00:00कि डॉनल्ड ट्रम्प साब हमना बेशक करे या ना करे अब मैं खुले शब्दों में आपको यह कहेंगे डॉनल्ड ट्रम्प
00:06साब जो है इस लड़ाई को हार चुके हैं और वो इस चीज हार को मानने के लिए तैयार नहीं
00:12है और उनकी गलती नहीं है अगर दुनिया का सबसे �
00:16ताकत और देश एक सेकिंड रैंकिंग कंट्री के साथ अगर हार जाता है तो उसके लिए बड़ी शरम की बात
00:23है आप देखिए अगर उनकी बाते की जाए तो उन्होंने जो है
00:28स्टेट और हॉर्मूज जिसके ऊपर कोई जगड़ा नहीं था कोई कुछ नहीं था आज स्टेट और हॉर्मूज एक ऐसा मुद्दा
00:35बन गया है जिससे साफ जाहर होता कि अगर अमेरिका की जो दुनिया में सबसे शक्ती साली नेवी है अगर
00:43वो स्टेट और हॉर्मूज को
00:56आज तक का रिकॉर्ड है कि वो वेपन उससे स्टॉक लेवल कभी कम नहीं हुआ जितना स्टॉक लेवल उनका अमेरिका
01:03का अभी कम हो चका है।
01:04उसके बाद जो अमेरिका ने पिछले 50 साल से जो एक सिक्योर्टी का आर्किटेक्चर बनाया था मिड्ल इस्ट में जिससे
01:12मिड्ल इस्ट कंट्रीज को ये तसली दी थी कि आपके उपर अगरा हमला होता है तो हम आपको बचाएंगे उसमें
01:19अमेरिका जो है बिलकुल नाकाम र
01:33जाएगा तो उसको कितना टोल देना पड़े गा और उसके बाद अफगानिस्तान में हुआ जो वेटलम में हुआ हुआ इस
01:40से अटनी जो है अमेरिका की शाक हो इस एस एधर यू Es की जो अभी लड़ाई है उस से
01:50अमेरिका की शाक कम होगी तो यह जो अगर पांच्षे ची�
02:03बिल्कुल सर, देवनास सर के पास चलते हैं, देवनास सर यही सवाल आपसे भी होगा, ट्रंप तो कह रहे थे
02:09कि हम हमला करने ही जा रहे थे, बस आदेश होने ही वाला था लेकिन इन देशों ने विंती की
02:14कि नहीं आप रुख जाए थोड़ी देर, सौधी अरब, यूई, कतर
02:17तो हम रुख गए हैं, जादा देर तक तो हमें रुखना नहीं है, और अगर हम हमला करेंगे तो इरान
02:22में कुछ नहीं बचेगा, आपको ये धंकी ट्रंप की कितनी सच लग रही है, क्या ये खोकली बात ने सिर्फ
02:28है उनकी बस?
