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  • 7 minutes ago
तमिलनाडु विधानसभा में मुख्यमंत्री Vijay का पहला भाषण इस वक्त जबरदस्त चर्चा में है। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री M. K. Stalin के बयान पर जवाब देते हुए सनातन और सामाजिक एकता को लेकर बड़ा संदेश दिया। Vijay ने कहा कि तमिलनाडु की राजनीति नफरत या विभाजन से नहीं, बल्कि लोगों की भलाई और सम्मान से चलेगी। उन्होंने साफ कहा कि किसी भी आस्था या संस्कृति का अपमान सही नहीं है और उनकी सरकार सभी धर्मों और समुदायों को साथ लेकर चलेगी। CM बनने के बाद Assembly में दिए गए इस पहले speech को लोग “balanced political message” बता रहे हैं। Social media पर भी उनके भाषण के clips तेजी से वायरल हो रहे हैं। Fans का कहना है कि Vijay ने अपने calm अंदाज़ और strong statements से पहली ही speech में बड़ा political impact छोड़ दिया है।



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~HT.318~ED.390~PR.480~

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Transcript
00:00माननी अध्यक्ष महदय, मैं आपसे विनमर निवेदन करना चाहता हूँ
00:03जनता का जनता के लिए जनता द्वारा शासन ही लोकतंतर है
00:07यह अमेरिका के पूर्व राश्ट्रपती श्री का कथन है
00:11अबराहम लिंकन
00:12आज हमारे देश में स्थापित लोकतंतर के फलने फूलने के लिए देश की आम जनता की बहुत बड़ी बड़ी अपेक्षाएं
00:20है
00:20जनता की उन सभी महत्वपूर्ण अपेक्षाओं को इस सभा के ध्यान में लाना
00:25और उन्हें पूरा करने के लिए आवश्चक योजनाओं और कानूनों को प्रभावी ढंक से लागू करने की पूरी जिम्मेदारी इसी
00:32सभा की है
00:36हमारे द्वारा किये जाने वाले कारे इस प्रकार के होने चाहिए
00:39कि हमारे इस वर्तमान शासन काल के दोरान ज्यादा से ज्यादा लोगों तक अधिक से अधिक लाब पहुंचाया जा सकी
00:45है
00:47यहाँ पर तो हर एक व्यक्ति पूरी तरह से बराबर है
00:52सिर्फ एक ही है
00:57भले ही इस मंच पर ऐसी पार्टियाओं भी शामिल हो जिनका केवल एक ही सदस्य हो उनके द्वारा रखे गए
01:04विचारों को
01:04और तमिलगा वेत्री कडगम के भारी संख्या वाले सदस्यों द्वारा व्यक्त किए गए विचारों को
01:09हम पूरी तरह से समान महत्व प्रदान करेंगे
01:12जो भी अच्छी और सकारात्मक बातें सामने आएंगी
01:15उन्हें हम सहर्श स्वीकार करेंगे
01:20अपनी सभी बुराईयों को सदा के लिए त्याक करतें
01:24इस सभा को लोकतंत्र के हिर्दय और मस्तिश्य के रूप में कार्य करना चाहिए
01:31एतिहासिक गौरव और गरिमा से संपन्न इस सदन का संचालन करने की योग्यता रखने वाले आप ही हैं
01:39जिन्हें तमिलनाडु वेत्री कडगम ने पूर्ण विश्वास के साथ चुना है और आज आप इस आसन पर विराजमान है
01:50माननी अध्यक्ष महोदे कपया ध्यान दे
01:54आप सर्वसम्मति से विधान सभा अध्यक्ष चुने गए हैं
01:59मैं देख पा रहा हूँ कि इस आसन पर सदन के माननी अनेता और विपक्ष के माननी अनेता दोनों ही
02:06विराजमान है
02:08उन्होंने बड़े प्यार से उनके हाथ थामे और उन्हें धीरे धीरे ले जाकर आराम से बैठा दिया
02:15अगर आप बताएं कि यह परंपरा कैसे शुरू हुई तो यह दिल्चस्प होगा इसके पीछे एक बड़ी एतिहासिक घटना है
02:25हमारी संसदीय कारे प्रणालियाएं इंग्लैंड की संसदीय कारे प्रणालियों के काफी हद तक समान ही है
02:32राजाओं के शासनकाल के दोरान ही वहां संसद का संचालन किया जाता था
02:38उस समय सभी शक्तियों से संपन राजा भी हुआ करते थे और संसद भी काम करती थी
