर रहा है कि हालात समान्य हों और वो सुरक्षित अपने घर लोट
07:13सके
07:14इस वीडियो में इतना ही, लेकिन हमारे इस ख़बर को आप उन लोगों तक जरूर पहचाएए जो भारत के बाहर
07:19रहते हैं
07:20क्योंकि उनकी बात कोई करे या न करे, One India उनके लिए आवाज उठाता रहेगा
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