02:30वेवब जी देखिए, इसके पहले भी ट्रंप ने कहा था कि उन्होंने पाकिस्तान के रिक्वेस्ट पर सीस्वायर का ऐलान किया
02:37है, जबकि असल बात यह थी कि यहाँ उनकी इंटरनल पॉलिटिक्स, इंटरनल लीगल सिस्टम और उनकी जो कॉंस्टिशन हैं, उसके
02:48जो ब
02:58बंदुख दूसरे के कंदे पे रख्टी चलाने की कोशिश कर रहे हैं, इस बार भी पेंटागन में कोई खास जोश
03:06नहीं है इरान के उपर हमला करने के लिए, पेंटागन के जो जनरल्स हैं, एड्मिरल्स हैं, एरफोर्स के सीनियर आफिसर्स
03:15हैं, उन्होंने कॉंगरेशन
03:18हेरिंग के दौरान बहुत अच्छी तरह से अमरीकन फौजों की जो ताकत है उसको समझाया, अमरीका की जो सेनेट है
03:27उसको, अब कॉंगरेशनल रिप्रेजेटिटिव से उनका जवाब मिला, और जो देखिए, अमरीका एक बहतरीन डेमोक्रिसी है, वहां पे जनरल्स को
03:41म�
03:48अब कर अपनी बात कहने का भी, हम लोगों को भारत में भी ऐसा कुछ करना पड़ेगा, तो जब जनरल्स
03:55ने समझाया की पेंड़गन की मजबूरियां क्या है, तो जनरल्स ने समझाया का यूद्ध, गज़ा का यूद्ध, अब इरान का
04:15यूद, ताइवान उस तरफ से स्�
04:18लेकिन देखो, वैवा, हो क्या रहा है, जब पेंटागन के ओफिसर्स को मौका दिया गया, एनी कुश्चिन्स, ये मैं फिर
04:30से अमेरिका की डेमोक्रिसी का पकान कर रहा हूँ, जब उनके जो सीनियर कॉंग्रिसमें हैं, सेनिटर्स हैं, उन्होंने जनरल्स को
04:40टाटा बाई
04:41करने के बाद, हेरिंग खतम होने के बाद, लास्ट एक मौका दिया जरता है, जनरल, यू यू है मैंनी कुश्चिन्स,
04:49तो कुश्चिन्स बड़ा शांदार था, ठीक है सर, आप हुकम करेंगे, हम 10 दिन, 20 दिन, 40 दिन तक बम
04:56गिराते रहेंगे, लेकिन हम कब तक बम गिरा�
05:03कैसे लास्ट टाइम, एक मार्स से लेके 8 अपरिल तक 38,000 बम से इसरायल ने और अमरीका ने गिराया,
05:11तो हासल क्या हुआ, 38,000 बम इरान के उपर गिराना तो मकसद नहीं था ना, बम गिराना युद्ध का
05:20मकसद नहीं होता, युद्ध का मकसद होता है, बम गिरा गिरा के द
05:29दिश्मन को बात दे करना, तो अमरीका के जनरल ने पूछा, ठीक है सर, आप हमें हुकम देजी, आप मंगलवार
05:34से बामिंग युलू कर देते हैं, लेकिन जब बामिंग चलेगी 20 दिन, 30 दिन, 40 दिन, तो हासिल क्या होगा,
05:45क्या हासिल होने पर आप हमें बोलेंगे, एड्मिर
05:48ठीक है स्टॉप फाइरिंग, जनरल साब ठीक है स्टॉप फाइरिंग, क्योंकि देखो वेवा कोई भी जब युद्ध होता है, तो
05:57प्रिंसिपल ओफ वार बहुत क्लियर है, युद्ध के पहले जनरल अपनी पॉलिटिकल लीडर्शिप की तरफ, उपर की तरफ देखता है
06:04और पूछता है कि हुदूर मेरा एम क्या है, मेरा लक्ष क्या है, हम इसे प्रिंसिपल ओफ वार कहते हैं,
06:13पहला एम होता है प्रिंसिपल ओफ वार में, सिलेक्शन ओफ एम, तो वो एम तो पॉलिटिकल लीडर्शिप बताती है, एक
06:25भी कॉंग्रेस्मेन, एक भी सेनेटर, �
06:27को नहीं बता पाया
06:29या Air Force के Senior Officer को बता पाया
