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क्या पश्चिम बंगाल में बदलेगा सत्ता का गणित? देखें कहानी में

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00:14आप देख रहे हैं कहानी टू पॉइंट हो आज कहानी पश्रिम बंगाल की राजनीती की
00:20कॉंग्रस के दौर से शुरू होकर वामपंद के लंबे शासन और फिर मम्तावैंजी के उभार तक सता कैसे बदली, क्यूं
00:28बदली और इसका जनता पर क्या असर पड़ा
00:30यही है आज की कहानी का साथ
00:32आज कहानी में सर्फ नेताओं की कहानी नहीं बलकि विचार धारा, संघर्ष और बदलाव की कहानी होगी
00:38आए बंगाल की राजनीती को समझने की कोशिश करते हैं जहां हर दोर एक नया मोड लेकर आता है
01:02पंगाल में बंपंती अंदलों का जनुट नाइंटीन ट्विटिफाइव से हुआ था
01:12भारत में क्रांती आएगा, लेफ्ट क्रांती आएगा, गरीब अधिवासी और गरीब आदमी का लिवर क्लास का सरकार बनेगा तो रेवलूशन
01:21होगा
01:24अगर आपका पावर में आना चाहिए तो फार्मार का पास जाना चाहिए और फार्मान मिंबेट सबका साथ दे सकते हैं
01:32अब ही महुत अब एनज जी है
01:36चुरावों का ट्रेट देखे तो आप पोलिंग बढ़ती रहेंगे लगाता है
01:42जो भी जीतेगा अच्छे से जीतेगा
01:58बंगाल की सियासत में तस्वीर साफ होती दिख रही है लेकिन ये सिर्फ एक्जिट पोल है
02:02नतीजे नहीं है
02:03तो डेश आना के क्यानुमान के मतावए भार्तिया जनता पार्टी को बढ़त मिलती दिख रही है
02:08जबकि ममता के सामने चुरौती बढ़ी है
02:10लेकिन बंगाल का इतिहास बताता है कि यहां आखरी फैसला जनता ही करती है
02:15अब नजरे चार मही पर है
02:16क्या नरेंद्र मोदी और अमिच्छा किला जीतेंगे
02:19या ममता बाइन जी फिर बाजी मानेंगी
02:30अब क्या अथिरवाद यह मेरे सरांखों पर है
02:41क्येपी के पक्ष में जो समर्थन दिखा है
02:44उतरें बीजेपी की बीजे का संखनात कर दिया है
03:02जोए मा बोले भाशा तोरी
03:07रोषनी चाग से होता है छितारों से नहीं
03:11मौपद धोड़ा फूल तिरोगूल से होता है
03:14आउर कोई पाटी से नहीं
03:20तरइड़ा चारशोखा तरकिष्र भाबोना
03:24आमररी दोई मजे कावबा नौय ने मदीना
03:28आमरी दोई मजे कावबा नौय ने मदीना
03:33जो काम नरेंद्र मोदी हिंदूस्तान में कर रहा है
03:37वही काम टी-म सीन और मम्ता-जी आखके बंगॉल में कर पाट
03:51प्रवाइब पूरे बंगाल का हवा मोधी माए है
03:54तफ पाइप तो है तो निकाल लेंगे
04:01लड़ाई अब चल रहा है बात है यह बिप्टी बिप्टी दोड़ा है
04:03कोई भी जिद सकता है इसमें कोई बात लेंगे
04:14एक ऐसी धर्ती जिसे कलास संस्कृती और विचारों की जन्मी कहा जाता है
04:38यह सिर्फ एक राजजी नहीं बलकि मानव सब्वेता के विकास का एक जीवन केंदर रहा है
04:53कभी दुनिया के अर्थोयस्था का बड़ा हिस्सा यहीं से आता था
04:59बंगाल के बंदरगाह, बंगाल के वस्त्र, बंगाल की कारिगरी दुनिया भर में मशूर थे
05:04लेकिन बंगाल की पहचान सिर्फ यहां की संब्रधी नहीं थी, बलकि यहां के लोग भी थी
05:12लोगों की साद्गी, लोगों की भाषा, यहां का स्तंगीर और उनकी मिठास
05:20यही वो मिठी है जिसने चर्म दिया सुभाष चंद्र बोज जैसे करांतिकारी को, द्रविंदरनाथ ट्यगोर जैसे साहित्ति के महनायक को
05:28और स्वामी विवेकानन जैसे विचारक को, इसी धर्ती ने राजाराम मोहन रोय और इश्वर चंद्र विद्या सागर जैसे तमाम सुधारकों
05:36को चन्दिया, जिन्होंने समाज को आईना दिखाया, इतना है नहीं, सतेंद्रनाथ पोज जैसे वैक्यानिक ने दुनिया को न
05:58इसी कहानी जिसने पूरे देश की राजनीती को प्रभावीत किया, आज कहानी में ये जानने और समझने की कोशिश करेंगे
06:31जनता फैसला कर चुकी है, बस उसे सुनाए जाना बाकी है, अब जब तद परिणाम का एलान नहीं होता है,
06:37तब तक हर रात बंगाल में राजनीती की जागती ही रात है
06:43लूट करने के लिए, अगार काउंटिंग लूट करने के लिए कोई कोईसिस करें, तो हम जिंदेगी मद एक करतान लरेंगे
