00:00जो हुमायू कबीर की गाय की कुर्बानी को लेकर सोच है क्या बकरीद पर कुर्बानी को लेकर वही नजरिया बंगाल
00:06के दूसरे मुसलिमों का भी है
00:08कुलकता में कुर्बानी पर मुसलिम नागरिकों की राय से आजाब खबरदार होई ये
00:13हमारे हुकुमत जो बहुत बोल रही है अ हम लोग को खु कुम देगी
00:19हमारे हुकुमत कर रही है आपको उस का बात मानना हो जो हमारी हुकुमत को हुक्प देगी हम लोग in
00:31시ालल procure अपने
00:33तमाम धर्म का पालन करेंगे हम लोग, ठीक है? ये। ऐसा ये कोई काम नहीं करेगा
00:39मुसल्मान हिंदुस्तान का जिससे हमारे हुकूमत को, हमारे समाच को, हमारे सोसाइटी को
00:43या हमारे अंन को खतरा पहुँचे।
00:47पश्चिम बंगाल के तमाम मुस्लिम नागरे जो बकरीद पर पहले कुरवानी के तौर पर गोवन्श का इस्तमाल करते आए
00:53वो अपकी बंगाल में सक्त हुए नियम के बाद ये कहते हैं कि सरकार ने गाय की कुरवानी रोकी है
00:58तो वो नियम मानेंगे
00:59गाय को हम लोगों ने तर्क कर दिया वो गव माता को आप लोग घर में रखें उनको बढ़िया से
01:06पूजे और हम उसका ऑप्शन हमारे पास खसी है हम खसी कुरवानी कर लेंगे
01:12उसमें कोई परेशानी नहीं है कौम हमारा इस पर मुत्माइन है और बिल्कुल इत्मिनान रखे हुए है हम जो है
01:18और कोई भी बात अवहिलना नहीं करेंगे जो बोल दिया है सरकार ने हम उस पर 100% मान करके
01:25चलेंगे
01:46आपको सुनकर हो सकता है कि लगे कि मुस्लिम नागरिक तो फैसले पर सरकार के साथ खड़े है
01:51लेकिन थोड़ी दिर तक इनके साथ बात करने पर भीतर की नाराज़गी जाहिर होने लगती है
01:56शायद मुस्लिम नागरिकों को ये लगता है कि रह रह कर चुनकर उनके खिलाब जान बूच कर पाबंदी लगाई जाती
02:03है
02:04सरकार ने सोचा था मुसल्मान रास्ते पर आएंगे गाई के लिए
02:07सरकार ने सोचा था रास्ते पर नमास पढ़ने के लिए मुसल्मान रास्ते पर आएंगे
02:11लेकिन हम लोग रास्ते वास्ते पे नहीं आने मला, उल्टी पढ़ गई सद्व तद्दीर है, कुछ नह दावाने काम किया,
02:19तद्दीरे सब सरकार की उल्टी पंचुखी है, हम लोग इज़त करते हैं, अहतराम करते हैं, सबसे ज्यादा अहतराम अगर करता
02:29है, कोर्ण का, आ�
02:40आताला ने यह अपसर रखा है कि बड़े जानवर की कुर्बानी देना है जा देजाज समझते हैं तो उसका अपसर
02:46खसी के तावर पर यहां भारत सरकार में यह तयार है और हम लोग देते भी है बड़े पैमाने पर
02:53और यह चीज जारी भी रहेगा हुकूमत के तरफ से भी आय
03:15सरकार के बारे में हम लोगों से मत पूछिए अब यह बयान सुनकर ऐसा कुछ लोगों को लग सकता है
03:27कि क्या किसी तरह की ज्याद्ती की जा रही है क्या गोवंश की कुर्बानी पर रूल सक्त करने मुस्लिम नागरिकों
03:34के साथ गलत व्यवहार हो रहा है तो यहां समझ लि�
03:39सरकार की पशुवद से जुड़ी गाइडलाइन पर रोक लगाने से इंकार कर दिया है गुर्वार को ही कोट ने कहा
03:45कि बिना जरूरी फिटनेस सर्टिफिकेट के गाय भैस बैल या बचले की कुर्बानी नहीं दी जा सकती है चीप जस्टिस
03:51सुजय पॉल और जस्टिस पार
03:53सार्थी की बैंच ने कहा खुले सार्जिनिक जगहों पर किसी भी पशुकी कुर्बानी पूरी तरह बैन है कोट ने सुप्रीम
03:59कोट के पुराने फैसले का हावाला देते हुए कहा कि बकरीद में गाय की कुर्बानी इसलाम का निवारी हिस्सा नहीं
04:06है
04:06हमारा स्टिक नियम जो 1950 का नियम में लिखा हुआ है 14 साल के नीचे के काटल को काटा नहीं
04:14जाएगा और जो काटल एकदमी असुस्त है या अपाहेज है या केज हो गया है उसको पर्टिकुलर ओफिसे उनको सर्टिफिकेट
04:25देना होगा तो सर्टिफिकेट अगर आप लोग
04:28दिखा सकते थे इसमें तो कोई परव्लम नहीं है लेकिन 1950 का जो आईन हमारे राज्य में है और ये
04:37राज्य में बहुत सकता है ये अलग बात है कि अभी तक वो आईन लागू नहीं किया गया था क्योंकि
04:42पिछला सरकार बहुत सारा आईन नहीं मानते थे बोट बैंक का हिसा
04:58नजर आते हैं क्या उस पर केवल राजनीत की वज़ा से ही हल्ला मचा हुआ है
05:03आज जो महल पैदा हो रहा स्यासत के लावा कुछ नहीं है
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