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00:00गर्मी में गरी बहु का घास और मिट्टी का जुगाडु ससराल
00:03अच्छा है कि तू सहली से देवरानी बन कर आ रही है
00:07हाँ मुझे भी एक ही नहीं हो रहा हम तोनोंने पहले से ही सूचा था कि एक ही घर में
00:11शादी करेंगे
00:12वही तो जब इतनी घरी दोस्ती है तो हम कैसे अलग हो सकते हैं
00:16अच्छा ठीक है तुम भी शादी की त्यारी करो मैं भी यहाँ पर तुमारे आने की त्यारी करती हो बात
00:21में बात करेंगे
00:26तुम्हें क्या लगता है कि मैं तुम्हारी खुशी के लिए इस घर में शादी करवा कर ला रही हूँ?
00:33अरे अगर मुझे तेरे साथ रखना होता तो पहले ही अपने दिवर से शादी करवा देती
00:38एक वर शादी करके आतो सही तब पता चलेगा कि असली क्या खेल है?
00:43सीमा कासली चहरा कुछ और ही था, उसने पायल के सामने अलग तरीके से बात की और अकेले में कुछ
00:49और ही गहरा रास चुपा रही थी
00:51जल्दी सीमा के गहरे रास का पर्दा उठने वाला है, फिल हाल आगे बढ़ते हैं, यहां दोनों घरों में शादी
00:56की तयारी धूमधाम से चल रही थी
00:59मुझे अच्छा लग रहा है बेटा कि तुम सीमा के ही ससराल में जा रही हो, तुम दोनों बच्चपन की
01:04सहली हो और हमेशा साथ पली बढ़ी हो, इसलिए हमें तुम्हारी चिंता थोड़ी कम है
01:11हाँ बेटी बिलकुल, अब सीमा के ससराल वालों को उसके घर वाले भी अच्छे से जानते हैं, और फिर वहाँ
01:17पर तुम्हारा साथ देने के लिए तुम्हारी सबसे अच्छी सहली भी तो होगी
01:21इस तरह शादी के दिन नजदीक आ जाता है, और पूरे रिती रिवाजों के साथ दोनों की शादी हो जाती
01:26है, और शादी के बाद उनका ग्रह प्रवेश करवाया जाता है, पाइल ग्रह प्रवेश करके घर के अंदर आती है,
01:31घर में आने के बाद कुछ रस्में की जाती है
01:45एक तरफ सब खुश थे लेकिन शान्ती के जहरे पर एक मायूसी थी और उसे कोई चिंता सता रही थी
01:50रोहन और पायल अपने कमरे में चले जाते हैं वहीं दूसरी तरफ शान्ती सीमा से कहती है
01:55क्या तुम्हें लगता है कि तुमने बिल्कु सही किया है सीमा हाँ मम्मी जी इसमें क्या परिशानी है सब ठीक
02:01तो है
02:02इतना कहकर सीमा भी अपने कमरे में चली जाती है
02:06अच्छा क्या आपने फ्लैट देख लिया है
02:09हाँ, देख रहा हूँ, वैसे मैं सोच रहा हूँ कि क्यों न हम बाकी सब को भी अपने साथ ही
02:13ले चले
02:15अभी नहीं, पहले हमेवास, खुछ जाकर देखना चाहिए, अभी रोहन की शादी हुई है, पहले उसे सब जिम्मेतारी लेने दीजिए,
02:22बस बाद में देखेंगे
02:33हाँ, ठेक है, तुम्हारी बाद भी बिल्कु सही है
02:38और उसको अच्छे से भून कर, उसमें थोड़ी सी चीनी और पानी डाल कर, उसे अच्छे से मिक्स करके पकाने
02:42के बाद सब को खाने के लिए देती है
02:45भाबी, हल्वा तो अपने सर्च में बहुत ही स्वादिष्ट बनाया है
02:53उसके बाद पायल सब के लिए खाना बनाने जाती है
02:55उसके बाद पायल सब के लिए खाना बनाने जाती है, उस सभी के लिए मीठे मीठे, पेठे की सबजी और
03:01साथ में आलू की भुजिया और गर्मा गर्म पूरी बनाती है
03:03जब सभी हलवे के साथ ये सब खाते हैं तो सब को खाना बहुत स्वादिश्ट लगता है
03:08सबसे पहले हमने सिर्फ मूँ मीचा करने के लिए हलवा खाया
03:11तो ये बहुत ही स्वादिश्ट लगा और अब बाके के खाने के साथ खा रहे हैं
03:16तो टेस्ट और दुगना लग रहा है सच में बहुत तो बिलकुल अनपूर्णा है
03:20हाँ ठाना बहुत स्वादेश्ट है
03:22हाँ चाची आप तो मम्मी से भी जाद अच्छा खाना बनाती हो
