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  • 2 days ago
SCO रक्षा मंत्रियों के सामने Rajnath Singh ने बताया भारत का एजेंडा, अमेरिका को लिया आड़े हाथों...
 

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00:00आप्रिशन शिंदूर के रोरां हमने यस्पष्ट कर दिया कि आतंगवाद के केंद्र अपसजा पाने से कचीब प्रकाश से बच्च नहीं
00:07सकते।
00:08आतंगवाद और उसके समर्थों के प्रति यह हमारे हीरो ट्रॉलरेंट के दिश्ट कौन का प्रमान था जिसे प्रतिष्टिक मंच ने
00:16भी स्वीकार किया है।
00:21इस गरिमा में इस सवा को समबदित तरना मेरे लिए एक गवरो का वीशा है।
00:26सबसे पहले मैं अपने मेजमान मित्र काओं उनके आत्मी स्वागत और घर्म जोशी से भरे आतित्त के लिए हर दिक
00:34आभार जबत करता हूं।
00:36साथ ही मैं चुनावटी को वैश्वीकम छेत्री सुरक्षा परिद्रिश्य में यस्वियो के प्रभावी नेत्रुत के लिए उन्हें भराई देता हूं।
00:45यस्वियो एक ऐसा छेत्र है जहां दुनिया की प्राजीनतम सब्धताएं बस्ती हैं।
00:52यस्षत्र पूराने ब्यापारिक मारगों की उद्यमिता की भावना और हमारे लोगों के साहस्वव पराक्रम से अलोकित है।
01:01यहां एक ऐसा साज़ा सांस्कति परिवेश है जहां सब्धताएं आपत में मिलती हैं, सबुदाएं परस पर जुड़ते हैं और ब्यापार
01:10सांस्कति कादवान प्रदान के साथ गहराई से मुथा हुआ है।
01:16एकुनसिस आज के तोर में यस्जियों की भूमिका और भी महत्कून हो जाती है जब बैसिक दिश्टकून खंडिक दिखाई देने
01:24लगा हैं और देश दिन मदिन अंतरमुकी होते जा रहे हैं।
01:29परतमान समय में दुनिया एक ऐसे मोर्ड पर खड़ी है जहां बढ़ता यूनी लेटरलिजम और कंफलिक्ट एक अठ्थोर सच्चाई बनकर
01:39सामने आए हैं।
01:40सहमत की बुनियाद कमजोर पड़ती दीख रही है और मत्बेनों का स्वर पहले से अधिक मुखर हो गया है।
01:47एक्सेलेंटी हम आज ऐसे समय में एकत्र हुए हैं जब दुनिया अभूत पुर्व संगर्टों का सामना कर रही है।
01:55पिछले कुछ वरसों में लगातार हुए संगर्टों ने जान माल का भारी नुक्षान भी किया है।
02:01और यह चल्चला शिंता यनकरूप से जारी है।
02:05डिशन्स और शेक्योटी से चुड़े होने के नाथे यह हमारे लिए आत्म मन्थन का समय है ताकि हम इस इस्थिट
02:13से निपटने के लिए प्रभावी कर्म उठा सकें।
02:16एक्षानची इसी समय हम एक्षामिजम, रेडिकलिजम और टेरिजम के रूप में एक और नंभीत फिरोती का सामना कर रहे हैं।
02:25आज के उखरते वर्ल्ड आर्डर में आतंकवाद सबसे बड़ा खत्रा बनकर सामने आया है।
02:31इसी प्रिश्भूम में यस्टियो एक ऐसे अर्गनाईशन के रूप में सामने आया जो हमारे सेवर्ड बैलूत पर अधारित है।
02:39इस संग्ठन ने हमेशा आतंकवादी विशारधानों और गत्विधियों की कड़ी जिंदा की है और आतंकवाद के वर्द सामुहिक संगर्थ को
02:49अपना आधार बनाया है।
02:51इसलिए आतंकवाद के खिलाप लड़ाई इस संग्ठन के मूल से धानतों में शामिल है।
02:57एक्सलेंची पिछले वर्द तियान जिन डिकलरेशन ने आतंकवाद के वर्द हमारे दिर्ण और एक जुट रुप को असपष्ट रुप से
03:05सामने रखा था।
03:07कुछी दिन पहले 22 अपरेल को हमने पहलगाम में हुए भीशन आतंक की हमले के पील्टों को फरदान्य लिए है।
03:15उस घटना ने नक्यवले च्छेतर बल्कि पूरी मानोता को जखजोर कर रख दिया था।
03:21आपरेशन सिंदूर के रौरांथ हमने यस्पष्ट कर लिया कि आतंक वाद के केंद्र अपसजा पाने से किसी प्रकार से बच
03:29नहीं सकते।
03:30आतंक वाद और उसके समर्थों के प्रती यह हमारे जीरो ट्रॉलरेंस के डिस्ट कोंड का प्रमार था जिसे प्रतिष्टिक मंच
03:38ने भी स्वीकार किया है।
03:40लेकिन हमारी क्रेडिबिल्टी अपनी कसोटी पर तब खरी उतरती है जब इसकी निरंतरता बली रहे।
03:47हमें यह नहीं भूलना शाहिए कि आतंक वाद का नो कोई देश होता है और नो कोई धर्ब टेरिजम और
03:55इन्नोसेंट युमेंटेरियन लाउस के लिए कोई भी वज़र शाहिव वास्तविक हो या काल्पनिक जायज नहीं है।
04:03इस संदर में यह स्यो के रेजिनल एंटी टेर्रिस स्ट्रक्चर में एक बहुत बहुत बहुत पून भूमिकाज निभाई है।
04:10भारत की फियर्वेंशिप के दौरान काउंटरिंग, रेडिकलाइशन, लीडिंग टू टेरिजम, सेपरेटियम और एक्स्टेमिजम के विशह में जारी हेड्स अफिस्टेट का
