00:04एक पार्टी जो बनी थी भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन से, क्यों आज उसी पार्टी से उसके अपने ही बड़े चहरे
00:11लगतार दूर होते जा रहे हैं।
00:13आम आदमी पार्टी में ऐसा क्या बदल गया जो उसके अपने ही नेताओं को रास नहीं आ रहा।
00:2224 अपरेल 2026 आम आदमी पार्टी के लिए बड़ा जट का रहा।
00:28राघव चड़ा समेत कई सांसदों ने पार्टी छोड़ कर बीजेपी जोईन कर ली।
00:32इसे अप तकी सबसे बड़ी तूट बताया जा रहा है।
00:36इस घटना क्रम ने पार्टी की आंतरिक स्थिती पर नए सवाल खड़ी कर दिये हैं।
00:41लेकिन ये कहानी आज की नहीं।
00:42साल 2012 में अन्ना हजारे की आंदोलन से आम आदमी पार्टी का जन्म हुआ।
00:47जन लोकपाल, पारदर्शिता और आंतरिक लोकतंत्र इसके मूल से धान थे।
00:52देश भर की प्रोफेशनल्स, एक्टिविस्ट और सामाजिक कारिकरता इससे जुड़े।
00:57लेकिन 2015 की बाद से तस्वीर बदलनी शिरू हुई।
01:052015 में पार्टी के संस्थापक सदस्य, प्रशांत भूशन और योगेंद्र यादव ने सार्वजनिक तौर पर आरोप लगाया कि पार्टी में
01:14नर्ने लेने की प्रक्रिया केंद्री करत हो गई है।
01:18स्वराज की जगहा हाई कमांड कल्चर आ गया है। विवाद बढ़ा और दोनों को पार्टी से बाहर कर दिया गया।
01:25यही से पहला बड़ा पैटन सामने आया। क्या आम आदमी पार्टी में असहमती की गुझाईश सीमित होती जा रही है।
01:32इसके बाद कई मामलों में एक जैसा ट्रेंड दिखा। कपिल मिश्रा ने भ्रष्टाचार के आरोप लगाए नतीजा निश्कासन।
01:40विनोत कुमार बिननी बागी हुए तो उन्हें भी बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।
01:44मतलब असहमती सामने आई तो टकराफ बढ़ा और अंत में अलगाफ हुआ।
01:49लेकिन ये सिर्फ टकराफ की कहानी नहीं।
01:52कुछ नेता बिना बड़े विवाद के भी पार्टी से दूर होते चले गए।
01:55कुमार विश्वास धीरे धीरे पार्टी से किनारे हो गए।
01:59आशितोष नीजी कारणों का हवाला दे कर अलग हुए।
02:02शाजिया इल्मी, संगठन के कामकाच पर सवाल उठा कर बीजेबी में शामिल हो गए।
02:07हाल के सालों में विवाद और तेस हुए।
02:10स्वाती माल विए प्रकरण, सीयमावास से जुड़े आरोप, बड़ा राजनीतिक मुद्दा बने।
02:15इसके साथ ही नेत्रित्व और रणनीती को लेकर भी अंद्रूनी मदभेद सामने आये।
02:20इसने पार्टी की इमेज और आंत्रिक विश्वास दोनों पर असर डाला और अब सबसे बड़ा और ताजा नाम राखाफ चड़ा।
02:32राखाफ चड़ा पार्टी के प्रमुख युवा चेहरों में से एक थे।
02:36केज रिवाल के करीबी माने जाते थे। लेकिन नित्रत्व संगठन के दोरान उनकी चुपी चर्चा में रही।
02:42बाद में उन्हें राजसभा में पार्टी के डिप्टी लीडर पत से हटा दिया गया।
02:47इसके बाद चड़ा ने कहा कि मैं गलत पार्टी में सही आदमी हूँ और इसके साथ ही उन्होंने पार्टी छोड़
02:53दी।
02:54ये सिर्फ स्टीफा नहीं बलकि पार्टी की दिशा पर बड़ा सवाल बन गया।
03:02अब अगर इन सभी घटनाओं को जोड़ कर देखें तो तस्वीर सिर्फ नेता छोड़ रहे हैं तक सीमित नहीं रहती।
03:09बलकि एक गहरी संरचनात्मक समस्या की और इशारा करती है।
03:19चार बड़े कारण साफ दिखाई देते हैं।
03:22पहला आंतरिक लोकतंत्र पर लगतार सवाल, दूसरा असहमती पर कड़ा रोख और निशकासन, तीसरा नेतरत्व और संगठन के बीच बढ़ती
03:32दूरी, चौथा और आखरी बदलता राजनीतिक समीकरण और अफसरवाद।
03:38हाला कि ये भी सच है कि राजनीती में दल बदल और मतभेद आम है और हर पार्टी समय के
03:45साथ बदलती भी है।
03:46लेकिन जब एक ही तरह के आरोप बार-बार अलग-अलग नेताओं से सामने आये, तो ये सिर्फ सहीयोग नहीं
03:53रह जाता।
03:54आम आदमी पार्टी की सबसे बड़ी चुनौती अब बाहर नहीं बलकि भीतर है।
03:59अगर पार्टी स्वराज और पारदर्शिता के वादे पर बनी थी, तो आज असली परिक्षा यही है कि क्या वो अपने
04:07ही सिध्धानतों को फिर से मजबूत कर पाएगी, या फिर ये तूट आगे भी जारी रहे की।
04:13क्योंकि राजनीती में सबसे बड़ा संकट चुनाव हारना नहीं, बलकि अपने ही लोगों का भरोसा खो देना होता है।
04:20फिलहाल इस वीडियो में इतना ही, बने रहिए ETV भारत के साथ।
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