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अमेरिका की सैन्य ताकत को लेकर बड़ी चिंता सामने आ रही है, क्योंकि रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच US के पास हथियारों की कमी हो सकती है। मिडिल ईस्ट में लगातार बढ़ते हालात और ईरान-इजरायल टकराव ने वैश्विक सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या अमेरिका लंबे युद्ध के लिए तैयार है? क्या उसकी सैन्य क्षमता सच में कमजोर पड़ रही है? इस वीडियो में जानिए अमेरिका की डिफेंस स्थिति, ईरान संकट और दुनिया की बदलती जियोपॉलिटिक्स की पूरी जानकारी।

Concerns are rising over the United States’ military readiness as reports suggest a possible shortage of critical weapons amid escalating tensions with Iran. Questions are being raised about whether America has enough defense capability to sustain a prolonged conflict in the Middle East. With the ongoing Iran-Israel tensions and increasing global pressure, Donald Trump’s strategy is also under scrutiny. Is the US really running low on arms? Can it still challenge Iran in a full-scale war? Watch this detailed report covering US military stockpiles, Iran conflict updates, global reactions, and the growing geopolitical crisis shaping the future of international security.

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~HT.318~ED.106~PR.540~GR.122~VG.HM~

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00:00कि डॉनल्ड ट्रम्प साब हमना बेशक करे या ना करे अब मैं खुले शब्दों में आपको यह कहेंगे डॉनल्ड ट्रम्प
00:06साब जो है इस लड़ाई को हार चुके हैं और वो इस चीज हार को मानने के लिए तैयार नहीं
00:12है और उनकी गलती नहीं है अगर दुनिया का सबसे �
00:16ताकत और देश एक सेकिंड रैंकिंग कंट्री के साथ अगर हार जाता है तो उसके लिए बड़ी शरम की बात
00:23है आप देखिए अगर उनकी बाते की जाए तो उन्होंने जो है
00:28स्टेट और हॉर्मूज जिसके ऊपर कोई जगड़ा नहीं था कोई कुछ नहीं था आज स्टेट और हॉर्मूज एक ऐसा मुद्दा
00:35बन गया है जिससे साफ जाहर होता कि अगर अमेरिका की जो दुनिया में सबसे शक्ती साली नेवी है अगर
00:43वो स्टेट और हॉर्मूज को
00:56आज तक का रिकॉर्ड है कि वो वेपन उससे स्टॉक लेवल कभी कम नहीं हुआ जितना स्टॉक लेवल उनका अमेरिका
01:03का अभी कम हो चका है।
01:04उसके बाद जो अमेरिका ने पिछले 50 साल से जो एक सिक्योर्टी का आर्किटेक्चर बनाया था मिड्ल इस्ट में जिससे
01:12मिड्ल इस्ट कंट्रीज को ये तसली दी थी कि आपके उपर अगरा हमला होता है तो हम आपको बचाएंगे उसमें
01:19अमेरिका जो है बिलकुल नाकाम र
01:33जाएगा तो उसको कितना टोल देना पड़े गा और उसके बाद अफगानिस्तान में हुआ जो वेटलम में हुआ हुआ इस
01:40से अटनी जो है अमेरिका की शाक हो इस एस एधर यू Es की जो अभी लड़ाई है उस से
01:50अमेरिका की शाक कम होगी तो यह जो अगर पांच्षे ची�
02:03बिल्कुल सर, देवनास सर के पास चलते हैं, देवनास सर यही सवाल आपसे भी होगा, ट्रंप तो कह रहे थे
02:09कि हम हमला करने ही जा रहे थे, बस आदेश होने ही वाला था लेकिन इन देशों ने विंती की
02:14कि नहीं आप रुख जाए थोड़ी देर, सौधी अरब, यूई, कतर
02:17तो हम रुख गए हैं, जादा देर तक तो हमें रुखना नहीं है, और अगर हम हमला करेंगे तो इरान
02:22में कुछ नहीं बचेगा, आपको ये धंकी ट्रंप की कितनी सच लग रही है, क्या ये खोकली बात ने सिर्फ
02:28है उनकी बस?
