Skip to playerSkip to main content
  • 2 days ago
721 साल बाद बदला Bhojshala का इतिहास! पहली बार शुक्रवार को नमाज नहीं, गूंजी महाआरती

Category

🗞
News
Transcript
00:00मद्यपरदेश के भोष साला का 721 साल बाद इतिहास बदल चुका है पहली बार शुक्रवार को परिशल में नवाज नहीं
00:08पड़ी गई बलकि महा आरती गुंची वैसे तो पिछले हफते कोट ने इसे हिंदू का गढ़ मान लिया लेकिन मुस्लिम
00:15समाज आज भी से अपनी प�
00:29हुआ उसे इतिहास का बड़ा मोर माना जा रहा है 721 साल बाद पहली बार शुक्रवार को भोष साला परिश्टर
00:37में नवाज नहीं हुई बलकि मा वाग देवी की पूजा और महा आरती वी हाई कोट के हालिया फैस्टे के
00:43बाद आज पहला शुक्रवार था और इसी वज़े
00:46से पूरे देश की नजरे धार पटे की थी सुवें से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालू भोष साला पहुचने लगे
00:52पूरे परिश्टर को गर्वग्री को फूलों से सजाया गया था मास्वरस्ती की प्रतिकात्मक प्रतिमा इस्थापित की गई थी और दोपहर
01:01एक ब�
01:15अतरहा हर कतिविदी पर नजर रखे गई और सबसे भावुक तस्वेर तब सामने आए जब 95 साल के विमल गोधा
01:22चड़ी के सारे भोष शाला पहुचे विमल गोधा बच्पन से भोष शाला अंदोलन से जुड़े रहे हैं उन्होंने बताया कि
01:292003 में जब नरेन मोदी धार आ
01:43जाएगी वागदेवी की प्रतिमा ब्रेटिश म्यूजियम ग्रेट रसल स्ट्रीट में 117 साल से रखी है श्रधालू मानते हैं कि प्रतिमा
01:51भले ही यहां से हजारों कीमी दूर रखी गई हो लेकिन वह दिन दूर नहीं जब मावागदेवी की प्रतिमा भोष
01:58शाला में वा�
02:11और तेजी होगी अब सवाल यह है कि आखिर 721 साल पहले ऐसा क्या हुआ था तो इतिहासकार बताते हैं
02:19कि 1034 में परमार राजा भोज ने धार में भोष शाला का निर्मान कराया था यह सिप मंदिर नहीं था
02:26यह संस्कृत सिक्षा का बहुत बड़ा किंता जहां करीब 1400 विद
02:41कमाल मस्जद नुमार धाचे के रूप में होने लगा फिर 1331 के आसपा सूफी संथ कमाल अलदीन चिष्टी की दरगाह
02:49यहीं बनी जो आगे चलकर कमाल मौला दरगाह कहलाने लगी समय बीटता गया और भोष शाला दो धार्मिक परंपराओं का
02:56केंद्र बन गई हिंदू पक
03:01इसे कमाल मौला का मस्जद कहता रहा 1902 में अंग्रेजों ने समझोता कराया अलग अलग समय पर पूजा और नवाज
03:09की ववस्ता लागू की गई आजादी के बाद भी यही सिरसिला चलता रहा लेकिन पिछले कुछ हफ़ते मध्यपरदेश हाई कोट
03:17ने एसाई की रिपोर्
03:20प्राचीन संस्कृत अध्यन केंद्र और वागदेवी परंपरा से जुड़ा अस्थलमाना और शुक्रवार की नवाज पर होक लगा दी हालाकि मामला
03:28अब सुप्रिम कोट को चुका है मुस्लिम पक्ष ने हाई कोट के फैसले को चुनौती दे दी है उनका कहना
03:34है कि फैसला
03:48अलधार की भोश्राला में आज जो हुआ उसने इतिहास के पन्नों में नया अध्याय जोड़ दिया है अब सब की
03:54नजर सुप्रिम कोट पर है क्या हाई कोट का फैसला बरकरार रहेगा या भोश्राला विवाद एक पर फिर नया मोड
04:01लेगा आने वाले दिनों में इसका ज�
Comments

Recommended