00:00सर, नीट पेपर लीक हो गया, कभी एक्जाम कैंसल हो जाता है, बच्चे बहुत महनत करते हैं, उनका सारा सपना
00:05तूट जाता है, उसके बारे में आप क्या कहना चाहते हैं?
00:07यह हर साल जो हो रहा है ना कि कभी सीधे सीधे लीक हो जाता है कभी हो जाता है
00:12कि इस बार तुझी गैस पेपर था
00:14यह सब कोई ऐसी घटना नहीं है जो एक बार घटी और हम कहीं किया रहे यह तो अनफॉर्चुनेट इंसिडेंट
00:19था
00:20यह हमारे देश की जवानी है उसकी ृड़ तूडने का गाम है
00:24यह हम अपने देश के इवाव को संधेज दे है कि साब इमांदारी की जोड़ नहीं है
00:31करो बता रहे हैं कि संदी में आगे वही निकलेगा जो चाले चलेगा फरेब करेगा च्योरी करेगा
00:38लीक करा लेगा, जिसके पास सोर्स होंगे, कनेक्शन होंगे, वह उची-उची लगों पर भी पहुंच जाएगा, उसको डिग्री मिल
00:44जाएगी, इजट मिल जाएगी, वह सफल, सक्सेस्फुल कहलाएगा, और एक बार आप 15-20 साल के लड़के लड़की के भीतर
00:52ये भावना �
00:53तो आपने उसका पूरा value system distort कर दिया, बात यह नहीं है कि एक exam में कुछ धांदली हो
00:59गई, बात यह है कि उसने जिंदगी भर के लिए एक बहुत गलत सबक सीख लिया है, उस सबक के
01:04साथ हो जीएगा, उसी सबक को अपना जीवन बना लेगा, तो आप उस जिंदगी में अग
01:23कहना चाहते हैं, यह भी एक विधी हो सती है, तो जो बात कर रहे हो method की है, हम
01:27गलती कर रहे हैं यह सोच करके कि problem method में है, problem है नियत की, आदमी जो भीतर से
01:33ही बहिमान हो, तो आप किसी भी method से testing कर लो, आप कह रहे हो बोर्ड के नंबरों से
01:37कर लो, वो बोर्ड में फरेब कर ल
01:53यह सब तो methods की बात है, जब इंसान ही भरष्ट है, तो आप कोई method of testing बनाओ, कुछ
01:58बनाओ, इंसान उसको तो टोड़ा लेगा, इसलिए हमें इंसान के भीतर इमान जागरत करने की ज़रूवत है, वही का हम
02:04करने की कोशिश कर रहे हैं, यह जो हमारे सब अजिक्रिशन इनि�
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