02:30वेवब जी देखिए, इसके पहले भी ट्रंप ने कहा था कि उन्होंने पाकिस्तान के रिक्वेस्ट पर सीस्वायर का ऐलान किया
02:37है, जबकि असल बात यह थी कि यहाँ उनकी इंटरनल पॉलिटिक्स, इंटरनल लीगल सिस्टम और उनकी जो कॉंस्टिशन हैं, उसके
02:48जो ब
02:58बंदुख दूसरे के कंदे पे रख्टी चलाने की कोशिश कर रहे हैं, इस बार भी पेंटागन में कोई खास जोश
03:06नहीं है इरान के उपर हमला करने के लिए, पेंटागन के जो जनरल्स हैं, एड्मिरल्स हैं, एरफोर्स के सीनियर आफिसर्स
03:15हैं, उन्होंने कॉंगरेशन
03:18हेरिंग के दौरान बहुत अच्छी तरह से अमरीकन फौजों की जो ताकत है उसको समझाया, अमरीका की जो सेनेट है
03:27उसको, अब कॉंगरेशनल रिप्रेजेटिटिव से उनका जवाब मिला, और जो देखिए, अमरीका एक बहतरीन डेमोक्रिसी है, वहां पे जनरल्स को
03:41म�
03:48अब कर अपनी बात कहने का भी, हम लोगों को भारत में भी ऐसा कुछ करना पड़ेगा, तो जब जनरल्स
03:55ने समझाया की पेंड़गन की मजबूरियां क्या है, तो जनरल्स ने समझाया का यूद्ध, गज़ा का यूद्ध, अब इरान का
04:15यूद, ताइवान उस तरफ से स्�
04:18लेकिन देखो, वैवा, हो क्या रहा है, जब पेंटागन के ओफिसर्स को मौका दिया गया, एनी कुश्चिन्स, ये मैं फिर
04:30से अमेरिका की डेमोक्रिसी का पकान कर रहा हूँ, जब उनके जो सीनियर कॉंग्रिसमें हैं, सेनिटर्स हैं, उन्होंने जनरल्स को
04:40टाटा बाई
04:41करने के बाद, हेरिंग खतम होने के बाद, लास्ट एक मौका दिया जरता है, जनरल, यू यू है मैंनी कुश्चिन्स,
04:49तो कुश्चिन्स बड़ा शांदार था, ठीक है सर, आप हुकम करेंगे, हम 10 दिन, 20 दिन, 40 दिन तक बम
04:56गिराते रहेंगे, लेकिन हम कब तक बम गिरा�
05:03कैसे लास्ट टाइम, एक मार्स से लेके 8 अपरिल तक 38,000 बम से इसरायल ने और अमरीका ने गिराया,
05:11तो हासल क्या हुआ, 38,000 बम इरान के उपर गिराना तो मकसद नहीं था ना, बम गिराना युद्ध का
05:20मकसद नहीं होता, युद्ध का मकसद होता है, बम गिरा गिरा के द
05:29दिश्मन को बात दे करना, तो अमरीका के जनरल ने पूछा, ठीक है सर, आप हमें हुकम देजी, आप मंगलवार
05:34से बामिंग युलू कर देते हैं, लेकिन जब बामिंग चलेगी 20 दिन, 30 दिन, 40 दिन, तो हासिल क्या होगा,
05:45क्या हासिल होने पर आप हमें बोलेंगे, एड्मिर
05:48ठीक है स्टॉप फाइरिंग, जनरल साब ठीक है स्टॉप फाइरिंग, क्योंकि देखो वेवा कोई भी जब युद्ध होता है, तो
05:57प्रिंसिपल ओफ वार बहुत क्लियर है, युद्ध के पहले जनरल अपनी पॉलिटिकल लीडर्शिप की तरफ, उपर की तरफ देखता है
06:04और पूछता है कि हुदूर मेरा एम क्या है, मेरा लक्ष क्या है, हम इसे प्रिंसिपल ओफ वार कहते हैं,
06:13पहला एम होता है प्रिंसिपल ओफ वार में, सिलेक्शन ओफ एम, तो वो एम तो पॉलिटिकल लीडर्शिप बताती है, एक
06:25भी कॉंग्रेस्मेन, एक भी सेनेटर, �
06:27को नहीं बता पाया
06:29या Air Force के Senior Officer को बता पाया
