00:25ूट पालोकों को
00:34अब उन्हें ना तो दूद बेचने में कोई परिशानी होती है ना ही पेमेंट मिलने में
01:01दरसल उट पालोकों का कोई एक ठोड ठिकाना नहीं होता है चारे के लिए उन्हें भटकना पड़ता है इसकारण उटनी
01:10का दूद बेचना मुश्किल होता है लेकिन सरहट डेरी ने इस काम को आसान बनाया है
01:15सरहट डेरी देश की पहली ऐसी डेरी है जो ना केवल उटनी का दूद खरीटती है बलकि उसे प्रोसेस करके
01:23मिल्क, पनीर और आइसक्रीम जैसे कई प्रोडक्स उपभोगताओं को उपलब्द कराती है
01:29सरहट डेरी ने वर्ष 2025-26 में प्रति दिन और सितन 5158 लीटर कैमल मिल्क खरीदा है जो वर्ष 2024
01:40-25 के 4754 लीटर की तूलना में सारे 8 प्रतिशत ज्यादा है
01:47इतना ही नहीं, पिछले साल सरहट डेरी ने उट पालकों को दूद के लिए लगभग 8 करोड 72 लाख रुपए
01:55का पेमिंट किया था
01:56जबकि इस साल करीब 9 करोड 60 लाख रुपए का पेमिंट किया गया है
02:02इससे कैमल मिल्क प्रोड्यूसर्स के जीवन स्तर में भी सकरात मदबदला वा रहा है
02:09पूरा इंडिया में पहला ही प्लांट है सरहट डेरी का और एज़े मैडिसन जो उसका यूज होता है
02:15तो इसके लिए उसका रेट भी हम ज़्यादा देते हैं
02:36जाहिर है कि सूपर फूड के रूप में विख्यात कैमल मिल्क की मेडिसनल वैल्यू बहुत स्यादा है
02:42TB, Diabetes, Autism और Allergy जैसी कई गंभीर बिमारियों में इसका सेवन बेहत लाबकारी माना जाता है
02:50इसी वज़़ से देश में और देश के बाहर इसकी बहुत मांग है
02:57Tuberculosis के रोगों से अगर कोई पीडित है या बहुत पुरानी कफ के रोगों से जो कोई पीडित है
03:03या शरीर के अंदर सूजन यानि इंफ्लामेटरी कंडिशन्स जो होती है
03:22मुख्यमंत्री भुपेंद्र पटेल के मार्क दर्शन में सरहट डेरी ने ना सिर्फ उट पालकों को मिल्क का एक
03:28और्गनाइजड मार्केट उपलब कराया है बलकि उन्हें उट खरीदने के लिए लोन की सुविधा भी प्रदान की है
03:35इससे जहां कैमल मिल्क की दिमान बढ़ी है वहीं उटू की कीमते भी बढ़ गई है
03:41कुल मिलागर रेगुलर मिल्क कलेक्शन और मार्केटिंग से उट पालन आज फायदे का सौधा बन चुका है
03:48इसी वज़ा से आज बड़ी संख्या में युवाप अशुपालक भी इससे जुड़ रहे हैं
03:54और कच्छ में एक नई श्वेत क्रांती को जन दे रहे हैं
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