Skip to playerSkip to main content
Bengal Election 2026: आखिर क्यों BJP नहीं जीत पाएगी बंगाल? ये रहे 5 'Secret' कारण। जानिए वो कौन से अंडरकरंट्स हैं जो अमित शाह के 110 सीटों के दावे पर भारी पड़ सकते हैं।
पश्चिम बंगाल में पहले चरण का मतदान (Phase 1 Voting) समाप्त हो चुका है, लेकिन असली हलचल अब शुरू हुई है। 152 सीटों पर 92% से ज्यादा की रिकॉर्ड वोटिंग ने राजनीतिक विश्लेषकों को हैरान कर दिया है। जहाँ एक तरफ अमित शाह (Amit Shah) पूरे आत्मविश्वास के साथ 110 सीटें जीतने का दावा कर रहे हैं, वहीं ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) '4 मई' को अपनी सत्ता वापसी के प्रति आश्वस्त नजर आ रही हैं।
इस वीडियो में हम उन 5 बड़े फैक्टर्स का विश्लेषण करेंगे जो इस चुनाव का रुख मोड़ सकते हैं। सबसे बड़ा मुद्दा SIR (Special Intensive Revision) का है, जिसने वोटर लिस्ट से लाखों नाम हटने के आरोपों के बाद एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। क्या यह मुद्दा बीजेपी के लिए उल्टा पड़ेगा? इसके साथ ही, मुस्लिम वोट बैंक (Muslim Vote Bank) का एकतरफा ध्रुवीकरण और 'वेलफेयर बनाम वादे' की लड़ाई ममता बनर्जी को बढ़त देती दिख रही है।
हम इस एक्सप्लेनर में समझेंगे कि क्या यह हाई वोटिंग टर्नआउट सत्ता विरोधी लहर (Anti-incumbency) है या फिर ममता सरकार पर भरोसे की मुहर? सीमावर्ती जिलों का गणित और एंटी-बीजेपी नैरेटिव (Anti-BJP Narrative) कैसे टीएमसी के पक्ष में हवा बना रहा है, इस पर देखिए ऋचा पराशर की यह खास रिपोर्ट।

About the Story:
The West Bengal Assembly Election 2026 is witnessing an unprecedented clash between TMC and BJP. Despite Amit Shah's claim of winning 110 out of 152 seats in the first phase, several ground factors like the SIR controversy, Muslim vote consolidation, and regional welfare schemes suggest a strong comeback for Mamata Banerjee. This video breaks down the 5 secret reasons that could decide the fate of Bengal on May 4th.

#WestBengalElection2026 #MamataBanerjee #AmitShah #TMCvsBJP #BengalPolitics #OneindiaHindi #BreakingNews #ElectionAnalysis #SIRFactor #KolkataNews

