00:00हम पूरे भारत से प्राथना करेंगे बच्चे तो चार पैदा करो पर एक स्वयम सेवक संगे के लिए दो जब
00:07पूरी भारत में कहीं आपदा आती न तो लोग प्रान बचा कर भागते लेकिन हमारे राष्टिय स्वयम सेवक संग का
00:16एक एक कार करता प्रान बचा कर नहीं भा�
00:29हम धन्य हैं जिस देश में हमने जन्म लिया, वहां मात्र प्रधानता है, और मात्र प्रधान देश में आज भारत
00:39दरगा माता मंदर का भूमी पूजन में,
00:43हमको एक बात हम कहके अपनी बात को आंगे बढ़ाएंगे
00:47सबसे पहले हमारे सनमुख में मंच पर भारत के एक ऐसे
00:53महापुरुष विराजमान परमपूज जूना खाड़ा पीठा धीश्वर
00:57आच्यार महामंडेलेश्वर पुझेश्वामी अवधेशानन जी
01:00उनके स्री चड़नो को हम धन्रवत परनाम करते हैं
01:03पुझेश्वामी स्री गोविन देव गिरी जी महाराज जी उनको भी धन्रवत परनाम करते हैं
01:08पुजय स्वामी मित्रा नद्ञांद जी म्हाराज जी चिनमय मिसनबाले
01:11उनसे तो आज इना भे उनको भी धन्नवत परनाम करते हैं
01:15साथ मैं पुझीयादीदी मा जो हमारी रिस्ते में भूगा जी लadoreゴी राजमान उनको भी धन्नवत परनाम करते हैं
01:23यहां के सस्वी मुख्र मंत्री जी और केंद्रिय मंत्री स्री नितन गटकरी जी साथ में परम पूजे सरसंद संचालग जी
01:33स्री मोहन भागवत जी और आप सब
01:38छत्रपती भीर सिवा जी महराज जब बहुत ठक गई युद्ध करते करते उनको लगा कि हम ठक गए
01:44एक दिन श्वामी समर्थ रामदास जी के पास गई और उन्होंने अपना मुकुट उतारा और कहा कि हमने बहुत लड़ाईया
01:54लड़ लिए बहुत युद्ध कर लिया अब कृपा करो कि अब हमें बहुत लड़ना नहीं अब एक बड़ी दया करो
02:03ये मुकुट समालो आप ये �
02:07आग्या से ही हम चले अब हमसे चला नहीं जा रहा अब हमसे युद्ध लड़ा नहीं जा रहा हम बहुत
02:13थक गए अब हम विश्राम चाहते हैं अब हम आराम चाहते हैं अब हम कुछ दिन कुछ करना नहीं चाहते
02:18हैं मुश्कुराते हैं स्वामी समर्थ रामदास ने रामदा
02:36करतब क्या है बोले जो गुरु आग्या करे वो सिश्व का करतब है तो स्वामी समर्त रामदास जी ने मुक्ट
02:43उठाया और उनके सिर पर रखा बोले आज से मेरा राज्य है मैं चलाऊंगा पर आग्या तुम्हें है तुम्हें संचालन
02:50करना है इस घटना को कहके इस बात को कह
03:06महापुरुष ने जनम लिया इस भूमी पर जो बरतमान में तो संग के प्रमुख हैं लेकिन उनने भारत के गौरों
03:15को पुना विश्व के पठल पर इस्ठापित करने के लिए अपना जीवन दिया तन दिया मन दिया जीवन दिया हमें
03:24भरवोसा है जिस दिन भारत माता दु
03:36देखेंगे अपने गौरों को देखेंगे अचा कितना अद्भुद्देश है हमारा मात्र प्रधान देश है और आपके मन में जो संकल
03:44पाया वो भी भारत माता दुर्गा माता का संकल पाया जब हम अभी पीछे बैटे थे तो हमें बता रहे
03:51थे एक जन कि आपके अंदर कल�
03:55पाया लोगों का मानना होगा कल पना आई हमें लगता है भारत माता नहीं चुना है कि अब ऐसा हो
04:02हमारा गौरव फिर से स्थापित हो उसके निमत आप बनो
04:08हमें लगता है यहां की देव शक्तियों ने ही ये विचार किया है
04:11यहां की कनकन ने ये विचार किया है
04:14और पूरी दुनिया में एक मात्र अपना भारत ही तो है
04:18जो भारत माता की
04:23अच्छा कभी पागिस्तान माता की जै सुनिया आपने
04:26चीन माता की जय सुनिया आपने बांगलादेस माता की जय सुनिया आपने ना एक मात्र अपना भारत है जिसमें भारत
