00:0039 patients लाए गए थे हमारे पास between दोनों hospitals, जिनमें से 18 brought dead थे, पूरा उनका जिसको हम
00:10asphyxiation कहते हैं because of smoke और कुछ burns जो brought dead patients थे,
00:17बाकी जो patients हैं, उनमें से presently 15 patients अभी ICU में हैं, जिनमें से 8 patients ventilator पे हैं,
00:26उनका इलाज चल रहा है,
00:28ventilator पे जो patients हैं, majority of them को वही asphyxiation वाली injury हुई है, जिसमें smoke की वज़ा से
00:34lungs में injury हो जाती है,
00:37इन में से minor burns हैं सबके, ज्यादा deep burns नहीं है, एक patient था जिसके 25% से उपर
00:43burns थे, वो ventilator पे था patient,
00:45तो उसको हमने सफते जंग के burns वाट भी shift कर दिया है, पांच patients stable थे, minor injuries के
00:50साथ है थे,
00:51तो उनको initial first day treatment देके, वो discharge हो गए हैं, जो patients, basically 2-3 तरह की injuries
00:59थी predominantly,
00:59एक जैसे मैंने का lungs की injury थी, एक जैसे मैंने का lungs की injury थी, second minor burns, और
01:05तीसरी bones injury,
01:06because काफी patients ने claim किया कि वो उपर building से उनने जंप किया था, तो जिसकी वज़ा से fractures
01:13थे, long bone fractures थे,
01:14pelvic bone fracture था, एक patient का spinal injury है, जिसकी surgery हो रही है, neurosurgery में,
01:20तो अब पूरी कोशिश चलरी की जो patients admitted है, ICU में, ventilator पे और without ventilator,
01:25कि उनकी पूरी महरत कर रहे हैं उस पे, और देखते हैं कैसे, कुछ patients उनमें अभी critical हैं,
01:30तो treatment चल रहा समना,
01:34वो मेरे पास details अभी नहीं हैं,
01:35बट उसमें foreign nationals भी थे और आपने local patients भी थे,
01:39और आपने local patients भी थे,
01:39तो इसमें कितने लोगें जो उबट पे गूड़े हैं,
01:42या वो number मेरे पास नहीं है,
01:43यह तो जो patients ने, जिन से हम बात कर सकें,
01:46जिनोंने history दी है,
01:47बट पेशेंट्स जो थे, जिनको हमने वेंटिलेटर बडाला,
01:49वो unconscious थे, कोई उनसे history नहीं मिली है,
01:52बट जो patients जिनको ज़्यादा severe injuries नहीं थी,
01:54जो वेंटिलेटर पर नहीं थे,
01:55और जो conscious थे, उन में से काफी नहीं यह history दी है,
01:58कि हम third floor से जम पा रहा है हमने,
01:59तो किसी का हाट टूटा गुए था,
02:01किसी के पाट टूटे गुए थे,
02:02किसी के pelvic injuries थी,
02:03तो वो boni injuries थी,
02:04पट वो mostly stabilize कर लिये जाएंगे,
02:10जिनकी death हुई है,
02:1118 patients की,
02:12वो बराबर 9-9 थे,
02:139 males से,
02:149 females थे,
02:26तो वो आदमी जब स्मोक इनहेल करता है,
02:28उसकी वज़ा से,
02:30एक तो कहा होता है,
02:30बॉडी में एकदम oxygen की कमी हो जाती है,
02:32जैसे oxygen कमी हो जाती है,
02:33वो आदमी unconscious हो जाता है,
02:35दूसरा,
02:35बिकॉज जब बर्न होता है,
02:36तो PVC, toxic materials,
02:38बहुत होते हैं plastic,
02:39तो उसकी वज़ा से,
