00:00वरुन मुखिया जी को मार कर उसका इल्जाम भी अपनी भावी पे डाल देता है।
00:03दरसल गाव में हो रहे सारे कांड के पीछे वरुन का हाथ था।
00:07वो अपनी भावी को कांड में फसा कर उसकी सारी प्रॉपर्टी हडप लेना चाहता था।
00:39इधर कार्तिका को लगने लगा था जो हाल उसका हुआ।
00:41कार्तिका पे दुख का पहाड तब तूटा जिसे वो बड़े ही लाड प्यार से पाला था।
00:45गाव के कुछ लोग उसे छोड़ देने को कहते हैं क्योंकि सब को पता था।
00:48कार्तिका बहुत ही सीधी है। वो ऐसा काम नहीं कर सकती।
00:50मगर पंडित को अभी भी चैन नहीं था।
00:52वो अंततह उसे पेड़ पर फांसी लगा के उसकी जान ले लेता है।
00:55这个 लेते�P
00:55करें लेता हैं
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