00:00मुंबाई का बैंडरा एलाका एक तरफ तो ग्लामर है और दूसरी तरफ है घनी बस्तियां लेकिन क्या आप सोच सकते
00:06हैं कि एक कोट के आदेश पर चलने वाले बुल्डोजर पूरे लाके को जंग के मैदान में बदल देगा
00:13क्या रेलवे के डेवलाप्मेंट के नाम पर चलाई जा रही ड्राइफ के पीछे कोई ऐसी आख सुलग रही है जो
00:19प्रशासन भाप नहीं पाया और सबसे बड़ा सवाल जब कानून अपना काम कर रहा था तो अचानक ऐसी कौन सी
00:26अफवा या घुसा भड़क गया कि भीड ने
00:29दर्शक बनने की जगा सीधा पुलिस पर पत्थर बरसाना शुरू कर दिया है भाईया देश के सबसे पोर्श इलाकों में
00:37से माने जाने वाला बैंडरा आज जल रहा है वहाँ पत्थर बाजी हो रही है और क्यूं आई आपको इस
00:44वीडियो में बताता हूँ आज बात कर रह
00:59का फैसला आया तो बुलिट ट्रेन की रफ्तार से हिंसा बड़क उठी है अब आई आपको पूरा किस्सा समझाते हैं
01:06किस्सा शुरू होता है बॉंबे हाई कोट के एक बड़े आदेश से वेश रेलवे को अपने मेगा इंफ्रास्ट्रॉक्चर अपग्रेज और
01:13बैंडरा �
01:14इसकी एक्सपांशन के लिए जमीन की जरूरत थी लेकिन इस जमीन पर बरसों से इन्रोच्मेंट यानि अवैद कबजा था गरीब
01:21नगर इलाके में लगभग चार सो से पांच सो ऐसे इलीगल स्ट्रॉक्चर थी जो रेलवे की जमीन पर बनी हुई
01:27थी यह मामला कोई नया �
01:29नहीं था, 2017 से कोट में पेंडिंग पड़ा था और रेलवे ने इस पर पूरी कानूनी प्रक्रिया का पालन किया
01:36और बुल्डोजर चलाने से पहले बकाइदा नोटिस भी सर्फ किये गए थे, प्लान के मुताबित 20 मही को एक बड़ा
01:43जॉइंट ऑपरेशन शुरू होता, इ
01:57सब कुछ नॉर्मल चल रहा था, लगबच चार दिन की इस मेगा ड्राइफ के टेट बुल्डोजर अपना काम कर रहे
02:02थे, लेकिन इस पूरी ड्राइफ का सबसे सेंसिटिव मोड तब आता है, जब दस्ता एक इलीगल रिलिजिस स्ट्रक्चर यानि एक
02:10अवैद मस्जित को �
02:16वहां मौझूद भीड का गुसा साथवे असमान पर पहुँच जाता है, अचानक से महल गरम हो जाता है और गरीब
02:24नगर की तंग गलियां और आसपास के ब्रिजिस पर हजारों की भीड जमा हो जाती है, और इसके बाद जो
02:30हुआ, उसकी उमीद वहां मौझूद मुनिसिप
02:46गई कि ओन ड्यूटी सरकारी करमचारियों के पास सर छपाने की जगा नहीं बची, जब भीड बिलकुल बेकाबू हो गई
02:52और बाते समझने से बाहर निकल गई, तब मुंबई पुलिस ने कान्यून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए रिटालियेट किया,
03:00पुलिस ने �
03:01लाठी चार चुरू किया, ताकि उग्रा भीड को खदीद पर पीछे किया जा सके, और इलाके में दंगे जैसी स्थिती
03:07पैदा हो चुकी थी, और इस पूरे हिंसा का नीती जा, ये निकला कि लगभग 10 लोग बुरी तरह से
03:13घायल हो गए हैं, इसमें सबसे जादा नुकसान
03:15उन पुलिस वालों को उठाना पड़ा है, जो अपनी ड्यूटी कर रहे थे, टोटल साथ पुलिस ऑफिसर जिस पत्राव में
03:22बुरी तरह जखमी हैं, जिनने तुरंत हॉस्पिटल भरती कराया गया, अगर हम उनकी जानकारियों में जाये तो भाबा हॉस्पिटल में
03:28तीन प
