00:00शाम का वक्त है और सूरच डूब रहा है।
00:03एक बोढ़ा मेहनती किसान,
00:05जिसके चहरे पर मेहनत की लिकीरे और एक प्यारी सी मुस्किराहिट है,
00:10अपने लहला हाते हुए हरे भरे खीत में खड़ा है।
00:13वो अपने हाथों में मिट्टी लेकर उसे प्यार से देखता है।
00:16वो पूरा दिन सक्त धूप और बारिश में खीतों में काम करता है।
00:20वो ठक जाता है, लेकिन हार नहीं मानता।
00:23वो अपने दिल में एक उम्मीद रखता है कि उसकी मेहनत एक दिन जरूर रंग लाएगी।
00:29कुछ महीनों बाद इसकी फसल सोने की तरह चमक रही है।
00:33वो अपनी शांदार फसल को देखकर अल्ला का शुक्र अदा करता है।
00:37और उसके चहरे पर एक सची खुशी और सुकून की मुस्कराहिट आ जाता है।