00:19बारत में बढ़ती तेल की कीमतें, दुनिया भर में इंदन को लेकर मचे हाहाकार और मिडिली इस्ट में हर दिन
00:25गहराते युद्ध के हालात के बीर्च भारत के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है
00:30दुनिया जहां इस वक्त तेल संकट सप्लाई चेन टूटने और महंगे पेट्रॉल डीजल के डर से काप रही है वही
00:36भारत ने साफ कर दिया है कि देश की उर्जा सुरक्षा किसी विदेशी दबाब से नहीं चलेगी
00:41रूस से सस्ता तेल खरीदने को लेकर भारत ने ऐसा रुख अपनाया है जिसने अमेरिका समेत कई पश्चिमी देशों को
00:47सोचने पर मजबूर कर दिया है
00:49नमस्कार मेरा नाम है रिचा पर आशर और आप देख रहे हैं वन इंडिया हिंदी
00:53भारत ने स्पष्ट संके दिये हैं कि चाहे अमेरिका प्रतिबंध लगाए चाहे कोई वेवर दे या ना दे
01:00भारत अपने राष्ट्रिय हितों के हिसाब से ही तेल खरीदेगा
01:03क्योंकि नई दिल्ली अच्छी तरह से जानती है कि अगर दुनिया में तेल संकट और बढ़ा अगर मिडिल इस्ट में
01:10युद्ध फैला
01:10अगर स्ट्रेट ऑफ हर्मूज नहीं खुलता है तनाव बढ़ता रहता है तो सबसे बड़ा असर भारत जैसे देशों पर ही
01:17पढ़ने वाला है
01:18दरसल ये पूरी कहाने सिर्फ टेल खरीदने की नहीं है बलकि दुनिया में बदलते शक्ती संतुलन रूस युक्रेन युद्ध अमेरिका
01:26की रणीती, मिडिल इस्ट संकट और भारत की नई विदेश नीती की भी कहानी है
01:30सबसे पहले समझे की मामला शुरू कहां से हुआ? साल 2022 में रूस और युक्रेन के बीच युद्ध छड़ गया
01:37इसके बाद अमेरिका और युरोपिय देशों ने रूस पर एक के बाद एक आर्थिक प्रतिबंध लगा दिये
01:42पश्चिमी देशों का मकसद साफ था
01:44रूस की कमाई कम करो ताकि मौस्को की युद्ध शम्ता कमजोर पड़े
01:49रूस की सबसे बड़ी ताकत उसका तेल और गैस कारोबार है
01:53इसलिए दुनिया पर दबाब बनाया गया कि कोई भी देश रूस से तेल नहीं खरीदेगा
01:58लेकिन यहीं भारत ने दुनिया को चोका दिया
02:01भारत ने साफ कहा कि उसकी पहली जिम्मेदारी अपने 140 करूर लोगों के प्रती है
02:06उस समय वैश्विक बाजार में कफचे तेल की कीमते रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच रही थी
02:11पेट्रॉल और डीजल की कीमतें पूरी दुनिया में आग लगा रही थी
02:14ऐसे में रूस भारत को भारे डिसकाउंट पर तेल देने के लिए तयार था
02:19भारत ने तुरंत रणितिक पैसला लिया और रूस से बड़े पैमाने पर तेल खरीदना शुरू कर दिया
02:24धिरे धिरे रूस भारत का सबसे बड़ा तेल सप्लायर बन गया
02:27पहले जहां भारत का ज्यादा तर तेल मिडिलिस्ट से आता था वहीं रूस से आया तेजी से बढ़ने लगा
02:33इससे भारत के दो बड़े फायदे हुए
02:35पहला, भारत को सस्ता कच्चा तेल मिला, दूसरा, घरेलू बाजार में पेट्रॉल और डीजल की कीमतों को नियंतरित रखने में
02:43मदद मिले, लेकिन इस फैसले ने अमेरिका और पश्चिमी देशों को परिशान कर दिया, अमेरिका चाहता था कि भारत रूस
02:50से दूरी बनाए
02:51कई पश्चिमी मीरिया रिपोर्स में सवाल उठाए गए कि भारत रूस को आर्तिक मदद पहुँचा रहा है, लेकिन भारत ने
02:58हर बार बेहद पश्च जवाब दिये, विदेश मंतरी S.J.S. शंकर ने दुनिया के सामने कहा था, यूरोप एक
03:04दो पहर में जितनी रूसी उ�
03:31जोता नहीं करेका.
03:59अब इस पूरी कहानी में, मिडिल इस्ट संकट ने नया मोल ला दिया.
04:03इरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव, स्ट्रेट ओफ हॉर्मूस पर खत्रा, आड़ी शेत्र में सैने गतिविदियां और तेल टैंकर
04:09उपड़ बढ़ते हम लोंने दुनिया के चिंता बढ़ा दी है.
04:12स्ट्रेट ओफ हॉर्मूस दुनिया का सबसे महत्वपुन टेल मार्ग में सिमाना जाता है, दुनिया का लगभग 20% तेल इसी
04:20रास्ते से गुजरता है.
04:21अगर यहां युद्ध याना के बंदे जैसी इस्तिती बनती है, तो पूरी दुनिया में तेल की कीमतें विस्पोटरक्स तर तक
04:27पहुँच सकती हैं.