06:50और आम सोब कंडिये, सोब चुपी लेक्टेन एजन को जेतना भी पार्टिया है, सब को गोलते हैं, आपका होख है,
06:56आप देखभर कीजिए, बट दोंट कॉर्ट, इस इस नोट द प्लेस होता है
07:18हर रात चुनाव की प्रक्रिया में जुश्वास और अविश्वास की रात है, और ये रात पांच साल बाद आई है
07:2715 सार के इस सिंडिकेट सिस्टिम की एश्पायरी डेट आ गई है
07:38करो हर अपनी को भेट देना है, जिनो मूल आ रहा है
07:44जिनो मूल जितना है
08:06वैसे तो चार मई को परणाम आएंगे, बंगाल में इस बार रिकॉर्ड वोटिंग हुई है
08:10और इसका सबसे बड़ा फैक्टर वोटर लिस्ट रिविजन यनी SIR
08:43अम्मा का नाम है, मेरा नाम नहीं, मेरा बीबी का नाम नहीं क्या
09:13पिस्दी स्यादरा
09:14पिने का पानी
09:16पानी का परणाम ठीक है
09:17अच्छा तो हम लोग नहीं
09:20भालो
09:20ज्यादा ही भालो
09:22ज्यादा कम करेगा अच्छा ही होगा
09:26पर्शिम बंगाल में पहले चरण में 93.9% दर्च की गई थी
09:31वहीं दूसरे चरण में भी तड़ी 92% हुई है
09:34बंगाल में वोटिंग का कुल औसत 92.6% से ज्यादा हो गया है
09:39जो कि डेश में किसी भी राज्जी में वोटिंग का नया रिकॉर्ड है
09:43अब तक कि ये रिकॉर्ड त्रिपुरा के पास था
09:45जहां 2013 में 91.9% दर्च की गई थी
09:492021 में बंगाल में 82.3% दर्च की गई थी
09:532016 विधान सबाचुनाव में 82.6% दर्च की गई थी
09:59अज तक कहीं आकड़ा था जब हम लोग बात कर रहे थे
10:02कि चुकि टोटल वोटर्स कम हो गए बहुत सारे
10:08वोट कट गए वहाँ पर इसलिए ये यह थी जादा लग रही है
10:11लेकि कुल तीन पॉइंट सब्धिक पोलिंग बढ़ी है और पिछले
10:16पास चुरावों का ट्रेट देखें तो वहाँ पोलिंग बढ़ती
10:20रही है लगातार लेकिन मुझे इतनी जबरदस्ट वोटिंग के पीछे
10:24एक बाद ज़रूर लगती है जो भी जीतेगा अच्छे से जीतेगा वहाँ
10:30लेकिन इस बंपर वोटिंग का फाइदा किसे हो रहा है बीजेपी की तरफ देखिए
10:35तो सारा महौल शम्चमारा है ममता की तरफ देखिए तो न्यावता निमंत्रन छपने ही वाला है
10:47अभी तक जो भी हुआ है अनुमानों के आधार पर हुआ है नतीजों के आधार पर होना बागी
11:17लोग चान चुके है जो सरकार गई चार में दिदी गई
11:22उसका पहले थोड़ा बोदनाट वो रहा है रटक चले गई है
11:34राजनीती संभावनाओं का खेर और संभावनाएं दिशा बदलती रहती हैं अपना चरित्र अपनी चाल और एकजी पोल के नतीजों ने
11:44चार मई की सुबह पर एक ऐसा इंतजार लिख दिया है जिसकी पेकरारी में सब ये दावा कर रहे हैं
11:50कि जीत दुखते हैं
12:1030 अपरेल को आज तक पर इंडिया टुबे के एकजीट पोल आए
12:13किसको अंदाज़ा था कि उन एकजीट पोल से कमो बेश वही ध्वनी निकलेगी जिसकी मुनादी, प्रधान मंतरी मोधी और अमिच
12:20शा ने अपने चुनावा परचार के दौरान ही जनता जनारदन के बीच कर दी थी
12:40इस एकजीट पोल में बीजेपी एक तरफा जीत रही है, बीजेपी की आंधी में ममता का पूल उड़ गया है
12:50बंगाल में बीजेपी को 192 सीट के साथ प्रचंड बहुमत का दावा तुडेज चानक के के एकजीट पोल में किया
12:56गया है
12:56जबकि टीमसी को 100 सीट पाने का अनुमाइन किया गया है, इस एकजीट पोल के मुताविक पिछली बार के मुकाबले
13:02115 सीट ज्यादा बीजेपी हासिल कर सकती है
13:05क्योंकि पिछली बार बीजेपी ने 77 सीटे जीती थी
13:08लेकिन सवाल सिर्फ आंकडों का नहीं है, सवाल उच जमीन का है, जहां राजनिती सिर्फ चुनाव नहीं, बलकि भावनाओ, पहचान
13:17और संघरश का दूसरा नाम रही है
13:19पशिब बंगाल की सियासत हमेशा से सीधी रेखा में नहीं चली, यहां हर चुनाव एक नई कहानी लिखता है
13:262021 में जहां मुकाबला कड़ा था, लेकिन नतीजा एक तरफा दिखा, वहीं 2026 में तस्वीर पूरी तरफ पलटती नजर आ
13:33रही है
13:37एकजिक पॉल के मुताबिक वोट शेर 2021 के मुकाबले एकदम उल्टा नतीजा हो सकता है
