00:03क्या आपने कभी सोचा है कि जिस वर्दी और जिन गाडियों पर देश की शुरक्षा का जिम्मा है क्या वो
00:09किसी राजमीतिक दल का जहंडा ढोने के लिए बनी हैं?
00:12कलपना कीजिए आप वोट डालने जा रहे हैं और आपको सुरक्षा देने वाले जवान ही किसी नेता के चुनाव प्रचार
00:18की सवारी करवा रहे हो
00:20बंगाल की तपती गर्मी में दूसरे चरेंट के मद्दान से ठीक 48 गंटे पहले एक विडियो ने सियासी गल्यारों में
00:27आग लगा दी है
00:27जिमूल कॉंग्रेस का आरोप है कि भारतिय जुन्था पार्टी के राष्ट्रे अध्यक्ष मतिन नवीन चुनाव प्रचार के लिए अपनी सरकारी
00:35जेट काटिगरी की सुरक्षा और सी आर पीफ की गाड़ियों का इस्तिमाल कर रहे हैं
00:39आज सवाल सिर्फ एक गाड़ी का नहीं है सवाल उनसन स्थाओ की निस्पक्षता का है जिने हम लोग तंत्र की
00:45प्रहरी कहते हैं
00:47क्या चुनाव आयोक सो रहा है या फिर नियम सिर्फ विपक्ष के लिए ही बने है पूरा मामला क्या है
00:52पहले से विस्तार से समझते हैं
00:5429 अप्रेल को बंगाल में दूसरे चरेंट की बोटिंग होनी है
00:57इसे बीच अशोक नगर और नदिया के इलाकों से एक 18 सेकंड का विडियो वाइरल होता है
01:02ओल इंडिया त्रिमूल कॉंग्रिस यनि की टीमसी का दावा है कि भाजपा के युवा राष्ट्य अध्यक्ष निदे नभीन जन्हें सी
01:10साल जन्वरी में केंद्र सरकार द्वारा जेड काटिगरी की सुरक्षा दी गई थी
01:14खुले आम चुनाव प्रचार के लिए इन सरकारी गाडियों का अस्तिमाल कर रहे हैं
01:18टीमसी का कहना है कि केंद्रे बलो ने बंगाल में एक नई सीवा शुरू कर दी है
01:23बीजेपी के प्रचार के लिए मुफ्त गाडिया
01:26ममतब एनरजी की पार्टी का सीधा हमला देश की ग्रे मंतरी अमिच शापर है
01:30उनकारोप है कि जब ग्रे मंतराले खुद हर चीज को माइक्रो मानेज कर रहा हो
01:35तो उन बलों से निस्पक्षता की उमीद करना बेमानी है
01:38जो सीधे ग्रे मंतराले के अधीन आते हैं
01:41अब सबाल उठता है कि कानून क्या कहता है
01:43भारत निर्वाचन आयोग की आदर्श चुनाव अचार सहीता
01:47यानि मॉडन कोड ओफ कंड़क के मुदाबिक
01:49किसी भी पार्टी का नेता चुनाव प्रचार के लिए सरकारी वाहन, विमान या मशीनरी का अस्तिमाल नहीं कर सकता
01:56सुरक्षा कार्णों से जेट प्लस या जेट श्रेणी के नेताओ को बुलेट प्रूफ गाडिया मिलती है
02:01लेकिन उनका उप्योग के बल सुरक्षा के लिए ही होना चाहिए
02:03ना कि चुनावी रेलियों में भीन जुटाने या पार्टी के शक्ती प्रदर्शन के लिए
02:08तो फिर नितिन नबीन के काफिले में ऐसा क्या दिखा जुसमें बवाल मचा दिया
02:13ये मसी का आरोप है कि ये गाडिया सिर्फ सुरक्षा के लिए पीछे नहीं चल रही थी
02:16बलकि इनका इस्तिमाल प्रचार की मुख खेकती विद्यों में हो रहा था
02:20क्या ये सत्ता का अहिंकार है ये सुरक्षा की मजबूरी
02:23इस पर अब तक ना भाजपा की कोई सफाई आई है और ना ही CRPF का कोई अधिकारिक बयान
02:29इस पूरी कहाने का सबसे विवादस्पद हिस्सा है चुनाव आयोग की भूमी का
02:33TNC ने चुनाव आयोग को मुब दर्शक करा दिया है
02:36सोशल मीडिया पर लोग पूछ रहे हैं कि जो आयोग छोटी छोटी बात उपर विवक्षी नेताओ को नोटिस थमा देता
02:42है
02:42वो केंद्रे बलो के इसकतित दुरुप्रियोग पर चुप क्यों है
02:45अगर रक्षक ही भक्षक बन जाये या रक्षक ही किसी एक पक्षिय का सार्थी बन जाये तो क्या आम वोटर
02:51खुद को सुरक्षित महसूस करेगा
02:53बंगाल जैसे समवेदन शील राज्ये में जहां चुनाव के दौरान हिंसा का इतिहास रहा है
02:58वहां केंद्रे सुरक्षा बलो की छबी तठश्ट होनी चाहिए
03:02लेकिन अगर ये विडियो सच है तो ये लोग तंत्र की सुचिता पर एक बड़ा तमाचा है
03:07चुनाव आते हैं और चले जाते हैं सरकारे बनती हैं और गिरती हैं
03:11लेकिन संस्थाओं का इकबाल बना रहना चाहिए
03:13अगर जनता का भरोसा चुनाव आयोग और सुरक्षा बलो से उठ गया
03:17तो फिर लोग तंत्र सिर्फे कागजी धाचा रहे जाएगा
03:20नितिन नभीन पर लगे आरोप गंभी है
03:22या भाजिपा इसका जवाब देगी
03:24क्या चुनाव आयोग इस विडियो की जाच कर कोई सक्त कदम उठाएगा
03:28या फिर 29 अप्रेल को होने वाला मद्दान इन आरोपो की चाया में ही संपन्न होगा
03:33आप इस पर क्या सोचते हैं कॉमेंस में हमें अपनी राई ज़रूर बताएगा
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