04:28भारत जैसे देशों के लिए ये सीधा आर्थिक संकट होगा, भारत अपनी जरूरत का करीब 85% कच्चा तेल आयात
04:36करता है, यानि अगर वैश्विक तेल सप्लाई बाधित होती है, तो उसका सीधा असर भारती आर्थ वेवस्था पर पढ़ेगा, महंगाई
04:42बढ़ेगी, ट
04:58लागे कुछ भी नहीं है, जो अभी से दिखाई पढ़ रहा है, जिसकी आहट से ही भारत बेचैन है, यही
05:05वज़े है कि भारत अब उर्जा सुरक्षा को राष्टे सुरक्षा का हिस्सा मानने लगा है, भारत सिर्फ एक शेत्र पर
05:11निर्भर नहीं रहना चाहता, रूस इसी
05:13रणनीती में भारत के लिए सबसे एहम विकल्प बन कर उबरा है, हलाकि आपने पहले भी सुना होगा, पहले सुना
05:20ही नहीं होगा, पहले ऐसा कई बार हुआ है कि अमेरिका ने भारत पर कई प्रतिबंद लगाए कि रूस से
05:24तेल नहीं खरीदना है, टेरिस बढ़ाए, और �
05:27अमेरिकी टेरिफ के दबाव में और फिर बाकी सारे विदेश नीतियों में क्योंकि देश को नुक्सान नहीं पहुँच सकता था,
05:32इसलिए भारत ने रूस से तेल खरीदना कम भी किया, लेकिन फिर अब जब ऐसी वैश्विक स्थिती बनी हुई है,
05:39जिसमें भारत एक बर �
05:40पर रूस को अपना एहम विकल्ब चुनकर आगे बढ़ रहा है, रूस इस रड़ नेती में भारत के लिए सबसे
05:46एहम विकल्ब बढ़ कर उब रहा है, अब अमेरिका की परिशानी समझिये, अमेरिका लबे समय से रूस की आर्थिक ताकत
05:52कमजोर करने की कोशिश कर रहा है, �
06:10भारत के मामले में अमेरिका हमेशा साध्वानी बरतता रहा, क्यों? क्योंकि भारत सिर्फ एक बड़ा बाजार नहीं है, बलकि इंडो
06:17पैसिफिक रणीती में अमेरिका का एहम साज़ेदार भी है, चीन को संतुलित करने के लिए अमेरिका भारत को अपने साथ
06:24रखना चाहत
06:24यही कारण है कि अमेरिका कई बार नाराज के दिखाता है, लेकिन भारत पर सीधे बड़े प्रतिवन्द लगाने से बचता
06:31है, अब हालिया बयान में भारत ने जो कहा है, उसका मतलब बहुत बड़ा है, भारत ने इस पश्ट्र कर
06:35दिया है कि उर्जा नीती किसी अमेरिकी �
06:38यानि की छूट पर निर्भर नहीं करेगी, अगर भारत को अपने राश्ट्रिय हित में रूस से तेल खरीदना होगा, तो
06:44वो खरीदेगा, यह सिर्फ तेल की बात नहीं है, यह भारत की बदलती बैश्विक भूमिका का संकेत है, भारत अब
06:51मल्टी अलाइन्मेंट की नीती
06:52पर काम कर रहा है, यानि भारत एकसाथ अमेरिका, रूस, ईड्रोप और मिडिल इस्ट सभी साथ अपने हितों के हिसाब
07:00से संबंद बना रहा है, एक तरफ भारत अमेरिका के साथ रक्षा और टेकनोलोजी साज़ितारी मजबूत कर रहा है, दूसरी
07:06तरफ रूस के तेल और �
07:09तीसरी तरफ खाड़ी देशों से निवेश और उज्जा सहयोग बढ़ा रहा है यानि भारत किसी एक शक्ति ब्लॉक का हिस्सा
07:15बनने के बजाए अपनी स्वतंत्र रणीती बना रहा है
07:18विशिशग्य मानते हैं कि आने वाले समय में तेल सिर्फ इंधन नहीं रहेगा बलकि वैश्वित राजनीती का सबसे बड़ा हत्यार
07:25बनेगा
07:25जिस देश के पास उजय सुरक्षा होगी वही आर्थिक रूप से मजबूत रहेगा भारत इसी चुनोती को समझते हुए अपनी
07:32तैयारी कर रहा है
07:33रूस से तेल खरीदना सिर्फ सस्ता सौधा नहीं बलकि एक रणितिक सुरक्षा कवच भी है खास कर तब जब मेडिल
07:40इस्ट में हालात हर दिन और खतरनाक होते जा रहे हैं
07:43अगर इरान और अमेरिका के बीच सीधा संगर्ष बढ़ता रहता है अगर स्टेट और फ़र्मूस प्रभावित रहता है अगर खाड़ी
07:49देशों से तेल सप्लाई रुकी रहती है तो रूस भारत के लिए सबसे भरोसिमन्द विकल्प बन सकता है
07:55आज दुनिया भारत के इस रुख को ध्यान से देख रही है क्योंकि भारत ने साफ संदेश दिये हैं देश
08:01की उज्जा सुरक्षा सबसे पहले अगर रूस सस्ता तेल देगा तो भारत खरीदेगा अगर दुनिया दबाब बनाएगी तब भारत अपने
08:09राश्ट्रे हितों स
08:23संतुलित करने वाला बड़ा देश बन रहा है इस खबर में इतना ही लेकिन विश्व में बढ़ती तेल की मतें
08:29खासकर के स्ट्रेट और फ़र्मूज में जो समुद्र में जो लडाईयां चल रही है मिडिल इस में जो हाकार मचा
08:34हुआ है वो भारत ही नहीं पूरे विश्व
08:53उनकी रीड की हटी ना टूटे इस एक्स्प्लेइनर में इतना ही लेकिन आप क्या सोचते हैं हमें कॉमेंट में जरूर
08:59बताईया और भारत के इस फैसले पर आपकी क्या राय है वो भी बताईये और देश-दुनिया की बाकी अपडेट्स
09:04के लिए देखते रही है One India Hindi
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