~PR.514~HT.408~ED.276~GR.508~

Category

🗞
News
Transcript
00:02कि जालमुरी ने भी कुछ लोगों को जन्नाटेदार जटका दिया है
00:13जालमुरी मैं देखाई लेकिन जाल टी एंजी को लगी है
00:20मुश्रीदाबाद के सारा जो 22 सीट है जब जगा संतिपुर्णों में चुना हो रहा है
00:26अरे जल्दी आई ये जल्दी आई आई आपक
00:29चार माई को बंगाल में भी बीजेपी की बीजे का जश्न होगा
00:38बंगाल की सडकों पर इस वक्त सिर्फ भीड नहीं है एक बेचैनी है एक इंतजार है और इस इंतजार के
00:43बीच गूज रहे हैं दो बिलकुल अलग दावे
00:46एक तरफ मंच समित्शाह का विश्वास भरा एलान है कि 152 में से 110 सीटे हमारी होंगी और दूसरी तरफ
00:52ममता बेर जी की बहीं पुरानी ठसक
00:54चार मई को हम फिर लोटेंगे यानि यह सर्चुनाव नहीं यह दावा बनाम दावा है भरोसा बनाम बदलाव है और
01:02इन दोनों के बीच खड़ा है बंगाल का वोटर जो इस बार चुप जरूर है लेकिन उसके फैसले के संकेत
01:09बहुत कुछ कह रहे हैं जिसे सब समझ नहीं �
01:11पार हैं पहले चुरेंट में रिकॉर्ड वोटिंग वो भी बानवे पतिशत के पार यानि स्पेशल इंटेंसिव रिविजन को लेकर चुड़ा
01:18विवाद लाखों नाम वोटर लिस्स से हटने का आरोग सीमा वर्ती जिलों में सबसे ज्यादा इसका असर और दूसरी तरह
01:26
01:41नेरेटिव की लडाई बन चुकी है कौन पिडित है कौन मिजबूत है और किसके साथ जनता खड़ी है और इसी
01:47शोर के बीच कुछ ऐसे अंडर करेंट्स हैं जिन पर ज्यादा चर्चा ही नहीं हो रही है लेकिन वही पॉइंट्स
01:53इस चुनाव का असली गेम तैग करने वाल
02:08क्यों ममता बैनर जी एक बार फिर बंगाल की सत्ता तक पहुँच सकती है तो आखिर वो कौन से कारण
02:14है जो बीजेपी के बड़े दावों के बावजूद टीमसी के पक्ष में हवा बना रहे हैं क्या इसायार का मुद्धा
02:20उल्टा पड़ सकता है क्या मुस्लिम वोट बैंक
02:22फिर निर्णायक साबित होगा क्या ज्यादा वोटिंग बदलाव नहीं बलकि भरोसे का संकेत है इन सभी सवालों के जवाब छिपे
02:30हैं इन पांच फैक्टर्स में जो बंगाल चुनाओ 2026 का असली गेम कर सकते हैं नमस्कार मेरा नाम है रिचा
02:38पराशर और आप देख रहे ह
02:52SIR फैक्टर मुस्लिम वोट बैंक का कंसोलिडेशन क्या कोई एंटी बीजेपी नेरेटिव है वेलफेर बनाम वादे और हाई वोटिंग ट्रेंट
03:02शुरुवात करते हैं उस फैक्टर से जिसने बंगाल में ऐसा तहलका मचाया था जिसका नतीजा चार माई को दिखने वाला
03:08है SIR फैक्टर चुनाव आयोक का दाव या सियासी उलट फेर जिया सबसे पहले बात उसी मुद्दे की जिसने इस
03:17चुनाव को सबसे ज्यादा विवादित बनाया SIR यानि Special Intensive Revision करीब 90 लाख वोटर लिस्ट से हटाए जाने का
03:26दावा हुआ
03:26सीवा वर्ती जिलो में इसका सबसे ज्यादा असर दिखा और विपक्ष का आरोप लगा कि ये वोटर सप्रेशन है
03:32Election Commission of India का कहना है कि ये सिर्फ सफाई अभियान था जुबलिकेट, मृत और स्थनांतरित बद्दाताओं को हटाया
03:41गया
03:41लेकिन राजनीती में परसेप्षन ही रियालिटी बन जाती है
03:44TMC ने इसे लोकतांतरिक अधिकार पर हमला बताया और यही नरेटिव गाउगाउं तक पहुँचाया
03:50अब यहां दल्चस बात यह है कि इतने बड़े विवाद के बावजूद वोटिंग प्रतिशत 92 प्रतिशत के पार चला गया
03:58यानि जिनके नाम बचे और वो और ज्यादा मजबूती से वोट डालने पहुँचे
04:02तो विशेशग्य मानते हैं अगर किसी वर्ग को लगता है कि उसका अधिकार छीना जा रहा है
04:07तो वही वर्ग और ज्यादा एक जुठो कर प्रतिक्रिया देता है
04:11यानि SIR का असर उल्टा भी पढ़ सकता है जहां वोट कटने की बजाए वोट कंसोलिडेशन हो जाए
04:18इसके बाद फैक्टर है मुस्लिम वोट बैंक क्या फिर बनेगा किंग मेकर
04:22बंगाल की राज़नीती में मुस्लिम वोट बैंक हमेशा निरनायक रहा है
04:25मुशिदाबाद मालदा उत्तर दिनाजपूर दक्षिन 24 पर गना
04:29इन जिलों में 40 प्रतिशत से लेकर 70 प्रतिशत तक मुस्लिम आबादी है
04:332011 से लेकर 2021 तक TMC की जीत में इस वोट बैंक की बहुत बड़ी भूमिका रही है
04:40इस बार चनौती जरूर है
04:41ISF जैसी पार्टिया मैदान में है
04:43हुमायू कबीर है
04:44कुछ स्थानिया नेता अलग लाइन भी ले रहे है
04:46लेकिन बड़ा सवाल यही है
04:48क्या वोट बटेगा
04:49तो इतिहास कहता है जब मुकाबला सीधा हो जाता है
04:53तो मुस्लिम वोट रर्णितिक तरीके से एक जूट हो जाता है