03:42प्यूटी पर तैनात हो गए, भही दूसरी तरफ वी अन दिसाई हॉस्पिटल में चार और पुलिस जवान, जितेंदर कुमार, नवनात
03:48अना, उनकार दीपक और चंदरकान, दामले को भी भरती कराया गया है, इन में से जितेंदर कुमार, सतेंदर की हालत
03:56थोड़ी गंभी
03:57भी है, इसलिए उन्हें एड्मिट किया गया है, जहां उनकी स्तिथी अब स्केवल बताई जा रही है, लेकिन दर्शकों प्रोटेस्टर्स
04:03की बात करें, तो वहां भी फिजान अनवज खान, अनस रहीद खान और अंसर अलाली बेग भी गायल हुए है,
04:09और अंसर अली बेग
04:10को बाबा हॉस्पिडल में ही एड्मिट किया गया है, और उसकी हालात भी अभी गंभीर है, जबकि बाकी दो प्रोटेस्टर्स
04:16भी बिना मेडिकल क्लेरिंस के हॉस्पिडल से निकल गए है, अब इस घटना के बाद से पूरे बैंडरा इस्ट में
04:21तनाफ का मोहल है, लेकिन म
04:23मुंबई पुलिस अब आक्शन मोड में आ चुकी है, प्रशासन ने अलाके में भारी पुलिस भल और रिजर्व स्फोर्स को
04:28डिप्लॉय कर दिया है, ताकि शांती बनी रहे, लेकिन कहानी यहां खटम नहीं होती, पुलिस ने इस मामले को बहुत
04:34गंभीरता से लिया है, ओन
04:53अब तक पुलिस ने कॉम्मिंग ओपरेशन चलाकर 15 लोगों को गिरफतार कर लिया है, और पुलिस अब इलाके के सारे
04:59CCTV फुटेज, ट्रोन वीडियो और लोकल वीडियो क्लिप्स को खंगाल रही है, ताकि उन स्टोन पेल्टर्स की पहचान की जा
05:06सके, जो ब्रिजिस से पत
05:08थर फैक रहे थे, पुलिस का साफ कहना है कि कि किसी भी दोशी को बक्षा नहीं जाएगा, कोट के
05:13ओर्डर का ही पालन नहीं हुआ, बांडरा जैसी हाई टेक जगा पे, तो ये हमें सोचने पे मजबूर करता है
05:20कि हमारा देश वाकिए कितनी तरक्की कर रहा है, लेकिन एक च
05:38इस बात का बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था कि एक रिलिजिस स्ट्रक्चर को, एक मस्जिद को हटाने पर ऐसा रियाक्शन
05:44आज सकता है, क्या सिक्योरिटी के इंतजाम भीड के मुकाबले बहुत कम थे, और दूसरा सवाल उन लोगों पर भी
05:50उठता है, जो कानून को अप
06:05वाइदे के लिए होते हैं, लेकिन जब ऐसी रुकावटे आती हैं, तो नुकसान पूरे समाच का होता है, फिलाल गरीब
06:11नगर में बुल्डोजर का काम थमा नहीं है, और पुलिस प्रशासन पूरी स्थिथी पर नजर बनाए हुए हैं, आने वाले
06:17दिनों में देखना होग
06:18कि इस कॉंस्पिरेसी के पीछे क्या कुछ लोकल लीडर्स या इंस्टिगेटर्स का हाथ था, या ये भीड का अचानक फूटा
06:24गुसा था, कहीं किसी ने जान बूचकर भीड को तो नहीं उकसाया, आपको क्या लगता है, क्या प्रशासन को ऐसे
06:30सेंसिटिव ड्राइज से प
07:11अरु भीड दर आइगे, एद अंकूर पार एगे, अंकूर पे,
07:14आप कि अप आपको आप कि अपको आपको आपको आपको आपको आपको आपको आपको आपको आपको आपको आपको आपको आपको
07:26आपको आपको आपको आपको आपको आपको आपको आपको आपको आपको आपको आपको आपको आपको आपको आपको आपको आपको आपको आ�
07:52स्ट्राइ ट बिर अबने से अब्सक्राइब जरुष।
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