13:43क्योंकि अनुमान ये जताये गया है कि बीजेपी 48 फीजदी वोट हासिल कर सकती है
13:48जबकि टीमसी को 38 फीजदी वोट मिल सकता है
13:51इसके एकदम उल्ट वोट शेर 2021 में था
13:54जब बीजेपी 38 फीजदी पाई थी और ममताब एनरजी की पाटी को तब पिछली बार 48 फीजदी वोट मिला था
14:00लेकिन अब टूडेज चानक्या का एकजिट पोल कहता है कि पिछली बार से 10 फीजदी ज़्यादा वोट बीजेपी पा सकती
14:06है
14:11अगर यह अनुमान सच्चाई में बदल गया
14:13को 21 सदी में सत्ता की बदलती राजनीति का प्रदान मंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाही एक पर फिर सबसे
14:20बड़ा चहरा होंगे
14:21मोदी और अमित शाह के खाते में ये रिकॉर्ड भी जाएगा कि जो बंगाल अब तक बीजेपी के लिए असंभव
14:27था उसे दोनों ने मिलकर संभव कर दिया
14:34कि पंदरा साल के इस सिंडिकेट सिस्टिम की एक्सपायरी डेट आ गई है
14:42कि वह एक्सपायरी डेट आप लिख करके रखिए वो तारिक है चार मई
14:49कि मैं टीमसी के गुंडों सभी कहता चाहता हूं चार मई ये टीमसी के सिंडिकेट और महा जंगल
15:03राज की एक्सपायरी डेट है कि चार मई के बाद इस लूट का पुरा हिसाब होगा
15:24पूरा पश्रिम उत्तर डखे बंगाल की सारी दिशाएं प्रधानमंत्री और प्रीमंत्री के पैरों से नब गई
15:31एक्सपायरी पोल के मताबिक बीजेपी बंगाल का किलाज जीतने वाली है
15:35चुनाव की तारिखों के एलान के साथ ही मोदी और अमिशात आत्पिश्वास पीजेपी के नारों में बदल गया
15:41कि बंगाल में चमतकार होकर रहेगा
15:44एक्सपोल ने तो मुम्किन करके दिखा दिया है
15:46अब एवियम क्या दिखाता है उसके लिए चंद घंटों का इंटिजार कीजिए
15:57तो साफ है बंगाल का चुनाव से सप्ता के लाई नहीं थी
16:00बलकि नारेटिव पहचान और रनीती की जंग बन चुका था
16:04एक तरफ ममता अपनी जमीन बचाने में जुटी रही
16:06तो दूसरी तरफ बीजेपी हर उस मुद्दे को बनाने में लगी रही
16:09जहां से सप्ता का रास्ता निकल सकता है
16:12सवाल यही कि क्या ये रनीती काम करेगी अब नज़रे नतीजों पर है
16:57ये सिर्फ एक चुनाव नहीं है ये नेरेटिव की लड़ाई है
17:01पहचान की लड़ाई है और रनीती की सबसे बड़ी परीख्षादी
17:05और इस बार बीजेपी का सबसे बड़ा दाव है हिंदू वोट बेंग
17:35बीजेपी के हिंदू वोट के पर्णें और बीजेपी के मुस्लिम वोट के घटने से
17:39एक्जिट पोल में भी बीजेपी के बंगाल जीतने का अनुमान दिख रहा है
17:45टूडेज चारक्या का एक्जिट पोल बताता है कि टीमसी इस बार 71 फीजदी मुस्लिम वोट पा सकती है
18:03यानि हिंदू वोट से जुड़ा हिस्सा 50 फीजदी के पार है
18:07स्टी ओबीसी में तो 60 फीजदी के पार तक बीजेपी पा सकती है
18:11तो क्या यही वो हिंदू वोट का अंक गणित है जो बीजेपी को बंगाल में सत्ता दिला सकता है
18:22बंगाल में राजनीती सिर्फ भाशनों से नहीं चलती
18:25यहां ठाली भी राजनीती त्टै करती है
18:28जब मम्ता बेनर जी ने कहा कि बीजेपी सत्ता में आई तो मचली मांस और अंडे पर रोक लग सकती
18:34है तब ये सिर्फ एक बयान नहीं था ये सीधे बंगाली असमिता पर सवाल था
18:53बंगाल में माच भात सिर्फ खाना नहीं पहचान है बीजेपी ने इसे समझा और तुरंट नेरेटिव पलड दिया
19:00अनडराक ठाकुर को मचली खाते हुए सब ने देखा मनुच दिवारी को भी सब ने देखा और सिर्फ इन दो
19:05नेताओं को ही नहीं कई नेताओं को बंगाल ने सारवजनिक रूप से मचली खाते हुए देखा इस वीडियो का स्तंदेश
19:12साफ था
19:37चुराओ में सबसे तीखा मोर तब आया
19:40जब पीमसी सांसत साइनी खोश का ये वीडियो वाइरल हुआ
19:58अमिश्या और योगियादी पिनात ने इसे काली बनाम काबा की लडाई बना दिया
20:02बीजेपी ने रातो रात नारा बदल दिया और उत्तर भारत का जैश ग्राम बंगाल में बन गया जैमा काली
20:11बीजेपी ने पार्टी को बंगाल की धार्मिक परंपराओं से जोडते हुए ये स्तंदेश दिया
20:16कि टीमसी स्थानिय संस्कृति से हटकर बाहरी पहचान को बढ़ावा दे रही है
