00:00हम जितने हो गए हैं ब्रत्वी पर, होमो सेपियन्स
00:08ब्रत्वी इतने जेली नहीं सकती, बात खत्म
00:11भाई जिस जगह पर पांच लोगों को होना चाहिए था, वाँ पचास बैठे हुए हैं, अब गंदगी फैलेगी कि नहीं
00:15फैलेगी?
00:17बोलो, प्रेन में जनरल का डबा है, और जितनी उसकी कैपैसिटी है, उससे चार गुना जादा लोग ठुसे हुए हैं,
00:25कभी कोई चला है ऐसे डबे में, मैं चला हूँ, वो बहुत साफ रहता है, कितने लोगों ने रोक कर
00:32रखी है, कि स्टेशन आ जाएगा तब कर लेंगे, �
00:38एक दफे में 6 गंटे रोक के बैठा था, मैं इसमें तो नहीं जा सकता, ये करती है जनसंख्या, वोई
00:44भी जगे जो आप कहते हो, कितनी सुंदर है, कितनी साफ है, वो सिर्फ इसलिए क्योंकि वहाँ लोग नहीं है,
00:50यहाँ आप गोवा आए हो, यहाँ की अबादी बहुत क
01:05बहुत खुबसूरत था, हर जगह प्रत्वी पर एक परेटन स्थल है, बशर्ते वहाँ इनसान नहीं हो, आज भी आप जिन
01:13जगहों पर शहरों से भाग कर जाते हो, वही जगह होती है जा इनसान नहीं होता, और कौन सा होता
01:18है टूरिसम, इनसान नहीं हो, आपके पैसा बह�
01:22खरिदते हो स्पेस, इस्पेस मानें कि अब हां मैं हूँ और इनसान नहीं है, आप होटल में अपने लेबाकामरा ले
01:28पाते हो, आप बड़ी गारी ले पाते हो, आप ट्राइवेट ट्रांसपॉर्ट में ट्राइल करते हो, पॏब्लिक में निसका मतलब क्या
01:33है, यहां मैं ह�
01:34और गरीब को सजा ये मिलती है कि उसे जनसंख्या जहलनी पड़ती है, सलम जहलना पड़ेगा, ये गरीबी की सजा
01:40है कि तुम जहां रहोगे, वहीं पचार और खड़े होंगे, और तो चार खड़े होते हैं, वो सिर्फ आपके शरीर
01:45के आजपास नहीं होते है, वो आपके मन म
02:01बचती नहीं, आपके हस्ती ही नहीं बचती
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