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क्या Arvind Kejriwal ने Judge Swarnakant Sharma के खिलाफ

अदालत बॉयकॉट करके एक खतरनाक नजीर कायम कर दी है?

जब Kejriwal ने कहा — "न मैं जाऊंगा, न मेरे वकील जाएंगे" —

तो क्या यह Contempt of Court है?


इस video में हमने Supreme Court के Senior Advocates

Suraj Kumar Jha और Vishal Singh Chandel से की गहन बातचीत,

जो एक बड़े Legal Debate में तब्दील हो गई।


🔴 इस Video में जानेंगे:

✅ क्या अदालत बॉयकॉट करना Contempt of Court है?

✅ क्या Supreme Court इस मामले में Suo Motu ले सकता है?

✅ Kejriwal की यह कानूनी चाल — Ex Parte Decision की राह?

✅ Judge के परिवार का सरकारी पदों पर होना — क्या निर्णय

प्रभावित होते हैं?

✅ Contempt of Court साबित हुआ तो Kejriwal को

क्या-क्या सजा हो सकती है?

✅ क्या यह तरीका आगे एक Dangerous Precedent बनेगा?

✅ Natural Justice के उल्लंघन पर Higher Court में

क्या होगा?


⚖️ यह सिर्फ एक political controversy नहीं —

यह Indian Judiciary के लिए एक बड़ा सवाल है।


👉 पूरा Legal Roadmap समझने के लिए Video को

अंत तक देखें।


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~HT.410~PR.548~ED.110~GR.508~