03:27इस तरह सभी को पाइल की तारीफ करते हुए देखकर सीमा अंदर ये अंदर जल भुनकर राख होने लगती है
03:33इसी वज़े से मैंस की शादी अपने देवर से नहीं करवाना चाह रही थी जब देखो बस माहन बनती रहती
03:38है
03:39थोड़ी दिर बाद जब मुदिखाई के रसम होती है तो शांती की कुछ खास पडोसन वहाँ पर आती है
03:44पाइल उनके पैल चूती है और पडोसने पाइल को देखकर उसे तवफे देती है और कहती है
04:02अब यह सब सुनकर जो सीमा को जलने की कसर थोड़ी बहुत बची थी वो बची कुछी कसर भी अब
04:07पूरी हो जाती है
04:09जहां देखो बस हर कोई इसी की तारिफ करता रहता है इसलिए मैं नहीं चाहते कि कभी भी इसके साथ
04:15मैं सेम घर में रहूं क्योंकि जब भी देखो हर जगा सबका ध्यान अपनी तरफ खिशने में लगी रहती है
04:21इस तरह दिन बीट जाते हैं एक दिन जब पायल और सीमा दोनों साथ में बैठकर खाना बना रही थी
04:26कितनी ज़्यादा गर्मी हो रही है गर्मी तो बस बढ़ती जा रही है इस गर्मी की वज़े से तो हम
04:31बहुत परशान हो जाएंगे
04:38पायल को तो खुशी हो रही थी लेकिन अभी वो नहीं जानती थी कि एक मुसीबत उसका इंतजार कर रही
04:47है
04:47दो दिन बाद घर के बाहर एक टेंपो आता है और उसके अंदर घर का में सामान लोड हो रहा
04:52था
04:53अरे अरे ये पुराना कुला नहीं वो नया कुला रग दो
04:57जी ठीक है सीमा सारा समान टेंपो में लोड कर वा लेती है
05:02मुझे बिल्कुल अच्छा नहीं लग रहा सीमा कि तुम यहां से जा रही हो
05:05मैं तो बिल्की हमेशे साथ रहना चाहती हूँ
05:09ये बगवाईनी कितना बोलती रहती है बिल्कुल हाथ मूध होकर पीछे पड़ जाती है
05:13बस चल्दी से यहां से जाओं तो पीछा छुटे इससे मेरा
05:18हाँ बिल्कुल अगर सब साथ रहते हैं तो जादा अच्छा होता है
05:22मम्मी ची आप तो अच्छे से जानती है कि हम यहां से जाकर खुश नहीं है
05:26लेकिन अब इनकी नौकरी इतनी दूर हो गई है इसी वज़े से जाना तो पड़ेगा ही
05:31इतना कहकर सीमा वहाँ से चली जाती है और अब घर में कम सदसे रह जाते हैं
05:35लेकिन अब पायल के लिए सिर्फ यही एक परेशानी नहीं थी उसके लिए वलके एक और बड़ी चुनोती थी
05:39आज दोपेवर में फिर से रोहन जौब से घर वापस आता है
05:42वो कमरे में कपड़े बदल कर बिस्तर पर लेटा था तब पायल वहाँ जाती है
05:51अरे मुझे हाफ दे लेने की क्या जरूरत है मैं तो सीधा नौकरी छोड़ कर आया हूँ
05:57यह बासुनते ही पायल के पाउं तले जमीन खिसक जाती है और वो परेशान होकर कहती है
06:01क्या कहा आपने नौकरी छोड़ दी लेकिन आपने ऐसा क्यों किया
06:05आपने इस एक हफ़ते के अंदर ये दूसरी नौकरी छोड़ी है अगर आप ऐसा करोगे तो घर का खर्च कैसे
06:10चलेगा
06:11देखो घर का खर्च को चलाना मेरी जिम्मेदारी नहीं है ये सब तो भाईया आपने आप देख लेंगे
06:16लेकिन मैं किसी के या नौकरी नहीं कर सकता जब देखो मुझे आडर मारते हैं मैं तो अपना खुद का
06:20बिजनिस करना चाहता हूँ
06:21मुझे तो अपना खुद का बिजनिस चाहिए और मैं अपनी मनमर्जी का मालक बनूँगा
06:25ये बास सुनकर पायल को गुस्सा आ जाता है
06:30भाईया पहले ही कितनी मेहनत कर रहे हैं और अब वो लोग फ्लैट में चले गए हैं
06:34वहाँ पर उन्हें उसका होम लोन भी भरना है अब भाईया कब तक कमा कर ऐसे हमें देते रहेंगे
06:40अब आपको भी कुछ करना चाहिए सिर्फ इस रीजन के वज़े से आप नौकरी नहीं छोड़ सकते
06:45वरना घर में खाने के लाले पड़ जाएंगे
07:01देखो मुझे ज़्यादा शिक्षा देने की ज़रूद नहीं है समझी ना
07:14लेकिन रोहन कहा पाइल के समझाने से मानने वाला था