06:31कि क्या aim
06:34क्या लक्ष है
06:35हासिल होने पर युद्बंदी हो जाएगी
06:39तो अब
06:39वो कहते हैं जी ठीक है
06:41Qatar नहीं कह दिया, UAE नहीं कह दिया,
06:43Saudi नहीं किये तो
06:45अजम नहीं होती है
06:47सारे आम इनके सामय
06:49जूट बोला जा रहा है
06:50जी वेबब
06:51बिल्कुल सर, शिवेन जी हमारे साथ
06:53शिवेन जी आपका क्या मानना है
06:55टरंप अभी किस सिस्थिती में आपको दिख रहे हैं
06:57इस पूरे तनाव और जंग के बीज में
06:59देखे उसको बहुत बहुतर तरीके से
07:01सोही सर और देवदा सर ने समझा दिया
07:03और मुझे उसमें कुछ और जोडने की जोड़ नहीं लगती
07:06लेकिन मेरा एक मान समझना यह है
07:08क्योंकि हम जब सो करते हैं बात करते हैं
07:11तो हमारा एक इंटरेस अपने देश की तरफ भी होता है
07:27इसके यह क्यों रुके हुए हैं इसके पीछे क्या है
07:31जब सीज फायर है तो वो नॉर्मल क्यों नहीं आपा रहा है
07:33कहां बाधित देख रहे हैं आपसे
07:34क्या आपको इसमें उम्मीद लग रही है
07:36क्या रणनीति कमी है बाकी देशों की भी
07:39में क्या रणनीती होनी चाहिए बिल्कुल सिरो ही सेर ये समस्या भारत की तो है और बाकी देशों की भी
07:48ये समस्या है खास तोर पर एशन कंट्रीज की और यॉर्पन कंट्रीज की के जब तक लडाई शुरू नहीं हुई
07:56थी स्टेट और हर्मूस पूरा खुला हुआ था और �
07:59जैसे हम जानते हैं 20% जो दुनिया की जो खपत है एनरजी की वो स्टेट और हर्मूस के थरू
08:07आती थी और उसको इस्तिमाल किया जाता था अब स्टेट और हर्मूस जो है एरान ने अपनी तरफ से बंद
08:13कर दी है अमेरिका ने ब्लॉकिड लगा दिया है अमेरिका ने उनके
08:17पोर्स के उपर ब्लॉकिड लगा दिया है तो इसका मतलब यह है स्टेट और हर्मूस से कोई चीज पास नहीं
08:22हो सकी और यह एक बहुत बड़ी समस्या है और यह समस्या सिर्फ भारत के लिए नहीं पूरी दुनिया के
08:28लिए समस्या है अमेरिका में खुद जो है तक्रीबन �
08:32जो रेट बढ़ गए है वो पंतारीस परसंट से लेके अटारीस परसंट के रेट जो है जो ऑईल और जो
08:38गैसे उनके बढ़ गए हैं पूरी दुनिया में इसका हाहा कार मचा हुआ है तो मेरा यह मानना है कि
08:44सब देशों को मिलकर यूएल में एक रेजुलेशन लाना चाहि�
08:48जनरल एसेंबली में क्योंकि अगर आप सेक्योर्टी कॉंसे में रेजुलेशन लाओगे तो रश्या और चाइना उसको वीटो कर देगा तो
08:56अगर आपको जो है थोड़ा शोर मचाना है और अमेरिका के उपर और इरान के उपर प्रेशन डारना है तो
09:03आपको जनरल एसेंब
09:19करना चाहिए जिसमें यह कहना चाहिए कि स्टेट और हर्मूर्स को खोला जाए तुर्ण और उस सालत में 28 सरवरी
09:28से पहले था यह इसका जवाब है नहीं को गया है इसमें थोड़ा सा और थोड़ा सा आपसे समझना चाहूंगा
09:34दर्सक भी समझेंगे कि तीन देश इस लड�
09:45नहीं कर सकता था तो सयोगियों पर हबला किया जहां पर उनके फौज थी तो सवाल यह कि अब इस
