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  • 9 hours ago
कच्छ, गुजरात : कच्छ के रेगिस्तान में पशुपालन पर निर्भर सैंकड़ों परिवारों की आजीविका का मुख्य साधन है ऊंटनी का दूध। पहले ऊंटनी का दूध पानी के भाव बिकता था, लेकिन गुजरात सरकार के प्रयासों से कच्छ की सरहद डेयरी ने न केवल Camel Milk मिल्क खरीदने की व्यवस्था की, बल्कि ऊंट पालकों को इसके लिए 50 से 55 रुपये प्रति लीटर का भुगतान भी किया जा रहा है। ऊंट पालकों के मुताबिक अब उन्हें न तो दूध बेचने में कोई परेशानी होती है और न ही पेमेंट मिलने में। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मार्गदर्शन में सरहद डेयरी ने न सिर्फ ऊंट पालकों को मिल्क का एक ऑर्गनाइज्ड मार्केट उपलब्ध कराया है, बल्कि उन्हें ऊंट खरीदने के लिए लोन की सुविधा भी प्रदान की है। इससे जहां Camel Milk की डिमांड बढ़ी है, वहीं ऊंटों की कीमतें भी बढ़ गई हैं।

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00:25ूट पालोकों को
00:34अब उन्हें ना तो दूद बेचने में कोई परिशानी होती है ना ही पेमेंट मिलने में
01:01दरसल उट पालोकों का कोई एक ठोड ठिकाना नहीं होता है चारे के लिए उन्हें भटकना पड़ता है इसकारण उटनी
01:10का दूद बेचना मुश्किल होता है लेकिन सरहट डेरी ने इस काम को आसान बनाया है
01:15सरहट डेरी देश की पहली ऐसी डेरी है जो ना केवल उटनी का दूद खरीटती है बलकि उसे प्रोसेस करके
01:23मिल्क, पनीर और आइसक्रीम जैसे कई प्रोडक्स उपभोगताओं को उपलब्द कराती है
01:29सरहट डेरी ने वर्ष 2025-26 में प्रति दिन और सितन 5158 लीटर कैमल मिल्क खरीदा है जो वर्ष 2024
01:40-25 के 4754 लीटर की तूलना में सारे 8 प्रतिशत ज्यादा है
01:47इतना ही नहीं, पिछले साल सरहट डेरी ने उट पालकों को दूद के लिए लगभग 8 करोड 72 लाख रुपए
01:55का पेमिंट किया था
01:56जबकि इस साल करीब 9 करोड 60 लाख रुपए का पेमिंट किया गया है
02:02इससे कैमल मिल्क प्रोड्यूसर्स के जीवन स्तर में भी सकरात मदबदला वा रहा है
02:09पूरा इंडिया में पहला ही प्लांट है सरहट डेरी का और एज़े मैडिसन जो उसका यूज होता है
02:15तो इसके लिए उसका रेट भी हम ज़्यादा देते हैं
02:36जाहिर है कि सूपर फूड के रूप में विख्यात कैमल मिल्क की मेडिसनल वैल्यू बहुत स्यादा है
02:42TB, Diabetes, Autism और Allergy जैसी कई गंभीर बिमारियों में इसका सेवन बेहत लाबकारी माना जाता है
02:50इसी वज़़ से देश में और देश के बाहर इसकी बहुत मांग है
02:57Tuberculosis के रोगों से अगर कोई पीडित है या बहुत पुरानी कफ के रोगों से जो कोई पीडित है
03:03या शरीर के अंदर सूजन यानि इंफ्लामेटरी कंडिशन्स जो होती है
03:22मुख्यमंत्री भुपेंद्र पटेल के मार्क दर्शन में सरहट डेरी ने ना सिर्फ उट पालकों को मिल्क का एक
03:28और्गनाइजड मार्केट उपलब कराया है बलकि उन्हें उट खरीदने के लिए लोन की सुविधा भी प्रदान की है
03:35इससे जहां कैमल मिल्क की दिमान बढ़ी है वहीं उटू की कीमते भी बढ़ गई है
03:41कुल मिलागर रेगुलर मिल्क कलेक्शन और मार्केटिंग से उट पालन आज फायदे का सौधा बन चुका है
03:48इसी वज़ा से आज बड़ी संख्या में युवाप अशुपालक भी इससे जुड़ रहे हैं
03:54और कच्छ में एक नई श्वेत क्रांती को जन दे रहे हैं
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