07:16एक तरफ घर में राशन खतम होने वाला था और वही दोसरी तरफ रोहन की लापर वाही
07:21अब तो उसने बिलकुन नौकरी ढोणना भी बंद कर दिया जिसके वज़े से पाइल बहुत परिशान रहती थी एक दिन
07:27ममी जी राशन खत्म हो गया है अब हम क्या करेंगे
07:30कोई बात नहीं बिटा तुछ इंता मत कर मैं अभी पवन से कह देती हूँ हमें कुछ वो पैसे भेज़
07:36देगा
07:36लेकिन ममी जी भाया से इस तरह पैसे मांगना अच्छा नहीं लगता पहले ही उनके उपर पैसो का लोड है
07:42उनके उपर इस तरह और बड़न डालना अच्छा नहीं है
07:45मैं जानती हूं बिटा लेकिन हमारी मजबूरी है और हम उसके अलावा क्या कर सकते है तुझे तो पता है
07:52कि रोहन का सुभाव कैसा है
07:53मुझे तो समझ नहीं आ रहा कि जब तुझे पहले ही पता था कि रोहन ऐसा है तो तुने उससे
07:59शादी कर निकले हां क्यों कहा
08:01नहीं मम्मी मुझे शादी से पहले इन सब चीजों के बारे में कुछ भी नहीं पता था
08:09अरे मम्मी जी आप चिंता मत कीजी
08:11मेरी फ्रेंट शादी करके यहाईगी तो सब अच्छा हो जाएगा
08:14हम दुनों इस घर में साथ रहेंगे
08:16बेटा मुझे उस चीज से कोई परिशानी नहीं है
08:19लेकिन तुम तो रोहन के आदत के बारे में अच्छे से जानती हो ना
08:22किसी भी लड़की की शादी रोहन से करवाना मुझे तो ठीक नहीं लगता
08:25जब तक ये सुधर नहीं जाता तब तक इसकी शादी का कोई फाइदा नहीं है
08:29अरे ममी जी आप चिंता मत कीची मेरी सहीली आकर अपने आप सब ठीक कर देगी
08:33उसे इस बारे में सब पता है
08:36शानती भी आगे पायल को और क्या ही कहती
08:38उदास होकर वो अपने बड़े बेटे पवन को फोन करती है
08:52इस रोहन का तो मुझे कुछ समझी नहीं आता ममी
08:55पता नहीं कब समझेगा
08:57अब तो इसकी शादी हो गई है
08:58शादी के बाद तो इससे समझ जाना चाहिए
09:00जब देखो बस इसे शौट ट्रिक में लगा रहता है
09:02कि इसे जल्दी अमीर हो रहा है
09:03और किसी के नीचे काम नहीं करना है
09:05ये कहीं का कोई राजकुमार है ना
09:07बाके आप चंता मत करो में राशन भीज़वा दूगा
09:09इस चीज के लिए कभी भी आपको चंता करने की ज़रूर नहीं है
09:12आखर आप मेरा परिवार है
09:14शांती का बड़ा बेटा पवन बहुत ही लायक था
09:16और वहीं दूसी तरफ उसका छोटा बेटा रोहन बिलकुल ना लायक था
09:19आज पवन राशन के दुकान से कुछ राशन घर पहुचा देता है
09:22लेकिन पायल को यह भी बिलकुल भी अच्छा नहीं लग रहा था
09:25इसलिए उसने ऑनलाइन काफी सारी कमपनी में अपना रेजियो में सेंड किया
09:28दोसी तरफ घर में इतनी गर्मी
09:30सीमा अपने साथ सारा समान ले गई थी
09:32और घर में सिर्फ अब एक कूलर ही बचा था
09:35इसलिए सब साथ में सोते थे
09:36आज कल यह कूलर की हवा भी फेल होने लगी है
09:41सच मैं? यहां तक बिलकुल हवा ही नहीं आ रही है
09:45अरे तो भाईया को बोल दोना कि हमें नया कूलर लाकर दे देंगे
09:49अब क्या जिंदगी बर बुड़ा पे तक का तेरा ठीका वही लेता रहेगा
09:53तुझे शर्म नहीं आती तुझे भी तो कुछ कर लेना चाहिए
09:56तो क्या हो गया? हम सब एक परिवार हैं
09:59और अभी जो आप मुझे बेवज़ा डाटते रहते हैं
10:01देखना एक दिन जब मैं बहुत अमीर हो जाऊँगा
10:03तब आप सब मुझे सल्यूट करोगे
10:04रोहन की ऐसी हरकते देखकर पायाल को तो बहुत भुसा आता था
10:08इसलिए उसने फैसला कर लिया था कि वो नौकरी करेगी
10:10अगले दिन शान्ती को वो बताती है
10:13मम्मी जी मुझे एक कंपनी ने कॉंटक्ट किया है
10:16और मुझे इंट्रुविक लिए बलाया है
10:17तो मैं आपसे पूछने चाती हूँ क्या मैं नौकरी कर सकती हूँ?
