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ट्विशा ने की खुदकुशी तो शरीर पर कहां से आए चोट के निशान? देखें वारदात

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00:00नवास्कार में हूँ शम्स तहर खान और आप देख रहे हैं वारदाथ
00:03जद रही सास की बहू टूइशा शर्मा की पोस्ट मौटम रिपोर्ट में शरीर पर जखमों के निशान मिले हैं
00:10यह निशान मौत से पहले के हैं यानि जब टूइशा जिन्दा थी
00:14अब सवाल ही है कि अगर टूइशा ने खुदकुशी की तो फिर जखमों के ये निशान कैसे
00:19हाला कि भोपाल के पुलिस कमिशनर का कहना है कि जखम ऐसे नहीं जिन से टूइशा की मौत होती है
00:26वैसे टूइशा के पती की गिरफतारी और जद रही सास से पूछतास से पहले ही भोपाल के पुलिस कमिशनर ने
00:33ये एहलान कर दिया कि टूइशा की मौत हत्या नहीं बल्कि खुदकुशी है
00:42यह सुसाइट का मामला है हट्चा का मामला नहीं है
00:45अब इंजरी है अलांकि वह हमारे इंवेस्टिकेशन का पार्ट है
00:55जिस बेल्ट का जिकर कर रहे हैं वह बेल्ट एफेशल दुवारा सीज किया गया था सीज करके उसको प्रोपर थाने
01:01के माल खाने में रख दिया था वह प्रोपर ली शील्ड थी बेल्ट कोई ऐसा नहीं है कि उसके साथ
01:06कुछ हेड़कानी होई है
01:10इसमें तो भोजल्दी है फायार हुई है
01:16कई बार बड़ा अपरादी भोजल्दी पगड़ा जाता है
01:27यह भोपाल के पुलिस कमिशनर है नाम है सन्यकुमार
01:32पुलिस कमिशनर है तो जाहिरे सीनियर पुलिस अफसर होंगे
01:36अब सीनियर है तो इन्हें पता होगा कि एक केस जिसकी अभी जान चल रही है
01:41जिसकी विसरा या फॉरेंसिक रिपोर्ट अभी आना भाती है
01:44जिसके मुख्य आरोपी को इनकी पुलिस अभी पकड़कर पूछताज भी नहीं कर पाई है
01:49ऐसी सूरत में उस पर अपनी आखरी राय पहले नहीं देनी चाहिए
01:54पर लगता है कि कमिशनर सहब बस किसी तरह इस केस को निप्ताने में लगे है
01:59टूइशा की मौत के केस की डिटेल में जाए
02:02उससे पहले सिर्फ सिर्सलेवार आप भोपाल के कमिशनर सहब यानी संजय कुमार की बाते सुनीजिए
02:09केस का अंजाम अभी से आपको समझ में आ जाएगा
02:12तो शुरुवार उसी सवाल से जिसका जवाब इस वक्त हर कोई जानना चाहता है
02:17सवाल ये कि टूइशा की मौत खुदकुशी है या हत्या
02:21इस सवाल पर कमिशनर सहब ने सोचने के लिए सेकेंड भी नहीं लिया
02:26और अपना जवाब सुना दिया आप भी सुने
02:31अभी तक कि जो हमारे इन्वेस्टिगेशन है उसमें ये एंटिमार्टम हेंगिंग का मामला है
02:36यानि कि हत्या का मामला नहीं है
02:39तो इसे क्या माना जाएसा आसान शब्दों में अगर अब समझाना जाए
02:42यासन सब्दों में कि यह सुसाइड का मामला है, हत्या का मामला नहीं है
02:46परिवाल लेकिन गंभीर आरोप लगा रहा है कि पोस्टमाटम रिपोर्ट में जो है
02:50काफी फिजिकल डिस्क्रिप्शन अलग था, उसकी हाइट अलग थी, पोस्टमाटम में अलग बताई गई
02:54लिगेचर जो है, वो देर से पहुंचा पोस्टमाटम के
02:57यह वो क्या है कि यह पी-म रेपोर्ट, एक्सपर्ट की रेपोर्ट होती है
