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00:00कि आप का है रहा हींग के पराठे बनेंगे तो हम लोग जैसे मम्मी या बुआ या मौसी को ऐसे
00:07समझाते हैं कि आप बाहर लिकलिए दुनिया घूमिए चीखिए नहीं चीजे पढ़िए तो वो इतन कुछ जो एगरी भी करते
00:16हैं पर उन्हें एक डर्सा होता है या अपनी अ�
00:21हमारी भीत गई जिन्दगी तुम लोग करो जो करना है हमको बहुत ना बताओ अरे रे रे यह मुआ गठिया
00:32अब यह मर के ही मानेगा लाना रे पानी बाना क्या बता रहे हैं आट का है रहे हैं हींग
00:50के पराठे बनेंगे
00:54हमारा आप कुछ नहीं है बेटा तुम लोग अपना अपना देखो हमारा तो हाँ भगले जन्म में होगा तो दीदी
01:01आपके मनो कामना शीगर पूरी हो
01:09जब इस जन्म से आपने सब उमीदें त्याग ही दी हैं तो आप नई शुरुआत करें फिर भीतरी और बाहरी
01:17महनत और सचाई से बचने का नाटक है
01:20दुनिया भर में जो नसीहते होती है जो चणोतिया आति हैं सिखा कर जाती हैं उन से आप वचित रह
01:31जाते हो तो फिर अपना विकास
01:34भी नहीं होता है बेना चरौती के विकास तो होगा नहीं सड़कों की धूल फाकनी पड़ती है धूल गर्द धूप
01:41अंजान परिचित लोग और स्थितियां इनका मुकाबला करना पड़ता है इससे भीतर लोहा तैयार होता है
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