06:31कि क्या aim
06:34क्या लक्ष है
06:35हासिल होने पर युद्बंदी हो जाएगी
06:39तो अब
06:39वो कहते हैं जी ठीक है
06:41Qatar नहीं कह दिया, UAE नहीं कह दिया,
06:43Saudi नहीं किये तो
06:45अजम नहीं होती है
06:47सारे आम इनके सामय
06:49जूट बोला जा रहा है
06:50जी वेबब
06:51बिल्कुल सर, शिवेन जी हमारे साथ
06:53शिवेन जी आपका क्या मानना है
06:55टरंप अभी किस सिस्थिती में आपको दिख रहे हैं
06:57इस पूरे तनाव और जंग के बीज में
06:59देखे उसको बहुत बहुतर तरीके से
07:01सोही सर और देवदा सर ने समझा दिया
07:03और मुझे उसमें कुछ और जोडने की जोड़ नहीं लगती
07:06लेकिन मेरा एक मान समझना यह है
07:08क्योंकि हम जब सो करते हैं बात करते हैं
07:11तो हमारा एक इंटरेस अपने देश की तरफ भी होता है
07:27इसके यह क्यों रुके हुए हैं इसके पीछे क्या है
07:31जब सीज फायर है तो वो नॉर्मल क्यों नहीं आपा रहा है
07:33कहां बाधित देख रहे हैं आपसे
07:34क्या आपको इसमें उम्मीद लग रही है
07:36क्या रणनीति कमी है बाकी देशों की भी
07:39में क्या रणनीती होनी चाहिए बिल्कुल सिरो ही सेर ये समस्या भारत की तो है और बाकी देशों की भी
07:48ये समस्या है खास तोर पर एशन कंट्रीज की और यॉर्पन कंट्रीज की के जब तक लडाई शुरू नहीं हुई
07:56थी स्टेट और हर्मूस पूरा खुला हुआ था और �
07:59जैसे हम जानते हैं 20% जो दुनिया की जो खपत है एनरजी की वो स्टेट और हर्मूस के थरू
08:07आती थी और उसको इस्तिमाल किया जाता था अब स्टेट और हर्मूस जो है एरान ने अपनी तरफ से बंद
08:13कर दी है अमेरिका ने ब्लॉकिड लगा दिया है अमेरिका ने उनके
08:17पोर्स के उपर ब्लॉकिड लगा दिया है तो इसका मतलब यह है स्टेट और हर्मूस से कोई चीज पास नहीं
08:22हो सकी और यह एक बहुत बड़ी समस्या है और यह समस्या सिर्फ भारत के लिए नहीं पूरी दुनिया के
08:28लिए समस्या है अमेरिका में खुद जो है तक्रीबन �
08:32जो रेट बढ़ गए है वो पंतारीस परसंट से लेके अटारीस परसंट के रेट जो है जो ऑईल और जो
08:38गैसे उनके बढ़ गए हैं पूरी दुनिया में इसका हाहा कार मचा हुआ है तो मेरा यह मानना है कि
08:44सब देशों को मिलकर यूएल में एक रेजुलेशन लाना चाहि�
08:48जनरल एसेंबली में क्योंकि अगर आप सेक्योर्टी कॉंसे में रेजुलेशन लाओगे तो रश्या और चाइना उसको वीटो कर देगा तो
08:56अगर आपको जो है थोड़ा शोर मचाना है और अमेरिका के उपर और इरान के उपर प्रेशन डारना है तो
09:03आपको जनरल एसेंब
09:19करना चाहिए जिसमें यह कहना चाहिए कि स्टेट और हर्मूर्स को खोला जाए तुर्ण और उस सालत में 28 सरवरी
09:28से पहले था यह इसका जवाब है नहीं को गया है इसमें थोड़ा सा और थोड़ा सा आपसे समझना चाहूंगा
09:34दर्सक भी समझेंगे कि तीन देश इस लड�
09:45नहीं कर सकता था तो सयोगियों पर हबला किया जहां पर उनके फौज थी तो सवाल यह कि अब इस