03:02तो इसी पर हम रिलाई करते हैं, उसके अनुसार यह मामला एंटी माटम हेंगिंग का है
03:08यानि कि ये सुसाइट का मामला है
03:12अब सुसाइट किन प्रिष्थिति में हुआ वो एक इन्वेस्टिगेशन प्रोसेस रहती है उसके अलग से
03:23कमिश्टर सहाब ने जिस कॉन्फिडेंस से जवाब दिया उसे सुनकर जब उनसे अगला सवाल पूछा गया
03:29कि जिस पोस्टमॉटम रिपोर्ट का हवाला देकर आप टूइशा की मौत को खुदकुशी बता रहे हैं
03:35उसी पोस्टमॉटम रिपोर्ट में टूइशा के जिसम पर कई चोट और जखमों की भी बात है
03:40तो सुनिए कमिश्टर सहाब ने इस पर क्या कहा
03:43है वह यसे इंजरी नहीं है कि जिसे किसी का मर्डर हो जाए हत्या हो जाए वह सिम्पल इंजरी है
03:52हालां कि वह भी हमारे इन्वेस्टिगेशन का पार्ट है
03:56कि कविश्टर सहाब के कॉंफिडेंस का आलम यह कि जब उन से पूछा गया
04:00कि टूइशा की मौत 12 अपरेल की रात को ही हो चुकी थी
04:04तो फिर भोपाल पुलिस को F.I.R. तर्च करने में
04:0715 की देरा दो बच कर 36 मिनट तक का इंतिजार क्यों करना पड़ा
04:12जब टूइशा के भाई और परिवार के बाकि सबसे लगातार ठाने के बाहर
04:1713 अपरेल से ही F.I.R. लिखाने के लिए पुलिस के आगे गड़गड़ा रहे थे
04:21तो पुलिस ने तभी F.I.R. तक क्यों नहीं की और फिर ऐसी क्या मजबूरी थी
04:27कि जिस टूशा की मौत 3 दिन पहले ही हो चुकी थी
04:30उसकी मौत के F.I.R. लिखने के लिए तीन दिन बाद देर रात दो बच कर 36 मिनट का
04:36इंतिजार करना पड़ा
04:37इस सवाल पर भी कमिशनर साहब का कॉन्फिडन्स जरा भी नहीं डगमगा है
04:43F.I.R. में देरी नहीं हुई
04:45F.I.R. में तो देखो हमना दो दिन में ही जांच करके F.I.R. कर ले थी
04:49जबकि अगर आप पुलिस हैड़कॉर्टर के सर्कुलर देखोगे तो इस तरह के केसिज में एक महीने का टाइम दिया जाता
04:55है
04:55जांच करने को आप इस केस को दूसरे केसि से कंपेर करो इसमें तो बहुत जल्दी F.I.R. हुई
05:01है
05:04वाकई कमाल है कर्मिशनर साहब
05:06टूइशा की मौत 12 अपरेल की रात हुई
05:08F.I.R. 15 अपरेल की देर रात 2 बचकर 36 मिनट पर दज़ ले
05:13टूइशा के घरवाले 2 दिन तक आपकी पुलिस के आगे
05:16F.I.R. लिखने के लिए गुहार दगाते रहे
05:18और आप कह रहे हैं कि हमने तो बहुत जल्दी F.I.R. दज़ करने के लिए पूरा एक महीना
05:30भी इंतजार कर सकते थे
05:31पर यहां आपकी दात देने पड़ें कि वारदात के तुरंत बाद 10 है
05:35तीन दिन बाद तो F.I.R. लिखी लिए
05:38हाला कि आप एक सीनियर पुलिस अफसर हैं तो आप ये भी बखो भी जानते हों
05:43कि कानून कहता है कि सुदकुशी के मामले में F.I.R. दज़ करने की कोई तय कानूनी समय सीमा
05:49नहीं है
05:50लेकिन सुसाइड एक गंभीर अपरात की शेनी में आता है
05:53इसलिए यही कानून ये भी कहता है कि पुलिस को शिकायत मिलने पर फॉरण F.I.R. दज़ करने में
06:02बेवजह देरी के चलते अदालत में ये जाँच में संदे पैदा हो सकता है
06:12खैर, F.I.R. छोड़ी, कमिस्टर साहब को तो इस बात में भी कोई गल्ती शायद नज़र नहीं आए
