00:00जो इनर इवॉल्यूशन है स्टूडेंट का वो हुआ नहीं पिछले 40 साल में दुनिया भरकव से कुछ पता ही नहीं
00:06है वो आज भी उसी हालत में है
00:08तो फिर इसलिए इन कॉंप्रिटेव एक्जाम्स के पीछे इतनी मारा मारी रहती है और इसलिए इनने फिर पेपर भी लीख
00:16होता है और इसलिए फिर जो स्टूडेंज होते हैं उन पर इतना तनाव दबाव रहता है कि छातरों की आत्मत्याओं
00:24के इतने मामले आते हैं
00:25इंजिनिरिंग, मेडिकल, उसके बाद क्रेजिशन के बाद सेविल सर्विसेज पर कुल मिला के हालत वैसी ही है जैसी की सन
00:32पिचानवे में थी तो उसके लिए मारा मारी तो
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