04:56और इस बार बीजेपी का अक्रामक कैंपेंज
04:59CA, NRC जैसे मुदो की चर्चा
05:01यह सब मिलकर पोलराइजेशन को बढ़ा सकता है
05:04और पोलराइजेशन का सीधा फाइदा किसे मिलता है
05:07उसी पार्टी को जुसके पास
05:09Consolidated Vote Bank हो
05:11यानि कि यह फैक्टर अब भी ममता के पक्ष में जुकता दिख रहा है
05:15तीसरा पॉइंट है
05:16एंटी बीजेपी सेंटिमेंट
05:17क्या बंगाल अभी भी बाहरी बनाम स्थानिये पर खड़ा है
05:20बंगाल के राज़ियते सर्फ विकास या फिरवादों पर नहीं चलती
05:24ये पहचान और भावना पर भी चलती है
05:27बीजेपी ने पिछले कुछ सालों में राजे में तेजी से विस्तार जरूर किया है
05:31लेकिन बाहरी बनाम बंगाली अस्मिता का मुद्धा खट महीं नहीं हो रहा है
05:35आप बार-बार सुन रहे होंगे
05:37अमित्र शाह कई बार कह चुके हैं कि मुख्यमंतरी तो एक बंगाली ही होगा
05:41ये बीजेपी ये दिखाने के लिए बारवार बोलती है
05:43कि बंगाल बनाम बाहरी में हम बंगाली मुख्यमंतरी लाने वाले है
05:47यानि कि वो नेरेटिव जिसके हम बात कर रहे हैं
05:49नरेंद्र मोदी और अमित्र शाह की रहलियां बड़ी-बड़ी भीड खीच्ट तो जरूर रही है
05:53लेकिन TMC लगातार ये नरेटिव बना रही है कि दिल्ली बंगाल पर हावी होना चाहती है
05:58ये भावना खास कर ग्रामीर और भावनात्मक वोटर्स में असर डालती है
06:02इसके अलावा ED, CBI और केंद्री अजिंसियों की कारवाई को भी राजुनितिक बदले की कारवाई के तौर पर पेश किया
06:08गया है
06:09इससे एक सिंपती फैक्टर भी बनता है जो सीधे-सीधे ममता के पक्ष में जाता है
06:13चोथा पॉइंट है, Welfare Model vs. Promises, भरोसा या फिर बदलाओ
06:18बीजेपी ने इस बार घोशनाओ के जड़ी लगा दी है
06:203000 महिलाओं को, 1500 युवाओं को, 9000 किसानों को
06:24लेकिन राजुनिती में सिर्फ वादा नहीं, विश्वास भेमाईने रखता है
06:28ममता सरकार की योजनाएं, लक्षमी भंडार, कन्याश्री, सबुज साथी
06:33इनका सीधा असर लोगों की जिन्दिगी में दिखा है
06:35यानि एक तरफ भविश्य का वादा है, दूसरी तरफ वर्तमान का अनुभाव
06:39ग्राउंड पर कई वोटर्स कहते हैं, जो मिल रहा है, उसे क्यों छोड़ें, आने वाला क्या पता मिले या नहीं
06:44मिले
06:45यही सबसे बड़ा साइकलोजिकल एज है, टीमसी के पास
06:48अब आखरी जो पॉइंट है हमारा, वो है हाई वोटिंग ट्रेंड, यानि कि बदलाव या फिर समर्थर, तो अब आते
06:54हैं सबसे एहम फैक्टर पर
06:56रिकॉर्ड वोटिंग, आमतर पर माना जाता है कि ज्यादा वोटिंग, एंटी इंकम्बनसी, लेकिन बंगाल का इतिहास थोड़ा अलग है
07:032021 में भी हाई वोटिंग हुई थी, और नतीजा क्या आया, ममता बैनर जी की बापसी हुई, इस बार भी
07:0992 प्रतिशत से अधिक वोटिंग ने संकेत दे दिया है कि लोग उदासी नहीं हैं, लोग निर्नायक हैं, तो सवाल
07:15ये है, क्या ये बदलाव के लिए वोट है या फिर
07:18मौझूदा सरकार के समर्थन में, अगर SIR और पॉलराइजेशन का असर जोड़े, तो ये ट्रेंट TMC के पक्ष में जा
07:25सकता है, अब बिहार का उधारन ले लीजिए, 2025 में विधान सबा चुनाओं में बंपर वोटिंग हुई, और एंडिये की
07:30बंपर जीत भी हुई, यानि
07:32जनता ने SIR के बाद मौझूदा सरकार को ही बिहार में चुना, तो बंगाल में बंपर वोटिंग और SIR कुछ
07:38ऐसा ही संयोग बना रहे हैं, पुल मिलाकर बंगाल का ये चुनाओं सिर्फ आकडों का खेल नहीं है, ये भावनाओं,
07:44पहचान और परसेप्शन की लड़ाई है
07:46एक तरफ BJP का आकरामक अभियान, दूसरी तरफ ममता बैनर जी का जमीनी नेटवर्क, लेकिन इन सब के बीच जो
07:53पाँच बड़े फैक्टर्स हमें समझें, SIR का उल्टा असर, मुस्लिम वोट बैंक का कंसोलिडेशन, एंटी-BJP नेरेटिव, वेलफेर बनाम वादे
08:00और ह
08:01आई वोटिंग ट्रेंड, ये सभी संकीत एक हे दिशा की और इशारा करते हैं, कि मुकाबला जितना दिख रहा है,
08:08उससे कहीं ज्यादा जटिल है, और शायद यहीं वज़ह है कि तमाम कोशिचों के बावजूद, ममता बैनर जी अब भी
08:15इस रेस में आगे दिखाई दे रह
08:30आई है, आज के explainer के इस एपेजूड में इतना हीं, लेकिन जो points हमने बताए उस पर आपकी क्या
08:35राय है, comment करके ज़रूर बताए और आपको क्या लगता है, 4 माई को बंगाल में कौन जीतने वाला है,
08:40बंगाल में किसकी सरकार बनने वाली है, ये भी comment कीजिए और देखते र
Comments

Recommended