10:20बेटा तुझे इतना परशान होने की ज़रत नहीं है
10:23अभी तेरी नएनी शादी हुई है और तू आते ही काम करेगी
10:26अब मम्मी जी रोहन जी तो काम नहीं कर रहे हैं
10:29तो किसी ने किसी को तो करना होगा
10:31इन्होंने किसी से पैसे उधा लिये है
10:33कल उस आदमी का भी इनके पास फोन आया था
10:35इसलिए मुझे लगता है कि किसी एक को तो काम करना जरूरी है
10:39शान्ती को भी मजबूरन न चाहते हुए भी हाँ करना पड़ता है
10:42और अब पायल इंटर्व्यू के लिए जाती है
10:46देखे आपके नॉलिज तो बहुत अच्छी है
10:47यानि आपने पहले एक साल कंपनी में काम किया
10:50लेकिन उसके बाद गैप क्यों आ गया
10:52दरिसल उसके बाद मेरी शादी फिक्स हो गए थी
10:55और कुछ समय के लिए मुझे जॉब से गैप लेने को बोल दिया क्या
11:01ठीक है तो कल से आप यहाँ पर जॉइन कर सकती है
11:05इस तरह पाइल को जॉब मिल जाती है और वो खुशी-खुशी घर आती है
11:09जब यह बाद सब को बता चलती है तो सब खुश होने के बजाए थोड़ा दुखी होते है
11:13क्या बात है आप सब इतना परिशान क्यों है
11:18क्योंकि हमारे नालाइक आवारा बेटे की वज़ा से तुम्हें नोकरी पर जाना पड़ रहा है
11:22बहु मुझे बिल्कुल भी अच्छा नहीं लग रहा
11:26कोई बात नहीं पापा जी मुझे पूरा यकिन है कि एक दिन उन्हें सब समझाएगा
11:31लेकिन तब तक हमें भी तो कुछ करना चाहिए
11:34वहीं गर्मी से सब के हालत खराब थी और निधी जब पानी पीती है तो
11:49सब को परिशान देखकर पाईल एक जोगाड करती है
11:52वो रसोई के पास वाला एरिया वहां की मिट्टी को अच्छे से खोद देती है
11:55पाईल ने निधी को घास लेने बेजा था और निधी जब घास लाती है तब पाईल वहां पर बहुत सारी
12:00घास रखकर उसमें पानी डाल देती है
12:02पिर वो मटके पर गीला कपड़ा लगा कर उस मटके को उसके अंदर रखते थी है
12:05थोड़ी दिर बाद पानी ठंडा हो जाता है
12:09भावी आपने कितना अच्छा जुगाड किया है
12:11हाँ पानी बिलकुर ठंडा हो गया
12:14अब इस तरह पाइल जॉब करना शुरू कर देती है
12:16लेकिन इतनी गर्मी में सुबह घर का काम करके जाने के बाद
12:19और ओफिस से पूरा काम करके घर आकर काम करने में पाइल के हालस खराब हो रही थी
12:23इसलिए रमेश, शान्ती और निधी सब उसकी मदद करते हैं
12:27जब अगले दिन पाइल ओफिस से घर वापस आ रही थी तो
12:31बापरे, कित्ती ज़ादा गर्मी है, इत्ती गर्मी में तो पूरा सेर घुमने लग गया है
12:36पाइल घर आती है तो देखती है कि निधी आटा गूत रही थी और शान्ती और अमेश दोनों मिलकर सबजी
12:42काट रहे थे
12:44ममी जी पापजी आप दोनों को इस तरह परिशान होने के कोई ज़रत नहीं है
12:47मैंने कितनी बार काहे कि ये काम मैं खुद कर लूँगी
12:52क्यों बेटा, अगर हम मदद कर देंगे तो कुछ गलत हो जाएगा
12:55नहीं न, तु इतनी महनस से बाहर से काम करके आती है तो क्या हम तेरे लिए इतना भी नहीं
13:00कर सकते
13:02हाँ बहु चिंता मत करो, हम खाना अच्छा बनाएंगे
13:05हाँ, तुम्हारी जितना स्वादिश्ट नहीं बना पाएंगे लेकिन खाने लाइक तो बन जाएगा
13:14अपने सस्राल वालों का इतना प्यार देख कर पाया बहुत खुश होती है
13:17उसके बाद वो नहाने जाती है लेकिन पानी बिल्कुल ठंडा नहीं था बलकि गरम था
13:21वो बाहर आती है तो देखती है कि रमेश जब गर्मी में चूले के सामने बैठा था
13:25तो उसे घबराट बेचैनी होने लगती है और चक्कर आ जाती है
13:27इस बात से सभी बहुत घबरा जाते हैं और उसे जल्दी से हॉल में लाकर चार पाई पर कूलर के
13:32सामने लिटाया जाता है
13:40सभी को गर्मी से परिशान होता देखकर पायल को बिल्कुल भी अच्छा नहीं लगता
13:43गर्मी से सब की हालत खराब हो रही थी और उसके पास इतने पैसे नहीं थे कि वो अभी कुछ
13:48नया कूलर या एसी खरीद सके
13:50रात को वो इसी चिनता में सोती नहीं और करवटे बदलती रहती है
13:53तब अचानक से पायल को एक आइडिया आता है