04:22जॉइंट स्टेफ्मेंट हमारी सेयर्ड कमिट्मेंट को दिखाता है।
04:26इन तीनों इवल्स से निपट्टे के लिए एक यूनिफाइड ट्रंट की जरुवत है जो सेफ हैवन्स को खतम करें और
04:34किसी भी पुलिकल एक्सेप्टन्स को अफिकार करें।
04:38हमें स्टेट स्टेट स्पांसर्ड कास वार्डर टेरिज्म को नधंदाड नहीं करना चाहिए जो किसी भी देश की स्थम प्रफदा पर
04:46सिधा आगात करता है।
04:48इस प्रफदा में दोहरे मानदनों के लिए कोई अस्थान नहीं है और यस्जियों को उन लोगों के खिलाब उचिट करण
04:54उठाने से पीछे नहीं हटना चाहिए जो आतंगवाद को स्थमर्थन आत्रय यस्तालक्षन देते हैं।
05:01एक्षिलंसी आजकल एक न्यू वार्ड आर्डर की चर्चा अक्सर सुनने को मिलती है। लेकिन प्रस्थन यह है क्या हमें एक
05:09न्यू वार्ड आर्डर चाहिए या एक ऐसी दुनिया चाहिए जो ज़्यादा आर्डर ली हो।
05:15हमें ऐसी विवस्था की आए सकता है जहां हर व्यक्त को सम्मान और गरिमा मिलें जहां मतभेल विवाद का रूप
05:23न लें और विवाद बिनास का कारण न बनें।
05:27आज की असली शुनोती किसी विवस्था की अनुपस्थित ही नहीं बलकि अस्थापित नियमों और शिद्धानतों पर प्रस्ट चिन्न लगाने की
05:36प्रबर्टी है।
05:37हमें एक ऐसे वैश्थिक सहमत की और बढ़ना होगा जहां सहस्थित, सहयो और करुणा को हर हालत में संधर्स, प्रतिस्फर्धा
05:47और अब्वे वर्था पर प्रात्मिक तादिया है।
05:50एकलेंजी, यह शियो दुनिया के एक बड़ी आबादी को रिप्रेजेंट करता है, इसलिए हमारी जिम्मेटारी मनती है, कि हम अपने
05:58शत्र में ही नहीं, बलकि पूरी दुनिया में संधर्धा इंशोर करें।
06:04हमें डाइगाउ को डिक्पलमेशी का रास्ता अपनाते रहना चाहिए, नकी जोर दबरदस्ती का, हमें इसे हिंसा और युद्ध का युग
06:13नहीं बनने देना है, बलकि सांती और संवर्ध का युग बनाना है, यहां मैं महात्मा गांधी का एक सम्रेश याद
06:21दिलाना चाह�
06:29कि उसका गरीब और जरुत बनों के जीवन पर क्या असर पड़ेगा, डिफेंस और चेकोटी के लिए उत्तरदाई लोगों के
06:36रूप में हमारी मैं मानता हूँ बड़ी जिम्मेदारी है, कि हम भाईशारा और सतभावना को बनाए रखें, हमें रहात रखना
06:45होगा, इस शक्
06:58कि यसियो उहरते हुए वैशिक व्यास्था को मनाए रखने में एक सकारात मक भूमी का निभा पाएगा या नहीं, यह
07:06इस बात पर निर्भर करेगा, कि यसियो आपसी मत्वेदों को सुल्या सकता है या नहीं, यह अपने वीजन को वास्तु
07:14इक्ता में बदल सकता है या नह
07:17भारत यह मानता है कि यसियो के पास सांती और इस्तर का बनाए रखने के लिए आवशक शक्त यौम संकल्प
07:25है बच्रईयो कुटमगम, the whole world is a family, नतल और धर्म के तभी मत्वेदों से परे इसी डर्शन को
07:33सामने लाता है
07:34एक्ति अंत में मैं यह दुरान शाथा हूँ कि भारत यसियो के मैंडेट के क्रियान्यों में तकारात्म भूमी का निभाने
07:44के लिए पूदी तरह से कमिटेट है
07:46equality, mutual respect और deeper understanding के आधार पर यसियो सरस्यों के भी अधिक सहयोग और आपसी विश्वास इस संस्था
07:57को उमीदों का प्रकास अस्तम और शांति के लिए आदर्स बना सकते हैं
08:02मुझे पुरा विश्वास है कि आज के हमारी चर्चा shared security challenges की समझ को और गहरा करेगी और different
08:11security एरेना में भविश्वास में आपसी तहयोग के नए छेत्रों को खोजेगी
08:17एक्सलेंटी हमारे चेत्र के शांति पुर्ण धविश्वास के लिए यस्वास को अंतर्वास्थी मानकों का एक तुन्रक्षक बनकर काम करना होगा
08:26आतंकवार, अलगावार और उग्रवार से निपट कर हम अपने शेत्रीय सुल्हार को अपनी खुशाली का आधार बना सकते हैं
08:36हमारी स्वालता इसी में है कि मस्बश्टता और एक दुर्टता उद्देश्ट के साथ आपसी सहयोग करें
08:43इसी विस्टवास के साथ मैं एक बार सिर्थ अपने मेजबान का और आपसो ही का अभार प्रटर करते हुए अपनी
08:50बात समाप करता हूँ
08:51आईए हम सब साथ मिलकर इन लक्षों को प्राप्ट करने के लिए अपने सर्वत्तम प्रयाद करेंगे आप सब को बहुत
09:00बहुत धन्यवादे
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