00:00नमस्कार
00:02जिन्दिगी में कई बार ऐसे मौके आते हैं
00:05जब जीत या हार माइने नहीं रखते
00:08उससे भी बड़ा हो जाता है सही और गलत का सवाल
00:13क्या सही है और क्या गलत है
00:17ऐसे समय में हमें ये तैय करना होता है
00:20कि हम मुश्किल रास्ता चुनेंगे या आसान रास्ता
00:25आज मैं भी एक ऐसे मोड मोड पे खड़ा हूँ
00:29आप सब जानते हैं कि मुझे एक जूटे केस में फसाया गया
00:32मुझे जेल भेज दिया गया
00:35एक चुनी हुई सरकार को गलत तरीके से गिरा दिया गया
00:39हमें कई महीने जेल में रखा
00:42पर आखिरकार सच की जीत हुई
00:4627 फरवरी को अदालत ने मुझे पूरी तरह निर्दोश भोशित कर दिया
00:52कोट ने कहा केजरिवाल निर्दोश है
00:56केजरिवाल ने कोई भरष्टा चार ने किया
00:59कोट ने CBI की जाँच पर ही सवाल खड़े कर दिये
01:03और जाँच अधिकारी के खिलाफ एक्शन लेने के आदेश दे दिये
01:09लेकिन सच का रास्ता असान नहीं होता
01:13CBI ने तुरंत इस फैसले को हाई कोट में चुनौती दी
01:16और ये केस जस्टिस स्वनकांता शर्मा जी के सामने लगा
01:23तब मेरे मन में एक बहुत बड़ा सवाल उठा
01:28क्या इनके सामने मुझे नियाए मिलेगा
01:32मेरे मन में ये प्रश्न क्यों आया
01:35इसके कई कारण है पर दो कारण मुख्य हैं
01:41पहला कारण ये कि आरेसेस की जिस विचारधारा वाली सरकार
01:46ने जूठे आरोप लगा के मुझे जेल डाला
01:51जज साहिबा ने स्वेम माना है कि उस विचारधारा से जुड़े संगठन
01:56अखिल भारतिय अधिवक्ता परिशत के मंचों पे वे कई बार जाती रही है
02:03मैं और आम आदमी पार्टी उस विचारधारा के घोर विरोधी है
02:09ऐसे में क्या उनके सामने मुझे न्याएं मिल सकता है
02:14दूसरा कारण
02:15कन्फिलिक्ट ओफ इंट्रेस्ट
02:18कोट में मेरे विपक्ष में केंदर सरकार की सीबी आई है
02:23और जस्टिस स्वनकांता जी के दोनों बच्चे केंदर सरकार में काम करते है
02:30उनके दोनों बच्चे केंदर सरकार के वकीलों के पैनल में है
02:35हमारे सामने कोट में दूसरी ओर से वकील है
02:39सॉलिसिटर जनरल श्री तुशार महता जी
02:43तुशार महताजी दोनों बच्चों को केस देते हैं
02:46उन्हें कितने केस मिलेंगे, कौन से केस मिलेंगे
02:50ये तुशार महताजी तै करते हैं
02:53भारत सरकार के पैनल में लगबग 700 के करीब वकील हैं
02:58लेकिन जस्टिस वनकांताजी के बेटे
03:01सबसे ज़ादा केस पाने वाले वकीलों में से एक है
03:06उनके बेटे को 2023 से 2025 के बीच
03:13लगबग 5904 केस डॉकेट मिले
03:16इससे उनके बेटों को करोडों रुपए की फीस मिली
03:21आज की तारिख में उन बच्चों का भविश्य और कमाई
03:26दोनों काफी हद तक तुशार महताजी पर निर्भर है
03:30तो किसी के भी मन में ये चिंता सभाविक है
03:33कि अगर जज साहिबा के बच्चों की कमाई और उनका भविश्य
03:38सामने खड़ा वकील तै कर रहा है
03:40तो क्या जज साहिबा उस वकील के खिलाफ फैसला कर पाएंगी
03:47मैं ये स्पष्ट करना चाहता हूँ
03:49कि मुझे जुडीशिरी पे पूरा भरोसा है
03:52मैं जुडीशिरी का बहुत सम्मान करता हूँ
03:57जब मेरे खिलाफ गलत साजिश हुई
03:59तो हमारे देश के जुडीशिरी नहीं मुझे न्याय दिया था
04:04जब मुझे जुटे केस में गिरफतार किया गया
04:07तो इसी जुडीशिरी ने मुझे बेल दी थी
04:10इसी जुडीशिरी ने मुझे उसी जुटे केस में दोश मुक्त करार किया है
04:16पिछले 75 वर्षों में जब जब देश पे आँच आई
04:20हमारे देश की जुडीशिरी ने देश को बचाया
04:22और नागरीकों के हितों की रक्षा की है
04:26मैं जस्टिस सोनकांता जी का भी बहुत सम्मान करता हूँ
04:30मुझे उन से या उनके परिवार से
04:33किसी भी प्रकार की कोई व्यक्तिगत आपत्ती नहीं है
04:38लेकिन न्याय का एक बहुत बड़ा सिधान थै
04:42जस्टिस शुड नॉट ओनली बेड़न
04:44बट शुड अल्सो भी सीन टू बेड़न
04:48इसलिए मैंने जस्टिस सोनकांता शर्मा जी से
04:50पूरे सम्मान के साथ हनुरोद किया
04:53कि वो इस कंफ्लिक्ट ओफ इंट्रेस्ट
04:56जैसे कारणों की वज़े से
04:59इस केस से खुद को अलग कर ले
05:02लेकिन उनने मेरी दलीलیں खारिज कर दी
05:05और फैसला दिया
05:06कि वो स्वेम ही ये केस सुनेंगी