09:52समय जो आपने बताया कि बहुत जरूरी हो गया है पूरी दुनिया के लिए अर्थमवस्ता जिस तरीके से डगमगा रही
09:59है वो तो चुप क्यों है आखिर क्या अमेरिका का �
10:02या अमेरिका की हड धर्मता के आगे सब हाथ भणत कर दीए रिया क्या इसका आके इसकी तरफ अगल नहीं
10:09बढ़ेंगे तो समस्या तो सारे देशों में है तो कौन इसके लिए आगे बढ़े
10:18पहले कोई और करे तो बात करें रिद्धर जी बिलकुल बात आपकी बात से बिलकुल सहमत हूँ यह बड़े अक्सोस
10:26की बात है
10:27कि चाइना जिस जो की 90% इरान से तेल लेता था वो भी चुप बैठा है वारत है जो
10:33की पूरी एनरजी रिक्वार्वन भारत की थी वो मिल्ली इस से आती थी और गैस तो कुएट से आती थी
10:38वो भी अब चुप बैठा है तो मुझे लगता है बाकिया आप साउथ कुरिया लग
10:55चल रहा है तो दुनिया इसी से परेशान है देगी प्रॉब्लम ये है कि वो ही बात है कि बिल्ली
11:01के गड़े में घंटी कौन मालेगा सबसे बड़ी समझता ये है आप देखिए भारत के जाज को लगो दिया गया
11:07भारत ने क्या किया बारत नहीं जो उसको कंड़े कर दिया �
11:10और उससे जादे कुछ नहीं कर तो मेरा ये मानना है कि ये जो सॉर्ट पॉलिसी खासता बारत के भी
11:15क्यूंकि बारत और चीन दोने चीन के पास तो चलो अभी स्टेजिक रिजल्स है वो इस उमीद में है कि
11:21शायद आने वाले समय में यूए स्टेट और हर्मूज खूज आ�
11:37और मोदी साब तो खुझ ये कह रहे है कि जो है बिलो पावर्टी लाइन में बहुत दुनिया करोड़ों लोग
11:42जो है बिलो पावर्टी लाइन चली जाएंगी तो इसके लिए सब देश्यों को करना चाहिए लेकि प्रॉब्लम यह है कि
11:49कोई भी बिल्ली के गले में घंटी �
11:52बिल्ली कौन है वह अमेरिका बिल लिए अमेरिका डिसाइट करता है कि अच Familie ब्रॉब्र को होता है बताने वाला
12:11कि बारत किसे तेल लेगा किसे तेल नहीं लेगा तो यह जो soft foreign policy है हमारी इसको थोड़ा aggressive
12:18होना पड़ेगा आप देखिए चीन में डॉनलर्ड ट्रम्प साथ गए उन्होंने ताइवान के ऊपर चुप्पी लगाई बनकि ताइवान को भी
12:25बोल के आए कि आप independence declare नहीं कर सकते �
12:28तो क्या भारत को भी कुछ ना कुछ इसा stand नहीं लेना चाहिए कब तक यह soft policy हम यह
12:34follow करते रहेंगे जी बिल्कुल मैं देवनास सर की तरफ जाना चाहूंगा पूछो क्या जो बात कहीं बहुत अच्छे समझाए
12:40लेकिन हमारी ऐसी क्या मजबूरी है मतलब हम ऐसा क्यों नही
12:58हमें अंदर से गराएगा हमारी यर्थ परता की जड़ों माम अंठा डालता जाएगा तो सवाल यह है किया हम पूरा
13:05देश जब विस्त पूरे देस की जंता का है सबसे पहले हमें एक जो ठोके क्या कोई अमेरका से बात
13:11करनी चाहिए करना चाहिए कोई बहां पर ब्लॉकेट
13:26सकता है दिमना स्य३ा दूत मैं वो क्या रहा है कि अमेरीका ने आसते आसते भारत के साथ होत दोस्ती
13:40बड़ा ली है हमारे है निध ऐसा हो गया है आजकी तारीफ़ में कि भारत अमेरीका के बगेर शायद सांस