14:07पायल को बहुत अच्छा आइडिया आता है अगले ही दिन वो इस बारे में सबको बताती है
14:15और निधी के साथ जाकर तसले में नदी किनारे से मिट्टी लेकर आती है
14:32इस तरह पाइल और निधी दोनों गर्मी में बहुत महनत करती है
14:35और धेर सारी मिट्टी लाकर आंगन में जमा कर लेती है
14:42अब पाइल सब के लिए ठंडे पानी के शेकंजी बनाती है
14:45और जब सब पीते हैं तो सबको अच्छा लगता है
14:54अब अगले दिन पायल ओनलाइन
14:59AI की मदद से घर को ठंडा रखने के लिए बहुत सी चीजों के बारे में पढ़ती और समझती है
15:03और उसके बाद निधी को दिखाती है
15:13अब पायल और निधी घर के अंदर की दिवारों को मिटी से लीपना शुरू करते हैं
15:17उसमें शांती भी थोड़ी बहुत उनकी मदद कर देती है
15:19पायल के मना करने के बाद भी शांती नहीं मानती और इस तरह उनका अंदर की दिवार का काम जल्दी
15:24खतम हो जाता है
15:25उसके बाद वो बाहर की दिवार को शुरू करते हैं
15:28बाहर की दिवार को वो तीन तीन बार कोट लगाते हैं शाम तक वो बहुत ठक जाते हैं
15:33हाला की काम बहुत ठक आने वाला था लेकिन आज ही कितनी ज़्यादा राहत मिल लई है
15:41उसके बाद अगले दिन वो फिर से काम शुरू करते हैं और पायल ने कुछ दिनों के लिए ओफिस से
15:45छुट्टी ली थी
15:55इस तरह पायल अपने सस्राल वालों के साथ मिलकर आज छट को ठीक करती है
16:00वो सबसे पहले उसके उपर मिटी के अच्छी खासी लेयर लगाती है और उसके बाद उसे घास से कवर कर
16:05देती है घास से कवर करने के बाद पायल उसके उपर बहुत साथे पानी डाल देती है जिसके वज़े से
16:10नीचे तक ठंड़ा काती है
16:11अब आज वो खिडकी और दर्वाजे का काम करते हैं
16:14वो लोहे वाली खिडकी निकालने के बाद
16:16वहाँ पर मिट्टी से खिडकी को बंद करना शुरू करते हैं
16:18और उसके अंदर काफी बड़े-बड़े हॉल कर देती है
16:37अब पाइल और निधी दोनों बाहर आती है
16:39और घर की दिवार से थोड़ी सी स्पेस की दूरी पर
16:41वो मिट्टी की एक और दिवार बनाती है
16:43लेकिन वो उसे पूरा बढ़ा न करके आधी-ाधी दिवार बना देती है
16:46वहाँ पर वो बहुत सारी घास डाल देती है
16:58पाइल और निधी ने घर के बाहर के स्पेस में आधी दीवार तक पूरी घास बर दी थी और उसे
17:02भी गिला कर दिया था
17:03इस तरह घर का आधा हिस्सा चारू तरफ से आधा घास और मिटी से बनने के बाद ऐसा लगता है
17:08जैसे वो एरिया अब अंडर ग्राउंड है
17:10जब सब घर के अंदर आते हैं तो सब को बहुत ठंडक लगती है पेटा तूने कितना अच्छा जुगार किया
17:16है अब तो घर के अंदर कितना ठंडा ठंडा लग रहा है
17:20हाँ बेटा कोई भी हमारी बात को मजाख समझे खा
17:23लेकिन ये तो वाक्य ही बहुत कमाल का हो गया है
17:25और तुने आदि दिवार वाला आइडिया तो बहुत अच्छा लगाया है
17:28सच में ऐसा लग रहा है जैसे अंडरगराउंड ठंडक वाले हेरिये में आ गए हो
17:33सच में भाबी आपने तो जुगार करके कमाल कर दिया
17:36अब दो दिन और लगेंगे और बहुत अच्छा जुगार में आपको दिखाऊंगी
17:40वो तो सबसे बेस्ट होगा
17:42बाकि सब तो खुश हो रहे थे लेकिन रोहन वहां आकर मुँ बनाता है
17:58हर कोई रोहन को डाटता ही था लेकिन उसे कोई असर नहीं पढ़ रहा था
18:02क्यों ना हम सब के लिए एक फ्रेज और कोलर खरीद कर देते हैं
18:07कोई जूरत नहीं है अब अगर आप भी उनकी सारी इच्छा पूरी करोगे
18:11तो रोहन कैसे सुधरेगा फिर उसे कभी समय और पैसो की कीमत पता नहीं चलेगी
18:16आपको उसे बिगारना नहीं चाहिए सुधाना चाहिए
18:19तम सही कह रही हो अगर किसी को सब चीज मिल जाती है तो वो फिर कुछ नहीं करेगा
18:25ठीक है कुछ दिन करके देखते हैं
18:27सीमा ने जलन में ऐसा कहा था और पवन ने रोहन की भलाई के लिए
18:30वहीं दूसी तरफ आज पायल घर के बाहर के तरफ मिटी से दीवारें और उपर घास और डंडे से छट
18:35तयार कर देती है
18:36लेकिन साथ में उसके आगे बहुत बड़ा सा चज्जा निकाल देती है
