जैसलमेर के डेडानसर मैदान में तीन दिवसीय चादर महोत्सव शुक्रवार को देश भर से आए हजारों लोगों की उपस्थिति में शुरू हुआ। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत के मुख्य आतिथ्य और गच्छाधिपति आचार्य जिनमणिप्रभ सूरीश्वर महाराज के सानिध्य में आयोजित कार्यक्रम के पहले दिन धर्मसभा का आयोजन किया गया। इसे संबोधित करते हुए मोहन भागवत ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक एकात्मता, सामाजिक सद्भाव एवं समरसता में दादागुरु परंपरा का अहम योगदान है। आज सैकड़ों की संख्या में दादाबाडिय़ा धार्मिक अनुष्ठानों, परपंरा, लेखन, आध्यात्म और संस्कृति की वाहक बनी हुई है। महोत्सव स्थल से पहले संघ प्रमुख मोहन भागवत ने जैसलमेर किले में स्थित पार्श्वनाथ जैन मंदिर में दादा जिनदत्त सूरि की पवित्र चादर का दर्शन किया। कार्यक्रम का आयोजन दादा गुरुदेव श्रीजिनदत्तसुरि चादर महोत्सव समिति की ओर से किया जा रहा है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, विश्व हिंदू परिषद, हिन्दू आध्यात्मिक एवं सेवा संस्थान, विद्या भारती व अनेक सामाजिक-सांस्कृतिक संस्थाओं के प्रतिनिधि कार्यक्रम में सहभागी बने। दादा गुरुदेव श्रीजिनदत्त सूरि चादर समिति के तत्वावधान में संपन्न कार्यक्रम में मंच पर संघ प्रमुख मोहन भागवत, गच्छाधिपति आचार्य जिनमणिप्रभ सूरि, आचार्य मनोज्ञ सागर सूरि, महोत्सव समिति के अध्यक्ष मंगल प्रभात लोढ़ा, जैसलमेर के पूर्व राजघराना की सदस्य रासेश्वरी राज्यलक्ष्मी, पद्मभूषण डॉ. डीआर मेहता, राष्ट्रीय संयोजक तेजराज गोलेच्छा, समन्वयक प्रकाश चंद लोढ़ा और समायोजक महेंद्र भंसाली मौजूद रहे। मंच के दोनों तरफ जैन एवं हिंदू संतों के सानिध्य से आध्यात्मिक गरिमा मिली।
Comments