00:00तो आपको लगता है रेखा गुपता इसमें जांच करेंगी और 21 लोगों की जो जान गई है वो शुरुवात करेंगी
00:08या आप ही वहां के मुख्यमंत्री बन गए यह पॉसीबल नहीं है यह पॉसीबल चलिए ठीक है यह यह यह
00:15में जाना था
00:16ठीक है चलिए यह पॉच्छ लेजिए तो सर हम जो अगर आपका होटल है आपके पांच जारगुट के होटल है
00:24पर उसको जमीनी यह जारगुट अब कितना मांगोंगे यह जारगुट मैं मानोगे
00:30तो कंपनसेशन नहीं मांगेंगे एक सिंबल सी बात यह है कि यह जो दावे किये जाते हैं कि हम भाई
00:38देश के सबसे विकसित एकॉनामी यह विकास्चील एकॉनामी बन रहे हम यह बन रहे हैं आवाज आ रही है हमारी
00:46तो इसमे मैं यह कहता हूँ जनाब की
00:52क्या हमें ध्यान इस बात को नहीं देना चाहिए कि हमारी जो आधार भूत जो व्यवस्थाएं हैं वो कितनी लचर
00:59हैं कितनी खोखली हैं दीमक ने खा लिया है आप लोग दोनों मुझे लगता है दिल्ली में ही रहते होंगे
01:04दिल्ली के ट्राफिक से कोई खुश होता है क्या �
01:08नहीं हम ट्राफिक तक को नहीं ठीक कर पाते हैं यह जो बात शिवेंदर ने बताए कि मकान मालिक कौन
01:14है यही नहीं पता है कोई बजाज गाम का आदमी है उसने इतने से जगह में इतना घर बना लिया
01:21यह सब चीजें जब होती रहती हैं तो हम क्या बाहर से निपाई पुत
01:26आई करके हम यह दावा करते हैं क्योंकि अगर यह चीजें नहीं सुधरेंगी हम इतने बड़े बहुमत के साथ आते
01:32हैं हम इस पर अगर इसको नहीं ठीक करता तो चलिए बीस साल लग जाएगा लेकिन एक विजिबल प्रयास नहीं
01:39कर पाते हैं तो हम फिर क्या चीज का दा�
01:56अगर आप एक लोहे का बार लगा देंगे ना उससे पेड सुरक्षित नहीं होता है जी चलिए यह देखे अब
02:06यह बहुत लंबा चलने वाला मामला बड़ा इसलिए हो रहा है क्योंकि विदेशियों की जान भी इसमें involved है हरीश
02:11जी थैंक्यू सो मच आप हमारे साथ शो में
02:13जुड़े और रामकुमार जी आप हमारे साथ शो में जुड़े थैंक्यू सो मच और हमारे सवालों का जवाब दिया और
02:20एंड में जाते-जाते शिवेंदर जी से हम और भी जानकारी थोड़ा लेना चाहते हैं कि इसमें updates क्या है
02:27और शिवेंदर जी ने हमें बताया
02:29कि अभी माकान मालिक जो मालिक हैं इस पूरे होटेल के उनके बारे में कुछ खास जानकारी पता नहीं चल
02:35रही हो सकता हुँ अभी कहीं निकल भी गये हो भाग भी गये हो जो सबसे बड़ी बात इस पूरे
02:40डिसक्शन में हमें पता चली कि ऐसे लोग जो की हो सकता है directly indirectly 21 जाने
02:47जाने की responsibility लेने से भागते फिर रहे हैं, वो भाग चुके हैं, ऐसे जगह पे कोई bulldozer नहीं चलेगा,
02:54जब तक कि उसमें कोई धार्मिक मामला, धार्मिक एंगल नहीं आता ना, BJP की जो bulldozer है, वो act नहीं
03:01करती, यही सरकार जो बनी है आपकी, जल्दी बनी है West Bengal में, वो तो प
03:17justify करेगी इन सब मौतों को, जब विदेशों से सवाल पूछे जाएंगे, क्योंकि भारत की तो बहुत limited media है,
03:25जो सवाल पूछेगी, कुछी लोग होंगे जो पूछेंगे, तो देखते हैं, इस पर reaction कैसे सरकार काते हैं, और क्या
03:31responsibility लेते हैं, शिवेंदर जी ने जो reaction भेज़
03:47देशों से, कई पश्मी चोटे एरोपिय देशों से, लोग यहां पर आते हैं, बहुत अच्छी बात है, यह जो building
03:54गिरी है, इसके आसपास के अगर आप नज़र डालेंगे, तो यहां साकेत मैक्स हॉस्पिटल है, उस मैक्स हॉस्पिटल में जो
04:01लोग विदेशी सलाने इला
04:02कराने आते हैं, बांगलादेश से, नेपाल से, शिलंका से, अफरीका से, कई छोटे एरोपिय देशों से, तो वो उसके आसपास
04:10सस्ते घर खोजते हैं, यह जो धन्दा था, यह चार घर से 24 घर कमरे वाला जो धन्दा था, वो
04:16इसी पार आधारी था, कि वहां से ज़्यादा
04:18जान लोग इलाज कराने आएं, और वहां पर घर लें, तो देखें, हमें एक साइड अफ टोरी बताई जाती है,
04:24कि भारत जो है, वो टूरिजम और मेडिकल टूरिजम का डेस्नेशन मन गया, आईए और अपनी जान गवाईए, यह कोई
04:31बताता नहीं है, यह कैसे कैसे करके �
04:33अब आप कहीएगा, कि उन्होंने क्यों वहाँ पर घर लिया, अरे भाईया, सस्ते पैसे हो मिला है, और वो तो
04:39एक्सपेक्ट करता है, अगर भारत से निकल जाएगे, तो मैंने का क्या, दूर तक जाने की ज़रोती निये, नेपाल, श्रिलंका,
04:44बंगलादेश चले जाएग
04:47जिस इंसान को दो महिने अगर मैक्स में ट्रीटमेंट कराना है, तो वो दो महिने रुकने के लिए किसी फाइल
04:54स्टार होटेल में और ऐसी जगह पे नहीं रुकेगा, वो 200, 300, 500 रुपे का कमरा खोजेगा, जहां वो रुक
05:00सके और अपने पेशेंट को रखे, हमने ऐसी स्थ
05:03सिथी हर जगह देखी है, जहां भी बड़े हॉस्पिटल सोते हैं, बहुत बड़ी कहानिया हैं इसमें अगर हम डीटेल में
05:19जाएं तो लेकिन ये सारी कहानिया हम आप एंपे लिए लेकर के आएगे, ग्राउड रिपोर्टिस काफी सारे आ रहे हैं,
05:25कितनी और
05:26मोते हुई हैं, उस पे
05:28अपडेट्स क्या हैं, यह हम आपको बताते जाएंगे
05:30विज्वल्स बहुत ही शॉकिंग हैं
05:32ऐसा बहुत ही कम देखने को मिलता है कि
05:34लोगों को कूदना पड़े, अपनी जान
05:36बचाने के लिए ऐसे इंसिदेंस, लेकिन दिल्ली में
05:38या भारत में कोई बड़ी बात नहीं है
05:40होस्टल में भी आग लगी, लोग कूदे हैं
05:43मतलब यह सब हमने
05:44accept कर लिया है, हमारी जिंदगी में तो
05:46यह नॉर्मल है, हम कल फिर
05:48काम पर जाएंगे, जो हाँ पर लोग रह रहोंगे
05:50वो भी अपनी जिंदगी
05:52वैसे ही चलाने लगेंगे इन 21 मौतो के बाद
Comments