00:09खुलखit
00:10ईस्क्यूस मी
00:10एक्स्क्यूस मी
00:12तेरह असल आपसे कुछ पूछना चाहती हुँ मैं
00:14हाँ पूछो बेटा
00:15तो प्लीज आपके सामने ये जो अजीब सा आत्मी खड़ा है
00:18क्या आप इसे ये पूछ के बता सकती है
00:19क्या आयला आ रही है या नहीं
00:21क्या बक्वास है यार
00:22ये सामने जो लड़का है
00:23हाँ हाँ ये ही है वो
00:23मेरी बात सुने
00:25इसकी बातों का बुरा मत मानियेगा प्लीस
00:26ये बिचारी थोड़ी सी पागल है
00:27अब मुझे इसे हॉस्पिलल ले जाना होगा क्या करूँ
00:29किसी को भी कुछ भी उठाके मार देती
00:30इसका इलाज बहुत जरूरी होगा
00:32कोई सेफ नहीं है इससे
00:33तो बेटर होगा कि आप भी यहां से भाग जाए फॉरान
00:35समझ रही है
00:35क्या भाग जाओं
00:38समान भी यह फॉरन जाए है
00:39ठीक है
00:40एक में डॉके
00:41क्या आप इनसे यह सवाल दुपारण पुछ सकती है
00:43कौन सा सवाल
00:44यही क्या आईला मेड़म आ रही है या नहीं
00:46क्या आप इन्ने बता सकती हैं
00:47कै मिसां आला उ लेड़ी जा चुकी है
00:49क्या आप मेरे भीहाफ पर इनका शुक्रिया दा कर सकती है
00:51वो तुम्हें शुक्रिया कह रही है
00:53भाग जाएं फॉरण भागें जल्दी
00:55भागें भागें भागें जल्दी करें फॉरण भाग जाएं यहां से
01:03प्लीज एप्रिर्फूल का मज़ा कमजोर दिलवालों ते ना करें
01:18मलिक
01:20मलिक ये सब क्या है
01:21ये सिर्फ मैंने
01:23अपटे लिए नहीं
01:24बलके तमाम कमजोर दिलवालों के लिए यहां लगाया है
01:28बता करने से किसी को तक्लीम भी पहुंच सकती है
01:30इसलिए इस बारे में बिल्कुश सीरियस हूँ मैं
01:33I am so sorry मलिक
01:35You are so serious about this
01:37बताव क्या हुआ है
01:42फुपसूरस सुबा थी
01:44सुरच्ची किरने मुझे चूर रही थी
01:46और तेज हवा मेरे बालों से गुजर रही थी
01:50Mr. Malik
01:51आपके बाल नहीं है
01:54डॉक्टर प्लीज मौदू ना बद लें आप
01:59और उस दिन हमेशे की तरह में हॉस्पिटल में ही मौदूद था
02:02और सोच रहा था चुना इंसानियत की मदद की जाए
02:05और जब कोई इंसान किसी की मदद करता है
02:07तो उससे अल्ला भी खुश होता है
02:09इतलिए मैं भी लोगों की मदद करना चाहता था
02:12अम अगर फिर
02:14मलिक भाई
02:15मलिक भाई
02:17क्या हो डॉक्टर
02:17भाई जल्दी से एमिलिस के पास आजाए
02:19जल्दी करें आपका आना बहुत जरूरी है
02:21डॉक्टर क्या कह रहे हैं कुछ समझा नहीं मैं
02:23जल्दी करो जल्दी हर सेकंड कीमती है
02:28इंसानियत के खिद्बत का मौका मिल गये मुझे
02:49अप्रिल फूल अप्रिल फूल
03:12उस दिन के बाद 5 अप्रिल का मजाग मुझे बिल्कुल पसंद नहीं है
03:15इसलिए एतियातन मैंने ये नोडिस भी लगा दिया
03:17किसी भी इंसान को अप्रिल फूल बनाने ते कभी भी खुश नहीं मिलती
03:20तो ये बात है तुम सिर्फ गीले हुए थे
03:22क्या तुम इस बात से परिशान हुए वे हो
03:24देखो सब लोग कितना खुश थे
03:26अल्ला अल्ला अगर उस ठंडे पानी से बीमार हो जाता तो
03:30नमूनिया भी हो सकता था मुझे
03:32और आप खुद बदाएं सब का जिम्मधार कौन होता
03:34कौन होता अले डॉक्टर आयला में आप ते पूछ रहो कौन होता इसके जिम्मधार
03:37देखो मुझे नहीं मालू मलिक और मुझे डॉक्टर मत कहो
03:40मैंने तुम्हें पहले भी कहा था
03:41और आप जिम्मधार
03:42भी कहा था जिम्मधार
04:02यूदाओ और आप मुझे लीड़
04:05आप पार आप नहीं में पहले जाप आप एले जिम्मधार
04:10गुड मॉनिंग, कैसे हो?
04:13ठीक हो यार
04:15क्या बात है, कुछ परिशान लग रहे है?
04:17नीद आ रही है यार मुझे और
04:19बोर हो रहा हूँ बहुत
04:21उपर से रेनोवेशन भी चल रही है और
04:23पेशन्स को दूसरी जगा मुंतिकल किया जा रहे है
04:25कभी कभार में डॉक्टर काम और
04:27एड्मिनिस्ट्रिटर ज्यादा लगता हूँ खुद को
04:29अच्छा ठीक है ठीक है
04:30मैं तो बस तुम्हारी खेरियत पूछना चाह रहा था
04:32डोंट वरी सब ठीक हो जाएगा
04:33थैंक्स
04:55झाला, प्यादा रहा रहा रहा
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