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Transcript
00:00जस्टिस स्वनकांता जी के कोट में ना तो स्वेम पेश होंगा और ना ही मेरी तरफ से कोई वकील पैरवी
00:06करेगा
00:06लेकिन कोट अपनी प्रोसीडिंग करेगी और जज्जमेंट देगी उनको कई बार नोटिस जाएगा एक दो बार अगर उनको कोट बुलाएगी
00:13अगर वो नहीं आएंगे तो एक्स पार्टे आदेश होगा
00:15जस्टिस वनकांता जी के दोनों बच्चे के इंदर सरकार के वकीलों के पैनल में हैं कि क्या उनके सामने मुझे
00:22न्याएं मिलेगा
00:22जज्मेंट है जिसमें सुप्रेम कोट ने सापसाप कह दिया है कि जो है अगर किसी कोट का आप इस तरीके
00:27सपाय कोट करेंगे और वकाया सिर्फ बायस ने चीर्फ पंदरा आप धर कंटेम्ट आफ कॉट एक्ट में उनको जेल भी
00:46बेज सकती है और जुर्माना भी लगा सकत
00:48है कहते हैं नेता उधार सेट करता है और उसके समर्थ थक उस पे चलने की कोशिस करते हैं
00:56कि आज हम सुप्रीम कोट में खड़ें लेकिन यहां पर हमें यह लगने लगा है क्या ऐसा होगा कि अगर
01:06लोगों के
01:16और वो आंदोलन करते रहें कई वार उनके आंदोलन बहुत बढ़िया भी लगे जनित के थे लेकिन आंदोलन की सीमा
01:22भी यहां तक आ गई है कि अब वो जस से कह रहे हैं कि आप मेरा केस नहीं सुन
01:26सकते आपके बच्चे फलानी जगे हैं आपके बच्चे सरकार से लाब ले र
01:43में करेप्सन है तो सो मोटर लेकर के उस सम्मान को बचाए यहां पर क्या रहेगा यह भी समझनी कोई
01:50करेंगा इसको कैसे देखते हैं सुप्रिम कोट के वरिष्ट अधभक्ता विशाल सिंग चंदेल जी और सूरज कुमार जाजी दोनों लोग
01:58आप सुनका स्वागत है आप
02:11तो मैं जाओंगा हाई कोट की सुनकांतरा की अधार ना मेरे कोई आडवोकेट जाएंगे इसको आप कैसे देखते हैं देखिए
02:19राइट टू चूज लीगल एडवोकेट इस राइट आंड इस इस फंडमेंटल राइट मैं कहोंगा कि अगर वो नहीं जाना चाहते
02:25हैं तो क
02:40आगे चलके Honorable Supreme Court में चैलेंज कर सकते हैं लेकिन जब भी कोई ऐसे मैटर में जहां X Party
02:46आदेश आता है और कई बार Honorable Court उनको बुलाने का सम्मन भेजती है और नहीं जाते हैं तो उसमें
02:52Honorable Supreme Court के भी हांत बने ईए हैं क्योंकि Natural Justice और Rule of law कहता है कि दोनों
02:58party को सुनने के लिए proper notice
02:59देना चाहिए और नोटीस देने के बाद भी अगर कोई चूज करता है कि मैं लड़ा इस केस को नहीं
03:04लड़ूंगा तो उसमें कोट कुछ नहीं कर सकता और उसमें कोई भी
03:07फंडामेंटल राइट आपका वाइलेसन नहीं होता है तो यह बहुत ही कठिन रहा होने वाली अरविंद केजरिवाल जी के लिए
03:13और दूसरी बात अगर मैं कानूनी पच्छ से थोड़ा से हट के कहूं तो वह एक सामाजिक नेता हैं सामाजिक
03:19व्यक्ति हैं एक आमादमी पार
03:35कि यहीं बात कहेगा कि देखो केजरिवाल सही कह रहा था और हम लोग गलत तो कहीं ने कहीं मुझे
03:43लगता है कि कानूनी तोर पर सामाजिक वैदानिक तोर पर यहां पर केजरिवाल जी गल्तिकर रहे हैं एक चीज और
03:50सूरज जी आपके पास आएंगे जो यह बता दिया कि
04:05तो वो सत्याग्राय का रास्ता क्या है अपना ना क्या कहना चाहते हैं यह सिर्फ नोटंकी कर रहे हैं और
04:10इनको पता है कि चुकि देखिया ऐसा है कि इसके पीछे
04:13प्रेशर है और उनको आमानी पार्टी तूट चुकी है तो अब यह है कि इस केस में वह जंता के
04:19सामने दिखाना अचारे को मैं गांधी की सत्याग्राव पर चलोगा जूडिशी में आज मुगोलकर के केस में सुप्रेम कोड ने
