00:17इरान यूएस वार के बीच अमेरिकी राष्टपती डॉनल्ड ट्रम्प और उसी राष्टपती व्लादिमर पुतिन के बीच 90 मिनट तक चली
00:24हाई लेविल फून कॉल ने इरान संकट कोलिक और और नई उमीदें इसके साथी नए सवाल खड़ कर दिये है
00:29क्रम्लिन के मताबिक ये बाच्ची दोस्ताना और बिजनस जैसे महाल में हुई लेकिन इसके पीछे का मुद्धा बेहत गंभीर था
00:36मिडिलिस्ट में बढ़ता तनाओ और खास तोर पर इरान को लेकर जारी टकराओ
00:40सूत्रों के अनुसार इस बाच्चीत में सबसे बड़ा फोकस सीस फायर यानि युद्विराम और कूट नितिक रास्तों पर रहा
00:46बताया जा रहा है कि पुतिन ने न सिर्फ मौझूदा युद्विराम को बढ़ाने का समर्थन किया बलकि इरान संकट को
00:51खत्म करने के लिए कुछ नए प्रस्ताओं भी सामने रखें
00:54हलाक इन प्रस्ताओं की पूरी जानकारी सारवजनिक नहीं की गई है लेकिन इतना जरूर साफ है कि रूस इस पूरे
01:00मामले में सक्रिय भूमी काने भाना चाहता है
01:02ये कॉल ऐसे समय पर हुई है जोब अमेरिका और इरान के बीच तनाव लगतार बढ़ रहे हैं और बाचीत
01:07की कोशिशें ठप पड़ रही है
01:09हालात इतने नाजुक हैं कि छोटी सी चूक भी बड़े संगर्ष में बदल सकती है
01:13इसी बीच स्ट्रेट ऑफ हॉर्मोस में बढ़ती अस्थिरता ने वैश्विक चिंता और ज्यादा बढ़ाती है
01:18स्ट्रेट ऑफ हॉर्मोस दुनिया के सबसे एहम उर्जा मारगों में से एक है
01:22जहां से वैश्विक तेल और गैस सप्लाई का बड़ा हिस्सा गुजरता है
01:25यहां किसी भी तरह की रुकावट सीधे पूरी दुनिया की अर्थ विस्था को प्रभावित करती है
01:30हाल के दिनों में यहां बढ़ते तनाव के कारण जहाजों की आवजाही प्रभावित हुई है
01:34जिससे उज्जा बाजार में और स्थीरता देखी जा रही है
01:37ऐसे में ट्रम्प और पुतिन के बीश ये बात चीट सर्फ एक फोन कॉल नहीं
01:41बलकि एक संभावित कूट नितिक पहल के रूप में देखी जा रही है
01:44अमेरिका जहां इस संकट में सीधे तोर पर शामिल है
01:47वही रूस खुद को एक मध्यस्त के रूप में पेश करने की कोशिश कर रहा है
01:51विशशेगियों का मानना है कि पुतिन का ये कदमे करणने ते किचाल भी हो सकता है
01:56रूस लंबे समय से मेडिलिस्ट में अपने पकड मजबूत करना चाहता है
01:59और इरान के साथ उसके करीबी संबंध रहे हैं
02:02ऐसे में अगर वो इस संगट में कोई समधान निकालने में सफल होता है
02:06तो उसकी वैश्विक भूमी का और मिजबूत होगी
02:08वही दूसरी ओर डॉनल्ड ट्रम्प के लिए भी ये बाचीत बेहद एहमानी जा रही है
02:12पढ़ते तनाव और वैश्विक दबाव के बीच अमेरिका के सामने चुनौती है
02:17कि वो स्तिथी को नियंतरन में रखे और बड़े युद्ध से बचा जाए
02:21हलाकि सवाल अभी कई है
02:23क्या ये बाचीत वाकई किसी ठोस नतीजे तक पहुँचेगी
02:26क्या इरान इस प्रस्ताव को स्विकार करेगा
02:29और सबसे बड़ा सवाल क्या इसे मिडिलिस्ट में बढ़ता तनाव कम हो पाएगा
02:33फिलहाल इतना जरूर है कि ये 90 मिनट की बाचीत एक संकेत है
02:37दुनिया के बड़े देश अब संकट को नजर अंदाज नहीं कर रहे
02:40कूजनीती के जरिये समधान तलाशने की कोश्य तेज हो रही है
02:44क्योंकि अगर ये टकराव और बढ़ा तो इसका असर सिर्फ मिडिलिस्ट तक नहीं रहेगा समित
02:48बलकि फूल दुनिया इसकी चपेट में आ रही है जो कमोबेस अभी भी दिखाई पड़ रहा है
02:53अब नज़रे टिकी है आने वाले दिनों पर जहां ये तै होगा कि ये बाचीत सर्फ एक चर्चा थी
02:58या किसी बड़े समधान की शुरुआत
03:01आपको क्या लगता है कॉमेंट बॉक्स में जरूर बताईए
03:04और अपडेट्स के लिए देखते रहे हैं वान इंडिया हिंदी
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