00:00दुनिया की सभी बड़ी जंगे हमेशा बंदूकों से नहीं लड़ी जाती। इच जंगे नक्षे पर खीची गई उन पतली ऴीली
00:06लकीरों पर लड़ी जाती हैं जुनसे पूरी दुनिया किसां से जुड़ी होती है।
00:10आज हम आपको ऐसे ही एक लकीर की कहानी बताने जा रहे हैं
00:14एक ऐसा समुद्री रास्ता जो दिखने में तो बेहत छोटा सा है
00:18लेकिन अगर वहां संकट पैदा हो जाए तो दुनिया के बाजार हिल सकते हैं
00:22तेल की कीमते आस्मान चूँ सकती हैं
00:25और करोडों लोगों की ज्वे पर इसका सीधा असर पड़ सकता है
00:28नाम है बाब अलमन्देब
00:30दुनिया इसे गेट ओफ टियर्ज यानि कि आसूँ का दर्वाजा कहती है
00:44और आज यही दर्वाजा अंतराष्टिय तनाव की केंद्र में आ गया है
00:47अब तक पूरी दुनिया की नजरें सिर्फ और सिर्फ स्ट्रेट ओफ हॉर्मूज पर थी
00:51माना जा रहा था कि अगर इरान किसी समुदरी रास्ते को निशाना बनाएगा
00:55तो उसका पहला लक्ष हॉर्मूज होगा
00:57लेकिन अब जिस तरह की खबरे सामने आ रही है
01:00उसने सुरक्षा वेशे शग्यों से लेकर पूरी दुनिया की चिंता कई गुणा बढ़ा दी है
01:05क्योंकि आशंका जताई जा रही है
01:07कि बाब अल्मन्देब भी इस संघर्ष का नया मोर्चा बन सकता है
01:11पहले समझे कि ये इतना महतोपुन क्यों है
01:14यमन और अफ्रीका के हॉन शेतर के बीच मौझूद ये सक्रा समुद्री रास्ता
01:19आरब सागर और अदन की खाड़ी को लाल सागर से जोडता है
01:23यही लाल सागर आगे स्वेज नहर तक पहुंचता है और फिर यूरोप का रास्ता खोलता है
01:29यानि एशिया से यूरोप जाने वाले हजारों जहाजों की लाइफ लाइन है ये रास्ता
01:33दुनिया के कुल समुद्री व्यापार का लगभग 10 से 12 प्रतिशत हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है
01:40तेल, गैस, कंटेनर, कारगो, खाद्यान, इलेक्ट्रोनिक्स, मशीने सब कुछ यहीं से जाती है
01:47यही वज़े है कि जब भी बाबल मंदेब का नाम किसी संकट से जुड़ता है
01:51दुनिया के बाजारों में बेचैनी कई गुणा बढ़ जाती है
01:55लेकिन इसबार खत्रा और बढ़ा है
01:57क्योंकि यह सिर्फ एक समुद्री रास्ते का मामला नहीं है
02:00कुछ समय से स्ट्रेट ओफ हॉर्मूज को लेकर भी तनाव बढ़ा हुआ है
02:04ऐसे ही खाड़ी देशों में अपने तेल निर्यात के लिए वेकल्पिक रास्तों पर महरोसा बढ़ाया
02:09सौधी अरब समेत कई देशों ने लाल सागर के बंदरगाहों का इस्तिमाल बढ़ाया
02:13ताकि हॉर्मूज में कोई समस्या आने पर सप्लाई जारी रह सके
02:17यानि बाब अलमंदेब दुनिया का बैकप प्लाइन बन गया
02:21और अगर यहीं बैकप प्लाइन अब खत्रे में पढ़ जाए
02:24तो उस्तिती कहीं ज्यादा गंभीर हो सकती है
02:27विशिशग्यों का मानना है कि लाल सागर में से रुक्षा बढ़ने से
02:30जहाजों को अफ्रीका के दक्षणी छोड केप ऑफ गुड होग के रास्ते जाना पड़ सकता है
02:35इससे हजारों किलोमेटर अतिर्क्त यात्रा करने पड़ेगी
02:38नतीजा क्या होगा?
02:39लंबा जर्नी, शिपिंग खर्च बढ़ेगा, बीमा महंगा होगा, सप्लाई चेन प्रभावित होगी और अंत में इसकी कीमत दुनिया भर के
02:47आम लोग चुकाएंगे
02:48भारत भी से छुपा नहीं रहेगा
02:50कमोबेस भारत अब भी जूज रहा है तेल संकट से, इंदन संकट से
02:53भारत की उज़ा सुरक्षा और व्यापारी का पूर्ती का बड़ा हिस्सा इनहीं समुद्री मारगों पर निभर करता है
02:59अगर तेल महंगा होता है तो उसका असर पेट्रॉल डीजल से लेकर रोजबना की वस्तो तक दिखाई पड़ता है
03:04यानि समुद्र में पैदा हुआ संकट सीधे आम आदमी की रसोई तक पहुँच चुका है
03:09यही वज़ा है कि दुनिया की निगाहे इस वक्त मिडिल इसक पर ठिकी हुई है
03:13क्योंकि सवाल सर्फ एक हॉर्मूस का नहीं है
03:16सवाल है कि क्या दुनिया की सबसे एहम व्यापारिक लाइफ लाइफ लाइन सुरफशित रहेगी
03:21या फिर gate of tears सच मुझ पूरी दुनिया के लिए आसों का दर्वाजा बन जाएगा
03:26इस खबर में इतना ही लेकिन इस खबर के बाद से दुनिया में अलग दूफान मचा हुआ
03:31इसलिए नई अपडेट्स पर हमारी नजर भी बनी रहेगी
03:34खबरों के लिए देखते रहे हैं One India Hindi
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