06:18कि जो इलैस्टिक, रसी या बिल्ट, टुईचा के गले में फंदे की शक्र में मिली
06:23उसे उनकी पुलिस ने फॉरण सीक टीम को सौपी गया
06:26जब कमिस्टर साहब से इस बारे में पूछा गया, तो उन्होंने बड़ी मासूमियत से जवाब दिया
06:31क्यों की पुलिस बेल्ट मौके से तो ले आई थी, मालखाने में भी रख दिया
06:36उसे सील भी कर दिया, उसके साथ कोई ख्यरखानी भी नहीं की
06:40अलबता फॉरंसिक टीम को उस वक्त भेजना भूल दे, बाद में भेज दिया
06:44और अब तो लिगेचर मार्ट से बेल्ट का मिलान भी हो गया
06:49जिस बेल्ट का जिकर कर रहे हैं, वो बेल्ट एफेशल दुवारा सीज किया गया था, सीज करके उसको प्रोपर थाने
06:56के माल खाने में रख दिया था
06:57प्यम रिपोर्ट में बहुत सारे आईटम बेजे जाते हैं, किसी कान से वो बेल्ट उसमें नहीं बेजी जा सकी थी
07:03उसकी हम अलग से एंक्वारी करवा रहे हैं, लेकिन बाद में जो बेल्ट हमने बेजे और वो प्रोपरली शील्ड थी
07:09बेल्ट, कोई ऐसा नहीं है कि उसकी साथ कुछ एड़कानी होई है
07:12वो जो बेल्ट हमने बेजा तो डॉक्टर नहीं उसको एग्जामिन किया और उन्होंने अपनी रिपोर्ट दे दी, वो रिपोर्ट भी
07:18पूरी तरह पीएम रिपोर्ट से मेल खाती है, उसे इन्वेस्टिगेशन पर कोई एडवस इंपेक्ट नहीं पड़ा है
07:26उसकी रिपोर्ट में क्या इस बात के सबूत मिल गए है कि जो निशान थे टुशा के गले पे वो
07:32उसी के थे?
07:33हाँ, उसी बेल्ट के, वो मैच हुआ है, डॉक्टर की रिपोर्ट के रूँ शाहाँ
07:41कमिश्णर सहाब का कॉन्फिडेंस जारी था, पर अगले सवाल पर लगा कि अब तो वो अपनी पुलिस की नाकामी शायद
07:47थोड़ा सा कुबूल कर ले, लेकिन क्या मज़ा है
07:50असल में जब उनसे पूछा गया कि आठ दिन हो चुके हैं, फिर भी टुशा की मौफ के मामले में
07:55फराद, उसका पती समर्थ सिंग, अब भी पुलिस के हत्ते नहीं चाड़ा है, पुलिस उसे पकड़ने में नाकाम रही है,
08:02तो कमिश्णर सहाब ने इस पे घजब का दार्�
08:16चाड़ी बहुत जल्दी पगड़ा जाता है, तो ये इंडिविज्वल केसिज के उपर डिपेंड करता है, लेकिन हमारी कोशिज है जल्दी
08:22ये जल्दी पगड़ने की।
08:27समर्थ को भोपाल पुलिस पकड़ नहीं पा रही है, और उधर दूसरी आरोपी यानि ट्विशा की सास जो कभी जच
08:34थी, वो पहले ही अग्रिम जमानत का सर्टिफिकेट लिए पुलिस को खुद से दूर कर चुकी है, पैसे में ट्विशा
08:41की मौत के पीछे का असली सच कैस
08:44सामने आ, हाला कि ये सवाल छूड गया, कि जब एफ आयार में आरोपी नंबर एक के तौर पर पूर्व
08:50जजज और टूशा की सास गरिबाला सिंग का नाम तरज है, और उन्होंने गिरफतारी से बचने के लिए पहले सी
08:56अग्रिम जमानत भी ले लिए, तो भोपाल पुलिस
08:59ने उन्हें अग्रिम जमानत देने वाले उस कोर्ट के फैसले को अब तक चुनोती क्यों नहीं दी, लगता है भोपाल
09:06पुलिस को पूर्व जजज साहिबा को गिरफतार करने या उनसे पूछ साच करने में कोई दिल्चस्पी ही नहीं है, अब
09:14पती फरार है, कभी जज रही
09:16साथ जमानत पर और इंसाफ की मांग के साथ टुइशा का परिवार भोपाल की सड़कों पना, तो जाहिर ऐसे में