04:24साफ साब कह दिया कि कोई भी काम प्लिटिकल �
04:29उनको नहीं करेंगे जाज को हमेसा इंपार्शल माझा जाता है और यह माना जाता कि दोनी पार्टी को सुनेंगे प्लेंट
04:35को जिसका जो उस केस की जो
04:39करेंगे ठीक है तो इस केज रिबाल ने पहले लगाई थी अपरेल दो है और सब्सक्राइब को दिया और अपने
04:49आपको रिफ्यूज करने से रिफ्यूज कर दिया और उनका यह कहा कि आप इस केज में पहले सुन चुके हैं
04:56आप आरे से के उस कारकरम में गए थे वहां जो अ�
05:08प्लिटिशन के बैटा पॉलिटिशन हो तो आप कैसे मतलब अब वह कर पाएंगे सब्सक्राइब मतलब सही को इसको डिटर्माइन कर
05:14पाएंगा तो यह उन्हें रेकुजल हो गया और इन विजया कुडले के जजमेंट है जिसमें सुप्रेम कोट ने साब साब
05:18कह दिया है कि
05:19जो है अगर किसी कोट का इस तरीके से बैकॉर्ट करेंगे और वह सिर्फ बायस बैसने के एलिगेशन लगा देने
05:25से यह क्रिमिल कंटेंट अफ कोट हो जाएगा और कंटेंट में आपको जो है सजा भी हो सकती है और
05:31आप जेल भी जा सकता है भारत में मतलब इसको ऐसा समझ�
05:48कोट को गलस सावित करने की अपकी तरफ भी आँगो सब्सक्राइब अगर मेरी एक होता है मैं नहीं गिया एक
05:56होगा मेरी इंटेंशन थी मीडिया में बात कर रहा हूं तमाम बात कर रहा हूं क्योंकि अभी पिछले कुछ दिनों
06:01में जुडिसियली पर जिसका जैसा मन करा उ
06:15इस तरह की बाते करें सुप्रिम कोट ने उन्हें भी मैं अगर पता नहीं में कितना सही होंगा एक तरीके
06:20से करने चिताब नहीं दी थी मैं आपको बताऊं जब दूसरे दिन की हेरिंग शुरूँ भी एक देट के बाद
06:27अगली देट पे उनके वकील थे महमुद पराचा उ
06:43कोट जो कोट है उसमें निर्णे आपके खिलाप आ सकते हैं आप उच्छा दालत में जा सकते हैं लेकिन वो
06:49सारे अपसार वड़े हुए लेकिन इस तरह से जजों को रिस्वत की आरोप लगा देना या उन्हें वाइस दो देना
06:56यहीं सब चीज़ें तो विक्टिम ही लगा �
06:58सब्सक्राइब को पैसा चले गांगा एक बात समझें डो लोग केस लड़ रहे हैं लाज़मी सी बात है को एक
07:02जीता कोई एक आरे हारेगा हरने वाले पारटिक आप ऊपर के
07:27पेसर बनाने के लिए आप में वहां पे जंतर मंदर पहाये तोबा कर रहे हैं वहां न्यूज फिंच पे आप
07:32लड़की विक्टिम होके आ रही है कह रही है यही तो भीजया कूडले का जज्मेंट है कि सुप्रीम कोड ने
07:38साफ साफ कह दिया कि बीना कोई
07:39सॉलिड वेजिस के आप इस तरही के लिगेशन जूडिशिरी को पर नहीं लगा सकते और लगा सकते क्रिमिनल कंटेंट अपकोट
07:44है इसमें सजा भी होगी और भारत में ऐसा हुआ भी यह करदन का जो मामला था जो कलकाता हाइकोट
07:51के जज्ज थे उनको जज्ज होते भी छे मै
08:04के जरीवाल का प्रोसेस है पूड़ा पूड़ा जो है उसी तरीके का है कि अब यह प्लिटिकल ड्रामा कर रहें
08:09और कोट का आधर नहीं कर और यह फैसन चल चुका है कि कोट को पर पाहर प्रेशा डालने का
08:13मैं मानता हूं कि जजेज बहुत समर्थ हैं और हर चीज आना और �
08:16अगर यह फार्ट होता है फिर इनके पास उपर के चलेंज करने के लिए क्योंकि विलफुली अग्सपार्टे कर वार रहें
08:20यहां पर दो सवाल आप से रहेंगे एक तो यह कि यहां पर है ना की एक एक एक से
08:29प्रिकरिया है और इंटेंशन के बाद में जिस तरीके से हम दू
08:44पात्पूर्ण मान लेंगे तो आखिर देश जाएगा कहा मतलब क्या सतरह की मान सकता लोग कितनी असुरक्षा की भावना लोगों
08:50पैदा होगी तो इस पर लेकर कोट कुछ कर सकती जैसे आपने वैसे तो नहीं कर सकती इंटेंशन को पहला