09:52समय जो आपने बताया कि बहुत जरूरी हो गया है पूरी दुनिया के लिए अर्थमवस्ता जिस तरीके से डगमगा रही
09:59है वो तो चुप क्यों है आखिर क्या अमेरिका का �
10:02या अमेरिका की हड धर्मता के आगे सब हाथ भणत कर दीए रिया क्या इसका आके इसकी तरफ अगल नहीं
10:09बढ़ेंगे तो समस्या तो सारे देशों में है तो कौन इसके लिए आगे बढ़े
10:18पहले कोई और करे तो बात करें रिद्धर जी बिलकुल बात आपकी बात से बिलकुल सहमत हूँ यह बड़े अक्सोस
10:26की बात है
10:27कि चाइना जिस जो की 90% इरान से तेल लेता था वो भी चुप बैठा है वारत है जो
10:33की पूरी एनरजी रिक्वार्वन भारत की थी वो मिल्ली इस से आती थी और गैस तो कुएट से आती थी
10:38वो भी अब चुप बैठा है तो मुझे लगता है बाकिया आप साउथ कुरिया लग
10:55चल रहा है तो दुनिया इसी से परेशान है देगी प्रॉब्लम ये है कि वो ही बात है कि बिल्ली
11:01के गड़े में घंटी कौन मालेगा सबसे बड़ी समझता ये है आप देखिए भारत के जाज को लगो दिया गया
11:07भारत ने क्या किया बारत नहीं जो उसको कंड़े कर दिया �
11:10और उससे जादे कुछ नहीं कर तो मेरा ये मानना है कि ये जो सॉर्ट पॉलिसी खासता बारत के भी
11:15क्यूंकि बारत और चीन दोने चीन के पास तो चलो अभी स्टेजिक रिजल्स है वो इस उमीद में है कि
11:21शायद आने वाले समय में यूए स्टेट और हर्मूज खूज आ�
11:37और मोदी साब तो खुझ ये कह रहे है कि जो है बिलो पावर्टी लाइन में बहुत दुनिया करोड़ों लोग
11:42जो है बिलो पावर्टी लाइन चली जाएंगी तो इसके लिए सब देश्यों को करना चाहिए लेकि प्रॉब्लम यह है कि
11:49कोई भी बिल्ली के गले में घंटी �
11:52बिल्ली कौन है वह अमेरिका बिल लिए अमेरिका डिसाइट करता है कि अच Familie ब्रॉब्र को होता है बताने वाला
12:11कि बारत किसे तेल लेगा किसे तेल नहीं लेगा तो यह जो soft foreign policy है हमारी इसको थोड़ा aggressive
12:18होना पड़ेगा आप देखिए चीन में डॉनलर्ड ट्रम्प साथ गए उन्होंने ताइवान के ऊपर चुप्पी लगाई बनकि ताइवान को भी
12:25बोल के आए कि आप independence declare नहीं कर सकते �
12:28तो क्या भारत को भी कुछ ना कुछ इसा stand नहीं लेना चाहिए कब तक यह soft policy हम यह
12:34follow करते रहेंगे जी बिल्कुल मैं देवनास सर की तरफ जाना चाहूंगा पूछो क्या जो बात कहीं बहुत अच्छे समझाए
12:40लेकिन हमारी ऐसी क्या मजबूरी है मतलब हम ऐसा क्यों नही
12:58हमें अंदर से गराएगा हमारी यर्थ परता की जड़ों माम अंठा डालता जाएगा तो सवाल यह है किया हम पूरा
13:05देश जब विस्त पूरे देस की जंता का है सबसे पहले हमें एक जो ठोके क्या कोई अमेरका से बात
13:11करनी चाहिए करना चाहिए कोई बहां पर ब्लॉकेट
13:26सकता है दिमना स्य३ा दूत मैं वो क्या रहा है कि अमेरीका ने आसते आसते भारत के साथ होत दोस्ती
13:40बड़ा ली है हमारे है निध ऐसा हो गया है आजकी तारीफ़ में कि भारत अमेरीका के बगेर शायद सांस
