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बंगाल में दूसरे चरण के मतदान से पहले एक वीडियो ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि भाजपा नेता नितिन नबीन चुनाव प्रचार के लिए CRPF की गाड़ियों और अपनी ‘Z’ कैटेगरी सुरक्षा का इस्तेमाल कर रहे हैं। यह मामला इसलिए गंभीर है क्योंकि चुनाव आचार संहिता के अनुसार किसी भी राजनीतिक दल को सरकारी संसाधनों का उपयोग प्रचार के लिए करने की अनुमति नहीं है। TMC का कहना है कि यह केंद्रीय बलों की निष्पक्षता पर सवाल खड़ा करता है, जबकि भाजपा और CRPF की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं कि क्या वह इस मामले में निष्पक्ष जांच करेगा। ऐसे संवेदनशील समय में इस तरह के आरोप लोकतंत्र और चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर गहरा प्रभाव डाल सकते हैं।

Ahead of the second phase of voting in West Bengal, a viral video has intensified the political atmosphere. The Trinamool Congress has alleged that BJP leader Nitin Nabin is using CRPF vehicles and his ‘Z’ category security for election campaigning. This issue is serious because, under the Model Code of Conduct, no political party is allowed to use government resources for campaign purposes. The TMC claims that this raises serious questions about the neutrality of central forces, while there has been no official response so far from either the BJP or the CRPF. Questions are also being raised about the role of the Election Commission and whether it will conduct a fair investigation into the matter. At such a sensitive time, allegations like these can significantly impact the credibility of democratic institutions and the integrity of the electoral process.

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~PR.516~HT.408~ED.110~GR.538~