08:57सवाल दूसरा बात में देखे जब
09:13सकती है और सेक्षन 14 सेक्षन 15 कोट में उनको जेल भी बेज सकती है और जुरमाना भी लगा सकती
09:21है तो कहीं न कहीं इस तरीके के आरोप लगाना जिसमें कोई आधार नहीं है क्योंकि ऑनरेबल जश्टिस स्वर्ण कांदा
09:27की ही बात करें तो अभी तक उनके 25-30 साल के कैरिय
09:32है और दूसरी बात अगर मैं बताओं इस केस से रिलेटेड या फिर ऑनरेबल सुप्रीम कोट की जो आगे चलके
09:38हेरिंग होने वाली है तो ऑनरेबल सुप्रीम कोट इस मामले में बहुत ही किलियर है कि अगर अगर अपने जज़िस
09:44के ऊपर कोई आरोप ऐसा नहीं है जो सब
09:57अगर ऑनरेबल कोट ने कमीटी बनाई कमीटी बनाकर रिपोर्ट संसत को पेस किया कि हाँ इनके किलाब जाच होनी चाहिए
10:04क्योंकि उनके पास निज़िदेबल डाउट था लेकिन इस केस में तो कोई रिजदेबल डाउट नहीं है अब किसी डॉक्टर का
10:09लड़का अगर �
10:17है ये तो सबसे
10:20बढ़ी बात मैं बताओं तो इसमें अरविंद केज्रिवाल पूरी तरीके wealth कर रहे हैं वो आम जन्मानष के मन
10:28में भी यह चीज डाल रहा है कि court सही नहीं है जट सही नहीं है और
10:31judgment उन्हीं को मिलता है जो कि इस तरीके से जजो को जानते
10:35है और तीसरी बात जो बहुत important है बताना trial court ने इनको
10:39जो है आदेश से दिया कि यह इस case में नहीं है तो क्या सिर्फ trial
10:43पाइल कोट ही इस देश में है जो कुछ भी कह देगी वो सही हो जाएगा और हाई कोट सुप्रीम
10:48कोट नहीं है अरे हाई कोट में सामने वाली पार्टी जो केस हारी है वो जा सकती है फिर सुप्रीम
10:53कोट में जा सकती है फिर रिव्यू लगा सकती है फिर क्यूरेटी पेटीश
11:10के लिए कह रहे हैं कल जब सुप्रीम कोट में मैटर है तो सुप्रीम कोट के जद के खिलाब कर
11:14दे कि हमें रिक्यूजल चाहिए हम सत्यागरा करेंगे तो इस तरीके से तो कोट किसी पर्टिकुलर परसन के लिए अपने
11:20कानून को चेंज नहीं कर सकता है और यह उन्रेबल सु
11:37क्या प्रोटेक्टर माना जाता है और कोट के ऊपर ऐसे बेसलेश आरूप लगाना मेरे नजर में कंटेम्ट आफ कोट है
11:43एक चीज आप से बस पूछोंगा चोखी मुझे लगा कि एक अगर सबाल मला बजी कालपनिक सबाल है कि अगर
11:51सौन कांता जी इसको रेकुजल दे दे
12:07उनका ये कहना था कि आज हमने अगर इस केस से बैक कर लिया रिकुजल दे दिया तो कल कहीं
12:13न कहीं महिला जज़ों के उपर और तमाम देश के जज़ों के उपर ये प्रेसर हर पॉलिटीशन बनाने की कोशिज
12:18करेगा और जब मैं गलत नहीं हूं मुझे पता है कि मैंने जो
12:37हैं उन्होंने भी कहा कि हम इसमें जिसको एक बार केसे लॉट हो गया उससे रिकुजल नहीं ले सकते हैं
12:42ये उनके वियाब पे वो अपना चाहें तो रिकुजल दे दे नहीं तो नहीं करें अब किसी जंग में अगर
12:48कोई गया है और पीड दिखा कर भाग जाए तो मुझे �
12:51नहीं लगता कि वो चला है और वहिस जजुजमेंट को दिया है इसे साफ साफ जजिमेंट से दिखा दिया है
12:57कि इस समयधान में कितनी ताकत है
12:59हैंए एक महिला होने के नाते एक � asleep को सरयाम यह चीज़
13:04दिखा धी है कि इस देश की महिलाओं के अंदर वो सामर्त है कि
13:07वो अपने हिसाब से डिसीज़न ले स्कती है या नहीं ले सकती
13:10इसमें और मैं आपके आप समझ में आई कि एसी ये नजीर बनता है
13:14एक ऐसी गलत प्रिथापन थी कि जब हाई कोट के जज से कहा जा सकता है कि तुम भाई मेरे
13:19केस से हड़ जाओ मैं इसको बड़ी साधान भासा में बहुता हूं यह मतलब हुआ ना कि हड़ा मेरे केस