13:48भी न ले पाई हमारे बैसिक हूमन हार रसोर्सेजा आप देख �
13:55जीए, अमरीका में लाखों भारतिये काम कर रहे हैं, डोनाल्ड टरम थोड़ा फूप भी मार दे हैं, उनके अमरीकन सिटिजनशिप,
14:04ग्रीन कार्ड या विसा के उपर तो भारत को पसीने आ जाएंगे, दूसरी हमारे दिक्कत है कि अमरीका से हम
14:11बहुत बड़ी तदाद में �
14:13इन्वे्स्टमेंट लेते, चाहे गवर्मन दे, चाहे फॉर्यक या विसा किव वेट से हमारे थातिया कोर्पोरेट वर्ड, अपरायνεट अगर हमारा शेयर
14:29मार्केट, अमरीका को आगर एक बी शबत अगर डोनाल्ड टरम बोलनेम तो हमारा शेयर मार्केट हिल जाता,
14:43जहां तक हमारी विदेशनीती है नाना कारणों से हम किनी नाना कारणों से उसमें कुछ विशेश भी कारण है
14:52हम थोड़ा बादे हो गए हैं रूस से दूर जाने के लिए अमरिका के ज़्यादा पास आने के लिए
14:59तो विशू के पटल में हम जब कुछ मजबूती से कहना चाहते हैं तो हमें थोड़ा सा नरम रुक अक्तियार
15:06करना पड़ता है
15:06आप देख लीजिए भारत का ब्रिक्स में क्या हुआ आप देख लीजिए भारत का क्वाड में क्या हुआ
15:13अमेरिका की थोड़ी सी बेरुकी से ही भारत परिशान हो जाता है।
15:43समस्या पैदा कर सकता है हमारे अंग काफी उद्योक खत्म हो सकते हैं चोटे से हैं मैं समी सेक्टर की
15:49बात करें और तमाम चीज करें विरोजगारी फैल सकती है इसको यह सब दोरे साध नहीं पा रहा है यह
15:56केवल अभी डील डील तक है हमें इंतजार कर रहा है किसी हम इस इन �
16:01और आगे बास्त्मिक रूप में आने का क्या है याई सबसे बड़ा समस्या मुझे व्यापार भी लग रही है कहीं
16:06न कहीं शुविंदर जी आपने सही कहा देखिए जहां तक भारत सरकार की बात है वैपार को अमरीकन वैपार को
16:15हम समस्या ना समझके उसको अपर्चुनेट
16:30रहा है तो भारत में अभी भारत सरकार का पूरा फोकस है कि भविशे में अमरीका के साथ ज्यादा से
16:36ज्यादा वैपार कैसे किया जाए हमारा ट्रेट सर्पलस भी है करीबन साथ बिलियन डॉलर का तो अमेरिका टैरिफ लगा लगा
16:44के हमें वीच बिच में डराता है तो कहत
16:59कि अंग्रे जी में एक बड़ा सुन्दर्क वो है कि तू कैश दब बाई हॉन यानि भैसे को कौन डुकेगा
17:06उसकी सींग पकड़कर बाहु बली का वो सीक्वेंच में आपको ये डालाता हूं
17:10तो डॉनाल्ड ट्रम्प जो है अभी उनको रुखना भारत के लिए उनके विरुद्ड कुछ बोलना या उनसे अहस आहमति जताना
17:22भारत के लिए सुसाइडल हारा किरी फाबित होगा हमारा जो वेपारी वर्ग है वो डॉनाल्ड ट्रम्प एक हिंट थैते आज
17:32,टो मैं बतात
17:40मेरा इसे से जोड़ते हुए है तो ये जो विपक्ष जो आरोप लगाता है मैं थोड़ा सा वाजनेतिक सवाल को
17:47भी सच्चाई की तरफ ले जाने के पर इसे कर रहा हूं कहते हैं कंप्रोमाइज पीम तो पीम कंप्रोमाइज नहीं
17:54है बलकि एक अगर विपक्ष भी यहां पर ह
18:08रहा हूं क्योंकि यह जो विपक्ष है यह कस्टक्टिव बाते नहीं करता है यह डिस्टक्टिव बाते करता है तो विपक्ष