20:25पिछले 15 सालों में ममता बेनर जी की सबसे बड़ी ताकत रही है महिलाएं
20:58जो तो ही कोड़ो हमला
21:04लेकिन इस बार बीजेपी ने सीधा मुकाबला किया
21:07जीत मिलने पर 3000 रुपे प्रती महिने देने का एलान किया
21:11यानि ममता की योजना से दोगुना
21:13साथी बसों में मुफ्ति आत्रा और सरकारी नौकरियों में 33 फीजदी आरक्षन
21:18ये सिर्फ वादा नहीं था
21:19ये सीधा संदेश था महिला वोटर को साधने का
21:25पिछले 10 विधानसवा चुनावों की कहानी ये बताती है
21:28कि बीजेपी की चीत में महिलाओं की हिस्सेलारी सबसे ज्यादा रही है
21:32पिछले साल बिहार चुनाव में 45% महिलाओं ने NDIA की जीत में भूमी का निबाई
21:37दिल्ली चुनाव में BJP को 45% महिलाओं ने वोट देखर जिताया
21:412024 में हर्याना विदानसवा चुनाव या फिर महराश का विदानसवा चुनाव
21:46बीजेपी को विरोधियों से ज्यादा महिला वोट मिले और जहां नहीं मिले बीजेपी वहां हार गई
21:51साल 2022 में हिमाचल परदेश, साल 2023 में करनाटक में महिला वोट कम मिले और बीजेपी हार गई
21:57तो सवाल ये है कि एक्जित पोल के मुताबिक जब बीजेपी जीत रही है तो बंगाल की महिलाओं ने भी
22:04अब मम्ता से दूरी बना ली है
22:11चुनाव से पहले SIR यानि Special Intensive Revision हुआ और करीव 91 लाख वोटर्स के नाम हटे
22:19कुल वोटर्स घटकर 7,666,666,65 लाख हो गे
22:24बीजेपी ने इससे शुद्धी करण अभियान बताया जबकि TMZ ने इससे लोकतंत परहमला बताया
22:36आपको पताया गया था कि 300 के करीद है कि 610 तो ये तो एक ही बूट से 610 नाम
22:46कट गया है
22:47क्या आप लुका अधार कार्ड है अधार कार्ड है पासपोर्ट है जर्मो सर्टिवेड है अडमिट है सब कुछ है जनम
22:53कहा है आपका इधर कही है तब भी कार्ड दिया है
23:03अधार है आपके पास अभी मोबैल में है मोबैल दिखा ही ना अच्छा आपका अधार कार्ड है जनम का डेट
23:12भी सब कुछ लिखा हुआ है पासपोर्ट भी आपके पास पर वो आपको डिलेट कर दिया है
23:17मेरे पड़ी बार में पास लोग डिलेट किया अच्छा आप लोग कहें वोट हाँ डिलेट कर दिया है अब बाकी
23:29अधार कार्ड सब था सब आप लोग सब का आप लोग सब का है सब लेट
23:42दोहजार शब्वीस का बंगाल चुनाव कई सतरों पर लड़ा गया फाली धर्म महिला सुरक्षा डेटा और पूथ मेनेजमेंट पर
23:51एक्जिट पोल के मताबिक पूरे चुनाव में मम्ता बेनर जी अपनी पकड़ बचाने में जुटी रही और भारतिये जन्रता पार्टी
23:58पूरे चुनाव में हर उस दरार को तलाशती रही जहां से सत्ता का रास्ता बन सके
24:11अज बंगाल में मम्ता बेनर जी की सरकार है लेकिन उनका यहां तक पहुँचना असान नहीं रहा
24:16आजादी के बाए सत्ता कॉंग्रेस के हाथ में ती जिसे समय के साथ वामपत ने कमजोर किया और तीन दशक
24:22तक राच किया
24:23फिर मम्ता बेनर जी ने उसी लेट किले को ठा दिया बंगाल की राजनीती में सत्ता परिवर्तन का ये चक्र
24:29बार बार दोराया गया जो कभी कॉंग्रेस का गर था वहाँ अज उसका खाता खोलना भी मुश्किल दिखता है
24:49साल 1947 भारत आजाद हुआ लेकिन बंगाल तूट गया
25:04विभाजन ने इस तिर्फ जमीन नहीं माटी इसने समाज अर्थवयस्था और इंसानी जिंद्गियों को भी बिखेर दिया
25:11कोलकाता के कोने कोने में शर्णार्थी नजर आ रहे थी
25:151947 में देश की विभाजन के तुरंत बाद बंगाल के पुनर गठन के साथ ही कॉंग्रेस में स्तरकार बनाई
25:22और आजादी के बाद 1952 में जब पहली बार चुनाव हुए उसके बाद भी सबसे पहली सत्ता कॉंग्रेस के हाथ
25:29में ही आई
25:30और डॉक्तर बिधान चंदर रॉय मुख्यमंत्री बनाई
25:381948 से 1962 तक कॉंग्रेस ने लंबा शासन किया लेकिन 1962 में कॉंग्रेस की पकड़ धीरे धीरे कमजोर होने लेगी
25:47क्योंकि कॉंग्रेस के समानांतर लेफ्ट का बहुत तेजी से उदैव हो रहा है
25:52कि बंगाल में एक बंपंति अंदलोन का जन्म 1925 से हुआ था कमुनिस्ट पार्टी प्रतिस्टित्वा मुझफरा में थे नज्रूल थे