18:39यानि बात्रूम की छट सिर्फ उसकी चार दीवारों तक सीमित नहीं रहती बलकि बहुत आगे तक आजाती है
18:44जिससे उस एरिया में च्छाओं रहती है
18:46ऐसा ही पायल आज घर की चट के साथ करती है
18:48और उनकी चट भी वो बहुत आगे तक बाहर निकाल कर उसका चज्जा बना देती है
18:55अब पायल पूरे आंगन में अच्छे से घास डाल देती है
18:58और वहाँ पर घास उगा देती है
18:59ममी जी जब पूरे आंगन में घास उग जाएगी तो हम ये उपर से डाली हुई घास को हटा देंगे
19:06उसके बाद पायल एक लकडी का रेक्टेंगल बॉर्डर बनाती है
19:10और उसके बीच में बहुत सारी घास से उसे कवर कर देती है
19:13उसमें वो मजबूत रसी बांदने के बाद घास को अच्छे से फिक्स करती है
19:16साथ में नीचे उसके चार पैर बना कर घास की चार पाई बना देती है
19:20इस तरह पायल मेहनत से सारा काम कर रही थी
19:22एक दिन में ये सारा काम खतम हो जाता है
19:25और अगले दिन वो बात्रूम के बाहर वाली छटकी चाओं गड़ा खोद कर इसमें इटों से एक छोटा सा गोला
19:30बना कर स्विमिंग पूल बना देती है और वहाँ पर परदा लगा देती है
19:35अब आपका ठंडा घर और ठंडा बात्रूम तियार हो गया है
19:40ये सब देखकर सब बहुत खुश होते हैं उसके बाद पायल निधी के साथ मिलकर मिटी का एक ठंडा फ्रिज
19:44बनाती है
19:45वो मिटी का बना हुआ धाचा रख देती है और उसके उपर घास को रख देती है अब उसके अंदर
19:50मिटी के बरतन में खाना रख देती है
19:51खाना भी काफी देर तक ठंडा रहता है
19:53वहीं दूसरी तरफ घर के बाहर जो आंगन में उसने शेड बढ़ा कर च्छाओं बनाई थी
19:58उसमें वो अपना चूलह लगा देती है
20:00ताकि घर के अंदर गर्मी न हो
20:01वो काफी महने से अपना मिटी का चूलह बनाती है
20:13बहु तो ने सच में साबित कर दिया
20:15कि जहां चाह होती है वहां राह होती है
20:17इस तरह सब बहुत खुश होते हैं और अब वो गर्मी में ठंडे घर में रहते हैं
20:21वहीं दूसरी तरफ रोहन की आदत नहीं सुदर रही थी
20:23उसने फिर से पैसे इंवेस्ट किया और फिर से उसे लॉस हुआ
20:27अरे याद ये फिर से सारे पैसे आर गया मैं तो
20:29इस तरह दिन गुजर रहे थे और कुश दिन बाद पायल बहुत सारी लकडी घास और मिट्टी लाती है
20:34और उन सबी को इकठा करने के बाद उसका कूलर की तरह धाचा तयार कर देती है
20:37अब वो निधी के साथ कबाडी की दुकान पर जाती है
20:41बहन जी मोटर बिलकुल ठीक है इसे आप चला सकती है
20:45ठीक है भईया आप हमें ये मोटर दे दीजे
20:48पाइल मोटर लेकर घर आ जाती और उसके अंदर अच्छे से मोटर को फिक्स करवा देती है
20:52पाइल ने उसके अंदर बहुत सारी ठंडी घास डाली थी जिसकी वज़ा से वो कूलर बेहर ठंडी हवा दे रहा
20:57था
20:57अरे आज रात को तो इस कूलर के नीचे सोने में बढ़ा मज़ा आने वाला है
21:02तुने बहुत अच्छा क्या बेटा कूलर बनाकर हमारे पुराने वाले कूलर की मोटर सच में खराब हो गई थी
21:07क्योंकि उसके अंदर से तो हवानी बंद हो रही थी
21:11बहुत कम हवा आती थी
21:12भावी आपने तो इतने सारे जुकार करके सच में कबाल कर दिया
21:16इस तरह सब खुश हो रहे थे
21:18जब अगले दिन सीमा और पवन दोनों बहां जाकर ये सब देखते हैं
21:21तो उनको भी काफी हैरानी होती है
21:22और पिंकी तो वो छोटा सा स्विमिंग पूल देखकर बहुत खुश हो जाती है
21:26वो उसके अंदर निधी के साथ अंडे पानी में नहाती है
21:28बुआ ये तो किता संदर है और अच्चा है हमारे घर में स्विमिंग पूल भी है
21:34हाँ बेटा सब कुछ तुमारे चाची ने किया है
21:37पवन भी ये सब देखकर हैरान था
21:40बेटा सब कुछ छोटी बहु ने किया है
21:42वो हमें गर्मी में परेशान देखकर खुद परेशान हो रही थी
21:46इसलिए उसने सिर्फ हमारे लिए इतनी महनत की
21:49सच में पाइल बहु का कुछ कहना नहीं
21:51आप तो नौकरे भी करती है सिर्फ घर को चलाने के लिए
21:54हमारी छोटे बहु ने कितना कुछ किया है