18:16का तो का क्योंकि विपक्ष को और कुछ नहीं मिलता मोजी जी के खिलाब तो वो कहते कॉम्परमाइज प्रैमिस्टर है
18:21आप देखिए मोजी जी
18:38है उनके साथ वायदा करवाया कि आप जो है तीस लाक बेरल जो है हमारी जो
18:43है डिप्नी रिजर्फ की आप रखेंगे या हम भारत में उसका जो है
18:47infrastructure बनाएगा जिसे UAE अपने strategic रिजर्फ तीस लाक
18:52बेरल जो है वो भारत में रखेगा अलागलन जो और डिकोज में उसके बाद जो है LPG, LNG सब के
18:59लिए storage facilities बनाना तो बोधी जी अपनी तरफ से पुरा काम कर वे है
19:03गौर्मेंट यह जो सरकार है यह प्रो एक्टिव ए रियक्टिव नहीं है यह वो सरकार है जो action होने के
19:11बाद जो है फिर reaction करती है यह already जो है proactive है
19:15उसके बाद जोए इंडिया नौडिक सम्मिट में गए जहां पर सुएडन और नोर्वे के साथ बत करके आई है
19:21गरीन टेकनलोजी की बात करकरे आई है डिजिटर इंट्रस्टेक्शर की बत कर गये आई है
19:26उसके बाद यूरप में गए हैं जहाँ पर इटली और उसके साथ गए जो है निरलेड के साथ गए हैं
19:33वहाँ पर भी जो है डिफेंस के कॉलाइबरेशन की और क्लीन एनरजी की बात्ची करने तो ऐसा नहीं है शिरफ
19:40प्रॉल्लम जो हमको अभी रिजल्ट नहीं दिख रहे है
19:43अभी क्योंकि जो हर चीज ये डील स्केज में है लेकिन आने वाले समय में अगर हमारी ये डील जो
19:50है जिस तरीके से बोधी जी कोशिश कर रहे है अगर ये काम्याब हो जाती है तो आने वाले समय
19:57में पांस साल दस साल बाद अगर ये दुबारा इस तरीकी की स्टिती आती ह
20:01तो उस समय भारत जो जाने तयार होगा और भारत को इतनी समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ेगा जितनी समस्याओं
20:10आज भारत को सामना करना पड़ रही है
20:12क्योंकि भारत में कभी सोचा नहीं था
20:14कि स्टेट और हर्मूज बारत में किसी भी देश नहीं सोचा था
20:18आज तक Middle East में जो भी कुछ हुआ
20:20पिछले साल भी इरान के उपर हमला हुआ
20:23लेकि स्टेट और हर्मूज नहीं हुआ
20:24और ये जो है पेंटागन के जो डिवनाज साब बता रहे थे
20:29पेंटागन के जितने जनर्ल्स थे वो और जो एरफोस के थे या नेवी के थे
20:34उन्होंने जब ये ब्रीफिंग हुई थी एपक फ्यूरी से पहले अठाई सर्वरी से पहले
20:39तो डॉनल्ड ट्रम्प साब को इसकी वार्निंग दी थी चेताव ने दी थी
20:42कि अगर आप इरान के उपर इस तरीके से हमला करोगे तो इरान इस बारे स्टेट और हर्मूज को बंद
20:49कर देगा
20:49तो क्या था था उन्होंने उन्होंने का था जो देश हार जाएगा लडाई में वो स्टेट और हर्मूज कैसे बंद
20:55कर देगा
20:56और अगर कर भी दी तो हम जो इसको खोल देगे वो उनकी कैल्कुलेशन फेड हो गई
21:00तो किसी देश ने नहीं सोचा था कि इतना लंबा जो है यह लडाई चरेगी और अमेरिका उस हालत में
21:07भी नहीं होगा कि स्टेट और हर्मूज को दुबारा खुलवा सके जी
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