05:11आज मेरे सामने सबसे
05:13आसान रास्ता है
05:14कि मैं उनका आदेश मान लूँ
05:16और एक बड़ा वकील खड़ा करके
05:19उनके सामने अपना केस लड़ूँ
05:23पर यह मुद्दा अब सिर्फ मेरे केस का नहीं है
05:26बलकि आम लोगों के न्याय प्रनाली पर भरोसे का है
05:29ऐसी दुविधा के मौके पे
05:32बापु ने हमें सत्याग्रह का रास्ता दिखाया
05:36बापु ने कहा था कि
05:37जब भी किसी अन्याय का सामना करो
05:40तो उसका पहला कदम विरोध नहीं
05:43बलकि बात्चीत होना चाहिए
05:45अपनी बात
05:47अन्याय करने वाले के सामने
05:49पूरी विनम्रता के साथ रखनी चाहिए
05:51और उसे सुधारने का
05:53पूरा मौका देना चाहिए
05:55सारी कोशिशों के बाद भी
05:57अगर न्याय ना मिले
05:59तो अंतर आत्मा की आवाज सुनो
06:03यदि अंतर आत्मा की आवाज
06:05कहती है कि न्याय नहीं हुआ
06:08तो शांती
06:09और विनम्रता के साथ सत्याग्रह करना चाहिए
06:12फिर उसके जो भी परिनाम हूँ
06:15वो सहर्ष सुईकार करने चाहिए
06:18पर इस पूरे प्रकरण में
06:21अन्याय करने वाले व्यक्ति के प्रती
06:24किसी भी प्रकार की नफरत
06:27या गुसा नहीं होना चाहिए
06:30मैंने भी बाच्चीत से शुरुआत की
06:33पूरी निष्ठा और विनम्रता के साथ
06:37जस्टिस वनकांता जी के सामने अपनी बात रखी
06:40उन्हें इस केस से अलग होने के लिए याचना की
06:44मैंने अग्रे किया कि मेरा केस
06:46हाई कोट के किसी भी अन्ने जजजद्वारा सुन लिया जाए
06:50लेकिन उन्हेंने मेरी प्रार्थना अस्विकार कर दी
06:53उन्हेंने फैसला दिया
06:55कि वे अपने आपको इस मामले से अलग नहीं करेंगी
06:58और ये केस वो स्वयम ही सुनेंगी
07:02उनके दिये गए इस फैसले से
07:04मैं पूरी विनम्रता पूर्वक असेहमत हूँ
07:09इस पूरे घटना करम के बाद
07:11मेरी आशंका और गहरी हो गई है
07:14कि क्या उनके सामने मुझे न्याए मिलेगा
07:19बापो के दिखाए रास्ते पर चलते हुए
07:22सत्याग्राए की भावना से
07:24अब मैंने फैसला किया है
07:27कि मैं इस केस में
07:29जस्टिस वनकांता जी के कोट में
07:32ना तो स्वयम पेश होंगा
07:34और ना ही मेरी तरफ से कोई वकील पैरवी करेगा
07:38जस्टिस वनकांता जी जो भी फैसला सुनाएंगी
07:42उस पर समय आने पर
07:44मेरे जो भी कानूनी अधिकार हैं
07:47जैसे सुप्रीम कोर्ट में चुनावती देना आदी
07:49वो सभी कतक अदम
07:51लेने के लिए मैं स्वतन तरूं
07:55ये बात आज मैंने एक पत्र लिखकर
07:58जस्टिस वनकांता जी को भी सूचित कर दिया है
08:02मेरा जस्टिस वनकांता जी से
08:03किसी प्रकार का व्यक्तिगत विरोध नहीं है
08:05यदि भविश्य में भी कभी
08:08उनके सामने मेरा कोई अन्य केस लगता है
08:11जिसमें मेरे विरोध में
08:13बीजेपी, केंदर सरकार
08:15या तुशार महताजी नहीं है
08:17तो मैं उनके सम्मक्ष जरूर पेश होंगा
08:21आप पूछ सकते हैं
08:23कि यदि मैं जस्टिस स्वनकांता जी के
08:26रेक्यूजल ओर्डर से असहमत हूँ
08:27तो उसके खिलाफ सुप्रीम कोट क्यों नहीं जा रहा
08:30उसकी तैयारी कर रहा हूँ
08:32ये पूरा मामला बहुत
08:34नाजुक और समवेदनशील है
08:37कानून को ध्यान में रखते हुए
08:40जुडिशिरी के सम्मान को ध्यान में रखते हुए
08:42और लोगों के न्याय ववस्था पर
08:44भरोसे को ध्यान में रखते हुए
08:46एक-एक कदम उठाना है
08:49मैं ये
08:50कदम अहंकार
08:51या किसी विद्रो या विरोध की भावना से नहीं उठा रहा
08:55इस कदम के जरिये मेरा मकसद देश की कानून प्रनाली को चुनोती देना भी नहीं है
09:02और ना ही मेरा मकसद नियाए ववस्था का अपमान करना है
09:06इसी केस में मैंने हर स्टेज पे हर अदालत में अपना पूरा सहयोग दिया है
09:10मैं नियाए पालिका का बहुत सम्मान करता हूँ
09:13इसी नियाए पालिका की वज़े से आज मैं आजाद घुम रहा हूँ
09:17मेरा सिर्फ और सिर्फ इस से एक ही मकसद है
09:21देश की न्याए विवस्था पर लोगों के भरोसे को और मजबूत करना।
09:27लोगों में अटूट विश्वास भरना कि जरूरत पढ़ने पर हमारे देश की न्याए विवस्था से उन्हें न्याए जरूर मिलेगा।
09:36चैहन
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