00:00एक नौजवन लड़का रोजाना एक घर में अखवार डालने जाता एक दिन उसने देखा कि उस घर का लेटर बॉक्स
00:06जिसमें अखवार डाला जाता है बंद पड़ा है उसने तजस्स में दर्वाजा खट-खटाया थोड़ी देर बाद एक बुजरिक आदमी
00:13आहस्ता आहस्त
00:14चलते हुए आए और दर्वाजा खोला लड़के ने पुछा बाबाजी आपने अपना लेटर बॉक्स क्यों बंद कर दिया है बुजरिक
00:21ने मुस्करा कर जवाब दिया कि बेटा मैंने इसे जान बूच कर बंद किया है अब मैं चाहता हूँ कि
00:27तुम रोजाना दर्वाजा �
00:28खट खटाओ या घंटी बजाओ और अखबार मेरे हाथ में दे कर जाया करो लड़का हैरान हुआ और कहने लगा
00:35कि बाबाजी इसमें तो हम दोनों का वक्त जाया होगा आपको भी रोजाना तकलिफ होगी बुजरिक ने कहा कि कोई
00:41बात नहीं बेटा मैं तुमें हर महीने द
00:47लुख भरी आवाज में कहा कि बस एक बात याद रखना कि अगर किसी दिन तुम दर्वाजा खट खटाओ और
00:53मैं बाहर ना हूँ तो पलीज पुलीस को बता देना लड़का ये सुनकर परिशान हो गया और पूछा खेरियत है
01:00बाबाजी आप ऐसी बातें क्यों कर रहे हैं �
01:02बुजरिक की आँखों में आँसों आके वो बोले के मेरी बीवी फौत हो चुकी है बेटा मुलक से बाहर है
01:08और मैं यहां बिलकुल अकेला रहता हूँ मुझे नहीं मालुम कब मेरी मौत आजाए और किसी को पता भी ना
01:14चले हकीकत तो ये है कि मैं अखबार पढ़ता ही नही
01:31बेटा बस ये एहसान करना कि अगर किसी दिन मैं दर्वाजा ना खोलू तो मेरे बेटे को भी फोन कर
01:38देना दोस्तों अकसर हम सोचते हैं कि लोग हमें रोजाना वाटसिप पर सलाम या दौाईया पैगाम क्यूं भेजते हैं असल
01:45में ये पैगामात सिर्फ अलफास नहीं हो
01:59जाए तो उसकी खेरियत जरूर मालूम करें हो सकता है वो किसी मुश्किल में हो या उसे आपकी जरूरत हो
02:06और हाँ अपने वालदेन का भी ख्याल रखें रोजगार का बंदो बस जरूर करें लेकिन माँ बाप के साथ रह
02:12कर करें अल्ला पाक आपको और आपके तमाम प्यार
02:15को हमेशा सलामत रखें आमीन