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00:03क्या आपने कभी सोचा है कि जिस वर्दी और जिन गाडियों पर देश की शुरक्षा का जिम्मा है क्या वो
00:09किसी राजमीतिक दल का जहंडा ढोने के लिए बनी हैं?
00:12कलपना कीजिए आप वोट डालने जा रहे हैं और आपको सुरक्षा देने वाले जवान ही किसी नेता के चुनाव प्रचार
00:18की सवारी करवा रहे हो
00:20बंगाल की तपती गर्मी में दूसरे चरेंट के मद्दान से ठीक 48 गंटे पहले एक विडियो ने सियासी गल्यारों में
00:27आग लगा दी है
00:27जिमूल कॉंग्रेस का आरोप है कि भारतिय जुन्था पार्टी के राष्ट्रे अध्यक्ष मतिन नवीन चुनाव प्रचार के लिए अपनी सरकारी
00:35जेट काटिगरी की सुरक्षा और सी आर पीफ की गाड़ियों का इस्तिमाल कर रहे हैं
00:39आज सवाल सिर्फ एक गाड़ी का नहीं है सवाल उनसन स्थाओ की निस्पक्षता का है जिने हम लोग तंत्र की
00:45प्रहरी कहते हैं
00:47क्या चुनाव आयोक सो रहा है या फिर नियम सिर्फ विपक्ष के लिए ही बने है पूरा मामला क्या है
00:52पहले से विस्तार से समझते हैं
00:5429 अप्रेल को बंगाल में दूसरे चरेंट की बोटिंग होनी है
00:57इसे बीच अशोक नगर और नदिया के इलाकों से एक 18 सेकंड का विडियो वाइरल होता है
01:02ओल इंडिया त्रिमूल कॉंग्रिस यनि की टीमसी का दावा है कि भाजपा के युवा राष्ट्य अध्यक्ष निदे नभीन जन्हें सी
01:10साल जन्वरी में केंद्र सरकार द्वारा जेड काटिगरी की सुरक्षा दी गई थी
01:14खुले आम चुनाव प्रचार के लिए इन सरकारी गाडियों का अस्तिमाल कर रहे हैं
01:18टीमसी का कहना है कि केंद्रे बलो ने बंगाल में एक नई सीवा शुरू कर दी है
01:23बीजेपी के प्रचार के लिए मुफ्त गाडिया
01:26ममतब एनरजी की पार्टी का सीधा हमला देश की ग्रे मंतरी अमिच शापर है
01:30उनकारोप है कि जब ग्रे मंतराले खुद हर चीज को माइक्रो मानेज कर रहा हो
01:35तो उन बलों से निस्पक्षता की उमीद करना बेमानी है
01:38जो सीधे ग्रे मंतराले के अधीन आते हैं
01:41अब सबाल उठता है कि कानून क्या कहता है
01:43भारत निर्वाचन आयोग की आदर्श चुनाव अचार सहीता
01:47यानि मॉडन कोड ओफ कंड़क के मुदाबिक
01:49किसी भी पार्टी का नेता चुनाव प्रचार के लिए सरकारी वाहन, विमान या मशीनरी का अस्तिमाल नहीं कर सकता
01:56सुरक्षा कार्णों से जेट प्लस या जेट श्रेणी के नेताओ को बुलेट प्रूफ गाडिया मिलती है
02:01लेकिन उनका उप्योग के बल सुरक्षा के लिए ही होना चाहिए
02:03ना कि चुनावी रेलियों में भीन जुटाने या पार्टी के शक्ती प्रदर्शन के लिए
02:08तो फिर नितिन नबीन के काफिले में ऐसा क्या दिखा जुसमें बवाल मचा दिया
02:13ये मसी का आरोप है कि ये गाडिया सिर्फ सुरक्षा के लिए पीछे नहीं चल रही थी
02:16बलकि इनका इस्तिमाल प्रचार की मुख खेकती विद्यों में हो रहा था
02:20क्या ये सत्ता का अहिंकार है ये सुरक्षा की मजबूरी
02:23इस पर अब तक ना भाजपा की कोई सफाई आई है और ना ही CRPF का कोई अधिकारिक बयान
02:29इस पूरी कहाने का सबसे विवादस्पद हिस्सा है चुनाव आयोग की भूमी का
02:33TNC ने चुनाव आयोग को मुब दर्शक करा दिया है
02:36सोशल मीडिया पर लोग पूछ रहे हैं कि जो आयोग छोटी छोटी बात उपर विवक्षी नेताओ को नोटिस थमा देता
02:42है
02:42वो केंद्रे बलो के इसकतित दुरुप्रियोग पर चुप क्यों है
02:45अगर रक्षक ही भक्षक बन जाये या रक्षक ही किसी एक पक्षिय का सार्थी बन जाये तो क्या आम वोटर
02:51खुद को सुरक्षित महसूस करेगा
02:53बंगाल जैसे समवेदन शील राज्ये में जहां चुनाव के दौरान हिंसा का इतिहास रहा है
02:58वहां केंद्रे सुरक्षा बलो की छबी तठश्ट होनी चाहिए
03:02लेकिन अगर ये विडियो सच है तो ये लोग तंत्र की सुचिता पर एक बड़ा तमाचा है
03:07चुनाव आते हैं और चले जाते हैं सरकारे बनती हैं और गिरती हैं
03:11लेकिन संस्थाओं का इकबाल बना रहना चाहिए
03:13अगर जनता का भरोसा चुनाव आयोग और सुरक्षा बलो से उठ गया
03:17तो फिर लोग तंत्र सिर्फे कागजी धाचा रहे जाएगा
03:20नितिन नभीन पर लगे आरोप गंभी है
03:22या भाजिपा इसका जवाब देगी
03:24क्या चुनाव आयोग इस विडियो की जाच कर कोई सक्त कदम उठाएगा
03:28या फिर 29 अप्रेल को होने वाला मद्दान इन आरोपो की चाया में ही संपन्न होगा
03:33आप इस पर क्या सोचते हैं कॉमेंस में हमें अपनी राई ज़रूर बताएगा
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