13:24से आप मुझे पसंद नहीं है मेरे खिलाब आपके बच्चे मेरे किलाब कह
13:27नहीं है कुछ भी हो सकता तो जाहर सी बात जो जिला इस तर की अदालते होती बहां पर भी
13:33यह सब होता लेकिन एक चीज मैं यहां पर पूछना चाहूंगा कि जो केजरी वाल ने कहीं यह रणी थी
13:40उनके जो लीगल एडवाइजर हैं आपकी बात समझ में आया कि यहां से अ
13:56मतलब अपने आपको बता है कि मैं बहुत ही जुशार हूं मैं किसी से नहीं डड़ता हूं मैं हाई कोट
14:01के जस्से भी बढ़ गया और मैं इमानदार हूं आज वो अपने भासन में कह रहे हैं जिला नियाले ने
14:07मुझे कट कहा है कि केजरी वाल कटर इमानदार है यह खुद �
14:24अदालत में किसी दूसरे जिके माने एक तरीके से इंडारेक्ट अपर तक चुरूप से इनका रहे कुजर ले लिया ने
14:29बिल्कुल देखिए नेचरल जस्टिस की बात आप कर रहे थे बिल्कुल उसमें एक नियम है और यह यहां पर है
14:39नहीं जा रहा है वो कहते रहा है और �
14:42अच्छे यह बात कजरिवाल नहीं जो लिखा है लेटर उसको फिर कहा है कि इसको रिकार्ट में जाएंगे नहीं यह
14:49समझे सर यह पूरा पॉलिटिकल ड्रामा है इनको एक पॉलिटिकल लॉस बरा हुआ है इनको दिल्ली से पंजाब तक को
14:54लॉस हुआ तो यह जनता का फे�
15:13लुए जैसे आप आर्गुमंट सुनते हैं तो कई आपको पता चलता है कि आपकी बात जो है लगाते सफीसिंट ने
15:25सामने वाले ही जांता हुआ
15:31तो आप यहां पर आपकर रहे हैं उसका कोई रमेडी उनका नहीं है अब मैं मानता हूं कि इस पर
15:37दिली है कोड की चीप जसिस सुनवाई करें या तो फिर इसमें सुप्रीम को डिरेक्ट सुव मोटो ले ले यह
15:42जो ट्रेंड चल गया न तो यह बहुत बड़ा रिपकर्संस हो
16:05आप सुप्रीम कोट आएंगे आपको नोटीस भी नहीं होगा पहले डेट पर दिसमिस होगा क्याकि आप सिर्फ एलिगेशन लगारे का
16:12दिवक्ता प्रसंद में गए ती यह हो सब्सक्राइब कोई एविडेंस प्रूफ नहीं हम कहती आप चोड़े हम यह तो दिखाएंग
16:20
16:20मैंने कब कब आये कब गये सारी मैंने एक चीज बड़ी बच्पन से देखी है और कई वार खुद महसूस
16:24करी है मजज नहीं हूं लेकिन कभी किसी मैं ऐसे एक तो पहली चीज तो मैं ही पर आता हूं
16:30सबसे पहला सवाल यह था जो मैं भूल जाओंगा नहीं तो अगर अगर �
16:40जब वो ले गई तब जब उसे लगेगा कि गलत हो रहा है ऐसा मैं मानता हूं और वो लेता
16:45है और इन पे अगर जो आरोप लगते हैं अदालत की अब मानना पर तो उन्हें क्या सजा हो सकते
16:49बिल्कुल कंटेंट ऑफ कोर्ट जो है उस हजाला तीन और चार के एकॉर्डिंग
17:11आपकी बाद सीधिये कि जज को भी सजा होगी है वी है चे मैने मैक्समुन सजा जा करके जब इने
17:16लगा सजा हो रही है तो और विन केजी वाल जैसे अरुन जेटली से माफी मांग ली अगर उस सब्सक्राइब
17:22में उस मामले में तो मैं कुछ कह सकते हैं मिलनी चाहिए और मै
17:30प्रैक्टिस क्या देखते हैं मिल जाती कई बारी का अनकंडिशनल अपॉलोजी फाइल करते हैं मैं मानता हूं कि समस्देश जैकरा
17:39संदेश जैने तो हर आदमी चलता हुआ एक नियाले की गर्मा है आज कल देखे ट्रेंड हो गया है वह
17:46मैं कल देख रहा था वह कुराल काम
17:58है उसकी सम्मान के देखिए आप केस हाड़ा या जीते हैं डियाले कई निट्रल है और नियाले को और रहना
18:04चाहिए मैं मानता हूं कि यह सुप्रिम कोर्ट इसमें सजा कंसे करें बलगी हम जिला नियाल जैए कि हमने आपने
18:13समय आप ने तो हम से ज्जादा देखा है और आ�
18:28कोड में चूट गया कई बार किया हुआ वहां से कोई सजा नहीं हुई जिला नियाले से और हाई कोड
