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Transcript
00:00मैं दो धाई वर्स पहले एक रिष्टे में था उसके बाद मैं आपसे जुर्विया और धीरे धीरे रिष्टे सहर दिया
00:05तो हम कैसे पता करें कि हम जिसके साथ रिष्टे में है तो हमारा इसके हमें उचाई की और ले
00:10जा रहा है या हमें चाई की और
00:12तो मैं अगर अभी तक पता ही नहीं है तो उसको छोड़ का है बेचारी को
00:20बिना जाने पूझे ही उसको त्याग दिया
00:24धाई साल बाद भी कह रहे हो पता कैसे करें
00:27कि बंदा ये बंदी ठीक है कि नहीं जब पता ही नहीं था
00:30उसको क्यों डंप कर दिया पहले पता करते फिर करते पहले तुम जवाब तो
00:37मतलब जगड़े कापी होते थी अब जगड़े तो हमारे भी तुम लोगों से बहुत होते हैं
00:42रोजी जगड़ा लगा रहता है ऐसे तो तुम हमें भी छोड़ दो तो एक बार तो मैंने कराया था
00:47जगडा शांत करा दिया है अब जगडा नहीं हो रहाँ आप मार पिटा ही हो रही देखो हम जाते भी
00:56किसी के पास सिर्फ किस वजए से हैं
00:58कामना और कभी उससे तूटते भी हैं रिष्टा छोडते भी हैं तो किसलिए कि कामना पूरी नहीं हुई ऐसा नहीं
01:07है कि जूट की वज़े से गए थे और सच दिख गया इसलिए छोड़ दिया नहीं जूट की वज़े से
01:13गए थे और छोड़ा भी जूट की वज़े से उसमें
01:28यहां कोई रिष्टा बना रहा हो गए है अपनी शादी रेजिस्टर कराने तो वहां भी भ्रम ही है जो दो
01:34लोगों को पास ला रहा है और गए है डाइवोर्स फाइनल करने उसके लिए भी साइन वाइन करना होता है
01:40तो वहां भी कोई जूठी है जो रिष्टा तुड़वा �
01:45सच को तो किसी कदर नहीं आने देंगे पास आएंगे तो भी जूठी वजह से और दूर जाएंगे तो भी
01:52हुआ यह होगा कि दूर तो जाना ही था मेरी बात के रूप में बहाना मिल गया दूर जाने का
01:59तो मन करी रहा था बहाना और मिल गया कि यहां यह देख यह ऐसा नही
02:04कि मेरी कामना पूरी नहीं हो रही मैं इसलिए तुमको छोड़ रहा हूं मुझे तो अब ग्यानी का समर्थन प्राप्त
02:10है उन्हें ग्यान का भी इस्तेमाल बस अपनी कामना के समर्थन में करा है अन्य था आज भी तुम्हें ये
02:18प्रश्न कैसे बचा होता कि बताईए प्रेम क
02:21क्या है पहचाने कैसे बिना पहचाने किसी को पकड़ भी लेया था और बिना पहचाने किसी को छोड़ भी दिया
02:28ये कैसे किया
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