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  • 19 minutes ago

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00:00एक विशय आपके बोलने के पहले हम स्वाव बिवेग से शुरू और करना चाहिए हमारा आना परशों हुआ परशों राष्टिय
00:09स्वयं सिवक्ष संग के एक कारिक्रम में भारत दुर्गा माता मंदिर में भूनी पूजन में हमें जाने का सवभाग मिला
00:16कल से सोचल मीडिया �
00:18कर कुछ लोगों ने हमारे वक्तब्ग को अलग तरीके से पुस्तुक किया जिनको पढ़कर हम जिनको जानकर हम जिस भूनी
00:30पर आकर जिनके स्वाराज गठन की स्थापना को पड़कर हमने हिंदू राष्ट का संकल्प लिया हमें दो सारोपित किया गया
00:39कि हमने उनकी आउ�
00:48में हिंद्री स्वराजी की स्थापना को पढ़कर हिंदु राष्ट का संकल्प लिया हम उनकी आउमानना तो दूर की बात है
00:54स्वप्न में भी कोई निंदा करें हम सुन भी नहीं सकते और हम तो क्या इस देश का प्रतेक सनातनी
01:02यदि आज जीवत है जिन्दा है
01:05हिंदुत्य के लिए यदि वो सजग है तो सबसे बड़ा स्वे छत्रपती वीर श्वाजी महराज का और हमें इस बात
01:12का दुख है जो छत्रपती वीर श्वाजी को मानते हैं चाये वो संभाजी विग्रट के लोग हो अत्वा फिर मराठा
01:21सामराज में परंपरा में अपने जी�
01:33रिफेता आनी करेंगे तो दूसरे लोगों को मौका मिलेगा हमारा एक पर्षेंट भी इस परकार का कोई मत नहीं था
01:40एसा कोई विचार नहीं था हम्चात्रपत है उस बक्तम को हमने गुरू महिमा के प्रति घाया था
01:50गुरुओं के पृति हमारे देश के राजा हमारे देश के हिंदू हिर्दे संब्राठ लिषा कोוצे इनर्थ कर देशाक की
02:19पर हम ये भी कहेंगे कि हमारी बात को अनर्गल प्रस्तुत ना किया जाए क्योंकि हम जीते भी सिवाजी के
02:26छत्रपती सिवाजी के लिए है मरते भी उनके लिए है हमारा जीवन भी उनके स्वराजी की स्थापना के लिए हम
02:33हिंदु राष्ट की कलपना या विचारधारा हमने
02:36जो ली है वो उनसे ही ली है तो हम भला श्वप्न में उनकी कैसे आउ मानना कर शाएं
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