00:03।
00:04॥
00:10॥
00:20ुपूरा का पूरा ब्रमांड बना है वही तत्व हमें जन्म और मृत्यू के इस चक्र से बाहर निकलने का रास्ता
00:28भी दिखाते हों?
00:29है न एक गहरा सवाल? और बस यही सवाल हमें खीच कर ले जाता है पंच भूत स्थलों की ओर.
00:35तो सवाल उठता है कि आखिर ये पंच भूत स्थल हैं क्या? दरसल ये दक्षिन भारत के पांच बेहद पवित्र
00:42शिव मंदिर हैं और इनकी खासियत ये है कि हर एक मंदिर स्रिष
00:47के एक मूल तत्व को समर्पित है. पृत्वी, जल, अगनी, वायू और आकाश. इन जगहों पर भगवान शिव की पूजा
00:55इन ही पांच तत्वों के रूप में होती है. तो अब हम इन पांच मंदरों और पांच तत्वों की दुनिया
01:01में उतरने जा रहे हैं. और ये समझना
01:03बहुत जरूरी है कि ये सिर्फ पत्थर और गारे से बनी इमारते नहीं है. नहीं, ये तो ब्रहमांडिये शक्तियों के
01:10आप कह सकते हैं जीते जाकते केंदर हैं, जहां ईश्वर और प्रकृती एक दूसरे में मिल जाते हैं. चलिए, इनकी
01:17गहराई को समझते हैं. दिखिए
01:19इन मंदिरों का जो दार्शनिक महत्व है, वो बहुत गहरा है. ये असल में प्रकृती और परमात्मा के बीच के
01:26उस परफेक्ट बैलन्स, उस आदश संतुलन को दिखाते हैं. और जो भक्त यहां आते हैं, उनके लिए इस यात्रा का
01:33सबसे बड़ा मकसद होता है मोक्षपा
01:48और कैसे हर एक जगा अपने अपने तत्व की उर्जा से मानो धड़कती हैं. तो ये है हमारी इस आध्यात्मिक
01:55यात्रा का पूरा नक्षा. देखिए, प्रिथ्वी तत्व के लिए हम जाएंगे कांची पूरम के एकंबर एश्वर मंदिर. जल तत्व को
02:02महसूस करने के लि�
02:16देखने को मिलता है चिदंबरम के नटराज मंदिर में. तो हमारी आत्रा शुरू होती है प्रिथ्वी और जल के मंदिरों
02:24से. सबसे पहले बात करते हैं कांची पूरम के एकंबर एश्वर मंदिर की. यहां के खासियत है रेच से बना
02:31एक लिंगम, जिसे कहते हैं कि खुद �
02:35पुराने आम के पेड़ के नीचे बनाया था. यह स्थिर्ता और भक्ती का प्रतीक है. और फिर है तिरुवने कवल
02:41का जम्बू केश्वर मंदिर. यहां लिंगम पर लगातार एक जमीन के नीचे से निकले जरने का पानी गिरता रहता है,
02:48जो ग्यान के कभी न रुकने वाले
02:50प्रवाह को दिखाता है. इस प्रिथवी मंदिर के पीछे की जो कहानी है, वो भक्ती की ताकत को बहुत खुबसूर्ती
02:57से दिखाती है. कहते हैं कि जब देवी पारवती तपस्या कर रही थी, तो नदी में बाढ़ा गई. उन्होंने रेच
03:04से बने उस लिंगम को बचाने के
03:06लिए उसे अपनी बाहों में कसकर पकड़ लिया. उनकी ऐसी अटूट श्रद्धा और लगन देखकर शिव प्रसन्न हुए और उन्हें
03:14स्थिर्ता का आशिरवात दिया. अब आगे बढ़ते हैं अगनी और वायू के मंदिरों की तरफ. अरुनाचल एश्वर मंदिर में शि
03:35जहां मंदिर के अंदर हवा का कोई जोका नहीं आता. फिर भी एक दीपक की लौव लगातार हिलती रहती है.
03:41यह अद्रिश्य वायू तत्व की मौजूदगी का साक्षात प्रमाण है. और अब हम पहुँचते हैं अपनी यात्रा के अंतिम और
03:48शायद सबसे रहस्यमई पड
03:50पर चिदंबरम आकाश मंदिर. यहीं चिदंबरम रहस्य का अनुभव होता है. यहां किसी मूर्ती की पूझा नहीं होती, बलकि पूझा
03:59होती है निराकार, खाली आकाश की, शुन्य की. यह इस परम सच को दिखाता है कि हर चीज की उत्पत्ती
04:07इसी शुन्य से होती है. और �
04:25ुश्वर तक पहुशने का कोई एक ही रास्ता नहीं है और ये मंदिर यही सिखाते हैं एक तरफ वायू मंदिर
04:32की कहानी है जहां एक मकडी, एक साप और एक हाथी जो एक दूसरे के दुश्मन है वो अपनी दुश्मनी
04:38भुला कर साथ में शिफ्की पूजा करते हैं और मोक्�
04:45अकेले तपस्या करके अपनी अटूड भक्ती साबित करती हैं मतलब साथ मिलकर की गई भक्ती हो या अकेले की गई
04:52तपस्या दोनों ही रास्ते उतने ही शक्तिशाली हैं इस अगनी मंदिर की नीव में एक बहुत ही प्रसिद्ध पौरानिक कथा
04:59है हुआ यूं कि एक बार ब
05:15ढूंड कर दिखाए दोनोंने बहुत कोशिश की पर नाकाम रहे तब उन्हें समझ आया कि शिव की शक्ती अनंत है
05:22और अरुनाचर पहाडी उसी अनंत अगनिस्तंब का प्रतीक मानी जाती है और सबसे दिल्चस्प बात ये है कि ये जो
05:29पाँचो ब्रहांडिय तत्व हैं य
05:43शरीर की गर्मी में वायू हमारी सासों में है और आकाश हमारी चेतना, हमारी अवैर्निस में इसी ग्यान को समझ
05:51करी तो शरीर और ब्रहांड के बीच एक तालमिल बिठाया जा सकता है तो सवाल ये है कि आज की
05:57इस भाग दोड़ भरी दुनिया में इस प्राचीन ग्यान का क
06:00Let's see how these 1000 years ago are so many things and how can they get out of their lives?
06:09We can explain how many things are in our lives.
06:151. Prithvi
06:172. Jalqqq
06:213. Ajnqq
06:244. Vayu
06:265. Ajnq
06:305. Ajnq Fari
06:55।
07:37।
07:45This is the small universe and the outer space of Brahman.
07:48It is not a different one, but it is one of the same.
07:53So, the way the Brahman is the whole five of the Tattwes,
07:56the same way we have these five Tattwes.
08:02So, the question is,
08:04is that the Tattwes in Tattwes in Tattwes?
08:08This is a question,
08:09which is the question we have all in our own.
08:15This is a question.
08:15Let's focus on the Tattwes in Tattwes in Tattwes so truly it is
08:15if it is interesting,
08:15it is kind of big and natural caminho.
08:15It is in the center of the Tattwes in Tattwes in arrival and
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