09:23टुइशा का अंतिम संसकार कैसे ही, पिछले आट दिनों से इंसाफ की इस लड़ाई के चलते चुजजपी लाश भोपाल के
09:31इसी सरकारी एंस के मुर्दा घ
09:43कि आगे ज्यादा दिनों तक वो टूइशा की लाश को सुरक्षित नहीं रख पाएंगे उनके पास इतनी फैसिलिटी नहीं है
09:49यानि अब लाश खराब होने की भी नौबत आ गई एमस्वालों ने खुद इस बारे में कमिश्णर साहब से भी
09:56बात किये
10:15तो ये तो रहा भोपाल पुलिस का हिसाब किताब पर पुलिस से हटकर खुद टूइशा के सस्राल वालों ने खास
10:22कर कभी जज रही सास ने
10:23तूइशा की मौत के बाद खुद के और अपने बेटे के दामन को पाक साफ दिखाने के लिए अपनी ही
10:30मुर्दा बहु के बारे में ऐसी ऐसी बातें कह डाले जिससे सुनकर हर को यही सोच रहा
10:35कि चिता की आग ठंडी होनी छोड़ी है क्योंकि अभी तो टूशा की चिता ही नहीं सजी है लाश मुर्दा
10:42घर में पड़ी है फिर भी एक सास अपनी बहु के बारे में ऐसी बातें कैसे कह सकती है
10:47जिस घर में एक मौत हुई हो जिसकी वहू की लाश अभी उस घर से कुछ दूरी पर मुर्दा घर
10:53में पड़ी हो उस वहू के बारे में बाकाइदा मीडिया को बुलाकर ऐसी ऐसी बातें कोई कैसे कर सकता है
11:00पर गरिवाला सिंग सास होने के साथ साथ एक जड़ भी रही है जाहिर है कानून अब भी उनके नसों
11:06में दोड़ता है उन्हें पता है कि कई बार भाबनाएं कानून और इंसाफ पर भादी पड़ जा दिए
11:14यह लोग बात करते हैं फॉज की बार बार हमारा तो जेनरेशन फॉज में रहे हैं
11:2062 वार, 65, 71, कारगिल
11:25इवन दिस माइ ब्रदर वो तो कुटवारा में था उस समय
11:29इन श्री लंका 48 आर्स वो बंदी बनाए गया है निए पारा कमांडो रहा है
11:35मैं हाजमें डाइड फो दे नेशन इलेक्शन बालट बॉक्स ले जारे जिमानीपूर में तब उनका इंतिकान हुआ थे शहीद हुआ
11:43थे
11:43इस पेपल
11:50गिरिबाला जी आप जज रही है आपको अच्छी तरह पता होगा कि ड्रक्स लेना खरीदना या ड्रक्स लेने वाले और
11:58खरीदने वाले की बातें छुपाना अपराब
12:00आप एलानिया कह रही है कि आपकी बहु ड्रक्स लेती थी ड्रक्स न मिलने पर उसके हाथ का अपने लगते
12:07थे पांच महीने से टुशा आपके घर में थी जब आपको पता था कि वो ड्रक्स लेती है ड्रक्स खरीदी
12:13है तो फिर एक अच्छा नाग्रिक यह कम से कम एक कान�
12:16कि मुहाफिज होने के नाथे आपने इस घार कानूनी चीज की जानकारी कभी पुलिस को क्यों नहीं दी अब आप
12:23अपने मुर्दा बहु के बारे में ये सारी बाते ऐलानिया बता रही है
12:29कर दो कर दो काकोली राय जी के पास हम लोग साथ को गयते हैं जब वो चाह रहे थी
12:35वो फिर्स गई की प्रेग्नसी को रिवर्स करें तो वो बार बार बार पूछ रहे थी वाई डियो वांट इस
12:40और आपनी एक अदम क्यों उठाया तब उसने मेरे सामने कहा है आपकांजू
12:58कर दो सकते हैं तो इसका वहीं से तो शुरू हुआ हमें जानकारी होई कि शीवास कंजूमिंग वारू आना उसने
13:09अड़ मिट किया मेरे सामने
