00:00इंसानों और चिंपैंजी का मिलन करा कर बनना चाहता था हुमेंजी।
00:04ये वैग्यानिक 20 सदी के शुरुआत में सोवियत वैग्यानिक इलिया इवानोव ने इंसान और चिंपैंजी के बीच हाईब्रीड बनाने का
00:12कॉंट्रोवर्शिल एक्सपेरिमेंट किया।
00:14उनका उदेश हुमेंजी नामक एक नई प्रजाती बनाना था। इवानोव इससे पहले जानवरों के बीच क्रास ब्रीडिंग में सफल रहे
00:21थे। जिससे उन्हें सोवियत सरकार का समर्थन मिला।
00:241920 के दशक में उन्होंने अफ्रिका और सोवियत संग में कई एक्सपेरिमेंट किये। मादा चिम्पैंजीों को इंसानी स्पर्ष से और
00:32कुछ महिलाओं को चिम्पैंजी के स्पर्ष से कॉंसेप्षिन कराने की कोशिश की गई। लेकिन कोई भी कोशिश सफल नहीं हुई।
00:38वैज्यानिक कारडों से ये पॉसिबल नहीं था क्योंकि इंसानों में 46 और चिम्पैंजीों में 48 क्लोमोसोम होते हैं जिससे प्रजिनन
00:46संभव नहीं हो पाया। इन प्रयोगों ने नैतिक विवाद भी खड़े किये। बिना सहमतिके एक्सपेरिमेंट के अशंकाओं और अ
00:55सोव्यत सरकार ने समर्थन वापस लिया। 1930 में इवानोव को गिरिफ्तार कर लिया गया और 1932 में उनकी मृत्य हो
01:02गई।
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