00:00एकेर जी, जैसे आप बोलते हमें वीजनियुम फालो करनी चाहिए, हमें काउ का मिल्क नहीं पिना चाहिए, नहीं की स्लांट
00:09को भी तो धर्ड होता हैं, ले कैश्यकि अझांट को भी थर्द होता हैं, ज्नी ठीक करह रहा हूँ, लेकिन�
00:19प्लांट में न पीन महसूस करने
00:22वाला system होता नहीं है, तो plants में उतनी consciousness होती ही नहीं है, जितनी animals में होती है, लेकिन
00:30आपके बाद बिल्कुल ठीक है, plants भी living है, plants भी कुछ हद तक कह सकते हो feelings, experience करते
00:39हैं, जो हम करते हैं, या animals करते हैं, तो इसलिए अगर बहुत अच्छा हमारा civilization हो जाएगा न, जो
00:48हम animal products बिल्क
00:52culture भी वैसा नहीं करना होगा जैसा हम अभी करते हैं, instead of farms, we have orchards, अभी हम क्या
01:00करते हैं, कि हम फसलोगा आते हैं, और फिर उसको ऐसे कच्छ से काटते हैं, तो वो ऐसा लगता है
01:07कि उनको किता पेन हो जाएगा है, लेकि उन्हें भी पेन हो रहा है, पर उनसे ज्यादा पेन ग
01:21तो कम बुरा उप्शन यह है कि वीट खा लो, लेकिन उस वीट से भी जादा अच्छा उप्शन यह है
01:26कि पूरी हुमेनिटी, farms की जगे है, और उसमें कितनी सारी ऐसी, ऐसे वेजटेबिल्स होते हैं, जो सीजनल होते हैं,
01:36सीजनल का क्या मतलब होता है, कि वो जो पौधा है
01:39तो पौधा है वो है ही चार महीने तक, उसके आद उसे खुदी मर जाना है, तो आप उसे खा
01:44सकते हैं, क्योंकि तो खुदी मर रहा है, इतने सारे फूट से आप उसको लेते चलिए फूट के लिए कोई
01:49ट्री मना नहीं करता है, और भी ऐसे प्रोडक्ट्ट्स हो सकते हैं, �
01:52कि violence कम से कम है, लुए पहुत आगे की बात है। आभी तोह इतना कर लें कि
01:56गोट को मारना और बफैलो मारना बंद कर दे हैं ए मंघराय हैं और उनका पालते हैं उनका पीते हैं
02:03फिर उनका मास हम कई जो हं घाते हैं वह स्पत्प्रेवाई रहां कर देना वहें
02:10कि हम विजटेबल्स भी वही खाएंगे जिसमें क्रूल्टी शामिल नाओ ठीक और यह पॉसिबल है यह हो जाएगा अगर हम
02:18गीता मिशन को आगे बढ़ाते रहे तो अब नाम का मीनिंग प्रूचकती और मुझे ही ना पता हो तो मैं
02:26बढ़ाई नव्या अरे नव्या तो आप
02:30नव्या वस नेचल को झाएवो तो तो इन अपड़ा शाम्या शामिट उल्टेग्षाउ्टों नेवट कीशिए नहीं कीश्ति यूश्ति तो रहां गीश्ति
02:37हएँगा �миनिब्स यूश्र disp
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