02:46वहां राजा कोई काम करना चाहता था तो संसद अकसर उसकी इच्छा को ठुकरा देती थी
02:54राजा जिस कार्य को चाहते थे उसे संसद ने अस्वीकार कर दिया है
02:59यह संदेश राजा तक पहुँचाने की जिम्मेदारी संसद की अध्यक्ष स्पीकर की होती है
03:05संसद की राय राजा तक पहुँचाने का कार्य स्पीकर करते हैं और उस विशेश जिम्मेदारी के लिए
03:12एक उहमत है लिए
03:15संसद की अनुमती केवल कुछ कार्यों को करने के लिए ही आवशक है नकी
03:21उस राज के किसी भी नागरिक को मृत्युदंड देने का अधिकार राजा के पास है
03:28वे उस स्पीकर को मृत्युदंड का कठोर आदेश देंगे जो ये कहने का दुसाहस करेगा कि संसद ने उनकी इच्छा
03:36ठुकरा दी है
03:37वे तुरंद उसका सिर कलम करने का आदेश देंगे
03:42ऐसा कई बार हो चुका है इसलिए कोई भी स्पीकर के पद पर नहीं आना चाहेगा
03:51इसलिए जब नई संसत का गठन होता है तो स्पीकर पद के लिए किसी के नाम की घोशना होते ही
03:57वे तुरंद वहां से भागने की कोशिश करते हैं यह सोच कर कि किसी तरह जान बज जाए
04:06सदन के माननीय नेता और विपक्ष के सम्मानित नेता उन्हें भीच में ही रोक कर उनके दोनों हाथों को थाम
04:12कर फींचते हुए सम्मान पूर्वक आसन पर बैठा रहे हैं
04:20यही वे परंपरा है जो पुराने समय से चली आ रही है लोकतांत्रिक शासन प्रणाली के स्थापित हो जाने के
04:27उपरांत भी यह पुरानी परंपरा आज भी निरंतर जा रही है
04:30मैं आपको यह विश्वास दिलाता हूँ कि तमिल नाडू वेत्री कडगम के प्रतियक सदस्य हर संभव स्थिती में आपके लिए
04:35मददगार साबित होंगे यह मेरा आप से पक्ता वादा है
04:40इस विशेश अवसर पर मैं अपनी बात रखते हुए यह कहना चाहता हूँ
04:44सदन की गरिमा और मर्यादा तथा सदन के सभी सम्मानित सदस्यों की गरिमा और उनके मान सम्मान को अक्षुन बनाए
04:52रखने की महत्ती जिम्मेदारी आपको सौंपी गई है
04:56मैं कल हमारे सदस्य श्री मुवी करुपया जी से मिलने गया था जिन्नोंने अस्थाई विधानसभा अध्यक्ष के रूप में बहुत
05:04ही सराहनिय कार्य किया है
05:06वहाँ जब मैंने पूर्व विधानसभा अध्यक्षों की तस्वीरें देखी तो
05:12उनके बारे में जानकर मुझे वास्तों में बहुत गर्व हुआ
05:16प्योंकि आदर्श के रूप में प्रतिष्ठित, श्रीजे, शिवशनमुगम पिल्लई, डौ, यू, कृष्णराव और श्री एस
05:24चेला पांडियन की श्रेणी में हमने बिल्कुल सही व्यक्ति को चुना है, इस बात का मुझे गर्व है
05:35ठीक इसी प्रकार से हमारे आदरणिये विधानसभा उपाध्यक्ष महोदे भी हैं
05:39आप दोनों ही अत्यंत साधारन परिवारों में जन्मे हैं और निरंतर जन्सेवा की सच्ची भावना को अपने जीवन का आधार
05:46बनाकर कारे करते चले आ रहे हैं
05:49गुणों को परक्कर, दोशों को परक्कर और उनमें से जो अधिक हो उसे अपनाना चाहिए
05:56वल्लुवर के इस कथन के अनुरूप विधान सभा की कार्यवाही सुचारू, व्यवस्थित और शांति पूर्ण ढंक से संचालित हो तथा
06:04विधाई लोकतांत्रिक मूल्यों और मान दंडों का संडक्षन सुनिष्चित हो
06:09इसके लिए इस सदन के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष मुझे पूरा भरोसा है कि आप निश्चित रूप से हमारा मान और
06:16बढ़ाएंगे
06:19राजनीति से उपर उठकर मानवीय मूल्यों को स्थापित किया जाना चाहिए
06:24तमिल संस्कृति का सम्मान किया जाना चाहिए
06:28सदन की परमपरा, गरिमा और सम्मान की रक्षा की जानी चाहिए
06:33इस नेक इरादे के आधार पर मुझे पूरा विश्वास है कि आप दोनों जिनोंने ये पत संभाला है इसे बनाए
06:40रखेंगे
06:41इसी विश्वास को दोहराते हुए मैं अपना भाशन समाप्त करता हूँ
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