00:00माननी अध्यक्ष महदय, मैं आपसे विनमर निवेदन करना चाहता हूँ
00:03जनता का जनता के लिए जनता द्वारा शासन ही लोकतंतर है
00:07यह अमेरिका के पूर्व राश्ट्रपती श्री का कथन है
00:11अबराहम लिंकन
00:12आज हमारे देश में स्थापित लोकतंतर के फलने फूलने के लिए देश की आम जनता की बहुत बड़ी बड़ी अपेक्षाएं
00:20है
00:20जनता की उन सभी महत्वपूर्ण अपेक्षाओं को इस सभा के ध्यान में लाना
00:25और उन्हें पूरा करने के लिए आवश्चक योजनाओं और कानूनों को प्रभावी ढंक से लागू करने की पूरी जिम्मेदारी इसी
00:32सभा की है
00:36हमारे द्वारा किये जाने वाले कारे इस प्रकार के होने चाहिए
00:39कि हमारे इस वर्तमान शासन काल के दोरान ज्यादा से ज्यादा लोगों तक अधिक से अधिक लाब पहुंचाया जा सकी
00:45है
00:47यहाँ पर तो हर एक व्यक्ति पूरी तरह से बराबर है
00:52सिर्फ एक ही है
00:57भले ही इस मंच पर ऐसी पार्टियाओं भी शामिल हो जिनका केवल एक ही सदस्य हो उनके द्वारा रखे गए
01:04विचारों को
01:04और तमिलगा वेत्री कडगम के भारी संख्या वाले सदस्यों द्वारा व्यक्त किए गए विचारों को
01:09हम पूरी तरह से समान महत्व प्रदान करेंगे
01:12जो भी अच्छी और सकारात्मक बातें सामने आएंगी
01:15उन्हें हम सहर्श स्वीकार करेंगे
01:20अपनी सभी बुराईयों को सदा के लिए त्याक करतें
01:24इस सभा को लोकतंत्र के हिर्दय और मस्तिश्य के रूप में कार्य करना चाहिए
01:31एतिहासिक गौरव और गरिमा से संपन्न इस सदन का संचालन करने की योग्यता रखने वाले आप ही हैं
01:39जिन्हें तमिलनाडु वेत्री कडगम ने पूर्ण विश्वास के साथ चुना है और आज आप इस आसन पर विराजमान है
01:50माननी अध्यक्ष महोदे कपया ध्यान दे
01:54आप सर्वसम्मति से विधान सभा अध्यक्ष चुने गए हैं
01:59मैं देख पा रहा हूँ कि इस आसन पर सदन के माननी अनेता और विपक्ष के माननी अनेता दोनों ही
02:06विराजमान है
02:08उन्होंने बड़े प्यार से उनके हाथ थामे और उन्हें धीरे धीरे ले जाकर आराम से बैठा दिया
02:15अगर आप बताएं कि यह परंपरा कैसे शुरू हुई तो यह दिल्चस्प होगा इसके पीछे एक बड़ी एतिहासिक घटना है
02:25हमारी संसदीय कारे प्रणालियाएं इंग्लैंड की संसदीय कारे प्रणालियों के काफी हद तक समान ही है
02:32राजाओं के शासनकाल के दोरान ही वहां संसद का संचालन किया जाता था
02:38उस समय सभी शक्तियों से संपन राजा भी हुआ करते थे और संसद भी काम करती थी
02:46वहां राजा कोई काम करना चाहता था तो संसद अकसर उसकी इच्छा को ठुकरा देती थी
02:54राजा जिस कार्य को चाहते थे उसे संसद ने अस्वीकार कर दिया है
02:59यह संदेश राजा तक पहुँचाने की जिम्मेदारी संसद की अध्यक्ष स्पीकर की होती है
03:05संसद की राय राजा तक पहुँचाने का कार्य स्पीकर करते हैं और उस विशेश जिम्मेदारी के लिए
03:12एक उहमत है लिए
03:15संसद की अनुमती केवल कुछ कार्यों को करने के लिए ही आवशक है नकी
03:21उस राज के किसी भी नागरिक को मृत्युदंड देने का अधिकार राजा के पास है