26:05लेकिन धीरे धीरे आगे बढ़ा और जैसे कॉंग्रेस का सोसिलिस्ट लीडर जो था उनुशिलन श्वामिती का साथ ओ फिर आगे
26:14बढ़ा आगे आया
26:15जोती बसुद जब बैरिश्टर पास करने का बाद बंगाल में आ चुके थे तब कम्मनिस्ट पार्टी बंगाल में थोड़ा बहुत
26:23बिस्तालच किया था और जैसा पार्टी संग का बाद हम लोग देख चुके थे बंगाल में इस बंगाल से जो
26:29रिफ्यूजी है इतना त�
26:43नहीं था जमिंदार का पास जड़े जमीन था जमीनी लड़ाई भी शुरू हुआ तो धीरे धीरे बंपंती शक्ती आगे बढ़ने
26:50लागा बंगाल में
26:511962 से 1967 तक कॉंग्रेस के परफुल चंदर सेन मुख्यमंत्री बने लेकिन 1906 में ही पहली बार बंगाल में गयर
27:01कॉंग्रेसी सरकार बनी जिसे युनाइटेट फ्रन्ट कहा गया और अजय मुखर जी मुख्यमंत्री बने
27:06लेकिन 1972 में कॉंग्रेस ने फिर सरकार बनाई और सिधार शंकर रे 1977 तक मुख्यमंत्री रहे
27:16लेकिन नकसल आंदोलन और गड़े प्रशासनिक कदमों ने सरकार की छवी को बहुत नुकसान पहुँजाया
27:23भूग, बेरोसकारी और अस्समानता ने समाच को बुरी तरह जकर लिया और इसी अराजकता के बीच वामपंथी राजनिती का मौका
27:31मिला
27:31मजदूर यूनियन, चातर संगठन और किसान आंदोलोनों ने एक नई राजनितिक जमीन तयार की और फिराया 1967 का नकसल बाड़ी
27:41आंदोलन की
27:48आज भी नकसल बाड़ी आज जाओगे तो ऐसा नहीं है उट्टी गार्डन है, बहुत गरीब लोग है, आदिवासी लोग है
28:01उसी लिए सिपीम का अंदर से ही चारू मजुमदर ओ दरजीलिंग डिस्टिक कमीटी का लीडर भी थे और जंगल साउंताल
28:10बाकी लोग एकटा करते ही हुए
28:11वहाँ जो जुद्दर जमिनदर है उसका खिलाब और मुर्चा खुला जैसा उसी समय माओ जो है चेर्मेन माओ चीन में
28:22मुक्ति अंदलन का लीडर थे उसी को समने रखते हुए ये लोग सोचा भारत में करांटी आएगा लेट करांटी आएगा
28:29गरीब अदिवासी और गरी
28:35रिविलूशन होगा तो रिविलूशन का अवेदान में बहुत सारे लोग उसमें कॉलेज छोड़ छोड़ करके जैसा प्रेजिदेंसी कॉलेज आए स्कॉटी
28:43सर्च कॉलेज आए स्टूडेंट लोग भी मुम्मेंट पे समील हुआ गाउं में जाके काम करना शुरू किया
29:05जैसे ही 1977 में चुना हुए इसका सीधा सर पश्चिम बंगाल में भी देखने को मिला। कॉंग्रिस को करारी हार
29:12मिली। 294 में से उसे सिर्फ 20 सीटे ही मिल पाई और लेफ्ट को मिली 231 सीट। और यही से
29:20शुरू हुआ बंगाल में एक नए युक्का हुदै।
29:25सरकार जब आये थी तब तो बंगाल का एकोनोमी कंडिशन खास तरीके से गरीब लोग, मजदूल लो, जुटमिल कवर का
29:33लोग, टीचर लो, कॉलेज टीचर लो, उसका एकोनोमी हाला ठीक नहीं था, जमीन सुधार नहीं हुआ था, तो लेफ फ्रंट
29:39आके पहले जमीन सु�
29:44जमीन गया, ओ, खेती में ज्यादा उत्सकता आया, फर्टिलाइजर यूज होने लगा, और सिंचाए के लिए पानी का भी यह
29:54आया, तो गाउं में ही लोग ज्यादा फोकस किया, तो इसलिए गाउं का इसका सपोर्ट बेस बहुत जम गया था,
29:59और स्कूल टीचर का सेलारी �
30:02बढ़ा दिया, कॉलिज टीचर के भी सलारी बढ़ा दिया, सरकरी कर्मचारी का भी सलारी बढ़ा दिया, तो ऐसा हुआ सब
30:08सलारी नहीं, उसका एक मिडल क्लास, मद्दम बर्ग, उसका सपोर्ट बेस पैदा हो चुके थे तब बंगाल में, गाउं में,
30:16उसका सपोर्ट बेस
30:32इस जीत के बाद ज्योती बसू पश्रिम बंगाल के मुख्यमंत्री वने और उन्होंने लंबे समय तक राज्जी की राजनीती को
30:38दिशा दी
30:381977 के बाद बंगाल की राजनीती पूरी तरह बदल गई और राज्जी में वामपंद का दौर शुरू हुआ
30:45और इस दौर में वो सब हुआ जिसने बंगाल का बुरा हाल कर दिया धीरे धीरे उद्योग बंध होने लगे
30:53बंगाल के निवेशक दूर जाने लगे और रोजगार कम होने लगे
30:581990 के दशक तक युवा पंगाल छोड़ने लगे अब सवाल विचारधारा का नहीं था रोजगार और जीवन का था
31:08साल 2000 में जोती बसु ने पत छोड़ा और बुद्धदे भटाचारे आये उन्होंने विकास और निवेश की बात की
