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  • 2 hours ago
उज्बेकिस्तान के नमनगण के गुरुमसराय फील्ड ट्रेनिंग क्षेत्र में भारत-उज्बेकिस्तान संयुक्त युद्धाभ्यास दुस्तलिक-2026 संपन्न हुआ. 12 अप्रैल से 25 अप्रैल तक दो सप्ताह तक चले युद्धाभ्यास में जवानों ने पर्वतीय क्षेत्रों में ज्वॉइंट ऑपरेशन के संचालन की क्षमता का प्रदर्शन किया. दो टुकड़ियों की कमान के बीच आपसी तालमेल कायम करना और दुश्मन के खिलाफ ज्वाइंट ऑपरेशन को अंजाम देने का अभ्यास करना इसका मुख्य मकसद है. अक्सर अवैध सशस्त्र बलों के खिलाफ ज्वाइंट ऑपरेशन चलाने में इस तरह की तैयारी की जरूरत होती है.    ‘दुस्तलिक’ अभ्यास एक वार्षिक अभ्‍यास है जो बारी-बारी से भारत और उज़्बेकिस्तान में किया जाता है. अप्रैल 2025 में पुणे के फॉरेन ट्रेनिंग नोड में इसका आयोजन किया गया था.  भारतीय सशस्त्र बलों की टुकड़ी में 60 जवान शामिल हैं, जिनमें से 45 भारतीय सेना के जवान और 15 भारतीय वायु सेना के जवान है. उज्बेकिस्तान की टुकड़ी में भी इतने ही जवान हैं. 

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00:02दुर्गमिस्तान पर रस्ती के सहारे हेलिकॉप्टर से उतरते सैने। घात लगाकर दुश्वनों को निसाना वनाते जवान। ये तस्वीरे उजविकिस्तान के
00:12नमनगड की हैं।
00:14जहां सात्वा भारत उजविकिस्तान सयुक्त उध्य अभ्यास दुस्तलिक दोहज़चब बिस संपन्न हुआ।
00:44जहां सात्र वलों के खिलाब जॉइंट ऑपरेशन चलाने में इस तरह की तैयारी की जवरत होती है।
00:50नमनगड की गुरुप सराई फिल्डिंग ट्रेनिंग क्षेत्र में इस जॉइंट ऑपरेशन को अंजाम दिया गया।
00:55समापन सत्र में क्षे चर्णो वाला ऑपरेशन हुआ।
00:59जिसमें टोही, हवाई, हेलिकॉप्टर फाइरिंग, हाउस इंटर्वेंशन और रिजर एलिमेंट शामिल है।
01:07ऑपरेशन की प्लानिंग और एग्जिक्यूशन के लिए एक जॉइंट ऑपरेशनल कमाइंड एंड कंट्रोल सेंटर की स्थापना की गई।
01:14जबकि ऑपरेशन में कहीं कोई चूक ना हो, इसके लिए टेक्निकल ड्रोन बेश्ट सर्विलांस की बिवस्था भी थी।
01:22अप्भ्यास के आखिर में उम्दा प्रदर्शन करने वालों को सम्मानित किया गया।
01:50अब इतने ही जवान है।
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