03:28वे उस स्पीकर को मृत्युदंड का कठोर आदेश देंगे जो ये कहने का दुसाहस करेगा कि संसद ने उनकी इच्छा
03:36ठुकरा दी है
03:37वे तुरंद उसका सिर कलम करने का आदेश देंगे
03:42ऐसा कई बार हो चुका है इसलिए कोई भी स्पीकर के पद पर नहीं आना चाहेगा
03:51इसलिए जब नई संसत का गठन होता है तो स्पीकर पद के लिए किसी के नाम की घोशना होते ही
03:57वे तुरंद वहां से भागने की कोशिश करते हैं यह सोच कर कि किसी तरह जान बज जाए
04:06सदन के माननीय नेता और विपक्ष के सम्मानित नेता उन्हें भीच में ही रोक कर उनके दोनों हाथों को थाम
04:12कर फींचते हुए सम्मान पूर्वक आसन पर बैठा रहे हैं
04:20यही वे परंपरा है जो पुराने समय से चली आ रही है लोकतांत्रिक शासन प्रणाली के स्थापित हो जाने के
04:27उपरांत भी यह पुरानी परंपरा आज भी निरंतर जा रही है
04:30मैं आपको यह विश्वास दिलाता हूँ कि तमिल नाडू वेत्री कडगम के प्रतियक सदस्य हर संभव स्थिती में आपके लिए
04:35मददगार साबित होंगे यह मेरा आप से पक्ता वादा है
04:40इस विशेश अवसर पर मैं अपनी बात रखते हुए यह कहना चाहता हूँ
04:44सदन की गरिमा और मर्यादा तथा सदन के सभी सम्मानित सदस्यों की गरिमा और उनके मान सम्मान को अक्षुन बनाए
04:52रखने की महत्ती जिम्मेदारी आपको सौंपी गई है
04:56मैं कल हमारे सदस्य श्री मुवी करुपया जी से मिलने गया था जिन्नोंने अस्थाई विधानसभा अध्यक्ष के रूप में बहुत
05:04ही सराहनिय कार्य किया है
05:06वहाँ जब मैंने पूर्व विधानसभा अध्यक्षों की तस्वीरें देखी तो
05:12उनके बारे में जानकर मुझे वास्तों में बहुत गर्व हुआ
05:16प्योंकि आदर्श के रूप में प्रतिष्ठित, श्रीजे, शिवशनमुगम पिल्लई, डौ, यू, कृष्णराव और श्री एस
05:24चेला पांडियन की श्रेणी में हमने बिल्कुल सही व्यक्ति को चुना है, इस बात का मुझे गर्व है
05:35ठीक इसी प्रकार से हमारे आदरणिये विधानसभा उपाध्यक्ष महोदे भी हैं
05:39आप दोनों ही अत्यंत साधारन परिवारों में जन्मे हैं और निरंतर जन्सेवा की सच्ची भावना को अपने जीवन का आधार
05:46बनाकर कारे करते चले आ रहे हैं
05:49गुणों को परक्कर, दोशों को परक्कर और उनमें से जो अधिक हो उसे अपनाना चाहिए
05:56वल्लुवर के इस कथन के अनुरूप विधान सभा की कार्यवाही सुचारू, व्यवस्थित और शांति पूर्ण ढंक से संचालित हो तथा
06:04विधाई लोकतांत्रिक मूल्यों और मान दंडों का संडक्षन सुनिष्चित हो
06:09इसके लिए इस सदन के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष मुझे पूरा भरोसा है कि आप निश्चित रूप से हमारा मान और
06:16बढ़ाएंगे
06:19राजनीति से उपर उठकर मानवीय मूल्यों को स्थापित किया जाना चाहिए
06:24तमिल संस्कृति का सम्मान किया जाना चाहिए
06:28सदन की परमपरा, गरिमा और सम्मान की रक्षा की जानी चाहिए
06:33इस नेक इरादे के आधार पर मुझे पूरा विश्वास है कि आप दोनों जिनोंने ये पत संभाला है इसे बनाए
06:40रखेंगे
06:41इसी विश्वास को दोहराते हुए मैं अपना भाशन समाप्त करता हूँ
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