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  • 12 minutes ago
भगवान बुद्ध के प्रमुख शिष्यों सारिपुत्त और महामोग्गलाना के पवित्र अवशेष भारतीय वायुसेना के विशेष विमान से मंगोलिया भेजे गए हैं। नई दिल्ली के राष्ट्रीय संग्रहालय में संरक्षित इन अवशेषों को उलानबतोर स्थित गंडन तेगचेनलिंग मठ में 10 दिनों तक सार्वजनिक दर्शन के लिए रखा जाएगा। यह प्रदर्शनी मंगोलियाई और तिब्बती पंचांग के अनुसार मनाए जाने वाले पवित्र वैशाख पर्व के दौरान आयोजित हो रही है, जिससे इसका धार्मिक महत्व और बढ़ गया है। अंतरराष्ट्रीय बौद्ध परिसंघ के अनुसार हजारों श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए पहुंचने की उम्मीद है। इससे पहले थाईलैंड में आयोजित प्रदर्शनी में करीब 55 लाख लोगों ने दर्शन किए थे। यह आयोजन भारत और मंगोलिया के बीच सांस्कृतिक एवं बौद्ध आध्यात्मिक संबंधों को भी मजबूत करेगा।

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00:01भगवान बुद्ध के प्रमुक्षिश्यों, सारी पुत और महा मोगलाना के पवित्र अविशेशों को भारतिय वायू सीना की विशेश विमान से
00:09मंगूलिया भेजा गया है।
00:10नई दिल्ली के राश्ट्रिय संघराले में रखे गए इन पवित्र अविशेशों को उलान बतोर के गंडन तेक चेंडलिंग मठ में
00:18सारवजनिक रूप से प्रदर्शित किया जाएगा।
00:20इस प्रदर्शनी में हजारों बौद श्रधालों के पहुँचने की उमीद है। ये सारवजनिक प्रदर्शनी इसलिए भी खास है क्यूंकि इसका
00:28आयोजन पवित्र मंगोलियाई और तिबिती पंचांग त्योहारों के दोरान हो रहा है।
00:33ये अविशीश दस दिनों तक उलान बतोर में रहेंगे और दस जून को भारत वापस लाए जाएंगे।
00:45हाल ही में थाइलैंड में इन पवित्र अविशीशों की एक प्रदर्शनी होई थी जिसमें लगभग पच्पन लाग श्रधालू पहुँचे।
00:53ये बौद श्रधालू के बीच पवित्र अविशीशों को लेकर गहरी श्रधा और महत्व को दर्शाती है।
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