00:10जै श्रीवांगार।
00:11महोट अच्छा लगा है हमाँ कर आपके।
00:13घुलावा जब आता है तबी पोई दिखांपर आपाता है।
00:16और आज जो आज की प्रेश्मा जो लिखने का मौका में लागता है।
00:22हें वर्म सेघ है।
00:23हें भी वर वते तौट साथ अड़ी है।
00:25उनंभा जहते हैं देढ़ लेकर शाण होताई।
00:35तो मिन्होट साथ होताह है हुँदों साथ है।
00:48इस जगह सबसे बड़ी खासी आता है, सब एक साथ बैठ के कर सकते हैं,
00:55mostly temple में कहीं, ऐसे बैठ के एक आर्ट को मैसूस करने का हुगाने हैं,
01:01और इसी जगह जापर इतनी मुझा है,
01:09इसी जगह जाए, इसी जगह जाए,
01:19जए़ीछ एक साथ हुआपैं।
01:37मैं।
01:43कि अरिया लिए हैं ए स प्रेंग गोगण बिशह
02:05प्राइब जोप्राइब दोप्राइब दोप्राइब दोप्राइब दोप्राइब दोप्राइब दोप्राइब दोप्राइब दोप्राइब दोप्राइब दोप्राइब दोप्राइब दोप्राइब दोप्राइब दोप्राइब दोप्राइब दोप्राइब दोप्राइ
02:35केकृ पंच्णा डातो शेख्फेथ भाष्नक स्पत्रिकष्
02:40अएक्योदट सम्सेवम् भुनाता प्हत्ता रीना
02:46प्राद भणत प्रादी रात्रिय गांवा
02:48कर दिला उना जर औरा कि रहना
03:16जर भी
Comments