47 करोड़ से अधिक की राहत राशि, 51 हजार किसानों को संबल
सवाईमाधोपुर. प्राकृतिक आपदाओं से जूझते किसानों के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अब जिले में सबसे बड़ा सहारा बन गई है। खरीफ‑2025 में अतिवृष्टि से चौपट हुई बाजरा, तिल और उड़द की फसलों पर जब किसानों की मेहनत मिट्टी में मिल गई, तब जिला कलक्टर काना राम के विशेष निर्देशन और सतत मॉनिटरिंग ने हालात बदल दिए। योजना के तहत किसानों को 47 करोड़ 33 लाख रुपए की रिकॉर्ड दावा राशि स्वीकृत हुई है। यह राशि सीधे 51 हजार से अधिक किसानों के खातों में पहुंची है और हजारों परिवारों के लिए आर्थिक राहत एवं संबल का माध्यम बनी है।
किसानों को मिली राहत जिले की विभिन्न तहसीलों में किसानों को राहत मिली है। सवाई माधोपुर तहसील को सर्वाधिक 20 करोड़ 60 लाख रुपए, चौथ का बरवाड़ा को 8 करोड़ 96 लाख रुपए, मलारना डूंगर को 3 करोड़ 41 लाख रुपए, बौंली को 2 करोड़ 54 लाख रुपए, खंडार को 2 करोड़ 89 लाख रुपए, बामनवास को 1 करोड़ 42 लाख रुपए, बरनाला को 2 करोड़ 5 लाख रुपए, वजीरपुर को 1 करोड़ 51 लाख रुपए, तलावड़ा को 1 करोड़ 78 लाख रुपए, मित्रपुरा को 65 लाख रुपए और गंगापुर को 47 लाख रुपए मिले है। एक जुलाई से चलेगा बीमा नामांकन कार्य कृषि विभाग ने बताया कि खरीफ 2026 के लिए बीमा नामांकन कार्य 1 से 31 जुलाई तक होगा। ऋणी किसानों का बीमा बैंक शाखाओं के माध्यम से होगा, जबकि गैर‑ऋणी किसान राष्ट्रीय फसल बीमा पोर्टल, ई‑मित्र, सीएससी केंद्र या अधिकृत बीमा प्रतिनिधियों के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे। गैर‑ऋणी किसानों को अधिसूचित फसल की बीमित राशि का मात्र 2 प्रतिशत प्रीमियम जमा करना होगा। जिला कलक्टर काना राम ने किसानों से समय पर बीमा करवाकर प्राकृतिक आपदाओं से आर्थिक सुरक्षा करने का आह्वान किया है। .............................. ये बोले किसान... अधिक से अधिक किसान कराए फसल बीमा मैं 2023 से प्रधानमंत्री फसल बीमा करवा रहा हूं। उन्होंने 5,315 रुपये प्रीमियम जमा कराया और उन्हें 1 लाख 81 हजार 556 रुपए का मुआवजा मिला है। उन्होंने अधिक से अधिक किसानों को पीएफ फसल बीमा कराने का आह्वान किया है, ताकि किसानों को अधिकाधिक लाभ मिले। मेरवाल सिंह, निवासी कुश्तला, सवाईमाधोपुर चार हैक्टेयर में कराया था फसल बीमा मैंने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में चार हैक्टेयर क्षेत्र का फसल बीमा कराया था। इस दौरान 28 प्रीमियम दिया। इसके बाद मुझे 1 लाख 12 हजार 260 बीमा राशि के मिले है। सभी किसान भाई अधिक से अधिक फसल बीमा कराए। समय पर गिरदावरी कराए और जो फसल है उसका भी बीमा कराए। मदनलाल जाट, किसान, निवासी कुश्तला समय पर कराए खराबे की गिरदावरी मैंने साढ़े पांच हैक्टेयर में फसल बीमा कराया था। इस दौरान 3,800 रुपए प्रीमियम दिया था। अब कुल बीमा राशि 1 लाख 6 हजार रुपए मिले है। किसान फसल बीमा बैंक या पोर्टल पर करवा सकते है। इसकी सही गिरदावरी कराए। फसल बीमा में यदि खराब होता है तो किसान कृषक पोर्टल 12447 पर शिकायत करवा सकते है। मुकेश कुमार जैन, किसान निवासी खिजूरी बीमा कराने से नुकसान का मिलता है मुआवजा यह लाभकारी योजना है। इससे खेती-किसानों में लाभ मिलता है। बीमा कराने से नुकसान का मुआवजा मिलता है। आठ बीघा पक्की जमीन पर फसल बीमा कराया था। उसमें उड़द की फसल बोई थी लेकिन अतिवृष्टि से फसल खराब हो गई थी। उसका गत दिनों 50 हजार रुपए का मुआवजा मिला है। किसान इस योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाए। गजानंद जाट, किसान, निवासी कुश्तला ....................
योजना बनी सुरक्षा का कवच
अतिवृष्टि से प्रभावित फसलों का वैज्ञानिक आकलन कर बीमा कंपनी और कृषि विभाग ने संयुक्त सर्वे किया। इसके आधार पर किसानों को दावा राशि स्वीकृत हुई। अब तक 46 करोड़ 28 लाख रुपए डीबीटी के माध्यम से किसानों के खातों में पहुंच चुके हैं।
लखपत लाल मीणा, संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार), सवाईमाधोपुर
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