00:03एक ऐसा गाना जिसनी नब्धे के दशक में लाखो तूटे हुए दिलों की आवाज बनकर गली महले पर रास किया
00:10आज उसी के शब्द लिखने वाला हमीशा के लिए खामूश हो गया है
00:14म्यूजिक की दुनिया से एक बहुत दर्दनाग खबर सामले आई है
00:17जहीर आलम जिन्होंने आईकॉनिक सोंग तुम तो ठहरे परदी सी लिखा था अब इस दुनिया को अलविदा कहे गए हैं
00:24दरसल सुमवार को नागपूर में जहीर आलम ने आखरी सांस ली
00:28उनके निधन की खबर आते ही शूशल मीडिया पर फैंस और जो म्यूजिक के चाहने वाले थे पूरी तरह से
00:34डूट गए और इमोशनल हो गए
00:35हर तरफ सिर्फ एक ही लाइन गूँजती दिखाई दी और वो थी तुम तो ठहरे परदी सी
00:41ये वही गाना था जिसने नभे की दशक में एक इतिहास रचा था और पूरी इंडस्ट्री को हिला कर रख
00:47दिया था
00:47जब अलताफ राजर की आवाज में सोंग आया तो हर चाई की दुकान हर बस हर दिल में बस गया
00:54लेकिन सबसे ज़ादा शोकिंग बात ये थी कि इतना बड़ा सूपर हिट लिखने वाले जहीर आलम को ना तो फेम
01:00मिला और ना ही पैसे
01:01रिपोर्ट की माने तो इस बड़े हिट सोंग को लिखने के लिए उन्हें सिर्फ तीन हजार रुपे मिले थे
01:07और जिस गाने ने करोडों कमाए उसे लिखने वाला अब फाइनेंशली तंगी के साथ अपनी जिन्दकी को गुजार रहा था
01:14नागपुर की मौबिन पुरा इलाके में एक छूटे से घर में रहने वाले जहीर आलम बहत ही साधगी भरी जिन्दकी
01:21को जीते थे
01:21समय के साथ दुनिया उन्हें भूलती चली गई लेकिन उनके लिके शब्द आज भी लोगों के दिलों में जिन्दा है
01:28अब फैंस लगातार उन्हें ट्रिब्यूट दे रहे हैं
01:30कई लोग लिख रहे हैं कि जिस इंसान ने दर्द को आवाज दी आज उसकी अपनी जिन्दकी ही दर्द में
01:36गुजर रही थी
01:37लेकिन इन सब के बीच एक बात तो है कि कुछ लोग स्तीच पर चमकते हैं और कुछ लोग का
01:42परदे के पीछे रहकर इतिहास लिख जाते हैं
01:44जहीर आलम उन्ही नामों में से एक थे और आज हमारे बीच वो नहीं है लेकिन उनके शब्द हमेशा गूंचते
01:51रहेंगे
01:52और वो शब्द है कि तुम तो ठहरे परदीसी हम भी अपनी टीम की तरफ से उन्हें शद्धांजरी अरपित करते
01:58हैं
02:49करते हैं
02:59करते हैं
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