31:142006 में सिंगूर में टाटा नैनो प्रोजेक्ट के लिए जमीन अधिगरन शुरू हुआ
31:19सरकार ने इसे विकास बताया लेकिन किसानों के लिए ये उनकी जमीन च्छिनने जासा था
31:25और यहीं से एक आवाज उभी ममता बेनर जी
31:31ममता बेनर जी का पास ममता बेनर जी का जो एडवाईजरी लोग बताया
31:36जे अगर आपका पावर में आना चाहिए तो फार्मार का पास जाना चाहिए
31:41और फार्मान मुवमेंट्स आपका साथ दे सकते करना चाहिए
31:45तब ही अप आउर में आ सकता है, तब ही लिफ टॉन को हरा सकते हैं
31:48ममता बैनर जी पहले सिंगूर में पाउं जमाया, इसके बाद सुबिन दिकारी और बाकी लोग उसको साथ लेके गया
31:59ममता बैनर जी के उस टाइम रेगूलर रूटिन था कालिगार से सिंगूर, नंदिग्राम या सिंगूर, सिंगूर से कालिगार या नंदिग्राम
32:07मुम्मिन का पीछे वो लगातार बने रहा
32:09और नंदीग्रा में मुसलमान लोग का उपर डर था
32:12सिंगूर में हिंदी फार्मार का डर था
32:16जमील लेने का
32:18तो फार्मार का जमील लेने वाला जो डर है
32:20जब पैदा हो चुके थे
32:34ममताव एनर्जी ने भूख हरताल की
32:37देश भर में चर्चा हुई और आखिरकार टाटा को सिंगूर छोड़ना पड़ा
32:41और उसके बाद 2007 में नंदी ग्राम
32:50केमिकल हग के लिए जमील ली जा रही थी
32:52गौँवालों ने विरोध किया
32:54और ऐसा प्रदर्शन हुआ
32:55कि 14 मार्च 2007 को पुलिस फारिंग में 14 लोग मारे गए थे
33:00ये सिर्फ एक घटना नहीं थी
33:02इस घटना के बाद ममता के आंदोलन ने उन्हें बहुत बड़ा बना दिया था
33:06यही से राजनितिक हवाब बदलने लगी
33:182011 में ममता बैंजी ने सिंगूर और अंदिक राम आंदोलन की ताकट पर
33:2334 साल पुराने लेफ शासन को खत्म कर सत्ता हासल की
33:26मा, माटी, मानुष के नारे के साथ बदलाव का वादा किया गया
33:3015 साल के शासन में जहां कन्या श्री, स्वाससाती जैसी योजनाव ने
33:35सामाजिक धांचे को मजपूत किया वहीं उद्योग, रोजगार और व्रश्टाचार के आरोप बड़ी चुनौपती बने रहे
34:03एक स्ताधरन परिवार से निकल कर सत्ता के शिखर तक पहुँचने का उनका सफर
34:07किसी राजनितिक विरासत का नहीं, बलकि सडकों पर लड़ी गई लडाईयों का नतीजा है
34:14अंदलों जो है, वाइलेंट हो चुके थे और बहुत सरे जगा नक्साली लाइट्स और उसका साथ माविस्ट उसका साथ टीमसी
34:23उसका साथ बीजेपी
34:24सब मिल करके लेफ्ट फंट का खिलाब नंदी ग्राम अंदलन पे हिस्सेदारी लिया
34:31और नंदी ग्राम का घटना जब घटी इसका बात और नंदी ग्राम एक तरफ से टीमसी और बाकी लोग का
34:37कबजा में चला गिया
34:38शाशर नहीं था रेगुलर माडर हो था उसी टाइम में जाड़ ग्राम और असपास का इलाका में मावादी लोग ओ
34:46ये फर कैम में हमला बोल दिया डेली माडर होना सुरू किया लौ अन ओडर बिगरते गिया इसका भी फाइदा
34:53मिला ममता बेनर जी को और बुद्धदेव का ह
35:13कोलकाता की गलियों से शुरू हुई ये कहानी सिर्फ एक नेता की नहीं बलकि उस जजबे की है जो हर
35:18बार टकराव को चुनता है
35:20चातर राजनीती से लेकर संसत तक और सडक से लेकर सचिवाले तक ममता बेनर जी हर मंच पर अपने आक्रामक
35:27तेवर और बिवाक अंदाज के लिए जानी गई
35:551970 का दशक देश में उथल पुथल और सलकों पर उभर रही एक जुझारू छात्र नेता ममता बेनर जी जेपी
36:03आंदोलन देश भर में कूंज रहा था तब बंगाल में भी राजनीतिक टकराव चरम पर था उसी दोरान एक ऐसी
36:09घटना हुई जिसने ममता की पहचान तै कर दी
36:16कहा जाता है कि विरोध प्रदर्शन के दोरान ममता बेनर जी सीधे जेपी की गाड़ी के सामने पहुँच गई और
36:22विरोध जताने के लिए गाड़ी के बोनट पर चड़ गई ये सिर्फ एक प्रदर्शन नहीं था ये संदेश था कि
36:28बंगाल में कॉंगरिस पार्टी अभी
36:30जिन्दा है यही वो समय था जब ममता ने खुद को एक स्ट्रीट फाइटर के रूप में स्थाफिक किया इसके
36:36बंगाल में कॉंग्रिस का मतलब ममता बेनर जी हो गया