13:13आप जच की कुर्सी पर बैठ चुकी हैं आपको अच्छे से पता है कि आपके लगाये लगाये लगाये लगाया है
13:25कि टूशा को बच्चा नहीं चाहिए था और इसलिए उसने बिना आपको बताए अबोर्शन करा लिया
13:30आला कि टूशा के मावाप और भाई आप और आप के बेटे पर ये इलजाम लगा रहें कि आप लोगों
13:36ने गर्भवती होने के बाद टूशा को लगातार इस बात के ताने मारें कि उसकी कोप में पल रहा बच्चा
13:42किसी और का है
13:46उसने तुरंट शुरू कर दिया था कि मुझे बच्चा नहीं चाहिए मुझे बच्चा ऐसा लगता मुझे मार रहा है मुझे
13:51मैं मर जाओंगे अगर बच्चा हो गए ये उसने शुरू किया तो भी सेड लेट उस गो एन फोर प्रॉपर
13:56काउंसिलिंग एक प्रोफेशनल हे
13:59कि जरूत होती है एक अगर बाले स्त्री कहें कि मुझे बच्चा नहीं चाहिए आफ्टर मैरेज तो कोई तो कारण
14:04होगा
14:09मौत के बाद अब आप अपनी बहु पर ये भी इल्जाम लगा रही है कि वो घंटो फोन पर किसी
14:14से बात किया करती थी घर से गायब रहती थी पूछने पर नहीं बताती थी
14:19सवाल यह है कि टूइशा की जीते जी यही शिकायत आपने कभी टूइशा के घरवालों से क्यों नहीं की
14:36अफसोस तो इस बात का है कि टूइशा की मौत की आच कहीं आप तक न पहुंच जाए
14:41इससे बचने के लिए अब आप अपनी बहु को दिवागी बीमा तक बता रही है तूइशा तो आपकी बहु थी
14:47कम से कम इस डॉक्टर से ही सीख लेती जिरोंने तूइशा का इलाज किया लेकिन क्या मजा कि बार-बार
14:53पूछने पर भी यह तूइशा की बीमारी के बारे मे
14:56कुछ बताते हैं
15:00शिजोफरेनिया इस आप इस आप प्रॉब्लम जहां विक्ति के अंदर एक कदम आगे सेकंड यो इच कन्स मैनिक फेस्ट इपरेशिंगी
15:11होता है
15:12शिजोफरेनिया का पता चलाना है?
15:17अगर आप उसको वह चेक करेंगे तो तो इस गिवन फूश पर आप इस पेशिट तो पर वह पास ट्रीटमेंट
15:29के लिए आई थी लेकिन पेशिट की फाइन डिटेज देना उनकी मेडिकल हिस्ट्री देना उनकी दवा के बारे में जानकारी
15:34देना और खास कर जब ऐसा कोई
15:36की मामला चल रहा हो तो वहां पर हम पब्लिकली इस पात को सीजोफरेनिया का ट्रीटमेंट है कैसर देखिए मैं
15:44उनके बारे में मतलब मैं आप से छमा चाहता हूं मैं उनके बारे में कोई भी डेटेल नहीं दे सकता
15:49क्योंकि यह मेरा यहां पर प्रोफेशनल एथिक्स ऐसा
16:01कहता है कि हम उनके बारे में बिल्कुल बात नहीं कर पाएंगे
16:22उनके साथ एड्सेस नहीं कर सकी शुरुवात में उसके जो समस्कार दिखाए थी बाद में वो उसके बिल्कुल भी ब्री
16:28थी इसलिए गिरिवाला सिंग ने साफ दौल पर इस पूरे मामले में पिशा को ही सवालों के खेरे में ख़ड़ा
16:36कर दिया लेकिन पिशा जो अब इ
16:51की एक लड़की के बारे में जो कि उनकी बहु भी थी क्या इस तरीके की बाते कहनी चाहिए गवीश
16:58पाल सिंग भोपाल आज ता भोपाल पुलिस ने अपनी तरफ से तो टौिशा की मौत को खुदकुशी करार दे दिया
17:05है लेकिन सीसी टीवी कैमरे में कैद टौिशा के आ�
17:21जा रहा कोई शक्स अपने साथ हेटफोन लेकर क्यों जाएगा गरिवाला सिंग के ही घर के सीसी टीवी कैमरे की