02:40carbon monoxide,
02:41hybroncynid,
02:42ये सब gases आदमी इनहेल करता है,
02:44इससे भी इनहेल हो,
02:45तीसरा, जो ये जो fumes होते हैं,
02:46बड़े high temperature पे होते हैं,
02:48इसकी वज़ा से,
02:48thermal temperature इंहेल हो जाती हैं,
02:51तो ये तीन मेकानिसम्स होते हैं,
02:52जिससे lungs में immediate injury हो जाती है,
02:54और oxygen कमी से आदमी unconscious हो जाता है,
02:57और इसमें वोई time critical होता है,
02:59कि जितनी जल्दी evacuate कर सके हैं,
03:00वो patients को timely manage कर सकते हैं,
03:05मैं बतारूं,
03:06जो ventilator पे हैं,
03:07वो ventilator पे हैं,
03:08मतलब वो life saving treatment पे चल रहे हैं,
03:11तो वो critical हैं,
03:147-8 patients जो हैं,
03:15पट उस पे भी पूरी मेहनच चल रही है,
03:17यह बाकी जो ventilator पे नहीं है,
03:18ICU में हैं,
03:19वो stabilize हो रहे हैं,
03:23वो नमबर मुझे अभी नहीं मालूम है,
03:25बट मैं बतारूं कि फॉर्नर्स भी हैं,
03:26क्योंकि वो तो अब कही patients अभी
03:28identified नहीं हुए हैं,
03:29तो अब वो एग्जेक्ट उनकी मैंनी कह पा हूंगा,
03:33अब वो तो पॉलीस जो है,
03:36वो तो सारा मैनेज करी रही है,
03:37सारे medical legal cases है,
03:38तो अभी सुदिंट्स को नहीं हैं,
03:42अज कितनी होगी सर कुछ रही है,
03:44जिकरोज स्पेक्ट्रम है,
03:45मतलब जितने मैंने देखे हैं वो आप लेकर चलें 20 साल से लेकर 50 साथ साल इस पर चालिस से
03:57लेकर 30 से पचास की बेश में रेंज में हैं सारे,
04:02हमारे यहां कोई नहीं लाएगा,
04:09जिसमें हमारी इनिशल ऐसा होता है कि इनिशल ऐसेस्में कई बार आप आप अकुरेटी असेस्टिंग कर पाते हैं वो थोड़ा
04:15जब स्किन स्काल्डिंग होती है,
04:16तो एक पेशन था जो वेंटी लेटर पे था जिसका मैं का इनिशल ऐसेस्मेंट में 25% के करीब बर्न
04:21इंजरी थी और हम अपने होस्टिंग में 10% से उपर फिर स्टेबलाइज करके रेफर करते हैं तो फिर वो
04:26आमने सफ़ते जग पेशन जब इस पेशन को जब रेफर किया
04:42बर्न्स थे काफी सिवियर पट मज़ोरिटी में एस्विस लंग्स वाली प्रॉब्लम जाएं तो उनमें सब की ड्रेसिंग और जो इशु
05:02था वो यहां पर आया थे तो बर्न इंजरी की वज़ा से मुझे नहीं लगता कि अभी कोई जो पेशन
05:08है वो सकंब करेगा लंग्स क
05:11प्रॉब्लम है में लिए तो देखिए मैं इसका अंसर नहीं कर सकता क्योंकि यह लंग की इंजरी पर डिपेंड करता
05:20है और यह खाली लंग की इंजरी नहीं उसके साथ इनको और भी इशुस है ना कई लोग लंग इंजरी
05:24में वह उनने इन्हेल किया उसके बाद वो कूद �
05:27है तो उनको बोनी इंजरीज भी है तो मल्टीपल इशूज है अब और एफेक्ट जो है टॉक्सिक गैसिस का और
05:34टेंपरेचर का थर्मोर बनका यह टाइम लेता है तो ऐसा मैं नहीं कर पाहूं कि जिनको अमने वेंटिलेटर बडाला वो
05:39कली हम उसको कुछ देख पाएं उस
05:57अभी स्नोपची सुन मैं को सिस्ट्टर आप्यूच वाप्चिन में वोगे जा प्यूच सुनता है तो एफ कि मेले प्यूच वोगे
06:02नग का चैनल तो ऑननोड खाँ इन यह जानडने नहीं में अप्टे आपके अबग्या अभावें वूच एभिधाल ऊड़ प्यूद्द �
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