36:4216 अगस्त 1990 कोलकाता का हजरा क्रॉसिंग और कॉंग्रिस का प्रदर्शन इसी भीड को ममता बेनर जी लीट कर रही
36:49थी
36:50इसी भीड में लेफ्ट के कुछ कारिकरता घुज गया और ममता बेनर जी पर सीधा हमला किया गया
36:55एक हमलावर ने लोहे की रोट से उनके सिर पर बार-बार वार किया ममता खून से लथपत होकर सल्थ
37:01पर गिर पड़ी
37:03ममता के बढ़ते कत से लेफ्ट सरकार विचलित हो गई थी
37:06कहा जाता है ये पूरी स्तादिश ममता की हत्या के लिखी गई थी
37:10इस हमले ने उन्हें तोड़ने के बजाए और मजबूत बना दिया
37:14इसके बाद उनकी राजनीती और आक्रामक हो गई
37:17वो सिर्फ नेता नहीं रही बलकि संघर्ष का चेहरा बन गई
37:24कोलकाता की यह है राइटर्स बिल्डिक
37:27सत्ता का केंद्र लेकिन 1993 की एक राद
37:30ये मारत सत्ता के एहंकार की मिसाल बन गई थी
37:37कॉंग्रिस के एक युवा नेता एक केंद्रे मंतरी ममता वेनर जी
37:41एक मूप बधिर बलातकार पिडिता को न्याय दिलाने के लिए
37:45राइटर्स बिल्डिंग पहुँची थी
37:46आरोप सत्ताधारी सीपियम नेता पर था
37:49लेकिन पुलिस ने केस तक दर्ज नहीं किया
37:52ममता ने मुख्यमंतरी से मिलने की कोशुश की
37:54लेकिन दर्वाजे बंद रह
37:56जवाब नहीं मिला तुनोंने विरोध का रास्ता चुना
37:58ममता बेनर जी राइटर्स बिल्डिंग के अंदर ही
38:01फर्ष पर बैठ गई एक गर्वती पिडिता के साथ
38:06इसके बाद जो हुआ उसने लोकतंत को जग जोर दिया
38:10पुलिस ने बल प्रयोक किया
38:11ममता बेनर जी को बाल पकड़ कर घसीटा गया
38:14ये सिर्फ एक घटना नहीं थी
38:16ये ममता बेनर जी के राजनितिक जीवन का टर्निंग पॉइंट था
38:20उसी रात उन्होंने तै कर लिया था
38:22वो सत्ता के सामने जुकेंगे नहीं
38:24और जब तक मुख्यमंत्री नहीं बनेंगी
38:27तब तक राइटर्स बिल्डिंग के अंदर कदम नहीं रखेंगी
38:30और फिर 18 साल बाद 2011 में
38:34ममता बेनर जी उसी राइटर्स बिल्डिंग में लोटी
38:36सीम बन कर
38:46पश्यमंगाल की राजनिति में एक बड़ा मोर तब आया
38:48जब ममता बेनर जी ने अपनी अलग राजनितिक पहचान बनाने का फैसला किया
38:53साल 1997 में कॉंग्रेस के भीतर लगातार
38:56बढ़ती कुटबाजी, नेतरितु से नाराजगी
38:59और लेफ्ट के खिलाफ नरम रुखने ममता को अंदर से जगजोर दिया था
39:09ममता ने तै कर लिया था कि उन्हें अपना रास्ता खुद बनाना होगा
39:131997 के अंत में उन्होंने कॉंग्रेस से बगावत कर दी
39:16फिर आया एक जनवरी 1998
39:21ममता बेनर जी ने ओल इंडिया त्रिणमूल कॉंग्रेस बनाने का एलान कर दिया था
39:26एक छोटे से आंदोलन की रूप में शुरू हुई टीमसी उची सालों में बंगाल की सबसे बड़ी राजनितिक ताकत बन
39:33गई
39:38साल 2006 पश्य मंगाल का सिंगूर और जमीन अधिगरन को लेकर उबाल
39:44बंगाल की सरकार टाटा नेनो प्रोजेक्ट के लिए जमीन ले रही थी लेकिन किसान विरोध में थे
39:49और इसी विरोध की सबसे बड़ी आवाज बनी मम्ता वेनरजी
39:59मम्ता ने आंदोलन को सिर्फ राजनितिक मुद्दा नहीं रहने दिया
40:02इसे जन आंदोलन बना दिया
40:04मम्ता वेनरजी आमरण अंशन पर पैट गई एक दिन दो दिन नहीं बलकि 26 दिन तक
40:10ये सिर्फ भूख हरताल नहीं थी ये सत्ता के खिलाब सीधी चुनावती थी
40:15आखिरकार केंदर के दखल और बढ़ते दवाब के बाद उन्होंने अंशन खत्म किया
40:20लेकिन तब तक बहुत कुछ बदल चुका था
40:23सिंगूर आंदोलन ने मम्ता को बंगाल की सबसे बड़ी विपक्षी ताकत बना दिया
40:28यही आंदोलन 2011 में वंपंत की हार की नीव बना और मम्ता बेनरजी के लिए सत्ता तक पहुचने का रास्ता
40:4134 साल पुरानी लेट के शासन का अंथ हुआ और सत्ता में आई थी मम्ता बेनरजी
40:47ऐसा लगा जैसे बंगाल की ठेहरी हुई अर्थ वियस्था अब दोड़ने लगेगी
40:52इंडस्ट्री वापस आएगी, नौकरियां बढ़ेंगी और जो राज जी कभी भारत का आर्थिक इंजन था वो फिर से उट खड़ा
40:59होगा
40:59लेकिन क्या वो सच हुआ?
