00:00केजरी वाली ये कहते मैं वहाँ पर नहीं जाओंगा तो मैं सबहता हूं इससे और बुरी बात नहीं हो सकते
00:07जान रहें कि वो बुरी तरह फसे हुए हैं इसलिए वो म्याले पर भी दवाव बनाने के लिए इस तरह
00:14का ब्यान दे रहे
00:20ये तो उनके और आदालत के बीच पे मामला है तो इसके उपर कोई टिपनी बनती नहीं
00:28जो कोट होता है हमेशे वो टेंपल आफ जेस्टिस है और जेस्टिस स्वर्ना कांता जिनके पास गवर्मिन ने अपील लगाई
00:38है
00:39अगर केजरीवाल जी ये कहते हैं मैं वहाँ पर नहीं जाओंगा तो मैं समयता हूँ इससे और बुरी बात नहीं
00:46हो सकती
00:47अगर आप कोट में जहां हमेशा जेस्टिस मिलता है वहाँ आप ये एलिगेशन या एक तरीके से कह रहे हैं
00:54भी मुझे उमीद नहीं है
00:56भी कोट से हमें नहाय मिलेगा मैं केजरीवाल जी से पूछना चाहता हूँ
01:02भी आप कह रहे हैं भी मैं सत्याग्रा करूँगा गांधी जी जैसे सत्याग्रा तो भाई सब आपने पहले भी किया
01:10था जब आपने कसम खाई थी भी हम सारा बदलाव लेके आएंगे राजनीती में
01:16करॉप्शन फ्री कंट्री होगी ना हम बंगला लेंगे ना हम गाड़ी लेंगे उस वक्त भी तो आपने सत्याग्रा किया था
01:24उस सत्याग्रा कर नतीजा क्या हुआ
01:28पंजाब में लोगों का खून चूसा आपने पंजाब के सारी स्टेट का आज पंजाब का क्या हालात कर दी आपकी
01:35सरकार ने
01:36अर्विन के जरिवाल सारे संस्थाओं पर सवाल उठाते हैं ये उनकी आदत हो गई हैं वो जान रहें कि वो
01:44बुरी तरह फसे हुए हैं इसलिए वो म्याले पर भी दवाव बनाने के लिए इस तरह का बियान दे रहे
01:50हैं लिए जब वो आम आदमी पार्टी में थे तो तो बह�
02:03बारी ऐसा लगता है कि एक दिन सिर्फ संजे सिंग जी रह जाेंगे और सब उन्हें छोड़ कर चला जाएगा
02:13और कोई और तो ऐसा लगता नहीं कियुकि उनके जो बहुत नस्दी की लोग थे वो उन्हें छोड़ कर चले
02:24गैए और कुझे संजे सिंग एक अलग मान सिकता के
02:32नेता हैं वो तो हो सकता है को उनके साथ खड़े रह जाएं लेकिन उसके इलावा शायद उनका साया भी
02:41उनका साथ छोड़ देगा जिस तरह की नीती पर वो चलते हैं
02:45जजेज के सामने अड़ोकेट के माध्यम से जाय जाता है तो मुझे नहीं समझ में आता हूं क्यों इस अब
02:53बोल रहे हैं अगर विश्वास नहीं रहेगा तो यह देश के लिए बहुत खराब चीज़ होगी निया पालिका के परती
03:05आस्था आस्था शर्द में यूज कर रहा ह
03:11परती आस्था विश्वास को उसको पर प्रशन चिंद नहीं लगना चाहिए किसी भी किमत पर इससे पहले भी उनका एक
03:19वीडियो आया था जिसमें वो जब बात कर रहे थे कोट नपेशी के दोरान वो जस्टिस को कहते हैं कि
03:25आप आस्था के प्रोग्राम को अटेंड करते ह
03:27हैं कैसार इससे इससे आम जंता के बीच में क्या सवाल ख़ड़े होंगे मैं मैं मैं राक मानना यह है
03:35कि जुडिशरी के परती आस्था और विश्वास किसी भी कीमत पर डिगना ने चाहिए यह तो उनके और आदालर के
03:42बीच मामला है तो इसके उपर कोई टिपनी बनती नह
03:54जो भी मामला है उसके उपर या तो अदालत टिपनी कर सकती है अपने फैसले के जरीए या जो लिटिगन्ट
04:04है उसको यह अक्तियार है कि जो भी रास्ता वो अपनाना चाहता है जो उसको उच्चत लगता है उसको अपना
04:13सकता है उसको अपना सकता है उनका कहने की फेट नह
04:24तो उनके विवेक पे उपर है और दूसरा अदालत के विवेक के उपर है कि इसको दोनों किस तरह से
04:33लेते हैं, इसके उपर कोई टिपड़ी बनती नहीं.
Comments