00:00कौन-कौन गया शुंचान
00:03यह लोटके भी आ गए
00:09मेमोरियल गैदरिंग्स होती है
00:11खाना पीना पढ़िया रहता है
00:13कई तो वहाँ पे फिर जाकरके
00:16मृतक के परिवार को बधाई भी दे आते हैं
00:20भाभी जी खाना बहुत बढ़िया था
00:25भाभी जी सबजी तो मस्ट बनी है
00:27यहां तुमारे भाईया को
00:29भैस का घी बहुत पसंद था
00:33यह आदमी जो जिन्दगी भर इनहीं विशेयों के पीछे भागा
00:37काश की जीवात्मा और बन करके
00:40मरने के बाद देख पाता कि तुम्हारे ये विशे किस गत के है
00:45मौत के बाद कुछ पता तो चले कि जिनको जिन्दगी बनाया था
00:49वो किस गत के और किस आवकात के थे
00:53तो सोच हो मर गए हो और ऐसे हवा में डोल रहे हो
00:56और वहां वो तुम्हारी प्रान प्रिया महभूबा वो घी चाट रही है भैस का
01:01और तुम्हारा प्रेम अभी भी छल छला रहा है बेबी वेट बढ़ जाएगा
01:10जिनको जान बनाया था उनके मारे जान ही निकल गई और जिनको जान बोला हो सब जानू इदर उदर ही
01:16भूम रहे हैं
01:17कोई भुट्टा चबा रहा है कोई खुझला रहा है कोई कह रहा है यहां शम्षान में पॉल्यूशन बहुत होता है
01:22इतना भी अगर आप देख सको ध्यान से कि आपकी मौत के बाद दुनिया कैसे आपको बहुत-बहुत जल्दी भुला
01:34देगी
01:34तो आप दुनिया से आजाद हो जाए इसी दुनिया के लिए आपने जिन्दगी बेच खाई अपनी और यह दुनिया आपको
01:43दो दिन नहीं आद रखने वाली है
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