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Transcript
00:00प्रेम जो खुद बखुद हो जाए वो बड़ी नकली और घटिया चीज होती है
00:05सही प्रेम के लिए खुद को मजबूर करना पड़ता है
00:09दुनिया में सबसे कम प्रेम उनको मिला है जो सबसे सही होते हैं
00:14क्योंकि उनको आप प्रेम करी नहीं पाओगे न प्राक्रतिक बात नहीं है
00:17वो सरलता से होगा नहीं
00:20सरलता से तो जो एकदम सड़ी हुई चीज होगी दुनिया में आपको उसी से प्रेम आएगा
00:25उचाईयों से प्रेम करना चुनौती की बात होती है
00:28यह तो गड़ों से प्रेम करते हैं
00:30वहाँ बढ़ियां कुछ करना नहीं पड़ता
00:32वहाँ पर बस कदम रख दो
00:34पूरा अंदर तक ले लेगा आपको अपने में
00:37पर उचाईयां ऐसी नहीं होती
00:39वहाँ यह नहीं होगा कि उचाईय के पास से ले गए
00:41तो उचाईय ने आपको खुद बखुद उठा लिया उपर की तरफ
00:44ऐसा नहीं होता न
00:46महाश्रम करना पड़ता है
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