13:48भी न ले पाई हमारे बैसिक हूमन हार रसोर्सेजा आप देख �
13:55जीए, अमरीका में लाखों भारतिये काम कर रहे हैं, डोनाल्ड टरम थोड़ा फूप भी मार दे हैं, उनके अमरीकन सिटिजनशिप,
14:04ग्रीन कार्ड या विसा के उपर तो भारत को पसीने आ जाएंगे, दूसरी हमारे दिक्कत है कि अमरीका से हम
14:11बहुत बड़ी तदाद में �
14:13इन्वे्स्टमेंट लेते, चाहे गवर्मन दे, चाहे फॉर्यक या विसा किव वेट से हमारे थातिया कोर्पोरेट वर्ड, अपरायνεट अगर हमारा शेयर
14:29मार्केट, अमरीका को आगर एक बी शबत अगर डोनाल्ड टरम बोलनेम तो हमारा शेयर मार्केट हिल जाता,
14:43जहां तक हमारी विदेशनीती है नाना कारणों से हम किनी नाना कारणों से उसमें कुछ विशेश भी कारण है
14:52हम थोड़ा बादे हो गए हैं रूस से दूर जाने के लिए अमरिका के ज़्यादा पास आने के लिए
14:59तो विशू के पटल में हम जब कुछ मजबूती से कहना चाहते हैं तो हमें थोड़ा सा नरम रुक अक्तियार
15:06करना पड़ता है
15:06आप देख लीजिए भारत का ब्रिक्स में क्या हुआ आप देख लीजिए भारत का क्वाड में क्या हुआ
15:13अमेरिका की थोड़ी सी बेरुकी से ही भारत परिशान हो जाता है।
15:43समस्या पैदा कर सकता है हमारे अंग काफी उद्योक खत्म हो सकते हैं चोटे से हैं मैं समी सेक्टर की
15:49बात करें और तमाम चीज करें विरोजगारी फैल सकती है इसको यह सब दोरे साध नहीं पा रहा है यह
15:56केवल अभी डील डील तक है हमें इंतजार कर रहा है किसी हम इस इन �
16:01और आगे बास्त्मिक रूप में आने का क्या है याई सबसे बड़ा समस्या मुझे व्यापार भी लग रही है कहीं
16:06न कहीं शुविंदर जी आपने सही कहा देखिए जहां तक भारत सरकार की बात है वैपार को अमरीकन वैपार को
16:15हम समस्या ना समझके उसको अपर्चुनेट
16:30रहा है तो भारत में अभी भारत सरकार का पूरा फोकस है कि भविशे में अमरीका के साथ ज्यादा से
16:36ज्यादा वैपार कैसे किया जाए हमारा ट्रेट सर्पलस भी है करीबन साथ बिलियन डॉलर का तो अमेरिका टैरिफ लगा लगा
16:44के हमें वीच बिच में डराता है तो कहत
16:59कि अंग्रे जी में एक बड़ा सुन्दर्क वो है कि तू कैश दब बाई हॉन यानि भैसे को कौन डुकेगा
17:06उसकी सींग पकड़कर बाहु बली का वो सीक्वेंच में आपको ये डालाता हूं
17:10तो डॉनाल्ड ट्रम्प जो है अभी उनको रुखना भारत के लिए उनके विरुद्ड कुछ बोलना या उनसे अहस आहमति जताना
17:22भारत के लिए सुसाइडल हारा किरी फाबित होगा हमारा जो वेपारी वर्ग है वो डॉनाल्ड ट्रम्प एक हिंट थैते आज
17:32,टो मैं बतात
17:40मेरा इसे से जोड़ते हुए है तो ये जो विपक्ष जो आरोप लगाता है मैं थोड़ा सा वाजनेतिक सवाल को
17:47भी सच्चाई की तरफ ले जाने के पर इसे कर रहा हूं कहते हैं कंप्रोमाइज पीम तो पीम कंप्रोमाइज नहीं
17:54है बलकि एक अगर विपक्ष भी यहां पर ह
18:08रहा हूं क्योंकि यह जो विपक्ष है यह कस्टक्टिव बाते नहीं करता है यह डिस्टक्टिव बाते करता है तो विपक्ष