17:30तस्वीरे भी कई सवाल पूछ रही है मौत से पहले टौिशा की ये आखरी तस्वीर कैमरे में कैद हुई अब
17:37पता नहीं सीसी टीवी कैमरे की घड़ी और त
17:50च्छत पर जाती नजर आ रही है टूशा के हाथ में हेटफोन है छट पर जाने के करीब घंटे भर
17:55के अंदर टूशा की मौत हो जाती है घंटे भर बात च्छत पर टूशा फंदे के सहारे लटकी मिली थी
18:01अब यहां सवाल यह है कि खुदकुशी करने जा रहा एक शक्स अ�
18:18मैं ऐसी कोई बात नहीं की जिससे यह लगता कि बस सब वो मतने जा रही है तो फिर आखरी
18:23बलों में छट पर क्या हुआ अब छट की तस्वीर तो है नहीं तो कैसे पता चले
18:44हां सेडियों पर फोकस कर रहे सीची टीवी कैमरे के अगले फ्रेंड से यह जरूर पता चलता है
18:49कि समर्थ और उसके साथ पहले एक और फिर दो लोग टूइशा का सीना दबा कर उसकी सांस वापस लाने
18:56यानि उसे सीपियार देने की कोशिश कर रहे हैं
18:59लेकिन इसी कैमरे की एक और तस्वीर बड़ी अजीब है
19:01ये जज रही गृवाला सिंग सीड़ियों से उपर आ रही है
19:06उपर जाने वाली सीड़ी के शुरुआत में शायद एक कमरा है
19:09गृवाला सिंग दर्माजा खोड़ती है और कमरे में दाखिल हो जाती है
19:13अब इस तस्वीर को गोर से देखे
19:15जब गृवाला सिंग उपर आकर कमरे में जा रही होती है
19:18तब उनी सीड़ियों के उपर उनका बेटा समर्ज सिंग टूइशा को सीपियार देने की कोशिश करता है
19:24लेकिन गृवाला सिंग एक सिकंड के लिए भी अपनी नजरें उपर की तरफ नहीं उठाती
19:30ना उपर देखने की कोशिश करती है
19:32जैसे कुछ हुआ ही नहो
19:34है ला आजीब
19:36इसके आगे की तस्वीर तो और भी ज्यादा आजीब है
19:39कुछ पल बाद ही गृवाला कमरे से बाहर आती है
19:42हात में उनके कोई बैग या परस है
19:44पर इस बार वो उपर सीड़ियों की तरफ देखती है
19:47जाहिर है उपर जो कुछ हो रहा है
19:49उन्हें सब नजर आ रहा है
19:51वो समझ भी रही होंगी कि टूशा के साथ क्या हुआ
19:54ये समर्त इस वक्त वहां क्या कर रहा है
19:56लेकिन बॉडी लैंगर जैसी
19:58कि मानो गरिबाला सिंग को कुछ फर्क ही नहीं पड़ा
20:01वो पल भर के लिए उपर देखती है
20:03और फिर स्टेडियों के रास्ते नीचे चली जाती है
20:06अब ज़रा सोचिए
20:07एक घर में एक हादसा हुआ है
20:09ऐसे में किसी का भी रियक्शन
20:11कम से कम ऐसा तो नहीं होगा
20:13जैसा जजरही गरिबाला सिंग का है
20:18कैमरे में कैद ये सबूत
20:20और एफ आयार में दर्ज आरोपी के कॉलम में ये पहला नाम है
20:24यानि जजरही गरिबाला सिंग का नाम
20:26कानून का फायदा उठाकर
20:28देशक ग्रिवाला सिंग अगरिम समालात लेकर गिरफतारी से बच चुकी है। भोपाल पुलिस उन्हें गिरफतार नहीं कर सकती।
20:36लेकिन कमाल देखिए कि आरोपी नंबर वन होने के बावजूद आठ दिन बाद भी भोपाल पुलिस ने ग्रिवाला सिंग से
20:43अब तक एक बार भी पोच ताच नहीं की है।
21:06किसी आम सास ससुर के मामले में क्या यही भोपाल पुलिस ऐसा ही करती है।
21:11रवीश पाल सिंग भोपाल आज तक।
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