41:04जूट मिल्स वगेरे पहले काफी ही चलती थी, अभी भी कुछ-कुछ तो चल रही है
41:08पर क्या इंप्लॉइम्मेंट के चांसेज यहाँ पर किस तरह के हैं?
41:12मसाल में अगर 6 महीना चलता है तो 6 महीना बंद रहता है
41:16तो बाकी 6 महीने जो पर्मनेंट इंप्लॉई हैं, जो यहाँ के रहने वाल हैं
41:20वो फिर इधर उधर काम ढूंटे फिरते हैं
41:22यहाँ पर कबसे अपना आपका ये लगा है?
41:26हम 2005 में जूट मिल में भरते हुए
41:30हमरा लंबर है 9,040
41:32इसी मिल के मुआर कर है
41:34महीने में चार दिन, पान दिन काम किया
41:36उसके अबाद हम लोग को बैठा देते थे
41:38गेट बार कर देते थे
41:39हम लोग को बहुत दबाव देते थे
41:41उसके बाद से एक कार बार किया
41:42जिसी तरह अपना बाल बचा से
41:4420 साल से चला रहा है
41:46अब 20 साल से मील में काम कर रहे हैं, अब मील में काम करते हुए हमको करजा लग हो
41:51जाता था
41:51पलस मने काम हमको होता नहीं था न, 4-5 दिन काम होता था
41:55एक दिन काम देते थे, 4 दिन बैठा देते थे, मने कितना आदमी भूका मर रहा है जूट मिल के
42:02जा
42:04एक समय था जब बंगाल सिर्फ एक राज्जी नहीं बलकि भारत की आर्थिक और बौधिक राजधानी था
42:11लेकिन स्थिती देखिए, 2011 में 2 लाग करोड का कर्ज था बंगाल के उपर
42:16और 2026 सटाइस तक 8.15 लाग करोड पहुँचने का अनुमान है
42:22यानि बंगाल के हर व्यक्ति पर करीव 60,000 का कर्ज है
42:29यह वही बंगाल है जहां पोर्ट, रेलवे, बैंकिंग, शिक्षा हर खित्र में बंगाल आगे था
42:35लेकिन धीरे धीरे नीथियों की घलतियां, राजनीतिक संघर्ष और इंडस्ट्रियल अन्रेस्ट ने इस ताकत को कमजोर कर दिया
42:42और जब 2011 में ममताब एनरजी आई तो मीत थी तो वो इस गिरावट को रोकेंगी
42:48लेकिन 15 साल बाद वहां के लोगों को सुनिये उन्हें क्या मिला
43:18नहीं तो 15 मिनट में में पुरा मार्केट नहीं जल जाता
43:20जब आग लगी थी तो कुछ घंटों के बाद ममताब एनरजी यहां बंगाल की पच्छी माल की मुखमतरी आई थी
43:27आने के बाद मिडिया में उन्होंने आस्वासन दिया था कि बड़े दुकंदार को एक लाख रुपिया और छोटे दुकंदार को
43:36पचास अगर रुपिया
43:37और खाने के लिए प्रेजेंट में जो बिक्री वगर नहीं हो पा रहा डेली दस अगर मिलेगा
43:57बड़ी-बड़ी कमपणिया या तो बंगाल छोड़ कर निकल गई या बंद पड़ गई
44:01नए जॉब्स का क्रियेशन बंद हो गया जो युवा पढ़ लिख रहे थे उन्हें नौकरी के लिए राज्जी छोड़ना पड़ा
44:07आक्रे कहते हैं कि हर साल तीन लाख लोग बंगाल छोड़ रहें
44:54बंगाल सरकार ने सोचल वेलफेर स्कीम्स पर जोर दिया
44:57इन योजनाओं ने ग्राउंड लेवल पर लाखों लोगों की जिंदगी में बदलाब जरूर लाया
45:01गरीबों को सहरा मिला, महिलाओं को आर्थिक मदद मिली
45:04लेकिन इंफ्रास्ट्रक्चर और इंडस्ट्री के लिए पैसे कम पड़ गए
45:08और इसका असर आज नजर आ रहा है
45:10सिंगूर जैसी हालत जो 20 साल पहले थी, वही हालात आज भी है
45:17जूर बला, अंदलोर अम्या चिलाब ना हम्रा जोमी पोक खेव कारखना होग यहीं पोक खेव कारखना होले भाल होतो शेही
45:29लोख के आमरा हमारे जोमी शाभ दिये दीजिए अब यहां पर नौकरी आनी चाहिए लोगों के लिए कि नहीं?
46:03अब सवाल ये है कि क्या ममता बेनर जी
46:06का परिवर्तन फेल हो गया
46:08एक्जिट पोल के मताबिक
46:09बंगाल पदलाव चाहता है
46:19फिलाल काहानिये में
46:20अभी के लिए बस इतना ही
46:21देश उद्मिया के तमाम कपरों के लिए आप तेकते रहें
46:23आज तक
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