00:00एक तरफ दुनिया युद्ध के साई में हैं, दूसरी तरफ महंगाई का खत्रा बना हुआ है, और अब भारत के
00:07सामने मन्रा रहा है एक नया खत्रा, ऐसा खत्रा जो खेतों को प्रभावित कर सकता है, फसलों की पैदावार घटा
00:15सकता है, महंगाई बढ़ा सकता है, और देश
00:18की आर्थिक रफ्तार पर भी असर डाल सकता है, चितावनी है एल नीनो की, नमस्कार, मैं हूँ विशाख शर्मा और
00:27आप देख रहे हैं One India Hindi, दुनिया के मौसम विज्ञानिक अलर्ट पर है, संयुक्त राष्ट की मौसम एजेंसी WMO
00:35ने चितावनी दी है, कि जून से अगस्
00:47मौसम का अनुमान घटा कर 90 प्रतीशत कर दिया है, जो 11 साल का सबसे कमजोर मौसम साबित हो सकता
00:54है, केंद्र सरकार ने राज्यों को अलर्ट पर रखा है, दुशकाल यानि डॉट कंटिंजेंसी प्लान सक्रिये किये जा चुके हैं,
01:02लेकिन आखिर क्या है एल नीनो, ये भा
01:17मौसमिय घटना है, ये तब बनती है जब प्रशार्त महासागर के मध्य और पूर्वी हिस्से का समुद्री पानी समान्य से
01:26काफी ज्यादा गर्म हो जाता है, ये गर्मे सिर्फ समुद्र तक सीमित नहीं रहती, ये पूरी दुनिया के मौसम तंत्र
01:33को बदल देती है, कहीं �
01:35बाड आती है, कहीं सूखा पड़ता है, कहीं हीट वेव बढ़ जाती है, और भारत उन देशों में शामिल है,
01:42जिन पर इसका असर सबसे ज्यादा पड़ सकता है, क्योंकि भारत की अर्थ विवस्था और खेती अब भी मौनसून पर
01:49काफी हद तक निर्भर है, भारत की लग
02:04नीनो का सबसे बड़ा असर पड़ता है, भारत मौनसून पर, WMO का कहना है कि ल नीनो तेजी से विक्सित
02:12हो रहा है, पैसिफिक ओशन के नीचे का पानी समानिया से 6 डिग्री सेल्शिस तक जादा गर्म पाया गया है,
02:19यानि सिस्टम में पहले से ही भारी मात्रा में गर्मी �
02:22जमा हो चुकी है, आयमडी का अनुमान है कि 2026 का मौनसून समानिया से काफी कमजोर रह सकता है, बारिश
02:30सिर्फ 90 प्रतीशत लॉंग पीरियड आवरेज तक सीमित रह सकती है, विशिशग्यों के अनुसार ये 2015 के बाद सबसे कमजोर
02:38मौनसून हो सकता है, सबसे पहले असर प
02:52कहना है कि खासकर गैर सेंचित इलाकों में फसल नुकसान का खत्रत जादा है, और सबसे एहम सवाल आपकी जेप
03:00पर इसका क्या असर होगा, कम फसल का मतलब कम सप्लाइ, कम सप्लाइ का मतलब महंगी दाल, महंगा चावल, महंगी
03:08सबसिया, महंगा खाद तेल, यानि फूड �
03:11इफलेशन बढ़ सकती है, अर्थ शास्रियों का अनुमान है कि अगर जुलाइ अगस्त में बारिश गंभीर रूप से प्रभावित हुई,
03:18तो खुद्रा महंगाई 5.5 प्रतीशत तक पहुँच सकती है, एल नीनों सिर्फ किसानों की समस्या नहीं है, इसका असर
03:26पूरी अर
03:41एल नीनों सिर्फ बारिश नहीं घटाता, ये तापमान भी बढ़ाता है, डव्यमों ने चितावनी दी है कि एल नीनों आने
03:48वाले महीनों में एक्स्ट्रीम वेदर इवेंट्स बढ़ा सकता है, यानि ज्यादा हीट वेव्स, ज्यादा तापमान, ज्यादा बिजली की मां�
03:56और पानी पर बढ़ता दबाब, भारत पहले भी एल नीनों का असर झेल चुका है, दोहजार दो में गंभीर सूखा,
04:04दोहजार नौ में कमजोर मौनसू, दोहजार पंदरा सोला में सूपर एल नीनो, इन वर्षों में कई राजियों में फसल नुकसान
04:12और जल संकर देखने क
04:13मिला था, इसी वज़ा से इस बार भी चिंदा बढ़ी हुई है, विशेशग्यों के अनुसार उत्तर पश्चिम भारत, मध्य भारत
04:20और कुछ क्रिशी प्रधान शेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं, दिल्ली, पंजाब, हर्याना, राजस्थान और मध्य भारत क
04:29कई हिस्सों में सूखे जैसी स्थिती का खत्रा बढ़ सकता है, वहीं कुछ तटिय शेत्रों में असमाने बारिश की घटनाएं
04:37भी देखने को मिल सकती हैं, खत्रे को देखते हुए केंद्र सरकार ने राज्यों को निर्देश जारी किये हैं, जिलस्तर
04:43पर डॉट कंटिंज
04:44सक्रिय किये गए हैं, जिलसन साधनों की निगरानी बढ़ाई गई है, फसल सुरक्षा और वैकल्पिक ख्रिशी योजनाओ पर काम शुरू
04:53हो चुका है, सरकार का कहना है कि खद्यान भंडार पर्याप्त है और स्तिती पर लगातार नजल रखी जा रही
05:00है, क्या ये भारत का
05:02अगला एकनामिक क्राइसिस बन सकता है, फिलाल इसका जवाब है नहीं, लेकिन ये एक बड़ा रिस्क जरूर है, अगर एल
05:10नीनो मजबूत रहा, अगर मौनसून उमीद से ज्यादा कमजोर रहा, अगर फसल उत्पादन प्रभावित हुआ, तो इसका असर महेंगाई, रो�
05:32भारत की अर्थ व्यवस्था की कहानी है, पासिफिक ओशिन में बढ़ता तापमान, क्या भारत में महेंगाई का नया तुफान लाएगा,
05:40क्या एल नीनो सिर्फ एक मौसमिया घटना है, या दोहजार चब्श की सबसे बड़ी आर्थिक चितामी, इस सवाल का जवाब
05:47आने �
05:47मौनसून के साथ मिलेगा, लेकिन फिलहाल देश भर की नजरे आस्मान पर डिकी है, एल नीनो के खत्रे को लेकर
05:55आपकी क्या राय है, क्या आपको लगता है कि कमजोर मौनसून का असर इस बार महेंगाई और आम आदमी की
06:00जेब पर पढ़ सकता है, अपनी राय हमें कमेंट स
06:17अपनी आपको लेकिन आपको लेकिन आपको लेकिन आपको लेकिन आपको लेकिन आपको लेकिन आपको लेकिन आपको लेकिन आपको लेकिन आपको
06:22लेकिन आपको लेकिन आपको लेकिन आपको लेकिन आपको लेकिन आपको लेकिन आपको लेकिन आपको लेकिन आपको लेकि
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