Skip to playerSkip to main content
  • 56 minutes ago
ओडिशा में पुरी के 'रथ खला' में, सदियों पुरानी परंपरा लकड़ी और कारीगरी के रूप में जीवंत हो उठती है. छेनी और हथौड़ों की लगातार तालबद्ध गूंज के बीच, कुशल कारीगर समय से होड़ लगाते हुए तीन भव्य रथों- नंदीघोष, तालध्वज और दर्पदलन का निर्माण कर रहे हैं. ये रथ ही सालाना जगन्नाथ रथ यात्रा के दौरान भगवान जगन्नाथ, उनके भाई भगवान बलभद्र और उनकी बहन देवी सुभद्रा को लेकर आगे बढ़ेंगे. जैसे-जैसे यह उत्सव नजदीक आ रहा है, अक्षय तृतीया के दिन शुरू हुआ रथ निर्माण का कार्य अब निर्णायक चरण में पहुंच गया है. अब जब रथों के पहिए बनकर तैयार हो चुके हैं, तो कारीगरों ने रथों के मुख्य आधार को जोड़ने का काम शुरू कर दिया है. निर्माण प्रक्रिया के साथ-साथ पारंपरिक अनुष्ठान भी जारी हैं. कारीगर रथों के आधार, पहियों और धुरियों को मजबूती से जोड़ने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, ताकि इस भव्य शोभायात्रा के लिए इन विशाल लकड़ी की संरचनाओं को तैयार किया जा सके.

Category

🗞
News
Transcript
00:01ओडिशा में पुरी के रतखला में सदियों पुरानी परंपरा लकडी और कारीगरी के रूप में जीवन्तों उत्ती है
00:10छेनी और हथाणों की लगातार तालबद गुंज के बीच कुशल कारीकर समय से होड लगाते हुए तीन भव रतों नंदी
00:18घोश ताल ध्वज और दर्प दलन का निर्मान कर रहे हैं
00:23ये रथी सालाना जगनात रथ यात्रा के दौरान भगवान जगनात उनके भाई भगवान बलभद्र और उनकी बहन देवी सुबध्र को
00:31लेकर आगे बढ़ेंगे
00:33जैसे जैसे ये उत्साव नस्दीक आ रहा है अक्षर ततिया के दिन शुरू हुआ रत निर्मान का कार अब निर्मान
00:52प्रक्रिया के साथ-साथ पारम परिक अनुष्ठान भी जारी है
00:55कारिगर रतों के आधार, पहियों और धुरियों को मजबूती से जोडने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं ताकि इस भवे
01:03शोभा यात्रा के लिए इन विशाल लकडी की सनरशनाओं को तैयार किया जा सके
01:26अभी तो यह जो रत में बेस और रत का अक्चा की सब को स्ट्रॉंग करने के लिए एक खील
01:32बार रहे हैं वो लोहे का कील होता है उसको मार का अभी रत को एकदम स्ट्रॉंग बना रहे है
01:39लकडी के धांचे को आकार देने वाले बढ़ाई से लेकर बड़े बड़े लठ हटाने वाले सेवकों और लोहे के जोड
01:46बनाने वाले लोहारों तक हर समुह पवित्र रतों को आकार देने में एहम भूमी का निभाता है
01:55यहां हम जो काम करते हैं बस जगनात का कुरपा में हम काम करते हैं और जितना महरणा भाई लगते
02:04हैं और रस बनाते हैं और भूई लोग जो है लकडी उठाते हैं पकाते हैं रखते हैं उनका काम होई
02:13होता है
02:13The people who can become one of the people who can become one of the people.
02:36ये भवे रत हर गुजरते दिन के साथ धीरे-धीरे आकार ले रहे हैं।
02:41इस भवे आध्यात्मिक आयोजन का साक्षी बनने के लिए भारत और दुनियाभार से लाखोश धालू, पुरी पहुचेंगे।
Comments

Recommended