21:57सब पाइल के तारीफ कर रहे थे और सीमा जल बुनकर राख हो रही थे
22:00लेकिन पवन को बुरा लगता है
22:30इस तरह सब पाइल की तारीफ कर रहे थे
22:31हाला कि घर में अभी कुछ अच्छा भी होने वाला था
22:34और साथ में बहुत बुरा भी
22:35कोई दिन बाद पाइल सब को बताती है कि वो मा बनने वाली है
22:38तो इसकी खुशी सब को हो रही थी
22:40लेकिन साथ में रोहन को भी इसकी खुशी थी
22:43पायल मुझे बहुत कुशी है फिर तो मैं अपने बच्चों के लिए और मेहनित करूँगा और जल्दी अमीर होकर उसे
22:48बहुत अच्छी जिन्दगी दूँगा
22:50मैं तो बस आपसे इतना कहना चाओंगे कि हम शॉर्ट कट की बचाए अगर अच्छे से चले तो हमारी जिन्दगी
22:55अच्छी हो सकती है क्योंकि ऐसे में बहुत लॉस हो रहा है
22:58लेकिन रोहन कहां समझने वाला था अगले दिन उसने जिस आदमी से कर्दा लिया था वो आदमी अपने साथ कुछ
23:04आदमियों को लेकर वहां आता है
23:06अरे बई मेरा पैसा तुने अब तक नहीं दिया तुझे क्या लगा तो हमारे फोन नहीं उठाएगा तो हम तुझे
23:11छोड़ देंगे
23:12अरे नहीं नहीं ऐसा नहीं है मैं तो बस पैसों का इंतजाम कर रहा था आप मुझे छोड़ दीजिए
23:20वो अंदर जाते हैं तो उन्हें कुछ खास सामान नहीं मिलता
23:23बस लकडी का कुलर मिलता है तो उन्हें घुसा आता है
23:26वो वहाँ का सामान तोड़ देते हैं पाईल उन्हें रोकने की कोशिश करती है
23:30किर्प्या करके ऐसा मत केजिए हमने बहुत मैनल से इस घर को बनाया है
23:34लेकिन वो आदमे पाइल को धक्का मार कर गिरा देते हैं
23:51अबी तो बच्चा और माल बिल्कुछ ठीक है
23:53लेकिन अगर दोबारा ऐसा कुछ हुआ तो कुछ भी हो सकता है ध्यार रखिये
23:57यह सब देखकर और ऐसा सुनकर रोहन के मन में डर बैठ जाता है
24:01आज रोहन लाइफ की सिचुएशन को देखकर बहुत सीरियस था और गुमसुम भी
24:05वो किसी से नजरे नहीं मिला पा रहा था कि उसकी वज़ा से ऐसा हुआ
24:08वहीं दूसी तरह पायल भी मायूस थी कि इतनी महनत से उसने जो जुगाड किये वो सब खराब हो गए
24:13लेकिन पायल के अंदर अलग ही जुनून था इतनी आसानी से वो कहां हार मानने वाली थी
24:18वो उन सब को ठीक करती है सबसे पहले जो फ्रेज दूट गया था उसे ठीक करती है
24:35ये बात रोहन के मन को छुझा आती है और वो अब पायल का ऐसा जुनून देखकर उसकी मदद करता
24:40है
24:41ये देखकर पायल बहुत खुश होती है कोई किसी से कुछ नहीं कहता लेकर सब एक दूसरे को देखकर फिर
24:45से हिम्मत करते हैं और सब कुछ ठीक करते हैं
24:47जो फ्रिज टूटा था उसे ठीक किया जाता है बाहर जो मिटी की दिवार खराब थी उसे दोबारा ठीक करके
24:52उसके गैप में घास को डाला जाता है फिर दोबारा चारपाई को भी ठीक किया जाता है इस तरह सब
24:58कुछ ठीक हो जाता है और इस बार वो नई सिरे से कूलर बनात
25:05दिकूपायल तुम्हारी तरह तो अच्छा नहीं वना लेकिन कोशिश की है
25:09ये अच्छा है बलकि मुझसे भी बहतर
25:12इस तरह सब मैनत करते हैं और फिर से सबी जुगार करके घर को पहले की तरह कर दिया जाता
25:17है
25:17जब ये बात पवन को पता चलती है तो
25:20ये सब गलत हुआ हमें आज ही वहाँ जाना है और सब के लिए हम सामान खरीद कर देंगे
25:24और मैं तो सोच रहा हूँ कि उन्हें यहां ले आता हूँ जो भी कर्ज है मैं चुका दूँगा एक
25:29और लोन ले लोगा
25:29ये बास उनका सीमा भड़क जाती है
25:32अब कब तक उनके लिए करेंगे हमने क्या ठीका लिया है उनका साध जनम तक का
25:42वाह तुमने बहुत अच्छी बात कही आध समझ आ रा है कि तुम भले के लिए नहीं बलकि तुम्हारे अंदर
25:46जहर है
25:47इसलिए तुम मुझे मेरे घरवालों को कुछ भी देने से मना करती थी
25:50लेकिन याद रखना वो मेरा परिवार है
25:52मैं उन्हें मुसीबत में नहीं छोड़ूँगा
25:53तुमसे अच्छी तो पायल है जिसने घर के लिए कितनी महनत की है
25:57जब देखो हर कोई बस पायल पायल ही करता रहता है
