00:00जैसे कि नौवे में एक वहां की यंग जर्नलिस्त ने प्रदान मंतिर से जो तीखे सवाल प्राइमिनिस्टर मूदीब, वहां कि
00:08वहां कि वहां कि प्रेस प्रेस कॉंटरेंस नहीं था, पर तमाम चीज़ें जो है वहां हमारे सामने हैं, खासकर प्रेस
00:20की आजादी को लेकर हम
00:21मैं यह मानना पड़ेगा कि हमारे जो जर्नलिस्त एंकर्स जो है, जो कि कुछ एंकर्स को छोड़ दें तो उनकी
00:27तंपा भी बहुत कम है, और वो मुझे लगता है कि जो सुविधाय मिलती थी पहले प्रेस की आजादी पर
00:38पढ़ता है, तो क्या इन सब सवालों के जवाव हम
00:51मिल जाते हैं, तो क्या इतना काफी है कि इससे पत्रकारों की सुविधाय बाढ़ जाएगी तो उत्तर है ना, तो
01:01जो फील्ड में काम करने आले हैं, उनकी सुविधाय भी घटी है, जो पहले प्लॉटिंग या एक्डिशन को लेकर क्या
01:07क्या किया जाता है, आप खुद भी �
01:08जानते हैं, तो इन सब चीजों पर चिंतन करना काफी है, दूसरी तरफ जो इटली में जो भारत कावा और
01:17विपक्ष के लोगों ने जिस तरीके से उसके आलोचना की वो भी ठीक नहीं है, क्योंकि एक महिला प्रदान मंत्री
01:24के लिए और उस तरह की चीजों को उस तरीके से
01:28पेश किया जाना जहां, जेनल बायसना इसके लिए वो भी ठीक नहीं है, तो यह एक तरीके से सीखने का
01:35भी दौर है कि दो डेमोक्रेसी में कितना फार्क है, एक वो भी डेमोक्रेसी, एक हम भी डेमोक्रेसी के नाम
01:43पे जो अरिस्टोक्रेसी दो रहे हैं, उसका क्या है, तो
01:58उसको शिकर लेवल पे उसको भरने की कोशिश होती है और उन यात्राओं जो हमारी मां की जो missions हैं
02:05जो embassies हैं वो जो gap create कर देती है या वो कही बार जो काम अधूरा चूट जाता है
02:10तो इन यात्राओं से पूरा होता है तो उसमें तो कोई दोराएं नहीं है कि ये फाइदे मन्
02:27काले लोगों से मिलना चाहता है या वहाँ किसी और टेक्निकल रीजन से कोई scientist है कोई doctor है या
02:36कोई academician है तो वो तमाम लोग यात्रा करने का उनका मकसद होता है तो यह उतना ही महत्त होना
02:41है जितना की प्रदानमंत्री जी का वहाँ जाना जहां तक यात्राओं की उपलबती क
02:45बात है या इस यात्राओं का क्या मकसद है तो एक चीज़ हमें देखना पड़ेगा कि जो IMEC प्रोजक्ट है
02:52उसके लिए यात्रा एक तरीकी से एक जो पूर्व गामी जो संभावना को तलाश करने की जो योजना है उसके
03:00तहट देखना चाहिए तो IMEC के ज़रिये हम चीन
03:04और पाकिस्तान दोनों को ही एक साइड में रखकर हम बाकी दुनिया से जोडने की कोशिश कर सकते हैं खासके
03:11यूरोपियन और अमरिकन दुनिया से जोडने की जो भारत का जो वर्तमान सरकार का जो लॉंग टर्म प्लान है वो
03:17लगभग ऐसा की दिखाई दे रहा है क्योंकि
03:19भारत सरकार ने एरान की आलोचना की कुछ एक मौकों पर आयतला खामने के मारे जाने के बाद भी देरी
03:28से प्रतिक्रिया दें अब प्रदान मंत्री जी इसराइल जाके आए लड़ाई के ठीक पहले और ऐसे ही तो यह यह
03:36बताता है भारत की नितिकों की भारत अपने लिए �
03:39उरोप और परश्यिंट को ज़्यादा मुफित पार आए अभी और वो यह चाहता है कि भारत एक बहुत बड़ा चीन
03:45का विकल्प मनकर तयार हो जहनाद चीन में पहुत जाड़ा उत्पादन हो रहा है भारत चाहता है कि भारत में
03:51उत्पादन हो और चीनी सामानों की जगे �
03:54पूरी दुनिया में भारती सामानों की बाड़ा है पर यह जो कॉरिडूर है जो आयमेसी कॉरिडूर जो बेसिकली बी आर्सी
04:03को काउंटर करने का तरीका बताया जाता है तमाम एक्सपर्ट्स और तमाम देशों के और से पर यह अभी उतनी
04:13वास्विक्ता में बदलना इसका थ
04:18राती नि भी यहाँ
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