04:36माता की जय कारा लगाया जाता पूरी दुनिया में नारियों को भोग गया माना जाता हमारे भारत में माताओं को
04:44पूझ गया माना जाता
04:46ऐसा है हमारा भारत पूरी दुनिया में माताओं को बगल में रखने की बात होती है साथ चलने की बात
04:54होती है बिलको कदम से कदम मिलाने की बात होती है पर हमारे भारत में कदम से कदम नहीं एक
05:01कदम आंगे रखने की बात होती है इसलिए हम लोग राम सीता नहीं कहते सीता रा
05:15वर्तमान में संग के प्रमुक स्री मौहन भागवत जी आपने जो बीड़ा उठाया आज जो संकल्प लिया आज जो भूमी
05:24पूजन जब आप कर रहे थे तो हमारी आखें बड़ी नम हो रही थी इस बात से कि अब हमारा
05:29भारत नया इतिहास लिखने जा रहा है
05:33हमारा भारत फिर से देव शक्तियों की तरफ पूजा की तरफ लोट रहा हमारा भारत जब भारत दुर्गा माता मंदिर
05:41बनेगा और भारत के लोग जब नाकपुर में आकर के कैंसर इस्टीटूट होस्पीचल के स्प्रांगड में दुर्गा माता मंदिर का
05:49दर्शन करेंगे �
05:50जिनकी भुजाओं में अस्त्र है, सस्त्र है, तब भारत के लोग जानेंगे कि भारत सास्त्र और सस्त्र दोनों से चलता
05:57है, हमारी भासा में कहें माला और भाला, तभी जब दर्शन करेंगे, तभी विचार आएगा कि हमारे देवी देवताओं के
06:06हातों में अस्त्र भी है, सस
06:11प्रस्त्र भी जानते हैं बंसी बजाने भर से काम चलता तो महाभारत काय को होती है हुआ हमें लगता है
06:17उन्हीं भारत माता ने आपके अंदर ये विचार दिया भारत माता किस मंदर के निर्माण के संकल्ब का हम बहुत
06:27अभीभूत हैं आपके स्वास्त के लिए बालाजी से �
06:31लएभ़णा कर रहे हनवान दादा से प्रात्ना कर रहे कि आप निरोगी रहें इससे बड़े-बड़े संकल्प
06:37आपके हातों से पूर हो भारत भगवा मय Ρहे सनातन मय रहे और आपके देखते देखते अखन्ड भारत की और
06:45हम सब बढ़ जाएं, ऐसी प्राथना हम हनमान दादा से कर रहे हैं, बाला जी से कर रहे हैं, और
06:51सभी संत जनों को पुनापनाम करके, क्योंकि जब बड़े बैठे हों, तो कम बोलना चाहिए, और हम बड़े बड़े सूर्य
07:00बैठे हैं, हम तो छोटे मोटे दीपक हैं, ज्या�
07:17यजितने भी स्वयम सेवक संग के लोग वैठे हैं।
07:22आई जब और बहुरट में कहीं आपदा आती ना तो लोग प्राण बचा कर भाहतें।
07:34लेकिन हमारे राष्टिय स्वयम सेवक संग का एक एक कार करता प्राण बचाकर नहीं भागता वहां जाकर प्राण बचाता है
07:42ये है स्वयम सेवक संग ये है राष्टिय स्वयम सेवक संग हम पूरे भारत से प्राथना करेंगे बच्चे तो चार
07:52पैदा करो पर एक स्वयम से�
07:59अब जादा ना कहिके हम अपनी बात को विराम करेंगे और आप मुस्कुराते रहिए और हम चाहेते आप ऐसे हसते
08:06रहो मुस्कुराते रहो ताकि जल्दी अखंड भारत हो जाए तो आनंदा जाएगा वैसे भरोसा है आपके रहते कुछ बड़ा होगा
08:14बाला जी आपसे करवा
08:15सभी संतों को प्रणाम आप सबको जैसी आराम भारत का गौरो जागेगा भारत महान होगा भारत क्योंकि मात्र प्रधान हैं
08:26मात्र प्रधान देश में अब भारत दुर्गा माता मंदिर ब्राजमान होगी और जब वो स्थापत होगी तो सक्ती जागेगी दुर्गा
08:34काली के
08:35रूप में जागेगी और हर नारी
08:37के अंदर रणचंडी की तरह
08:39तलवार उठाकर सस्त्र शास्त्र
08:41की स्थापना होगी वेद
08:43परंपरा की स्थापना होगी इसी
08:45के साथ हस्ते रहिए
08:46जैसियाराम
08:48भारत मता की
08:51वंदे
08:52वंदे
08:54हारे हारे
09:13झाल झाल
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