18:35में सुरेंदर कोली का जज्म में सुप्रिम कोड से बड़ी हो गया अब सवाल यह है कि जैला मैं आप
18:43की तरफ आउंगा सब कि आपने सब देखा होगा सजाएं भी दिलाई
18:57कर रहे हैं कि जिला नियाले ने मुझे सत्र नियाले ने मुझे जो है कटर इमांदार किया है तो अगर
19:04कोई व्यक्ति सब वहां भी जो बोला है जो मैंने सुनाया मुझे करेट कीजिएगा कि आपके पास परियाब्त प्रिमार नहीं
19:11थे जिद्ध करने के लिए मैं इसे बा�
19:26कि आप किसी वे दालत से चूटते हैं तो सर्वोच ये दालत आप कोई निकजी तब तक आप कट्टार इमांदार
19:32का साड़िकेट आप प्यार नहीं है नहीं है जी सबसे बड़ी बात में बता दूं तो कई सारे एविडेंस ऐसे
19:38हैं जो इनके खिलाफ है और इस केस में ये �
19:40जा चुक है अगर इनके खिलाफ एविडेंस नहीं होता तो ये जेल में क्यो जाते एंटिसिबेटरी बेल पे बाहर आ
19:45जाते और अगर इने डर नहीं है तो ये हाई कोट और सुप्रीम कोट को फेस क्यों नहीं कर रहे
19:50हैं अगर फेस करें और उसके बाद भी आउनरेबल सु
20:10गलत है क्योंकि इस देश के सामाने वर्ग जो है वो सबसे जादे अगर विश्वास करता है पॉलिटीसियन से भी
20:16जादा तो अनरेबल कोट में करता है अगर अनरेबल कोट के लिए अगर इन लोगों ने ऐसी मंसा बना दी
20:21तो आगे चलकर हो सकता है कि अनरेबल को कड़े से
20:27अगर यही जो अरभिन केजरीवाल कर रहे हैं और यह अपने खिलाप इस केज को पूरा पॉलिटिकल बता रहा है
20:33अगर यही बात इनके विरोधी जो भी हूं वह यह कहने लगे भी जया ने गलत मिनने दे दिया वहाइगोड
20:42पर कर सकते और वह जिला ने आले उसी दिन वह �
20:52लेकिन वह नहीं गए अच्छी बात है लेकिन ऐसा हो यह वी तो एक उमीद वी तरिया पर आने बने
20:58समय में यह भी होने लगेगा होने लगेगा देखिए अब उन्नाव केस की इसमें बात करेंगे दो केसमें इस पर
21:02डिसक्स करूंगा दोनों बहुत ही इंपोर्टेंट है �
21:05तो उन्नाव केस उसमें ट्रायल कोट ने कह दिया कि आजी वन करावास दिल्ली हाई कोट ने कहा कि जब
21:12तक अपील सुनी नहीं जाती है तब तक के लिए इनको बेल पर बाहर चोड़ दीजिए जिसके लिए ओन्रिबल सुप्रीम
21:18कोट में चैलेंज किया जा सकता था चैलें
21:33था दूसरा मैं केस का इजांपल दूँगा जो कंटेम्ट आफ कोट की बात कर रहे है उसमें अभी कुछ दिन
21:38पहले फॉर्मर चीफ जश्टिस आफ इंडिया जश्टिस बी आर कवाई के ऊपर एक व्यक्ती ने जूता चला दिया और उस
21:43केस में भी कंटेम्ट आफ कोट इस
21:57कर दिया कि नहीं अगर इस केस को बढ़ाएंगे तो यह और बढ़ता जाएगा तो हो सकता है कि आउनरेबल
22:02सुप्रीम कोट जब यह रिक्यूजल का लेकर आएं तो इन्हें बहुत डाट लगाए पटकार लगाए कि बिना बेस के आप
22:09कैसे हमारे जज़स के ऊपर हमारे ब्
22:24लाना है तो यह तमाम चीज़े थी हमारे दोनों अद्धिक्ता साब ने बताया जनावने कि किस तरीके से यह जुडीशियली
22:32पर एक तरीके से देखा जाए तो अपमान जैसा हमला है क्यों नहीं इस पर कारवाई होनी चाहिए बगिल साब
22:39का मानना तो यह है कि इस पर एक ब
22:53इबाल उनका विपक्स भी तो एक अदालत के खिलाब वो धरने बैठेंगे दूसरी दाला के लगव धरने बैठेंगे और अदालत
22:59नहीं अदालत के निनने तमासा बन के रह जाएंगे अगर आप मेरी बात से या वकील साहवान की बात से
23:05कितना सहमत है और क्या आपकी अच्
23:11नहीं राये कमेंड बाक्स में बताईये फिलारस बीटो में इतना ही, कैमरा परसन अनिल कपूर के साथ, श्रिवेंद गौर, OneIndia,
23:17दिल्ली
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