26:01बच्पर में भी हर कोई मुस्से ज़्यादा उसकी तारिफ करता था
26:04वो ज़्यादा सुन्दर है वो ज़्यादा अच्छी है
26:06उसके मार्क्स भी मुस्से ज़्यादा है
26:07बस बहुत हो गया उसके लिए मैं किसी को कुछ नहीं करने दूँगी
26:13यह सब तुम्हारी जलिसी बोल रही है
26:15इसलिए जब तुम्हें रोहन के सचाई पता चली
26:17तब तुम्हें जान बूच कर अपनी सहली को इस शादी में फसाया
26:20तुम्हें अच्छा लगता था
26:23लेकिन उसने तुम्हारे लिए हमेशा अच्छा सोचा
26:26उसका मन साफ है वो दूसरों के लिए जीती है
26:28इसलिए सब उसकी तारीफ करते है
26:29तुम जब अपने घरवालों के लिए पैसे भीजती हो तब सब सही है
26:33आज के बाद यहां पैसे भीजने है तो खुद कमाना
26:37लेकिन मैं अब अपने परिवार के लिए ही सब करूँगा
26:39ये बास उनका सीमा हैरान थी
26:42और पायल से चड़ना बंद करो
26:44तुम्हें पता है जब माने पायल से कहा कि रोहन के साथ उसकी शादी गलत हुई
26:48और क्या तो मैं लगता है कि सीमा कसूरवार है
26:50तब जानती उपायल ने क्या कहा
26:51कि सीमा मेरे साथ गलत कैसे कर सकती है
26:53वो मेरी सहेली है
26:54उसने तो सब मेरे भले के लिए सोचा होगा
26:57और हम दोनों का साथ उसे अच्छा लगता है
26:59इसलिए उसने ऐसा सोचा
27:00कुछ गलत हो रहा है
27:01तो वो सीमा की गलती नहीं मेरी किस्मत है
27:03इतना कहकर पवन वहां से चला जाता है
27:05और ये सब बाते सीमा की आँखे खोलती है
27:08उसे भी बहुत बुरा लगता है
27:09सीमा पवन की पास जाती है
27:24मुझे माफ कर दीजिए
27:25तुमने तो फिर से सब ठीक कर दिया
27:28इस बार सबने मेरी मदद की है
27:30रोहन जी ने भी
27:34ये तो हैरानी की बात है
27:36हाँ भया लेकिन अब मुझे हैसास हो गया है
27:38कि शॉर्ट ट्रिक्स में कुछ नहीं रखा
27:40बिना मेहनत की कुछ नहीं मिलता
27:42मैंने अब एक जगा नोगरी करना शुरू कर दिया है
27:44चिंता मत कर
27:45तेरा कर्ज उताने में मैं तेरी मदद करूँगा
27:48और अगर तू ऐसे ही रहा तो मुझे बहुत खोशी होगी
27:50मैं चाहता हूँ तू जिन्दिगे में बहुत तरकी करे
27:52मैं आफ सब के लिए नया कोलर लेकर आऊंगा
27:55नहीं भया आज तक आपने मेरे सारे गलत कामों को समा रहा है
27:58बड़ी मुश्किल से मुझे अकल आई है
28:00इस बार मुझे खुद सब करने दीचे
28:02मैं चाहता हूँ मेरा बच्चा भी देखे कि उसके पापा महनती है
28:05और अमेला परवही नहीं करना चाहता
28:07सबी को रोहन के इस बात पर गर्व होता है वहीं सीमा पायल से
28:11मुझे माफ करना
28:14माफ तो तुमें मैं नहीं करूंगी
28:15सीमा डर जाती है
28:18क्योंकि तुम फ्लैट में जाने के बाद हमें भूल गई हो
28:20और हमसे मिलने भी नहीं आती
28:22फिर से पायल के अच्छा ही देखकर
28:24सीमा का दिल पिगल जाता है
28:25और अब सब के साथ अच्छे से रहती है
28:28अब पवन और सीमा कुछ दिन के लिए पायल के बनाई होई
28:30जो गाडू घर में ही रहते हैं
28:32मानना पड़ेगा एसी भी फेल है यहां के आगे
28:34अंदर भी कित्ती धंड़क है
28:36और बाहार भी तो अच्छी शेड लगा कर
28:39तुमने गाउ में सुमिंग पुल के साथ
28:40घास वाली धंडी चारपाई भी बनाई है
28:43हाँ भावी अब तो बाहर भीया ने शेड में भी पंका लगा दिया है
28:47वहाँ बैटकर अब और अच्छा लगता है
28:50आज शाम को सभी वहाँ बैटकर स्नेक्स खारे
28:52और पड़ोसन भी वहाँ आती है
28:54वहाँ मिट्टी की शेड और घास की चारपाई पर
28:57जब सब बैठे होते हैं तो
28:59सच में मज़ा आ गया
29:01मानना पड़ेगा शांती भाव चुनकलाई है
29:04हाँ मेरी दोनों भावे कमाल है
29:07इस तरह परिवार में सब ठीक हो जाता है
29:09और अब परिवार खुशी खुशी अपने बनाए हुए
29:11जो गालू ठंडे घर में रहता है
29:13क्योंकि अभी रोहन को पहले बहुत से हिसाब चुकाने थे
29:15और अब वो अपनी पत्नी के सपोर्ट से
29:17सब कुछ ठीक करता है
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