18:16का तो का क्योंकि विपक्ष को और कुछ नहीं मिलता मोजी जी के खिलाब तो वो कहते कॉम्परमाइज प्रैमिस्टर है
18:21आप देखिए मोजी जी
18:38है उनके साथ वायदा करवाया कि आप जो है तीस लाक बेरल जो है हमारी जो
18:43है डिप्नी रिजर्फ की आप रखेंगे या हम भारत में उसका जो है
18:47infrastructure बनाएगा जिसे UAE अपने strategic रिजर्फ तीस लाक
18:52बेरल जो है वो भारत में रखेगा अलागलन जो और डिकोज में उसके बाद जो है LPG, LNG सब के
18:59लिए storage facilities बनाना तो बोधी जी अपनी तरफ से पुरा काम कर वे है
19:03गौर्मेंट यह जो सरकार है यह प्रो एक्टिव ए रियक्टिव नहीं है यह वो सरकार है जो action होने के
19:11बाद जो है फिर reaction करती है यह already जो है proactive है
19:15उसके बाद जोए इंडिया नौडिक सम्मिट में गए जहां पर सुएडन और नोर्वे के साथ बत करके आई है
19:21गरीन टेकनलोजी की बात करकरे आई है डिजिटर इंट्रस्टेक्शर की बत कर गये आई है
19:26उसके बाद यूरप में गए हैं जहाँ पर इटली और उसके साथ गए जो है निरलेड के साथ गए हैं
19:33वहाँ पर भी जो है डिफेंस के कॉलाइबरेशन की और क्लीन एनरजी की बात्ची करने तो ऐसा नहीं है शिरफ
19:40प्रॉल्लम जो हमको अभी रिजल्ट नहीं दिख रहे है
19:43अभी क्योंकि जो हर चीज ये डील स्केज में है लेकिन आने वाले समय में अगर हमारी ये डील जो
19:50है जिस तरीके से बोधी जी कोशिश कर रहे है अगर ये काम्याब हो जाती है तो आने वाले समय
19:57में पांस साल दस साल बाद अगर ये दुबारा इस तरीकी की स्टिती आती ह
20:01तो उस समय भारत जो जाने तयार होगा और भारत को इतनी समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ेगा जितनी समस्याओं
20:10आज भारत को सामना करना पड़ रही है
20:12क्योंकि भारत में कभी सोचा नहीं था
20:14कि स्टेट और हर्मूज बारत में किसी भी देश नहीं सोचा था
20:18आज तक Middle East में जो भी कुछ हुआ
20:20पिछले साल भी इरान के उपर हमला हुआ
20:23लेकि स्टेट और हर्मूज नहीं हुआ
20:24और ये जो है पेंटागन के जो डिवनाज साब बता रहे थे
20:29पेंटागन के जितने जनर्ल्स थे वो और जो एरफोस के थे या नेवी के थे
20:34उन्होंने जब ये ब्रीफिंग हुई थी एपक फ्यूरी से पहले अठाई सर्वरी से पहले
20:39तो डॉनल्ड ट्रम्प साब को इसकी वार्निंग दी थी चेताव ने दी थी
20:42कि अगर आप इरान के उपर इस तरीके से हमला करोगे तो इरान इस बारे स्टेट और हर्मूज को बंद
20:49कर देगा
20:49तो क्या था था उन्होंने उन्होंने का था जो देश हार जाएगा लडाई में वो स्टेट और हर्मूज कैसे बंद
20:55कर देगा
20:56और अगर कर भी दी तो हम जो इसको खोल देगे वो उनकी कैल्कुलेशन फेड हो गई
21:00तो किसी देश ने नहीं सोचा था कि इतना लंबा जो है यह लडाई चरेगी और अमेरिका उस हालत में
21:07भी नहीं होगा कि स्टेट और हर्मूज को दुबारा खुलवा सके जी
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